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नितिन गडकरी ने NHLML परियोजनाओं की समीक्षा की, मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से पूरा करने के निर्देश

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड-एनएचएलएमएल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और देश भर में विकसित किए जा रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, रोपवे, इंटरमॉडल स्टेशन और सड़क मार्ग किनारे विकसित की जा रही सुविधाओं में प्रगति का आकलन किया।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर यात्रा सुगम बनाने और सुविधाएं बढ़ाने के काम में लगी है।

बैठक में गडकरी ने भविष्य अनुरूप एकीकृत परिवहन प्रणाली निर्मित करने की इन परिवर्तनकारी पहल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं बहुआयामी संपर्क मजबूत बनाएंगी, नए आर्थिक अवसर खोलेंगी, संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देंगी और भारत की समग्र प्रचालन प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएंगी।

गडकरी ने परियोजना कार्यान्वयन में बाधक प्रमुख चुनौतियों का मूल्यांकन किया और सभी पक्षधारकों को प्राथमिकता के आधार पर इन्‍हें दूर करने और परियोजना निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिये। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से प्रचालन दक्षता में सुधार होगा, परिवहन लागत कम होगी और यात्रियों को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और सुविधाएं मिलेंगी। इससे विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत दृष्टि योजना आगे बढ़ाई जा सकेगी।

नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर: बन रही सड़कों पर टोल टैक्स में 70% तक की भारी छूट

बिजनेस डेस्क: केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लाखों गाड़ी चलाने वालों को बड़ी राहत दी है। सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने टोल टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए बन रहे हाईवे पर टोल में 70% तक की छूट देने का ऐलान किया है। यह फैसला उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो सड़क बनने के दौरान ट्रैफिक जाम और धूल जैसी दिक्कतों के बावजूद पूरा टोल देते थे।नए नियमों और छूट की जानकारी सड़क परिवहन मंत्रालय ने नेशनल हाईवे टोल नियम, 2008 में बदलाव किए हैं:

टू-लेन से फोर-लेन: अगर किसी टू-लेन सड़क को चौड़ा करके फोर-लेन या उससे ज़्यादा किया जा रहा है, तो गाड़ी चलाने वालों को कंस्ट्रक्शन का काम पूरा होने तक तय टोल का सिर्फ 30% ही देना होगा। इससे सीधे तौर पर यात्रियों का 70% पैसा बचेगा।

फोर-लेन से छह/आठ-लेन: अगर किसी फोर-लेन हाईवे को छह या आठ लेन में अपग्रेड किया जा रहा है, तो यात्रियों को टोल में 25 परसेंट की छूट मिलेगी, यानी उन्हें टोल का सिर्फ़ 75 परसेंट ही देना होगा।

कब से लागू होगा नियम? सरकार की तरफ़ से जारी एक नोटिफ़िकेशन के मुताबिक, यह नया नियम नए साल 2026 से लागू हो गया है। यह नियम न सिर्फ़ नए प्रोजेक्ट्स पर बल्कि उन सभी मौजूदा हाईवे प्रोजेक्ट्स पर भी लागू होगा जहाँ सड़क चौड़ी करने का काम चल रहा है।

पूरे देश में रोड नेटवर्क को मज़बूत किया जाएगा: अधिकारियों के मुताबिक, देश में करीब 25 से 30 हज़ार किलोमीटर टू-लेन सड़कों को फोर-लेन में बदला जाना है, जिस पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।

सरकार का मुख्य लक्ष्य हाईवे पर माल ढुलाई का हिस्सा 40 परसेंट से बढ़ाकर 80 परसेंट करना है। गौरतलब है कि टोल रोड की लागत पूरी होने के बाद सिर्फ 40 प्रतिशत टोल टैक्स लेने का नियम पहले से ही लागू है, लेकिन अब बन रही सड़कों पर भी लोगों की जेब पर बोझ कम होगा।