ब्रेकिंग न्यूज़
सचिन पायलट के पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनने पर औजला का बड़ा बयान, 2027 में सरकार बनाने का दावा

अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनाए जाने पर बधाई दी। औजला ने कहा कि पायलट के अनुभव से संगठन मजबूत होगा और कांग्रेस 2027 में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव लड़ेगी।

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल को पद से हटाए जाने और राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी बनाए जाने के बाद पार्टी नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सचिन पायलट को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके अनुभव से पंजाब में कांग्रेस संगठन को नई मजबूती मिलेगी।

मीडिया से बातचीत के दौरान औजला ने कहा कि पंजाब देश का एक महत्वपूर्ण राज्य है और सचिन पायलट का राजनीतिक एवं संगठनात्मक अनुभव कांग्रेस के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि पायलट को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ बड़े राज्य में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर काम करने का भी अनुभव है।

युवाओं को पार्टी से जोड़ने पर जोर

गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक दौर में कांग्रेस को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर सकें और उनकी सोच को समझ सकें। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट युवा होने के साथ-साथ अनुभवी नेता भी हैं।

औजला ने उम्मीद जताई कि सचिन पायलट अपनी नई सोच और अनुभव के जरिए पंजाब कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा

2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर औजला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पंजाब में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य फोकस पंजाब से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ जनता के सामने रखना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना होगा। कार्यकर्ताओं को भी लोगों के बीच जाकर उनके मुद्दे उठाने के लिए तैयार किया जाएगा।

कांग्रेस में मतभेद के सवाल पर क्या बोले औजला?

कांग्रेस के अंदर कथित मतभेदों को लेकर पूछे गए सवाल पर गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि सचिन पायलट की नियुक्ति का पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी नए प्रभारी का स्वागत किया है।

औजला ने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस की लीडरशिप सचिन पायलट के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने के लिए काम करने को तैयार है।

राहुल गांधी के पंजाब दौरे की तैयारी

गुरजीत सिंह औजला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जल्द पंजाब आने वाले हैं और इस दौरान कांग्रेस की पूरी लीडरशिप उनके कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेगी।

औजला के मुताबिक, राहुल गांधी के दौरे के दौरान पंजाब से जुड़े प्रमुख मुद्दों को उठाने के लिए पार्टी स्तर पर एक सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सूची लगभग तैयार है और अगले एक-दो दिनों में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पंजाब दौरे के दौरान किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी और जनता के साथ किस तरह संवाद किया जाएगा, इसकी जानकारी पार्टी की ओर से जल्द स्पष्ट की जाएगी।

औजला ने कहा कि सचिन पायलट का अनुभव, कांग्रेस की एकजुटता और राहुल गांधी का पंजाब दौरा पार्टी की चुनावी तैयारियों को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस एकजुट होकर जनता के बीच जाएगी और 2027 में पंजाब में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करेगी।

पंजाब की राजनीति में बड़ा भूचाल: नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस को कहा अलविदा !

पंजाब डेस्क: पंजाब की राजनीति में आज उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने औपचारिक रूप से कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। शनिवार, 31 जनवरी, 2026 को अपने फैसले का इजहार करते हुए उन्होंने मौजूदा लीडरशिप के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है।

राजा वारिंग पर तीखे हमले: डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को अब तक का सबसे ‘भयानक और भ्रष्ट’ अध्यक्ष बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजा वारिंग ने खुद को जेल जाने से बचाने के लिए मुख्यमंत्री से हाथ मिलाकर कांग्रेस को खत्म करने की कोशिश की है। उन्होंने आगे कहा कि वारिंग ने अपने निजी फायदे के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ मिलकर पार्टी को बेच दिया है।

अंदरूनी साजिशों का खुलासा: डॉ. सिद्धू ने दावा किया कि राजा वारिंग ने उनके खिलाफ पहले ही सस्पेंशन लेटर तैयार कर लिया था। उन्होंने सवाल किया कि नवजोत सिंह सिद्धू को नुकसान पहुंचाने के लिए विपक्षी नेताओं के साथ मिलीभगत करने वाले 12 सीनियर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में अब टैलेंटेड नेताओं की नहीं सुनी जाती और सिर्फ निजी हितों के आधार पर फैसले लिए जाते हैं।

रील’ बनाने पर व्यंग्य: वारिंग के तरीके पर कटाक्ष करते हुए डॉ. सिद्धू ने कहा कि अध्यक्ष सिर्फ एक मजाक बन गए हैं और सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि वारिंग को पार्टी को जिताने के बजाय उसे बर्बाद करने के लिए खुद पर शर्म आनी चाहिए।

