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इमटैक द्वारा वृक्षारोपण अभियान के साथ वन महोत्सव 2026 का आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

सीएसआईआर – सूक्ष्मजीव प्रौद्यागिकी संस्थान (सीएसआईआर-इमटैक), चंडीगढ़ ने आज अपने सेक्टर 39A परिसर में वन महोत्सव 2026 मनाया। इसके तहत चंडीगढ़ प्रशासन के वन एवं वन्यजीव विभाग के सहयोग से पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिससे पर्यावरण की स्थिरता और पारिस्थितिक संरक्षण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया गया।

इस वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व सीएसआईआर-इमटैक की निदेशक डॉ. अलका राव ने बागवानी प्रभाग के प्रभारी डॉ. सचिन राउत के साथ किया। इस कार्यक्रम में सीएसआईआर-इमटैक के वैज्ञानिकों, तकनीकी और प्रशासनिक स्टाफ़ के साथ-साथ शोधार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वन महोत्सव के दौरान, जैव-विविधता को बढ़ावा देने, परिसर में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण की देखभाल के महत्व को रेखांकित करने के लिए कई तरह के देशी और वानस्पतिक पौधे लगाए गए। यह वृक्षारोपण अभियान राष्ट्रीय अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” का भी समर्थन करता है, जो मातृत्व और प्रकृति के बीच पालन-पोषण के बंधन का प्रतीक है।

इस मौके पर सीएसआईआर-इमटैक के निदेशक डॉ. अलका राव ने सभा को संबोधित करते हुए प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी के संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि वन महोत्सव हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा और देखभाल करने के हमारे सामूहिक कर्तव्य की याद दिलाता है। उन्होंने संस्थान के सभी सदस्यों को संधारणीय तौर-तरीकों में सक्रिय रूप से योगदान देने और वृक्षारोपण को केवल एक बार की गतिविधि के बजाय एक निरंतर सामुदायिक प्रयास बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

सीएसआईआर-इमटैक ने अपने सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए, पौधे उपलब्ध कराने और कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने के लिए श्री सौरभ कुमार (आईएफ़एस, मुख्य वन संरक्षक, वन एवं वन्यजीव विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन); भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), चंडीगढ़; सीआईआई-इंडियन विमेन नेटवर्क (आईडब्ल्यूएन) चंडीगढ़ ट्राइसिटी चैप्टर; और जेड एक्सक्लूसिव चंडीगढ़ के सहयोग की सराहना की।

सीएसआईआर-इमटैक सूक्ष्मजीव विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता का एक राष्ट्रीय केंद्र है और इसकी स्थापना 1984 में हुई थी। इमटैक का दृष्टिकोण और मिशन बुनियादी खोजों से मज़बूत एक अनुवादकीय पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है और क्रमशः अत्याधुनिक प्रक्रियाओं एवं प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा तथा औद्योगिक क्षेत्र की अपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करना है।

BIS ने करनाल के बाजीदा जट्टान में ग्राम चौपाल लगाकर मानकों के प्रति किया जागरूक

करनाल / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा गांव बाजीदाजट्टान, जिला करनाल, हरियाणा में दिनांक 10 जुलाई 2026 को ग्रामचौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 35 ग्रामीणों, जिसमेंग्राम सरपंच भी शामिल थे, ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों एवं किसानों को गुणवत्ता मानकों, उपभोक्ता अधिकारों तथा बीआईएस द्वारा संचालित विभिन्न पहलों के प्रतिजागरूक करना था।

सुश्री आरती चौधरी, मानक संवर्धन अधिकारी, बीआईएस हरियाणा शाखाकार्यालय ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए बीआईएस प्रमाणित उत्पादों केमहत्व, उपभोक्ता सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के चयन के बारे मेंजानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को बीआईएस केयर ऐप के माध्यम सेउत्पादों की प्रामाणिकता जांचने एवं शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारेमें भी अवगत कराया।

