बजट 2026: मिडिल क्लास को झटका, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं और इन्वेस्टमेंट पर कोई राहत नहीं
नई दिल्ली: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी, 2026 को देश का आम बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने आम आदमी, किसानों, महिलाओं और युवाओं पर फोकस करने का दावा किया है, लेकिन मिडिल क्लास की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
टैक्स सिस्टम में कोई बदलाव नहीं: मिडिल क्लास की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स में छूट मिलने की थी। पिछले सालों के अंदाजों के उलट, सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग भी पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा, नए टैक्स सिस्टम में PPF, NPS और ELSS जैसी स्कीम पर कोई एक्स्ट्रा टैक्स छूट नहीं दी गई है।
शेयर बाजार में हंगामा: बजट की घोषणाओं से निराश शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स करीब 2300 पॉइंट और निफ्टी 495 पॉइंट गिर गया। इस गिरावट की मुख्य वजह F&O ट्रेडिंग पर ट्रांज़ैक्शन चार्ज में बढ़ोतरी और टैक्स रेट में कमी न होना माना जा रहा है।
CNG यूज़र्स को राहत और लग्ज़री कारें सस्ती होंगी: बजट में CNG यूज़र्स के लिए अच्छी खबर है क्योंकि बायोगैस पर टैक्स ज़ीरो कर दिया गया है, जिससे गाड़ी चलाना सस्ता हो सकता है। दूसरी ओर, इंडिया-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की वजह से यूरोप से आने वाली महंगी लग्ज़री कारों (जैसे मर्सिडीज़, पोर्शे, बेंटले) पर कस्टम ड्यूटी कम हो जाएगी, जिससे ये कारें सस्ती हो जाएंगी।
दूसरे तबकों की निराशा
#किसान: PM किसान सम्मान निधि की रकम 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ।
#सीनियर सिटिज़न्स: सीनियर सिटिज़न्स को रेलवे किराए या हेल्थ इंश्योरेंस में कोई खास राहत नहीं मिली।
नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाला है, जिससे टैक्सपेयर्स को आसानी होने का दावा किया जा रहा है।

