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लुधियाना में ट्रेडर्स की शिकायतों पर समीक्षा बैठक, अनिल ठाकुर ने अधिकारियों को दिए तुरंत समाधान के निर्देश

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन के वाइस चेयरमैन अनिल ठाकुर ने मंगलवार को लुधियाना के बचत भवन में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में PSTC पोर्टल पर ट्रेडर्स और इंडस्ट्रियलिस्ट्स की ओर से दर्ज लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई और अधिकारियों को इनके जल्द समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

अनिल ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रेडर्स की पेंडिंग शिकायतों का तुरंत और तय समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को बिना उचित कारण के लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। यदि किसी शिकायत के समाधान में तकनीकी या प्रशासनिक बाधा आ रही है, तो उसे भी प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

ट्रेडर्स को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: अनिल ठाकुर

अनिल ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ट्रेडर्स को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि PSTC पोर्टल व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्लेटफॉर्म के तौर पर काम कर रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित निगरानी की जाए और उनका प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए।

पंजाब में मिलीं करीब 7,000 शिकायतें, 6,000 का समाधान

मीडिया से बातचीत के दौरान अनिल ठाकुर ने दावा किया कि पिछले एक साल के दौरान पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन की ओर से व्यापारियों के साथ सीधे संवाद के लिए विभिन्न स्थानों पर बैठकें की गईं। इन बैठकों के माध्यम से करीब 7,000 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से लगभग 6,000 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि बाकी लंबित शिकायतों के समाधान के लिए जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। कमीशन की ओर से बाजारों में जाकर व्यापारियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा जा रहा है।

अनिल ठाकुर ने कहा कि पिछले कई दशकों से व्यापारियों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन पंजाब सरकार ने पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन का गठन कर इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का तेज और प्रभावी समाधान सरकार के प्रति उनका भरोसा मजबूत करेगा तथा पंजाब में व्यापार और निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने में मदद करेगा।

व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़: शिखा भगत

लुधियाना की एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) शिखा भगत ने कहा कि व्यापारी किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समय पर समाधान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि PSTC पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है, ताकि लंबित मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन के जिला चेयरमैन परमपाल सिंह बावा, वाइस चेयरमैन रोहित वर्मा, असिस्टेंट कमिश्नर पायल गोयल, DCST लुधियाना रणधीर कौर, एसडीएम लुधियाना ईस्ट जसलीन कौर भुल्लर, एसडीएम लुधियाना वेस्ट कुलदीप बावा, मुख्यमंत्री फील्ड ऑफिसर लुधियाना तुशिता गुलाटी, नगर निगम लुधियाना के जोनल कमिश्नर नीरज जैन और जसदेव सिंह सेखों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

पंजाब राज्य व्यापारी आयोग की शिकायत निवारण बैठक में प्रमुख मुद्दों का समाधान

लुधियाना/ सत्ता संदेश

शिकायत निवारण अभियान के अंतर्गत बुधवार को अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य) पूनम सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई।

पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (पीएसटीसी) के तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यापारियों द्वारा उठाई गई लंबित शिकायतों की समीक्षा और समाधान के लिए भाग लिया।

बैठक के दौरान, अधिकारियों ने बिजली अवसंरचना, जल आपूर्ति, शहरी विकास, कानून व्यवस्था और अन्य व्यापार संबंधी मुद्दों से संबंधित शिकायतों पर निर्णायक कार्रवाई की। कई लंबे समय से लंबित शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि चल रहे कार्यों के लिए स्पष्ट समयसीमा जारी की गई। विभागों को यह भी निर्देश दिया गया कि जहां भी प्रगति रुकी हो, मामलों को आगे बढ़ाया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ प्रशासनिक स्तरों पर अनुवर्ती बैठकें निर्धारित की गई हैं ताकि प्राथमिकता वाले मुद्दों की निरंतर निगरानी और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

पंजाब भर में पारदर्शी और समयबद्ध शिकायत निवारण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, पीएसटीसी ने कहा कि बैठक जिला प्रशासन के शिकायतों और जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई के बीच के अंतर को पाटने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।