कपूरथला में पुराने नाले को लेकर सियासत गरम, दुकानदारों ने कार्रवाई का किया विरोध
कपूरथला / सत्ता संदेश
नगर निगम पर आम आदमी पार्टी का कब्जा होने के बाद कपूरथला शहर में सियासी माहौल लगातार गरमाया हुआ है। अब शहर के पुराने नाले की सफाई और उस पर हुए कथित अवैध कब्जों का मामला राजनीतिक चर्चा का नया केंद्र बन गया है। शुक्रवार को नगर निगम अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों की टीम नाले की सफाई और कथित कब्जे हटाने के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन दुकानदारों के विरोध के चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
मौके पर अधिकारियों ने पुराने नाले की सफाई और रास्ते में आने वाले कथित कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया। इस दौरान बड़ी संख्या में दुकानदार मौके पर एकत्र हो गए और उन्होंने कार्रवाई का विरोध किया।
दुकानदारों का कहना था कि उन्हें नाले की सफाई से कोई आपत्ति नहीं है। उनका विरोध कार्रवाई के तरीके को लेकर है। दुकानदारों ने मांग की कि यदि कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तो वह सभी के खिलाफ समान रूप से और बिना किसी भेदभाव के होनी चाहिए। उनका आरोप है कि किसी एक दुकानदार या व्यक्ति को निशाना बनाकर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर अधिकारियों और दुकानदारों के बीच तीखी बहस भी हुई। विरोध बढ़ने के बाद फिलहाल नाले की सफाई और कथित कब्जे हटाने की कार्रवाई रोक दी गई।
अधिकारियों ने मौके पर कहा कि पूरे मामले को लेकर जल्द ही उचित प्लानिंग की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक ऐसी व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे पुराने नाले की सफाई भी हो सके और दुकानदारों को अनावश्यक नुकसान का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने संकेत दिया कि कुछ दिनों के बाद दोबारा कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
पुराने नाले का यह मामला अब कपूरथला में सियासी मुद्दा भी बनता नजर आ रहा है। नगर निगम की कार्रवाई, दुकानदारों के विरोध और राजनीतिक दलों के रुख को लेकर आने वाले दिनों में मामला और गरमाने की संभावना है। हालांकि कथित कब्जों को लेकर अंतिम स्थिति प्रशासनिक जांच और कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

