ब्रेकिंग न्यूज़
आईपीएल में स्मार्ट चश्मों के इस्तेमाल पर रोक, खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के लिए नया निर्देश जारी

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) ने इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) में खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों द्वारा स्मार्ट चश्मों (स्मार्ट ग्लासेस) के इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। इस कदम को तकनीकी सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और मैच की निष्पक्षता बनाए रखने से जोड़कर देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब खेलों में वियरेबल टेक्नोलॉजी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और कई डिवाइस वास्तविक समय में वीडियो रिकॉर्डिंग, डेटा ट्रांसमिशन और लाइव स्ट्रीमिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं। बोर्ड का मानना है कि इस तरह के उपकरण मैच के दौरान अनधिकृत संचार या संवेदनशील जानकारी के दुरुपयोग का जोखिम पैदा कर सकते हैं।

नए निर्देश के तहत किसी भी खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ या मैच अधिकारी को मैदान के भीतर या ड्रेसिंग रूम क्षेत्र में स्मार्ट चश्मों का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी के पास ऐसे उपकरण पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल हटाने और संबंधित कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

बीसीसीआई के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम खेल की पारदर्शिता और “कॉन्टैक्टलेस डेटा एक्सेस” जैसे संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है। बोर्ड पहले से ही मैच के दौरान संचार उपकरणों, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग पर सख्त नियम लागू करता रहा है, और यह नया प्रतिबंध उसी नीति का विस्तार माना जा रहा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक क्रिकेट में तकनीक का उपयोग प्रशिक्षण और प्रदर्शन विश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण हो गया है, लेकिन मैदान के अंदर ऐसे उपकरणों पर नियंत्रण जरूरी है ताकि किसी भी तरह की अनुचित जानकारी लीक या रणनीतिक बढ़त न मिल सके।

फ्रेंचाइजी टीमों को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है और सभी को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। खिलाड़ियों के लिए प्री-मैच ब्रीफिंग में इस नियम को दोहराए जाने की संभावना है।

आईपीएल में पहले भी तकनीकी उपकरणों के उपयोग को लेकर समय-समय पर नियम कड़े किए जाते रहे हैं। इस नए प्रतिबंध को उसी दिशा में एक और सख्त कदम माना जा रहा है, जिससे लीग की निष्पक्षता और सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा सके।

महिला टी20 विश्व कप में दिखेगी भारतीय महिला अधिकारियों की मजबूत मौजूदगी, आईसीसी पैनल में चार भारतीय शामिल

दुबई / सत्ता संदेश

International Cricket Council ने इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से शुरू होने वाले महिला टी20 विश्व कप के लिए मैच अधिकारियों के 18 सदस्यीय पैनल की घोषणा कर दी है। खास बात यह है कि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए चुने गए पूरे पैनल में केवल महिला अधिकारी शामिल हैं। इस सूची में भारत की चार महिला अधिकारियों को भी जगह मिली है, जिनमें अनुभवी मैच रेफरी GS Lakshmi का नाम प्रमुख है।

आईसीसी द्वारा लगातार तीसरी बार महिला टी20 विश्व कप के लिए पूरी तरह महिला अधिकारियों का पैनल नियुक्त किया गया है। इसे महिला क्रिकेट और खेल प्रशासन में बढ़ती भागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारतीय अधिकारियों में जीएस लक्ष्मी के अलावा अंपायरिंग से जुड़े अन्य भारतीय नाम भी शामिल किए गए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय महिला अधिकारियों की बढ़ती प्रतिष्ठा को बल मिला है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारतीय महिला क्रिकेट प्रशासन और अंपायरिंग प्रतिभा के लिए गर्व का विषय है।

इस बार टूर्नामेंट में कई नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। कैन्डेस ला बोर्ड, गायत्री वेणुगोपालन, केरिन क्लास्टे और शथीरा जाकिर जेसी पहली बार महिला टी20 विश्व कप के मैच अधिकारियों के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगी। आईसीसी का कहना है कि इन अधिकारियों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है, जिसके आधार पर उन्हें इस बड़े मंच के लिए चुना गया।

महिला क्रिकेट के लगातार बढ़ते प्रभाव और लोकप्रियता के बीच आईसीसी महिला अधिकारियों को अधिक अवसर देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के फैसले खेल में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ-साथ नई पीढ़ी की महिला अंपायरों और मैच अधिकारियों को प्रेरित करेंगे।

इंग्लैंड और वेल्स में आयोजित होने वाला महिला टी20 विश्व कप इस बार कई मायनों में खास माना जा रहा है। दुनिया की शीर्ष महिला क्रिकेट टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी, वहीं मैदान के भीतर और बाहर महिला नेतृत्व की मजबूत उपस्थिति भी देखने को मिलेगी।

क्रिकेट जगत में भारतीय महिला अधिकारियों की बढ़ती भूमिका को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। जीएस लक्ष्मी पहले भी कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मैच रेफरी की भूमिका निभा चुकी हैं और उन्हें महिला क्रिकेट प्रशासन में अग्रणी चेहरों में गिना जाता है।

अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर आगामी महिला टी20 विश्व कप पर टिकी है, जहां खिलाड़ियों के साथ-साथ महिला मैच अधिकारियों की पेशेवर क्षमता भी वैश्विक मंच पर दिखाई देगी।