ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला, बोलीं- 177 सीटों पर धांधली हुई, पुलिस कार्यकर्ताओं को रोक रही है
कोलकाता /सत्ता संदेश
पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनी है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 15 साल के बाद सत्ता से बेदखल हुई है। 15 साल बाद तृणमूल को उखाड़ फेंकने वाली भाजपा आत्मविश्वास से लबरेज है। तृणमूल कांग्रेस इस करारी हार के बाद चुनाव में धांधली के आरोप लगा रही है। दोनों दलों के आक्रामक तेवरों के बीच आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विरोध-प्रदर्शन का एलान किया। टीएमसी की तरफ से हुए इस हल्लाबोल के बीच भाजपा ने सोनारपुर में हुई मारपीट और हिंसा के मामले में तृणमूल को घेरा है। भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने कहा है कि उनके दल पर तृणमूल के ऐसे राजनीतिक हथकंडों का कोई असर नहीं पड़ेगा।
कल्याण बनर्जी ने क्या-क्या आरोप लगाए?
कल्याण बनर्जी ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी शांतिनिकेतन से पैसा लाकर पुलिस का वेतन नहीं देते हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को याद दिलाया कि समय हमेशा बदलता रहता है, इसलिए सभी को अपनी ड्यूटी निष्पक्ष तरीके से करनी चाहिए। टीएमसी नेता के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि 29 मई को ही प्रशासन को 2 जून के धरना प्रदर्शन की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन कोलकाता पुलिस ने आखिरी समय तक कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि देर रात अनुमति मिलने के कारण प्रदर्शन स्थल पर साउंड सिस्टम और स्पीकर नहीं लगाए जा सके। टीएमसी ने इसे प्रशासन की जानबूझकर की गई देरी बताया है।
कल्याण बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ लगातार हिंसा और कार्रवाई की जा रही है। पार्टी की ओर से कहा गया कि अब तक 25 से 30 कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है, जबकि 5,000 से 8,000 समर्थकों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। टीएमसी का दावा है कि करीब 3,000 घरों को भी तोड़ दिया गया है।
टीएमसी सोनारपुर में मारपीट होने के अलावा कई अन्य मामलों के खिलाफ भी आक्रोशित
इससे पहले टीएमसी नेताओं ने पार्टी के नेताओं पर हुए हमलों के विरोध में प्रदर्शन किया। तृणमूल इसलिए भी आक्रामक है भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ सोनारपुर में मारपीट होने के अलावा कई अन्य नेताओं के साथ भी कथित तौर पर ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के बाद धरना
ममता बनर्जी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल नेताओं के इस विरोध-प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य नेताओं के खिलाफ हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज उठाना है। प्रदर्शन से पहले टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ मिलकर भारत रत्न बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व सीएम ममता हाथ में संविधान की किताब लेकर श्रद्धांजलि देने पहुंचीं थीं।

