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PM मोदी सेशेल्स दौरे के लिए हुए रवाना, आजादी के स्वर्ण जयंती समारोह में होंगे मुख्य अतिथि

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स दौरे के लिए रवाना हुए । यहां वे देश के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स की यात्रा कर रहे हैं।

कई मुद्दें पर होगी चर्चा
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति हरमिनी के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा को संबोधित करने और भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करने वाले हैं। पीएम मोदी सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा को संबोधित करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। 

भारत के महासागर विजन में सेशेल्स का अहम स्थान
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ‘भारत और सेशेल्स के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-संबंधों पर आधारित दीर्घकालिक साझेदारी है। हिंद महासागर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी होने के नाते, सेशेल्स भारत के विजन महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) और वैश्विक दक्षिण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता में विशेष स्थान रखता है।

इसमें आगे कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी मित्रता की पुष्टि करेगी और सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करेगी। इससे पहले अप्रैल में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉरीशस में आयोजित 9वें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान अपने सेशेल्स समकक्ष बैरी फॉरे से मुलाकात की और विक्टोरिया को उसकी वर्तमान आर्थिक चुनौतियों से निपटने में सहायता करने के लिए नई दिल्ली की प्रतिबद्धता व्यक्त की।


सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित रातीश ने क्या कहा?
भारत-सेशेल्स संबंधों को ‘गतिशील और उत्कृष्ट’ बताते हुए, सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित रातीश ने शुक्रवार को कहा कि दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबरस्पेस, साइबर सुरक्षा, समुद्री विज्ञान और संरक्षण और नीली अर्थव्यवस्था जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने के इच्छुक हैं। प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले आईएएनएस से बात करते हुए, रतीश ने कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने और विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों की घोषणा होने की उम्मीद है।

उन्होंने फरवरी में सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा और पिछले साल अक्टूबर में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सेशेल्स यात्रा का भी जिक्र किया, जिससे उच्च स्तरीय द्विपक्षीय संबंधों में आई तेजी का पता चलता है।

भारत वैश्विक दक्षिण के लिए एक सशक्त, भरोसेमंद आवाज के रूप में उभरा: प्रधानमंत्री मोदी

 मुंबई, 17 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत वैश्विक संवादों को आकार और अधिक संतुलित एवं समावेशी विश्व व्यवस्था में योगदान देने के साथ वैश्विक दक्षिण के लिए एक सशक्त और विश्वसनीय आवाज के रूप में उभरा है।

मोदी ने वैश्विक आर्थिक सहयोग परिषद द्वारा विदेश मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से आयोजित ‘वैश्विक आर्थिक सहयोग 2026’ कार्यक्रम में अपने लिखित संबोधन में कहा कि जब दुनिया अनिश्चित समय में स्थिर नेतृत्व की तलाश कर रही है, तब भारत उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

उन्होंने कहा कि देश साझा वैश्विक चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान प्रदान कर रहा है। साथ ही उच्च वृद्धि दर और कम मुद्रास्फीति का दुर्लभ संतुलन भी बनाए हुए है।

भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय चौथाईवाले ने प्रधानमंत्री का भाषण पढ़ा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘‘भारत वैश्विक दक्षिण की एक सशक्त और विश्वसनीय आवाज के रूप में उभरा है, जो वैश्विक संवादों को आकार देने के साथ अधिक संतुलित एवं समावेशी विश्व व्यवस्था में योगदान दे रहा है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस युग की प्रमुख चुनौतियों में से एक कल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना, किसी को भी पीछे न छोड़ना और इसे कुशलतापूर्वक हासिल करना है। भारत ने विश्व स्तरीय डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से इस महत्वाकांक्षा को वास्तविकता में बदल दिया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कल्याणकारी लाभ पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ नागरिकों तक एक क्लिक में पहुंचें।

उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जिसकी प्रगति के मूल में स्थिरता समाहित है। देश में स्थापित ऊर्जा क्षमता में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गैर-जीवाश्म यानी हरित ईंधन स्रोतों से आता है, जिससे भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाले पहले प्रमुख देशों में से एक बन गया है।

मोदी ने कहा कि 2014 से सौर ऊर्जा क्षमता में 40 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि पवन ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति ने उल्लेखनीय गति पकड़ी है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की विकास गाथा न केवल तेज है, बल्कि यह हरित, समावेशी और व्यापक स्तर पर लागू होने के लिए डिजाइन की गई है…। भारत में उभर रहे मॉडल अनुकूलनीय मार्ग प्रदान करते हैं जिन्हें दुनिया भर के देशों के लिए दोहराया जा सकता है।’’

मोदी ने कहा कि देश में विनिर्माण और उभरते क्षेत्रों में हो रही प्रगति से इसके सतत विकास के एजेंडा को और मजबूती मिलती है। भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माता है और साथ ही सेमीकंडक्टर और दुर्लभ खनिज जैसे उभरते क्षेत्रों में भी विविधता ला रहा है, जो आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में गहन एकीकरण की दिशा में निर्णायक कदम का संकेत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संदर्भ में, वैश्विक सहयोग अत्यावश्यक है। जैसे-जैसे विश्व आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और विश्वसनीयता पर पुनर्विचार कर रहा है, भारत सीमाओं के पार विश्वास, स्थिरता और साझा समृद्धि को मजबूत करने के लिए विशिष्ट रूप से सक्षम है।