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परमिंदर झोटा की हत्या पर भाजपा का हमला, अनिल सरीन ने पूछा- नशा खत्म क्यों नहीं हुआ?

मानसा में परमिंदर सिंह झोटा की हत्या पर भाजपा नेता अनिल सरीन ने भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार से सवाल किए।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की मानसा में गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश महासचिव अनिल सरीन ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार नशे पर लगाम लगाने में नाकाम रही है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं कर पा रही है।

अनिल सरीन ने कहा कि भाजपा का सवाल मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल से है कि सरकार नशे को खत्म करने में सफल नहीं हुई, लेकिन नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की जान चली गई। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल

भाजपा नेता ने दावा किया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को सुरक्षा मिलने के बजाय कार्रवाई और खतरे का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना राज्य में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मीडिया से बातचीत में सरीन ने पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस घटना की निंदा करती है और दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है।

मानसा में गोली मारकर की गई थी परमिंदर सिंह झोटा की हत्या

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की मानसा में एक मेडिकल स्टोर के मालिक के साथ कथित विवाद के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। झोटा नशे की बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे और इस संबंध में सोशल मीडिया पर वीडियो भी साझा करते थे। घटना के बाद पंजाब में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।

भाजपा नेता अनिल सरीन ने मांग की कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और नशा तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो। इस मामले ने एक बार फिर पंजाब में नशे की समस्या से निपटने और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।

कादियां में 500 डेरों की सड़कों पर विवाद, गुर इकबाल सिंह माहल ने प्रताप बाजवा पर लगाए आरोप

गुरदासपुर जिलें के कादियां में करीब 500 डेरों की सड़कों के निर्माण को लेकर विवाद। AAP नेता गुर इकबाल सिंह माहल ने प्रताप सिंह बाजवा पर विकास कार्य रोकने की कोशिश के आरोप लगाए।

गुरदासपुर / कादियां / सत्ता संदेश

पंजाब के गुरदासपुर जिलें के कादियां विधानसभा क्षेत्र में करीब 500 डेरों की सड़कों के निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज गुर इकबाल सिंह माहल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पर विकास कार्यों को रुकवाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

गुर इकबाल सिंह माहल ने दावा किया कि कादियां क्षेत्र में करीब 500 डेरों तक सड़कों के निर्माण के लिए पंजाब सरकार की ओर से फंड जारी किया जा चुका है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सड़कों के निर्माण को रोकने के लिए प्रताप सिंह बाजवा के करीबी वकील की ओर से माननीय हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

माहल ने कहा कि यदि हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सड़क निर्माण कार्य रुकता है, तो इससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने इसके लिए प्रताप सिंह बाजवा को जिम्मेदार ठहराया। माहल ने यह भी आरोप लगाया कि इन विकास कार्यों से आम आदमी पार्टी को राजनीतिक लाभ मिलने की आशंका के चलते इन्हें रोकने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माहल ने प्रताप सिंह बाजवा के अनाज मंडियों के दौरे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजवा हाल ही में अपने साथियों के साथ कादियां विधानसभा क्षेत्र की अलग-अलग अनाज मंडियों में पहुंचे और वहां सरकार के खिलाफ प्रचार किया। माहल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बाजवा की ओर से लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं।

गौरतलब है कि 500 डेरों की सड़कों के निर्माण और हाई कोर्ट में कथित तौर पर दायर याचिका को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रताप सिंह बाजवा का पक्ष सामने आना बाकी है। याचिका की वास्तविक स्थिति और अदालत के आदेशों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा

Barnala : महंगाई और बेरोजगारी को लेकर यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, पंजाब और केंद्र सरकार पर साधा निशाना

बरनाला / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : आशीष शर्मा

पंजाब यूथ कांग्रेस की ओर से केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों और पंजाब सरकार के खिलाफ बरनाला में रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन कचहरी चौक से शुरू होकर भाजपा के पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की कोठी के बाहर पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और महंगाई, बेरोजगारी तथा कथित तानाशाही को लेकर सवाल उठाए।

प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के पोस्टर और बोर्ड फाड़े गए। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर नीली स्याही फेंकने की घटना भी सामने आई। प्रदर्शन के दौरान हुई इन घटनाओं को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह युवाओं में सरकार के प्रति बढ़ते गुस्से और आक्रोश का परिणाम है।

कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई लगातार आम लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद आम जनता को महंगे ईंधन का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार की नीतियों का लाभ आम लोगों की बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों को मिल रहा है। उन्होंने सरकारी संस्थानों और प्राकृतिक संसाधनों के निजीकरण को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

पंजाब सरकार पर भी कांग्रेस का हमला

यूथ कांग्रेस नेताओं ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को भी घेरा। नेताओं ने आरोप लगाया कि ‘रंगला पंजाब’ का दावा करने वाली सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले सफाई कर्मचारियों, बेरोजगार युवाओं और आम लोगों के साथ कथित तौर पर सख्ती की जा रही है।

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी नेता मीत हेयर के कांग्रेस को लेकर दिए गए बयान पर भी कांग्रेस ने पलटवार किया। विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान पंजाब में 13-0 का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी तीन सीटों तक सिमट गई। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी को सत्ता से बाहर कर देगी।

कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर भी पलटवार

कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस की अंदरूनी कलह को लेकर दिए गए बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को कांग्रेस की चिंता करने की बजाय अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आम आदमी पार्टी के भीतर विधायकों को लेकर भी आरोप लगाए, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा पोस्टर फाड़े जाने की घटना पर कांग्रेस नेताओं ने इसे युवाओं के आक्रोश से जोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। वहीं प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई।

बरनाला से रिपोर्ट: आशीष शर्मा।

संदीप पाठक पर पंजाब में 2 FIR! गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पहुंची पुलिस; AAP छोड़ BJP में हुए थे शामिल

पंजाब डेस्क: आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब सरकार ने बड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ राज्य के दो अलग-अलग थानों में मामले दर्ज किए हैं।

गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज : संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज की गई इन दो एफआईआर (FIR) में गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं,। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये मामले पंजाब के किन विशिष्ट थानों में दर्ज किए गए हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची पंजाब पुलिस : सांसद की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंच गई है। यह घटनाक्रम उनके ‘आप’ छोड़कर भाजपा में शामिल होने के कुछ ही समय बाद सामने आया है, जिससे राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने की संभावना है। पुलिस इस मामले में लगातार अपडेट जुटा रही है और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर सक्रिय है।

पंजाब की राजनीति में बड़ा भूचाल: नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस को कहा अलविदा !

पंजाब डेस्क: पंजाब की राजनीति में आज उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने औपचारिक रूप से कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। शनिवार, 31 जनवरी, 2026 को अपने फैसले का इजहार करते हुए उन्होंने मौजूदा लीडरशिप के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है।

राजा वारिंग पर तीखे हमले: डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को अब तक का सबसे ‘भयानक और भ्रष्ट’ अध्यक्ष बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजा वारिंग ने खुद को जेल जाने से बचाने के लिए मुख्यमंत्री से हाथ मिलाकर कांग्रेस को खत्म करने की कोशिश की है। उन्होंने आगे कहा कि वारिंग ने अपने निजी फायदे के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ मिलकर पार्टी को बेच दिया है।

अंदरूनी साजिशों का खुलासा: डॉ. सिद्धू ने दावा किया कि राजा वारिंग ने उनके खिलाफ पहले ही सस्पेंशन लेटर तैयार कर लिया था। उन्होंने सवाल किया कि नवजोत सिंह सिद्धू को नुकसान पहुंचाने के लिए विपक्षी नेताओं के साथ मिलीभगत करने वाले 12 सीनियर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में अब टैलेंटेड नेताओं की नहीं सुनी जाती और सिर्फ निजी हितों के आधार पर फैसले लिए जाते हैं।

‘रील’ बनाने पर व्यंग्य: वारिंग के तरीके पर कटाक्ष करते हुए डॉ. सिद्धू ने कहा कि अध्यक्ष सिर्फ एक मजाक बन गए हैं और सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि वारिंग को पार्टी को जिताने के बजाय उसे बर्बाद करने के लिए खुद पर शर्म आनी चाहिए।

डॉ. नवजोत कौर ने यह भी कहा कि उनके पास वारिंग को ‘बर्बाद’ करने के लिए काफी सबूत हैं, लेकिन अब उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि वह खुद पार्टी छोड़ चुके हैं।