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प्रो. मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन ने पाली देतवालिया के पुत्र के निधन पर शोक जताया

लुधियाना/सत्ता संदेश

लुधियाना, 29 अप्रैल: प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने प्रसिद्ध गायक और गीतकार पाली देतवालिया के इकलौते पुत्र मनजोत सिंह (38) के असमय निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

यहां जारी एक बयान में, फाउंडेशन के प्रधान राजीव कुमार लवली, प्रगट सिंह सरपरस्त, चेयरमैन गुरनाम सिंह ढालीवाल, सरपरस्त डॉ. गुरभजन गिल, दिलबाग सिंह खतराए कलां, अमरिंदर सिंह जस्सोवाल, कला प्रेमी डॉ. निर्मल जोड़ा, सरपरस्त कृष्ण कुमार बावा, सरपरस्त मलकीयत सिंह दाखा तथा कोऑर्डिनेटर प्रिथीपाल सिंह बडाला ने शोक संतप्त परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की हे। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

गौरतलब है कि मनजोत सिंह पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। मंगलवार को उनका निधन हो गया था और आज उनके पैतृक गांव देतवाल में अंतिम संस्कार किया गया। वह अपने पीछे पिता पाली देतवालिया के अलावा, पत्नी और दो छोटे बच्चे छोड़ गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सूरीनाम के राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया

नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी के निधन पर मंगलवार को शोक व्यक्त किया और कहा कि उनका निधन न केवल उनके अपने देश के लिए बल्कि वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए भी अपूरणीय क्षति है।

मोदी ने कहा कि संतोखी को भारतीय संस्कृति के प्रति विशेष लगाव था और उन्होंने संस्कृत में शपथ लेकर अनेक लोगों के दिल जीते थे।

उन्होंने संदेश में कहा, “मेरे मित्र और सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति श्री चंद्रिकाप्रसाद संतोखी जी के अचानक निधन से मैं गहरे सदमे और दुःख में हूं। यह केवल सूरीनाम के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक प्रवासी भारतीय समुदाय के लिए भी अपूरणीय क्षति है।”

प्रधानमंत्री ने संतोखी के साथ अपनी कई मुलाकातों को भी याद किया और कहा कि सूरीनाम के नेता की देश के लिए निष्ठावान सेवा और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने के प्रयास उनके साथ हुई बातचीत में स्पष्ट रूप से झलकते थे।

उन्होंने कहा, “इस दुःख की घड़ी में मैं उनके परिवार और सूरीनाम के लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ओम शांति।”

संतोखी (67) 2020 से 2025 तक सूरीनाम के राष्ट्रपति रहे। वह सूरीनाम की प्रोग्रेसिव रिफॉर्म पार्टी के अध्यक्ष भी थे और 2005 से 2010 तक देश के न्याय मंत्री भी रहे।