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ईरान-इजराइल तनाव के बीच अमेरिका ने खर्च किए ‘थाड’ मिसाइल सिस्टम के करीब आधे इंटरसेप्टर

वाशिंगटन, 22 मई: United States ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव और संघर्ष के दौरान Israel की रक्षा में अपनी उन्नत मिसाइल रोधी प्रणाली ‘THAAD’ (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) के लगभग आधे भंडार का इस्तेमाल कर लिया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

अमेरिकी अखबार The Washington Post की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इजराइल को बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाने के लिए बड़ी संख्या में ‘थाड’ इंटरसेप्टर मिसाइलें तैनात और इस्तेमाल कीं। यह प्रणाली दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम मानी जाती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अमेरिका की रक्षा तैयारियों और हथियार भंडार पर भी दबाव बढ़ा है। हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो अमेरिका को अपने मिसाइल रक्षा भंडार को फिर से मजबूत करने के लिए अतिरिक्त उत्पादन और तैनाती करनी पड़ सकती है।

ईरान का इजरायल पर ताबड़तोड़ हमला: मिडिल-ईस्ट में छठे दिन भी भीषण जंग जारी

इंटरनेशनल डेस्क: ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह ईरान ने इजरायल पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं, जिससे मध्य पूर्व (मिडल-ईस्ट) में जारी युद्ध अब अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुका है। इस हमले के जवाब में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों और उसके परमाणु कार्यक्रमों पर जबरदस्त प्रहार किए हैं।युद्ध की विभीषिका केवल जमीन तक सीमित नहीं है।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबो दिया, जिसमें 87 शव बरामद किए गए हैं। इजरायली सेना ने लेबनान में ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के ठिकानों और बेरूत के दक्षिणी इलाकों को भी निशाना बनाया है।इस भीषण जंग का मानवीय और वैश्विक प्रभाव भी दिखने लगा है।

अब तक ईरान में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लेबनान और इजरायल में भी दर्जनों लोग मारे गए हैं। युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो गई है और लाखों यात्री विभिन्न क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना की कार्रवाई की सराहना की है, जबकि इजरायल ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य ईरान के नेतृत्व को खत्म करना है।