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अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ द्वारा DC कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन; CM का पुतला फूंका

लुधियाना / सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ने विवादित वायरल वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग करते हुए, राज्यभर में किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला के तहत आज लुधियाना में जिला माल अधिकारी को पंजाब के राज्यपाल के नाम एक मांग-पत्र सौंपा। डिप्टी कमिश्नर की अनुपस्थिति में यह मांग-पत्र जिला माल अधिकारी को दिया गया। इससे पहले अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय तक रोष मार्च निकाला और मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंकने से पहले उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं राजीव कुमार लवली, जत्थेदार जसवंत सिंह चीमा और संदीप सिंह रुपालों ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है, जो सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं, पंजाब के लोगों के विश्वास और संवैधानिक जवाबदेही से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से संबंधित एक विवादित वायरल वीडियो सामने आया था, जिसमें उन पर सिख धर्म के गुरु साहिबानों तथा 20वीं सदी के प्रमुख सिख नेता संत जरनैल सिंह खालसा भिंडरांवाले के धार्मिक प्रतीकों के प्रति अपमानजनक व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे थे।

उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था। उस समय मुख्यमंत्री ने वीडियो को पूरी तरह फर्जी और एआई के माध्यम से तैयार किया गया बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों पर करवाई गई विभिन्न फोरेंसिक जांचों की रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच रिपोर्टों में वीडियो में किसी प्रकार की एडिटिंग, टैंपरिंग, डीपफेक तकनीक या एआई के जरिए छेड़छाड़ का कोई प्रमाण नहीं मिला और वीडियो को वास्तविक पाया गया। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब ने एक हुक्मनामा जारी करते हुए कहा कि कोई सिख भगवंत मान से मेलजोल न रखे और उन्हें धार्मिक रूप से बहिष्कृत माना जाए।

पार्टी नेताओं ने कहा कि अब यह मामला केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब के लोगों और सिख समुदाय के सामने किए गए दावों की सत्यता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म में गुरु साहिबानों, भक्तों, शहीदों और संत-महापुरुषों का सम्मान केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सिख जीवन का मूल सिद्धांत है। ऐसे मामलों में उठने वाले आरोप और संदेह पूरे सिख समुदाय की भावनाओं को गहराई से प्रभावित करते हैं।

उन्होंने कहा कि कानून और न्याय के सिद्धांत यह मांग करते हैं कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न हो, जांच और जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकता। नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करते हुए यह भी कहा कि उनकी सरकार द्वारा पहले बनाए गए बेअदबी संबंधी कानूनों के तहत उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

जिला लुधियाना की पांच सदस्यीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य कुलविंदर सिंह चंदी, अजीत सिंह बल्ल और हरभजन सिंह इयाली सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं तथा महिला विंग की राष्ट्रीय महासचिव साजिया परवीन ने कहा कि यह स्थिति समूचे सिख समुदाय, नानक नाम लेवा संगतों और आम लोगों के लिए गहरी पीड़ा और चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात पंजाब के लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और कमजोर कर सकता है।

उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए तथा इसकी जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से करवाई जाए। साथ ही जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर पद से इस्तीफा लेने की मांग भी की गई, ताकि जांच किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो सके। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए और पंजाब के लोगों को उनके सवालों के जवाब मिलने चाहिए।

यह विरोध प्रदर्शन जत्थेदार जसवंत सिंह चीमा, राजीव कुमार लवली और संदीप सिंह रुपालों के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसमें एडवोकेट इंदरजीत सिंह, महिला विंग की संयुक्त सचिव बीबी हरप्रीत कौर अकालगढ़, कुलविंदर सिंह चंदी, हरभजन सिंह इयाली, मलकीत सिंह बल्ल, शमशेर सिंह लाडोवाल, भोला सिंह मंगली, बलविंदर सिंह भिंदा, तलविंदर सिंह माछिया, गोपी कनेजा, कुलदीप सिंह मंगली, कुलदीप सिंह तलवंडी, तेजिंदरपाल सिंह तेजी, जगतार सिंह हंबड़ा, परमजीत सिंह हंबड़ा, लखविंदर सिंह हंबड़ा, हरजीत सिंह बाबा रायकोट, महिबूब स्टूडियो वाले, जसपाल सिंह जस सिद्धवां, चौधरी अवतार सिंह लड्डू जगराओं, सुखविंदर सिंह खालसा राऊवाल, जसवीर सिंह जस्सी जगराओं, जसप्रीत सिंह जस्सी ढिल्लो, पूर्व सरपंच बलदेव सिंह सलेमपुरा टिब्बा, मनजीत सिंह मंड बंगसीपुरा, जरनैल सिंह कुरशैदपुरा, जगदीश सिंह गगड़ा, रणजीत सिंह सोनू, गुरदीप कौर, हरप्रीत कौर, गुरप्रीत सिंह काउंके, खालसा बोहड़ सिंह काउंके, शमशेर सिंह खालसा जगराओं, रणजोध सिंह खालसा, जसवीर सिंह खालसा, इंदरजीत सिंह खालसा सहित अनेक नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अमृतपाल सिंह होंगे CM चेहरा, 2 डिप्टी CM बनाने का ऐलान: अकाली दल वारिस पंजाब दे

