ब्रेकिंग न्यूज़
पंजाब कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ED की छापेमारी, CM भगवंत मान ने BJP पर साधा निशाना

पंजाब डेस्क: पंजाब की राजनीति में आज उस समय हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास और उनके सहयोगियों से जुड़े चार परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली और चंडीगढ़ सहित दिल्ली-NCR क्षेत्र में की जा रही है।

घोटाले के आरोप: यह छापेमारी “हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड” के दफ्तरों और अरोड़ा के आवास पर चल रही है। ED का आरोप है कि कंपनी ने ₹100 करोड़ से अधिक के फर्जी मोबाइल फोन बिल तैयार कर दुबई से अवैध धन भारत मंगाया। इसमें नकली GST बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठाने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने की बात भी सामने आई है।

हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग: जांच एजेंसी को शक है कि इस नेटवर्क में हवाला और विदेशी फंडिंग शामिल है, जहाँ दुबई के पैसे को भारत में वैध निवेश दिखाने की कोशिश की गई।

CM भगवंत मान की प्रतिक्रिया: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि “भाजपा की ED” एक साल में तीसरी बार अरोड़ा के घर आई है। उन्होंने मोदी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि पंजाब गुरुओं और भगत सिंह की धरती है, जो ऐसी चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा।

इसके साथ ही, दक्षिण भारत की राजनीति में भी हलचल है जहाँ तमिलनाडु में TVK प्रमुख विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ पर सस्पेंस बना हुआ है क्योंकि राज्यपाल को अभी भी कुछ सहयोगी दलों के समर्थन पत्र का इंतजार है।

सस्पेंड DIG भुल्लर पर ED का शिकंजा: चंडीगढ़ समेत 11 ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा

पंजाब डेस्क : भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं,। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत भुल्लर और उनके सहयोगियों से जुड़े 11 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। यह छापेमारी चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य बेनामी संपत्तियों और अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का पता लगाना है।

सीबीआई की जांच में मिला था कुबेर का खजाना : इससे पहले सीबीआई (CBI) द्वारा की गई छापेमारी में भुल्लर के ठिकानों से चौंकाने वाली बरामदगी हुई थी। जांच एजेंसी को लगभग ₹7.36 करोड़ कैश, 2.5 किलो सोना, और ₹2.32 करोड़ के चांदी के आभूषण मिले थे। इसके अलावा, उनके पास से 26 लग्जरी घड़ियां (रोलेक्स और राडो), मर्सिडीज और ऑडी जैसी कारें, और 108 विदेशी शराब की बोतलें बरामद की गई थीं। दस्तावेजों के अनुसार, उनके परिवार के नाम पर 50 से अधिक अचल संपत्तियां दर्ज हैं।

क्या है पूरा मामला? डीआईजी भुल्लर को 16 अक्टूबर 2025 को एक कबाड़ कारोबारी से 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और 5 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। उन पर आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया है। फिलहाल वे चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। हाल ही में, 10 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद : चंडीगढ़ की विशेष अदालत ने सीबीआई को अन्य अज्ञात लोक सेवकों और बिचौलियों के खिलाफ नई जांच की अनुमति दे दी है। जांच के दौरान मिली एक डायरी और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से संकेत मिले हैं कि पंजाब के कई अन्य वरिष्ठ आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारी भी इस संगठित भ्रष्टाचार नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।

भ्रष्टाचार के आरोपी यूक्रेन के पूर्व ऊर्जा मंत्री सीमा पर गिरफ्तार; देश छोड़कर भागने की फिराक में थे गालुशचेंको

इंटरनेशनल डेस्क : यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे पूर्व ऊर्जा मंत्री जर्मन गालुशचेंको (German Galushchenko) को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें रविवार को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे अवैध रूप से देश की सीमा (स्टेट बॉर्डर) पार कर भागने की कोशिश कर रहे थे।

100 मिलियन डॉलर का भ्रष्टाचार : घोटाला नेशनल एंटी-करप्शन ब्यूरो ऑफ यूक्रेन (NABU) के अनुसार, गालुशचेंको देश के ऊर्जा क्षेत्र में हुए एक बड़े भ्रष्टाचार घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश में शामिल हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह करीब 100 मिलियन डॉलर (लगभग 800 करोड़ रुपये से अधिक) की एक बड़ी स्कीम थी, जिसमें सरकारी न्यूक्लियर ऑपरेटर से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स में हेरफेर की गई थी।

रिश्वत और अवैध लेनदेन के आरोप: गालुशचेंको पर आरोप है कि उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में अवैध वित्तीय प्रवाह (financial flow) को मैनेज करने में मदद की और ठेकेदारों को 10 से 15 प्रतिशत तक की रिश्वत देने के लिए मजबूर किया। यह घोटाला कथित तौर पर बिजनेसमैन तैमूर मिंडिच द्वारा रचा गया था, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह पहले ही यूक्रेन छोड़कर भाग चुका है।

युद्ध के समय भ्रष्टाचार से जनता में आक्रोश: यूक्रेन इस समय रूस के भीषण हमलों का सामना कर रहा है और उसका ऊर्जा ढांचा (Energy Infrastructure) पूरी तरह तबाह हो चुका है। ऐसे संकटपूर्ण समय में ऊर्जा क्षेत्र में हुए इस बड़े घोटाले और अधिकारियों की संलिप्तता ने यूक्रेन की जनता में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। गालुशचेंको उन कई मंत्रियों में शामिल थे जिन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पिछले साल नवंबर 2025 में अपने पदों से इस्तीफा दिया था।