चूंकि धान की खेती का मौसम शुरू होने वाला है, इस अवसर पर किसानोंको कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले गुणवत्तापूर्ण एवं मानकीकृत उपकरणोंके महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। किसानों को खेती के लिए कृषिट्रैक्टर (IS 12207), फसल सुरक्षा हेतु नैपसैक स्प्रेयर (IS 1970 / IS 3906), धान की मड़ाई के लिए पावर थ्रेशर (IS 9020) तथा कटाई के लिएकंबाइन हार्वेस्टर (IS 15806) जैसे उपकरणों के उपयोग एवं गुणवत्तामानकों के बारे में जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान हॉलमार्किंग एवं HUID सत्यापन के संबंध में भीजागरूकता प्रदान की गई, जिसमें ग्रामीणों को असली हॉलमार्क वाले सोनेके आभूषणों की पहचान एवं उनकी प्रामाणिकता जांचने की जानकारी दीगई।

रायपुर में 250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए 175 करोड़ की रेलवे परियोजना को मंजूरी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय रेलवे ने लोकोमोटिव रखरखाव अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत रायपुर स्थित हाई हॉर्स पावर डीजल शेड में 250 थ्री फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाएं बनाने के उद्देश्‍य से 175 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी है।

होमिंग का तात्पर्य किसी लोकोमोटिव को एक निर्दिष्ट लोकोमोटिव शेड में जगह देने से है, जो उसके प्राथमिक रखरखाव केंद्र के रूप में कार्य करता है। होमिंग शेड की सुविधा लोकोमोटिव के निर्धारित रखरखाव, सुरक्षा निरीक्षण, मरम्मत और समग्र देखभाल के लिए होती है ताकि उसका सुरक्षित और कुशल संचालन सुनिश्चित हो सके।

यह परियोजना भारतीय रेलवे द्वारा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बेड़े के तेजी से विस्तार और पूरे नेटवर्क में माल ढुलाई तथा यात्री परिचालन में वृद्धि के अनुरूप रखरखाव बुनियादी ढांचे को बढ़ाने की दिशा में चल रहे प्रयासों के तहत स्वीकृत की गई है।

इन अतिरिक्त होमिंग सुविधाओं से भारतीय रेलवे को रायपुर डिपो में मौजूदा बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी, साथ ही भविष्य में तकनीकी विस्तार के लिए आवश्यक स्थान भी उपलब्ध होगा।

समराला में सीवरेज प्रोजेक्ट बना मुसीबत, 2 महीने से काम बंद, दुकानदारों का 75% कारोबार प्रभावित

समराला / सत्ता संदेश

समराला शहर के मुख्य चंडीगढ़ रोड पर लोगों की सुविधा के लिए शुरू किया गया सीवरेज लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट अब स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। पिछले करीब दो महीनों से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे सड़क किनारे स्थित दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों को भी आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सीवरेज लाइन बिछाने के लिए सड़क की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन ठेकेदार को भुगतान नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिया गया। सड़क पर खुदाई होने और निर्माण सामग्री बिखरी रहने से ग्राहक दुकानों तक पहुंचने से बच रहे हैं। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ा है और पिछले दो महीनों में उनकी बिक्री में करीब 75 प्रतिशत तक गिरावट आ चुकी है। कई दुकानदारों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च और कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो गया है।

दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि अधूरी पड़ी सीवरेज लाइन में बारिश के दौरान मिट्टी और मलबा भर गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पाइप लाइन की सफाई नहीं करवाई गई और निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं हुआ तो सीवरेज सिस्टम शुरू होने से पहले ही जाम होने की आशंका है, जिससे भविष्य में लोगों को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और सड़क को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाया जाए। उनका कहना है कि लंबे समय तक अधूरा पड़ा यह प्रोजेक्ट न केवल व्यापार बल्कि आसपास के लोगों की दैनिक आवाजाही को भी प्रभावित कर रहा है।

इस संबंध में नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) अमनदीप सिंह ने बताया कि ठेकेदार को भुगतान लंबित होने के कारण काम रुका हुआ था। अब संबंधित ठेकेदार के खाते में भुगतान जारी कर दिया गया है और अगले एक से दो दिनों के भीतर सीवरेज लाइन का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराकर लोगों और व्यापारियों को जल्द राहत दिलाई जाएगी।