लुधियाना/सत्ता संदेश

अकाली दल “वारिस पंजाब दे” की ओर से सांसद भाई अमृतपाल सिंह को वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाएगा और दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए जाएंगे। यह घोषणा पार्टी के सरपरस्त बापू तरसेम सिंह ने लुधियाना में आयोजित विशाल पंथक एकत्रता को संबोधित करते हुए की।

आज पार्टी को लुधियाना में भारी समर्थन मिला, जब बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के साथ लुधियाना के मुंडियां कला, 33 फुटा रोड पर एक विशाल पंथक एकत्रता का आयोजन किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता गुरप्रीत सिंह सोनू द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के सरपरस्त बापू तरसेम सिंह मुख्य अतिथि रहे। भारी भीड़ यह संकेत दे रही थी कि राज्य के लोग 2027 विधानसभा चुनावों में एक पंथक सरकार चाहते हैं।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए, बापू तरसेम सिंह ने कहा कि भाई अमृतपाल सिंह पार्टी की ओर से विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे और दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे, जो हिंदू और दलित समुदाय से होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों की भागीदारी में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशे, गैंगस्टरवाद, लूटपाट और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए अकाली दल “वारिस पंजाब दे” को सत्ता में लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोग सांसद भाई अमृतपाल सिंह की अगुवाई में राज्य में अगली सरकार बनते देखना चाहते हैं।

इस दौरान उन्होंने लोकलुभावने वादे करके सत्ता में आने वाली पार्टियों पर भी तंज कसते हुए कहा कि अब लोगों का उनसे मोहभंग हो चुका है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक गुरप्रीत सिंह सोनू और स्थानीय नेतृत्व की भी सराहना की।

वहीं पर, अपने संबोधन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं परमजीत सिंह जौहल, प्रिथीपाल सिंह बटाला, राजीव कुमार लवली, संदीप सिंह रुपालों और गुरप्रीत सिंह सोनू आदि ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की भीड़ साफ तौर पर दिखा रही है कि 2027 विधानसभा चुनावों में पंजाब में पंथक पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि लोग भाई अमृतपाल सिंह को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, जिन्होंने नशे की गंभीर समस्या समेत अन्य सामाजिक मुद्दों के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई। इसी कारण बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें वोट देकर सांसद बनाया। उन्होंने कहा कि सरकारों की कोशिशों के बावजूद लोगों का अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के प्रति समर्थन लगातार बढ़ रहा है।

इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा, एडवोकेट इंदरजीत सिंह, जसबीर सिंह लुधियाना, शुभम शर्मा, जसवंत सिंह चीमा, रोशन सिंह सागर, संदीप रुपालो, सुरजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, परमिंदर सिंह, कमलजीत सिंह, जुगराज सिंह, नरेंद्र सिंह, मनजिंदर पाल सिंह, गुरलाल सिंह, लखविंदर सिंह, जगरूप सिंह, किरपाल सिंह, प्रगट सिंह और अवतार सिंह भी मौजूद रहे।

मनदीप सिंह सिद्धू को अकाली दल “वारिस पंजाब दे” का प्रधान सचिव नियुक्त किए जाने पर पार्टी हाईकमान का जताया धन्यवाद

लुधियाना, 30 मार्च: भाई संदीप सिंह सिद्धू (दीप सिद्धू) के भाई मनदीप सिंह सिद्धू को अकाली दल “वारिस पंजाब दे” का प्रधान सचिव बनाए जाने पर पार्टी नेताओं ने हाईकमान का धन्यवाद प्रकट किया है।

यहां जारी एक बयान में वरिष्ठ पार्टी नेता राजीव कुमार लवली, एडवोकेट इंद्रजीत सिंह, जसबीर सिंह लुधियाना और गुरप्रीत सिंह प्रिंस ने कहा कि मनदीप सिंह सिद्धू को प्रधान सचिव नियुक्त किए जाने से पार्टी को काफी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा मालवा, दोआबा और माजहा क्षेत्रों में लगातार लोगों को जोड़ा जा रहा है। कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और लोग 2027 में अकाली दल “वारिस पंजाब दे” को एक विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

पार्टी नेताओं ने अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के सरपरस्त और सांसद भाई अमृतपाल सिंह खालसा के पिता बापू तरसेम सिंह, लुधियाना के ऑब्जर्वर प्रितपाल सिंह बटाला, सांसद सरबजीत सिंह खालसा और परमजीत सिंह समेत पूरे पार्टी हाईकमान का धन्यवाद किया, जिन्होंने मनदीप सिंह सिद्धू को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

वहीं पर, मनदीप सिद्धू ने भी पार्टी हाईकमान का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह सभी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को पार्टी से काफी उम्मीदें हैं और 2027 के विधानसभा चुनावों में राज्य में अकाली दल “वारिस पंजाब दे” की सरकार बनना तय है।