ब्रेकिंग न्यूज़
राघव चड्ढा बने राज्यसभा की याचिका समिति के अध्यक्ष, 10 सदस्यीय नई समिति का पुनर्गठन

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण संसदीय बदलाव के तहत आम आदमी पार्टी के सांसद Raghav Chadha को राज्यसभा की याचिका समिति (Committee on Petitions) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही समिति का पुनर्गठन करते हुए राज्यसभा सभापति की ओर से 10 सदस्यों को इसमें नामित किया गया है।

हालांकि, कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में उनके राजनीतिक दल परिवर्तन को लेकर गलत दावे किए गए थे, लेकिन आधिकारिक और विश्वसनीय जानकारी के अनुसार Raghav Chadha अभी भी आम आदमी पार्टी से ही राज्यसभा सदस्य हैं और उन्होंने किसी अन्य दल में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है।

संसदीय सूत्रों के मुताबिक, याचिका समिति नागरिकों और संगठनों से प्राप्त याचिकाओं की जांच करती है और उनसे जुड़े मामलों पर संसद को सिफारिशें देती है। इस समिति की भूमिका जनहित से जुड़े मुद्दों को संसद तक पहुंचाने में अहम मानी जाती है।

राज्यसभा सभापति की ओर से किए गए इस पुनर्गठन को संसदीय समितियों के कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। नई समिति आने वाले समय में विभिन्न जनहित याचिकाओं पर विचार करेगी और आवश्यक सिफारिशें प्रस्तुत करेगी।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब संसद की विभिन्न समितियों में नए सिरे से जिम्मेदारियां बांटी जा रही हैं ताकि विधायी कार्यों को और अधिक सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।

भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देने दिल्ली पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, पीएम मोदी से करेंगे अहम मुलाकात

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio शनिवार को आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। उनकी यह यात्रा भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव को कम करने और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दिल्ली पहुंचने के बाद रूबियो कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। वह भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ द्विपक्षीय संबंधों, रक्षा सहयोग, व्यापार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों समेत कई अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे।

इसके अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री प्रधानमंत्री Narendra Modi से भी मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।

रूबियो नई दिल्ली में आयोजित होने वाली ‘क्वाड’ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लेंगे। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक के दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों, समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूबियो का यह दौरा भारत-अमेरिका रिश्तों में नई ऊर्जा भरने और दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।

नई दिल्ली में सेना कमांडरों का सम्मेलन संपन्न हुआ

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

द्विवार्षिक सेना कमांडरों का सम्मेलन (एसीसी) 16 अप्रैल, 2026 को समाप्त हुआ। यह सम्मेलन 13 अप्रैल से शुरु हुआ था। सेना प्रमुख (सीओएएस) की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने भाग लिया। कैबिनेट सचिव, रक्षा प्रमुख, रक्षा सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (एनएसबीए) अध्यक्ष के अलावा नौसेना प्रमुख सहित सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने संबोधित किया। ‘भविष्य के लिए तैयार बल’ के रूप में विकसित होने की परिकल्पना के अनुरूप भारतीय सेना ने वर्ष 2026 को “नेटवर्किंग और डेटा केंद्रितता” का वर्ष घोषित किया है।

सम्मेलन में आधुनिकीकरण, युद्ध अभियानों में प्रौद्योगिकी का समावेश, सैद्धांतिक और प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं के साथ-साथ परिचालन तत्परता बढ़ाने और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए नेटवर्किंग और डेटा केंद्रितता से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की गई। ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबक और वैश्विक स्तर पर मौजूदा परिचालन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, वरिष्ठ सेना नेतृत्व ने मानवरहित हवाई प्रणालियों (यूएएस) और प्रतिमानवरहित हवाई प्रणालियों (सी-यूएएस) के उपयोग सहित परिचालन क्षमता संबंधी आवश्यकताओं पर भी ध्यान केंद्रित किया।

विशिष्ट वक्ताओं ने बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और उभरते वैश्विक, क्षेत्रीय और आंतरिक सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर प्रकाश डाला। वैश्विक संघर्षों से प्राप्त सबकों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए, वक्ताओं ने देश की रणनीतिक और सुरक्षा हितों की गारंटीकृत सुरक्षा के लिए कठोर शक्ति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अंतर-मंत्रालयी समन्वय, नागरिक और सैन्य संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल और जटिल सुरक्षा चुनौतियों के समन्वित राष्ट्रीय समाधान के लिए राष्ट्रव्यापी दृष्टिकोण पर जोर दिया। चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि वर्तमान आपूर्ति श्रृंखला संकट को देखते हुए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और दीर्घकालिक रणनीतिक लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पहुंचे मुंबई; पीएम मोदी के साथ आज होगी द्विपक्षीय बैठक

मुंबई/नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मुंबई पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष निमंत्रण पर भारत आए राष्ट्रपति मैक्रों का यह चौथा और मुंबई का पहला दौरा है।रणनीतिक साझेदारी और ‘हॉरिजोन 2047’ पर चर्चा :आज दोपहर 3:15 बजे मुंबई के लोक भवन में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होगी। इस मीटिंग के दौरान दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे और इसे नए क्षेत्रों में विस्तार देने पर चर्चा करेंगे। साथ ही, ‘हॉरिजोन 2047’ रोडमैप और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा।

ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन :शाम करीब 5:15 बजे दोनों नेता ‘भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वे दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स, स्टार्टअप्स और रिसर्चर्स की एक संयुक्त बैठक को भी संबोधित करेंगे।

दिल्ली में एआई समिट में होंगे शामिल: मुंबई के कार्यक्रमों के बाद राष्ट्रपति मैक्रों दिल्ली रवाना होंगे, जहाँ वे 19 फरवरी को ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ (AI Impact Summit) में हिस्सा लेंगे। गौरतलब है कि इस समिट का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया है और इसमें फ्रांस सहित 13 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।

राहुल गांधी का दिल्ली में तीखा बयान: बोले-‘वोट चोरी लोकतंत्र पर सीधा हमला है’

नेशनल डेस्क: आज नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि “वोट चोरी” देश में लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोगों की आवाज दबाई जाती है और चुनाव की पवित्रता का उल्लंघन होता है, तो यह संविधान की भावना को कमजोर करता है।

राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी सिर्फ किसी एक पार्टी के खिलाफ नहीं है, बल्कि देश के हर नागरिक के अधिकारों पर हमला है। उन्होंने दावा किया कि अगर चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं होगी, तो आम आदमी का लोकतंत्र पर से भरोसा टूट जाएगा। उन्होंने लोगों से अपने वोट के अधिकार की रक्षा के लिए एक साथ आने की अपील की।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सच्चाई और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी नहीं होगी, तब तक लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता। राहुल गांधी के इस बयान के बाद देश की राजनीति में चुनाव प्रक्रिया और चुनावी संस्थाओं की भूमिका पर एक नई चर्चा छिड़ गई है।