टांडा में ब्यास नदी का बढ़ता खतरा, किसानों ने प्रशासन से बांध मजबूत करने की लगाई गुहार

टांडा/उड़मुड़ / सत्ता संदेश

होशियारपुर के टांडा उड़मुड़ क्षेत्र के रड़ा गांव स्थित ब्यास दरिया के मंड इलाके में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए किसानों ने प्रशासन से तुरंत सुरक्षा प्रबंध करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्षों में आई बाढ़ के दौरान दरिया किनारे बने तटबंध (गेट बांध) क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई थी।

लगातार हो रही बारिश और ब्यास नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे क्षतिग्रस्त तटबंधों की तुरंत मरम्मत और मजबूती का कार्य कराया जाए, ताकि इस बार बाढ़ की स्थिति में किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।

किसानों ने कहा कि पिछले नुकसान की भरपाई अभी तक पूरी तरह नहीं हो पाई है और एक बार फिर बाढ़ की आशंका ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से अपील की कि ब्यास नदी के किनारे सुरक्षा प्रबंधों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते तटबंधों की मरम्मत नहीं कराई गई तो आगामी दिनों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति से क्षेत्र में बड़ा नुकसान हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

भारतीय सेना को मिलेंगे 840 स्वदेशी कामिकेज ड्रोन, टाटा और निबे को 1600 करोड़ का ऑर्डर

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय सेना अपनी मारक क्षमता को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मंत्रालय ने सेना के लिए 1,600 करोड़ रुपये के टेंडर में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और निबे डिफेंस को ‘लोइटरिंग म्यूनिशंस’ की सप्लाई के लिए चुना है। इस टेंडर के तहत सेना को 100 किलोमीटर की रेंज वाले 840 आधुनिक ड्रोन मिलेंगे।

​टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स का कुल ऑर्डर का 64% हिस्सा टाटा को मिला है. टाटा इसके तहत अपनी पूरी तरह से स्वदेशी ‘ALS सीरीज’ के लोइटरिंग सिस्टम की सप्लाई करेगा।

निबे डिफेंस का ऑर्डर 36% हिस्सा निबे डिफेंस के खाते में गया है। निबे इसके लिए ‘वायु अस्त्र’ ड्रोन की सप्लाई करेगी, जो असल में इजरायल की कंपनी एलबिट सिस्टम्स के ‘स्काईस्ट्राइकर’ का रीब्रांडेड वर्जन है।

जानकारी के मुताबिक टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी (L-1) बनकर उभरी है और उससे सेना की जरूरत का 64 प्रतिशत हिस्सा सप्लाई करने की उम्मीद है। वहीं निबे दूसरी सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी (L-2) बनकर उभरी है और उससे बाकी बचे 36 प्रतिशत लोइटरिंग म्यूनिशन की सप्लाई करेगा।

ये पूरी डील ‘फास्ट-ट्रैक’ रूट के जरिए की जा रही है। इसके तहत दोनों कंपनियों को अगले 6 महीने के भीतर ड्रोन की डिलीवरी शुरू करनी होगी. इन ड्रोनों का इस्तेमाल भारतीय सेना की नई बनाई जा रही ‘ड्रोन आर्टिलरी रेजिमेंट्स’ के लिए किया जाएगा, जिससे दुश्मनों के ठिकानों पर बेहद सटीक और लंबी दूरी के हमले किए जा सकें।

यहां टाटा का सिस्टम पूरी तरह स्वदेशी है, वहीं निबे का ड्रोन इजरायली तकनीक पर आधारित है. इसे रक्षा खरीद में घरेलू विकास के मिले-जुले स्तर के रूप में तैयार किया जाएगा।

महादेव बेटिंग ऐप मामले में ED ने विकास गर्ग की ₹940.77 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

ईडी ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में 941 करोड़ रुपये की संपत्ति की कुर्की की पुष्टि के लिए न्यायाधिकरण के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज इस शिकायत में दिल्ली के व्यापारी विकास गर्ग, उसके परिवार के सदस्यों और कंपनियों को प्रतिवादी बनाया गया है।