डॉ. नवजोत कौर ने यह भी कहा कि उनके पास वारिंग को ‘बर्बाद’ करने के लिए काफी सबूत हैं, लेकिन अब उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि वह खुद पार्टी छोड़ चुके हैं।

पंजाब कांग्रेस को राहुल गांधी की सख्त चेतावनी: अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, राजा वारिंग बने रहेंगे प्रेसिडेंट

पंजाब डेस्क: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले, कांग्रेस हाईकमान ने राज्य यूनिट में चल रही खींचतान को खत्म करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली में पंजाब कांग्रेस नेताओं के साथ करीब 3 घंटे की मीटिंग में राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि पार्टी में अनुशासनहीनता और गुटबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चरणजीत चन्नी को झटका: मीटिंग के दौरान, राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के पिछले दिनों दलित पॉलिटिक्स को लेकर दिए गए बयानों पर गहरी नाराजगी जताई। चन्नी ने शिकायत की थी कि पंजाब कांग्रेस के सभी टॉप पोस्ट (प्रेसिडेंट, CLP लीडर वगैरह) पर ऊंची जातियों के लोग हैं, जबकि राज्य में दलित आबादी 35-38% है। राहुल गांधी ने साफ किया कि पंजाब कांग्रेस की मौजूदा लीडरशिप और प्रेसिडेंट (अमरिंदर सिंह राजा वारिंग) में कोई बदलाव नहीं होगा।

मीडिया में बयानों पर रोक: राहुल गांधी और नेशनल जनरल सेक्रेटरी के.सी. वेणुगोपाल ने नेताओं को पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर मीडिया या सोशल मीडिया पर कोई बयान न देने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई शिकायत है तो वह पार्टी प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखे, पब्लिक में दिए गए बयानों पर हाईकमान सख्त एक्शन लेगा।

हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे- प्रताप बाजवा: मीटिंग के बाद पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कई मुद्दों पर चर्चा हुई है और पार्टी आने वाले चुनाव मिलकर लड़ेगी और जीतेगी। पंजाब कांग्रेस इंचार्ज भूपेश बघेल ने कहा कि आने वाले एक साल के लिए एक आउटलाइन तैयार की गई है, जिसमें MNREGA जैसे प्रोग्राम पर फोकस किया जाएगा।

इस मीटिंग में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमर सिंह और विजय इंदर सिंगला समेत कई दूसरे सीनियर नेता भी मौजूद थे।

“मेरे खिलाफ फेक प्रोपेगैंडा किया जा रहा है”: जातिवादी बयानों पर चरणजीत चन्नी का बचाव; कहा – “मैं चमकौर की धरती का बेटा हूं”

पंजाब डेस्क: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने खिलाफ जातिवाद की खबरों को सिरे से नकारते हुए इसे “फेक प्रोपेगैंडा” बताया है। उन्होंने कहा कि वह गुरु साहिबान के सिद्धांत “मानस की जाति सबै एकै पहचानबो” को मानते हैं और उन्होंने किसी भी मीटिंग में किसी खास जाति या समुदाय के खिलाफ कुछ नहीं कहा है।

विवाद का कारण: गौरतलब है कि हाल ही में चंडीगढ़ में हुई पंजाब कांग्रेस के SC सेल की मीटिंग के बाद यह चर्चा थी कि चन्नी ने पार्टी में सिर्फ जाट सिखों के पदों पर होने और दलितों को नजरअंदाज करने का मुद्दा उठाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चन्नी ने सवाल उठाया था कि प्रदेश अध्यक्ष, विपक्ष के नेता और NSUI के अध्यक्ष सभी एक ही समुदाय से हैं, जिसकी वजह से दलितों को लीडरशिप नहीं मिल पा रही है।

चन्नी का तर्क: चरणजीत सिंह चन्नी ने एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा हर वर्ग की आवाज़ उठाई है। उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट में भी उन्होंने सिखों, पंजाब, किसानों और खेत मज़दूरों के हक़ की बात की है। उन्होंने पंजाब को ‘गुलदस्ता’ बताया और कहा कि सबको साथ लेकर चलने से ही पार्टी मज़बूत होगी।

राजा वारिंग का रिएक्शन: इस मामले पर पंजाब कांग्रेस के प्रेसिडेंट अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने चन्नी का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस में कोई भेदभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि चन्नी खुद सबसे ऊँचे पद (CWC मेंबर) पर तैनात हैं और वह ऐसा कुछ नहीं कह सकते। वारिंग ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने ही चन्नी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया था और दलित समुदाय हमेशा से पार्टी के लिए “सिर का ताज” रहा है।