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लहरागागा : पूर्व सरपंच अमरीक सिंह की हत्या, धारदार हथियारों से हमला; 3 आरोपी गिरफ्तार

लहरागागा के गांव रामगढ़ संधुआं में पूर्व सरपंच अमरीक सिंह पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। गंभीर हालत में पटियाला ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पुलिस ने 6 लोगों पर केस दर्ज कर 3 को गिरफ्तार किया है।

लहरागागा / संगरूर / सत्ता संदेश

पंजाब के लहरागागा इलाके के गांव रामगढ़ संधुआं से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव के पूर्व सरपंच अमरीक सिंह पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल अमरीक सिंह की इलाज के लिए पटियाला ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने मामले में छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

गांव के चौक में खड़े थे पूर्व सरपंच

लहरागागा थाने के SHO जसकरण सिंह के मुताबिक, गांव रामगढ़ संधुआं के पूर्व सरपंच अमरीक सिंह गांव के एक चौक में खड़े थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद अमरीक सिंह को तुरंत लहरागागा के अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार यानी फर्स्ट एड देने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पटियाला रेफर कर दिया।

पटियाला ले जाते समय हुई मौत

पुलिस के अनुसार, अमरीक सिंह को इलाज के लिए पटियाला ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या के रूप में दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी।

6 लोगों के खिलाफ केस, 3 गिरफ्तार

SHO जसकरण सिंह ने बताया कि इस मामले में कुल छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, नामजद आरोपियों में गांव का मौजूदा सरपंच भी शामिल है।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी और तलाश जारी है। पुलिस हत्या के पीछे की वजह और वारदात में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।

पंजाब के गांवों में अब नहीं दिखेंगे बिजली के खंभे: CM भगवंत मान ने सतोज़ से शुरू किया ऐतिहासिक ‘अंडरग्राउंड केबल’ प्रोजेक्ट

पंजाब डेस्क: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने पैतृक गांव सतोज़ में बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड (जमीन के नीचे) करने के लिए एक क्रांतिकारी पायलट प्रोजेक्ट की नींव रखी है। इस पहल के साथ पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बनने की राह पर है जहाँ के गांव ‘खंबा मुक्त’ होंगे। मुख्यमंत्री ने इस दिन को पंजाब के इतिहास में “सुनहरे अक्षरों” वाला बताया है।

प्रोजेक्ट की खास बातें और तकनीक:

लागत: इस पायलट प्रोजेक्ट पर लगभग 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

बिना खुदाई के काम: सड़कों को नुकसान पहुँचाए बिना पाइप बिछाने के लिए खाई रहित ड्रिलिंग मशीनों (Trenchless drilling machines) का इस्तेमाल किया जाएगा।

बड़ा नेटवर्क: प्रोजेक्ट के तहत 7 किमी हाई-टेंशन लाइन, 9.5 किमी लो-टेंशन लाइन और 41 किमी सर्विस केबलों को जमीन के 3 फीट नीचे दबाया जाएगा, जिससे गांव के 384 अनावश्यक बिजली के खंभे खत्म हो जाएंगे।

जनता को मिलने वाले बड़े फायदे: मुख्यमंत्री के अनुसार, यह प्रोजेक्ट केवल सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि इसके कई व्यावहारिक लाभ भी हैं:

हादसों से बचाव: लटकती तारों के कारण होने वाले जानलेवा हादसों में कमी आएगी।

फसलों की सुरक्षा: खेतों के ऊपर से गुजरने वाली तारों से अक्सर फसलों में आग लग जाती थी, जिस पर अब लगाम लगेगी।

निर्बाध बिजली: बारिश या तेज हवाओं के दौरान बिजली गुल होने की समस्या खत्म होगी और वोल्टेज में होने वाला नुकसान (Transmission loss) भी कम होगा।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि ‘सतोज़ मॉडल’ पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा और यह राज्य को ‘रोशन पंजाब’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।