ईडी का आरोप है कि विकास गर्ग से संबंधित संपत्तियां अपराध की कमाई हैं या ऐसी आय से अर्जित की गई हैं। ईडी का कहना है कि मामले में लगभग 941 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है। इनमें 893.03 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 47.73 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। सबसे बड़ी कुर्की एबिक्स इंक के 12.84 लाख शेयर की है। इनका मूल्य लगभग 766 करोड़ रुपये है और ये शेयर कंपनी में 64.20 प्रतिशत हिस्सेदारी दिखाते हैं।

ईडी ने एबिक्स इंक में 10.66 प्रतिशत की अतिरिक्त हिस्सेदारी का भी जिक्र किया है, जिसकी कीमत ₹127.26 करोड़ रुपये है। ईडी का आरोप है कि अपराध से अर्जित इस रकम का इस्तेमाल पहले ही किया जा चुका है, इसलिए इसे जब्त नहीं किया जा सकता।

ईडी द्वारा जब्त अचल संपत्तियों में दिल्ली के ‘द अमैरिलिस’ में लग्जरी अपार्टमेंट, सफदरजंग विकास योजना में व्यावसायिक संपत्ति, बाबर रोड पर आवासीय संपत्ति, शिवाजी मार्ग पर एक अपार्टमेंट और शिकायत में नामजद कंपनियों की गोवा, उत्तराखंड, राजस्थान और देहरादून में मौजूद संपत्तियां शामिल हैं।

शिकायत में कहा गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस, आंध्र प्रदेश पुलिस, रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा और कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज शुरुआती मामलों पर आधारित है।

भारत में पहली बार BBL का उद्घाटन मैच, पीएम मोदी ने किया ऐलान

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

What is Big Bash League: भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों में खेल सहयोग का नया अध्याय जुड़ गया है. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मेलबर्न में संयुक्त घोषणा करते हुए बताया कि इस साल दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित बिग बैश लीग (BBL) का उद्घाटन मुकाबला चेन्नई में खेला जाएगा.

BBL ऑस्ट्रेल‍िया की टी20 लीग है, जिसका क्रेज आईपीएल की तरह है. भारत में भी इस लीग की तगड़ी फॉलोइंग है. यह क्रिकेट इतिहास का एक अहम पल होगा, क्योंकि पहली बार किसी विदेशी क्रिकेट लीग का आधिकारिक मैच भारत की धरती पर आयोजित किया जाएगा.

चेन्नई में होने वाला यह मुकाबला दिसंबर में आयोजित होने वाले सप्ताहभर के ‘जी’ डे नमस्ते (‘G’Day Namaste’) कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा.

इस फेस्टिवल में ऑस्ट्रेलिया की संस्कृति, व्यापार, निवेश और खेल से जुड़े कई कार्यक्रम भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे. इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई गति देना है.

क्या है ब‍िग बैश लीग ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) देश की सबसे बड़ी प्रोफेशनल टी20 क्रिकेट लीग है. इसकी शुरुआत 2011 में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने की थी. इस लीग में ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग शहरों की 8 टीमें हिस्सा लेती हैं. BBL का टूर्नामेंट लीग स्टेज और नॉकआउट मुकाबलों के फॉर्मेट में खेला जाता है. इसमें ऑस्ट्रेलिया के स्टार खिलाड़ियों के साथ-साथ दुनिया भर के कई बड़े विदेशी क्रिकेटर भी खेलते हैं.

BBL की 8 टीमें हैं

  1. एडिलेड स्ट्राइकर्स (Adelaide Strikers)
  2. ब्रिस्बेन हीट (Brisbane Heat)
  3. होबार्ट हरिकेन्स (Hobart Hurricanes)
  4. मेलबर्न रेनेगेड्स (Melbourne Renegades)
  5. मेलबर्न स्टार्स (Melbourne Stars)
  6. पर्थ स्कॉर्चर्स (Perth Scorchers)
  7. सिडनी सिक्सर्स (Sydney Sixers)
  8. सिडनी थंडर (Sydney Thunder)

BBL की तरह विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) भी है. 2015 में शुरू हुई यह लीग महिलाओं के लिए दुनिया के सबसे बड़े घरेलू T20 कॉम्पिटिशन में से एक है, जिसने दुनिया भर में महिला क्रिकेटर्स के लिए नए आयाम स्थाप‍ित किए.

