UIDAI ने साइबर सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक को मजबूत करने के लिए NFSU के साथ साझेदारी की
नई दिल्ली/सत्ता संदेश
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय ने डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर सुरक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्रों में एक संरचित, पांच-वर्षीय सहयोग स्थापित करने के लिए हाथ मिलाया है।
यह समझौता ज्ञापन (MoU) सहयोग के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है और यूआईडीएआई के डिजिटल बुनियादी ढांचे में साइबर मजबूती को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से दोनों प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों को एक साथ लाता है, जो भारत के डिजिटल पहचान पारिस्थितिकी तंत्र का आधार है।
इस समझौते का आदान-प्रदान यूआईडीएआई के सीईओ विवेक चंद्र वर्मा और एनएफएसयू के गुजरात परिसर के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) एस.ओ. जुनारे के बीच किया गया। इस अवसर पर यूआईडीएआई के डिप्टी डायरेक्टर जनरल अभिषेक कुमार सिंह सहित दोनों पक्षों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह सहयोग छह रणनीतिक स्तंभों पर केंद्रित होगा, जिनमें अकादमिक और पेशेवर विकास, सूचना सुरक्षा और सिस्टम एकीकरण, फॉरेंसिक बुनियादी ढांचा और प्रयोगशाला उत्कृष्टता, साइबर सुरक्षा गतिविधियों के लिए तकनीकी सहायता, तकनीकी परामर्श और अनुसंधान (जिसमें एआई, ब्लॉकचेन, डीपफेक डिटेक्शन और क्रिप्टोग्राफिक तकनीकों जैसे उभरते क्षेत्रों में संयुक्त शोध शामिल है), तथा रणनीतिक प्लेसमेंट और आउटरीच शामिल हैं।
यूआईडीएआई के सीईओ विवेक चंद्र वर्मा ने कहा, “यह सहयोग भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को समर्थन देने वाली सुरक्षा, मजबूती और फॉरेंसिक क्षमताओं को और सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश की डिजिटल पहचान प्रणालियों की सुरक्षा और अधिक सुनिश्चित होगी।”

