लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण संशोधन बिल: दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने से केंद्र सरकार को लगा बड़ा झटका
नेशनल डेस्क: संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में गिर गया है,। सदन में हुई वोटिंग के दौरान विधेयक के पक्ष में 278 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 211 मत दर्ज किए गए, जिसके कारण यह पारित होने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका,। इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2029 के लोकसभा चुनावों से महिलाओं को 33% आरक्षण प्रदान करना और लोकसभा सीटों की संख्या को 543 से बढ़ाकर 850 करना था।
विपक्ष ने इस आरक्षण को परिसीमन (Delimitation) और 2011 की जनगणना से जोड़ने पर कड़ा विरोध जताया, वहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण के बजाय “भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास” करार दिया,। गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा का जवाब देते हुए रिकॉर्ड भागीदारी का जिक्र किया और कहा कि इस चर्चा में 56 महिला सांसदों ने हिस्सा लिया, जो एक नया रिकॉर्ड है।
हालांकि, नए विधेयक के गिरने की संभावना को देखते हुए सरकार ने 16 अप्रैल की आधी रात को ही ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ को नोटिफाई कर दिया था, ताकि महिला आरक्षण का मूल आधार बना रहे।