खेल सहयोग के लिए नया रोडमैप

दोनों प्रधानमंत्रियों ने खेल सहयोग पर रोडमैप (Roadmap on Sport Cooperation) भी जारी किया. इसके तहत खेलों में क्षमता निर्माण, स्पोर्ट्स साइंस, टेक्नोलॉजी रिसर्च, खेल उद्योग और निवेश जैसे क्षेत्रों में भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर काम करेंगे.

यह रोडमैप ऐसे समय में सामने आया है, जब ऑस्ट्रेलिया 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक और पैरालंपिक की तैयारी कर रहा है, जबकि भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों को आगे बढ़ा रहा है.

अल्बनीज बोले- खेल दोनों देशों को जोड़ने वाला सबसे मजबूत माध्यम pm.gov.au के मुताब‍िक- ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया खेलों, खासकर क्रिकेट, के प्रति समान जुनून साझा करते हैं.

उन्होंने कहा कि नया स्पोर्ट्स रोडमैप तकनीक, रिसर्च और क्षमता निर्माण जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों पर केंद्रित होगा. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी मजबूती मिलेगी.

ऑस्ट्रेलियाई मंत्रियों ने भी जताई खुशी

ऑस्ट्रेलिया के व्यापार एवं पर्यटन मंत्री डॉन फैरेल ने कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध दोनों देशों की आर्थिक समृद्धि के लिए बेहद अहम हैं. उनके मुताबिक बड़े खेल आयोजन पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने का शानदार अवसर होते हैं.

वहीं, खेल मंत्री अनिका वेल्स ने कहा कि क्रिकेट दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों का प्रतीक है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह रोडमैप खेलों के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलियाई स्पोर्ट्स सिस्टम पहले से ही भारतीय संस्थाओं के साथ अपने अनुभव साझा कर रहा है और भविष्य में यह साझेदारी और मजबूत होगी.

MCG गए पीएम मोदी, फिर न्यूजीलैंड रवाना होंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने तीन देशों के दौरे के ऑस्ट्रेलिया चरण का समापन करेंगे. वह ऐतिहासिक मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) का दौरा करने के बाद न्यूजीलैंड के ऑकलैंड के लिए रवाना होंगे.

ऑकलैंड पहुंचने के बाद शुक्रवार को उनका कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं होगा. शनिवार को वह गवर्नमेंट हाउस में बैठकों के अलावा स्पोर्ट्स और बिजनेस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे. इसके बाद वह नई दिल्ली लौटेंगे.

गौरतलब है कि भारत और न्यूजीलैंड ने 27 अप्रैल को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना है.

HBCHRC ने छह महीने से भी कम समय में पूरी कीं 100 रोबोटिक कैंसर सर्जरियां

न्यू चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (HBCHRC), पंजाब ने मरीजों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के महज छह महीनों में 100 से अधिक जटिल रोबोटिक सर्जरियां सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। HBCHRC भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत टाटा मेमोरियल सेंटर की एक इकाई है। यह मील का पत्थर हासिल करने वाला केंद्र सरकार का यह अस्पताल पंजाब के न्यू चंडीगढ़ में स्थित है।

रोबोटिक सर्जरी सुविधा की योजना की घोषणा पिछले साल अगस्त में होमी भाभा कैंसर कॉन्क्लेव के दौरान पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश (UT) के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया द्वारा की गई थी। इस उपलब्धि को साझा करते हुए, HBCHRC के निदेशक डॉ. आशीष गुलिया ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी पूरे उत्तर भारत में केवल सीमित अस्पतालों में ही उपलब्ध है।

