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हेमकुंड साहिब यात्रा विवाद: निहंग सिंहों का जत्था उत्तराखंड बॉर्डर पहुंचा, गिरफ्तार श्रद्धालुओं की रिहाई की मांग

करणप्रयाग में श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के विरोध में पंजाब से पहुंचे सैकड़ों निहंग सिंह

पांवटा साहिब/उत्तराखंड बॉर्डर

हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान उत्तराखंड के करणप्रयाग में पंजाब से गए निहंग सिंह श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के विरोध में वीरवार शाम पंजाब से सैकड़ों निहंग सिंह पांवटा साहिब होते हुए उत्तराखंड सीमा पर पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड पुलिस को दिन में ही निहंग सिंहों के जत्थे के उत्तराखंड पहुंचने की सूचना मिल गई थी। इसके बाद हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित कुलहाल बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान करणप्रयाग में पार्किंग को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों और निहंग सिंह श्रद्धालुओं के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हुई। श्रद्धालुओं का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

इसी घटना के विरोध में पंजाब से निहंग सिंहों का जत्था उत्तराखंड सीमा तक पहुंचा। प्रदर्शन कर रहे निहंग सिंहों की प्रमुख मांग है कि उत्तराखंड पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार निहंग सिंहों को तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही, जिन स्थानीय लोगों पर मारपीट के आरोप हैं तथा जिन पुलिस कर्मियों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।

स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिए मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई जारी है। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से बचने की अपील की है।

पाकिस्तान-बांग्लादेश सीमा पर लागू होगी ‘स्मार्ट बॉर्डर’ तकनीक, अमित शाह का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि देश में अवैध घुसपैठ और सीमा पार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं पर ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना शुरू करने जा रही है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा। इसमें हाई-टेक कैमरे, सेंसर, ड्रोन, रडार और रियल टाइम निगरानी प्रणाली जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी, जिससे घुसपैठ, तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी।

गृह मंत्री ने कहा कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए पारंपरिक सीमा सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक आधारित आधुनिक प्रणाली में बदला जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना से सीमा सुरक्षा बलों की निगरानी क्षमता बढ़ने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंधन अधिक प्रभावी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र में तस्करी से लाई गई विदेशी सुपारी की 60 हजार किलो जब्त, 5 गिरफ्तार

दिल्ली / सत्ता संदेश

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की गुवाहाटी क्षेत्रीय इकाई ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में इस सप्ताह की शुरुआत में संचालित किए गए दो बड़े अभियानों में लगभग 60,000 किलोग्राम तस्करी की गई विदेशी सुपारी जब्त की है।

डीआरआई ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर मिजोरम और असम में अभियान संचालित करते हुए ये ज़ब्ती की। शुरुआती जांच में पता चला कि इस विदेशी सूखी सुपारी की म्यांमा-मिजोरम सीमा के रास्ते म्यांमार से भारत में तस्करी की जा रही थी। इस अभियान में डीआरआई को असम राइफल्स की 38वीं बटालियन का सहयोग मिला। अब तक इन अभियानों में 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पड़ोसी देश से सुपारी की अवैध आवक घरेलू सुपारी उत्पादकों को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है और सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक सुरक्षा को कमजोर कर रही है।

घुसपैठ रोकने के लिए भारत का बड़ा कदम, पाकिस्तान-बांग्लादेश सीमा पर बनेगी ‘स्मार्ट बॉर्डर’

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि अवैध घुसपैठ और सीमा पार गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भारत जल्द ही पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं पर ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना शुरू करेगा।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें हाई-टेक निगरानी प्रणाली, सेंसर, ड्रोन, कैमरे और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसका उद्देश्य सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाना तथा घुसपैठ, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखना है।

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार देश की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और आधुनिक तकनीक के जरिए सीमा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

सरकार का मानना है कि नई तकनीक आधारित यह व्यवस्था सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।