डॉ. गुलिया ने कहा, “शुरुआत के समय, हमने पहले 80 मरीजों को मुफ्त में रोबोटिक सर्जरी प्रदान करने का वादा किया था। हमें यह साझा करते हुए गर्व हो रहा है कि हमने न केवल छह महीने से भी कम समय में 100 सफल रोबोटिक सर्जरियां पूरी कीं, बल्कि सभी 100 मरीजों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के यह इलाज मिला।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे न्यू चंडीगढ़ परिसर में रोबोटिक सर्जरी सुविधा उन्नत चिकित्सा तकनीक से लैस है और अब अन्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों की तुलना में काफी कम लागत पर इलाज की पेशकश कर रही है।”

ओंकोसर्जरी (Oncosurgery) विभाग के प्रमुख डॉ. विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि रोबोटिक सर्जरी सर्जन की जगह नहीं लेती है। उन्होंने कहा, “पूरी प्रक्रिया के दौरान सर्जन का ही पूरा नियंत्रण रहता है और सभी महत्वपूर्ण निर्णय ऑपरेटिंग सर्जन द्वारा ही लिए जाते हैं। रोबोट केवल सर्जरी को अधिक सटीकता के साथ करने में मदद करता है।”

रोबोटिक सर्जरी के फायदों पर प्रकाश डालते हुए, ओंकोसर्जन डॉ. अरविंद गुरु ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी सर्जनों को पहुंच से दूर वाले क्षेत्रों में अधिक सटीकता के साथ काम करने की अनुमति देती है, जबकि इसमें केवल छोटे कीहोल (keyhole) के आकार के चीरों की आवश्यकता होती है। इसके परिणामस्वरूप खून कम बहता है, दर्द कम होता है और मरीज जल्दी ठीक होते हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल ने एक 80 वर्षीय मरीज की भी सफल रोबोटिक सर्जरी की है, जिसे आईसीयू में कम समय बिताना पड़ा और वे तेजी से स्वस्थ हुए।
विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ कैंसर का इलाज

आपको बता दें कि पंजाब और आसपास के राज्यों को बेहतरीन कैंसर इलाज देने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अगस्त 2022 में इस अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित किया था। भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाले टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई द्वारा करीब 660 करोड़ की लागत से बना यह 300 बेड वाला अस्पताल हर आधुनिक सुविधा (जैसे सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट) से लैस है। यह अस्पताल एक मुख्य केंद्र (Hub) की तरह काम करता है, जबकि संगरूर वाला 150 बेड का अस्पताल इसकी एक शाखा (Spoke) के रूप में मरीजों की सेवा कर रहा है।

MYB-DAC ने चंडीगढ़ में युवा सहभागिता को सशक्त बनाने की समीक्षा की

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

माय भारत चंडीगढ़ की जिला सलाहकार समिति (MYB-DAC) की बैठक गुरुवार को उपमंडल मजिस्ट्रेट (दक्षिण), चंडीगढ़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने उपायुक्त, चंडीगढ़ के नामित प्रतिनिधि के रूप में बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में चंडीगढ़ में माय भारत की विभिन्न पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से युवाओं की सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी शैक्षणिक संस्थानों को अपने विद्यार्थियों का पंजीकरण माय भारत पोर्टल पर सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक संस्थान से एक नोडल अधिकारी तथा कैंपस एम्बेसडर नियुक्त करने का अनुरोध किया जाएगा, ताकि युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके, स्वयंसेवा (वॉलंटियरिज्म) को बढ़ावा मिले तथा संस्थागत स्तर पर माय भारत की गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।

समिति ने इस बात पर विशेष बल दिया कि राष्ट्र निर्माण से संबंधित पहलों तथा माय भारत मंच के माध्यम से उपलब्ध अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) के अवसरों में युवाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।

बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सभी संबंधित विभाग एवं संस्थान मिलकर चंडीगढ़ में माय भारत के सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के निर्माण की दिशा में कार्य करेंगे तथा युवाओं को सामुदायिक विकास एवं स्वयंसेवी गतिविधियों में अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगे।