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संसदीय कार्य मंत्रालय ने सक्रिय भागीदारी और ठोस परिणामों के साथ स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का समापन किया

दिल्ली /सत्ता संदेश

संसदीय कार्य मंत्रालय ने 16 से 30 अप्रैल, 2026 तक स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इसमें मंत्रालय के सभी विभागों/प्रकोष्ठों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। पखवाड़े भर चलने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप स्वच्छता, सफाई, अभिलेख प्रबंधन और कार्यस्थल सुधार पर ध्यान केंद्रित करना था।

यह पखवाड़ा 16 अप्रैल, 2026 को संसदीय कार्य मंत्रालय के सचिव द्वारा सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाए जाने के साथ शुरू हुआ। स्वच्छता संबंधी संदेशों को मंत्रालय की वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जागरूकता को और बढ़ाया गया।

17 अप्रैल, 2026 को एक समर्पित अभिलेख प्रबंधन और डिजिटलीकरण अभियान चलाया गया। इस दौरान 92 फाइलों का डिजिटलीकरण किया गया, 60 फाइलों की समीक्षा की गई, अभिलेख प्रतिधारण अनुसूची के अनुसार 40 भौतिक फाइलों को हटा दिया गया और 38 ई-फाइलों को बंद कर दिया गया।

पूरे पखवाड़े में व्यापक स्वच्छता एवं रखरखाव कार्य किए गए। इनमें सीपीडब्ल्यूडी द्वारा सभी कमरों में बिजली के उपकरणों की सफाई और फ्यूज्ड बल्ब/ट्यूबलाइटों की मरम्मत के साथ-साथ कार्यालयों, गलियारों और सार्वजनिक क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान शामिल था। आवश्यकतानुसार कमरों की सफेदी भी कराई गई।

ग्रीन ऑफिस इनिशिएटिव के तहत, कार्यस्थल के वातावरण को बेहतर बनाने के लिए सीपीडब्ल्यूडी के बागवानी विभाग ने इनडोर पौधे लगाए।

29 अप्रैल, 2026 को संसदीय कार्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मंत्रालय के विभिन्न विभागों/कार्यालयों में स्वच्छता और सफाई मानकों का आकलन करने के लिए निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के आधार पर ही स्वच्छता मानकों के अनुसार विभागों का वर्गीकरण भी किया गया।

यह स्वच्छता पखवाड़ा 30 अप्रैल, 2026 को एक समारोह के साथ संपन्न हुआ। इसमें संसदीय कार्य सचिव ने शीर्ष तीन प्रदर्शन करने वाले अनुभागों को स्मृति चिन्ह वितरित किए। इस अवसर पर अपर सचिव भी उपस्थित थे। समारोह के दौरान, सचिव ने अन्य अनुभागों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अनुभागों का अनुकरण करने और स्वच्छता मानकों तथा अपने कार्यस्थलों के समग्र वातावरण को बेहतर बनाकर और अधिक सुधार के लिए प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।

संसदीय कार्य मंत्रालय ने स्वच्छता, कुशल अभिलेख प्रबंधन और एक स्थायी कार्य वातावरण को शासन के अभिन्न घटकों के रूप में संस्थागत रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

न्याय विभाग ने स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया

न्याय विभाग ने 1 अप्रैल से 15 अप्रैल, 2026 तक स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का आयोजन किया, जिसमें सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता और मानसिक कल्याण के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई गतिविधियों का आयोजन किया गया।

विभाग द्वारा 2 अप्रैल, 2026 को सभी कर्मचारियों के लिए आधे घंटे का योग सत्र आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को योग को अपने जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। यह सत्र पखवाड़ा अवधि के दौरान आयोजित किया गया था ताकि कर्मचारियों को व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुन:सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित किया जा सके।

स्वच्छता और साफ-सफाई पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए विभाग में 09 अप्रैल, 2026 को अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हिंदी में एक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।

10 अप्रैल, 2026 को जैसलमेर हाउस परिसर में श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके बाद सचिव (न्याय) श्री नीरज वर्मा के मार्गदर्शन में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य अधिकारियों को अपने निवास स्थान के आस-पास या किसी उपयुक्त स्थान पर वृक्षारोपण में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है ताकि पर्यावरण को हरा-भरा बनाया जा सके। सचिव (न्याय) ने स्वच्छ, हरित और सतत पर्यावरण को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

स्वच्छता दिवस के अवसर पर न्याय विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के बच्चों के लिए 10 अप्रैल, 2026 को एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यह उनके लिए एक मजबूत प्रेरणा का स्रोत बना।

पखवाड़े के दौरान, विभाग ने 13 अप्रैल, 2026 को आईजीओटी मिशन एलआईएफई (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) पर एक सत्र/मॉड्यूल का आयोजन किया, ताकि सभी लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत दैनिक कार्यों को सीख सकें और अपना सकें, साथ ही जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ‘पर्यावरण समर्थक लोगों’ का एक नेटवर्क विकसित कर सकें। सत्र का उद्देश्य ‘उपयोग करो और फेंक दो’ अर्थव्यवस्था को ‘चक्रीय अर्थव्यवस्था’ से बदलने के लिए जागरूकता पैदा करना था, जिसमें पर्यावरण स्थिरता के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर जोर दिया गया था।

स्वच्छता पखवाड़ा समारोह के दौरान, न्याय विभाग ने भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती पर, मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा का ‘माल्यर्पण’ समारोह भी आयोजित किया। यह कार्यक्रम भारतीय संविधान के निर्माता को श्रद्धांजलि अर्पित करने और समानता, न्याय, सामाजिक सशक्तिकरण और महिलाओं, श्रमिकों और हाशिए पर पड़े समुदायों के सामाजिक सुधारों के उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए आयोजित किया गया था। विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने जैसलमेर हाउस परिसर के सामने स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

डॉ. अंबेडकर के समाज में किए गए अभूतपूर्व योगदान को याद करते हुए, न्याय विभाग के सचिव श्री नीरज वर्मा, विभाग के पूर्व सचिवों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस अवसर पर डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इन गतिविधियों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यस्थलों और अन्य स्थानों पर स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई। पखवाड़े के दौरान आयोजित स्वच्छता गतिविधियों/प्रतियोगिताओं की विभिन्न श्रेणियों में अधिकारियों को कई पुरस्कार दिए गए। विभाग स्वच्छ भारत मिशन के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध है और नियमित पहलों, अभियानों और गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता और स्थिरता को बढ़ावा देना जारी रखेगा।

संत सीचेवाल ने बुड्ढा दरिया को अपनाने का दिया आह्वान

बुड्ढा दरिया के पास के गांवों में भूजल स्तर 10 फीट तक बढ़ा

नदियां और दरिया को साफ रखना पंजाबियों की सामूहिक जिम्मेदारी – संत सीचेवाल

भूखड़ी खुर्द के तट पर लगातार दूसरे साल भी मनाई गई बैसाखी

“पानी भी साफ हुआ और हवा भी शुद्ध हुई है”

लुधियाना/ सत्ता संदेश

भूखड़ी खुर्द क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से बुड्ढा दरिया में साफ पानी बहने से उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। इस इलाके में भूमिगत जल स्तर 10–10 फीट तक ऊपर उठ गया है। साफ पानी बहने के कारण प्रवासी पक्षियों की आमद बढ़ी है और इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। गांव भामियां से गुजरने वाले दरिया के पानी के टीडीएस स्तर में भी काफी सुधार आया है।

राज्यसभा सदस्य और पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने लोगों से अपील की कि वे बुड्ढा दरिया को अपना समझकर इसकी देखभाल करें। भूखड़ी खुर्द के गुरुद्वारा साहिब में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बैसाख माह की कथा करते हुए उन्होंने कहा कि नदियां और दरिया हमारी विरासत हैं और इन्हें संभालना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने संगत को बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 1699 में इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना हुई थी और सतलुज नदी के जल से अमृत तैयार किया गया था। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी तक सभी गुरुओं ने जल से गहरा संबंध बनाए रखा।

संत सीचेवाल ने कहा कि हमारा नदियों से सदियों पुराना रिश्ता है। जब हम इन्हें अपना मान लेंगे तो कोई भी इन्हें गंदा करने की हिम्मत नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार दरिया का पानी और अधिक साफ है और इसका टीडीएस लगभग 185 के आसपास दर्ज किया गया।

लुधियाना शहर की मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर गिल ने संत सीचेवाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बुड्ढा नाले को फिर से दरिया का रूप दे दिया, जो एक असंभव कार्य को संभव बनाने जैसा है।

गांव के सरपंच सतपाल सिंह ने कहा कि जो लोग दरिया को प्रदूषित करते हैं, वे अपराध कर रहे हैं। उन्होंने डेयरी संचालकों से अपील की कि वे अब साफ हो चुके दरिया को दोबारा गंदा न करें। उन्होंने यह भी दावा किया कि इलाके में भूजल स्तर 10 फीट तक बढ़ गया है और दरिया की साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।

बुड्ढा दरिया की सफाई के लिए चल रही कार सेवा के तहत भूखड़ी खुर्द के तट पर इस वर्ष भी बैसाखी मनाई गई। दरिया के किनारों को हरा-भरा बनाने के लिए फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने दरिया में स्नान किया और बच्चों ने पानी में खेलते हुए आनंद लिया। संत अवतार सिंह यादगारी स्कूल के विद्यार्थियों ने कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को आनंदित किया।

इस मौके पर संत बाबा बग्गा सिंह जी, विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल, सुरजीत सिंह शंटी, सरपंच करमजीत सिंह खासीकलां, सरपंच मलकीत कौर तलवंडी माधोपुर, सरपंच जोगा सिंह चक चेला, सरपंच बूटा सिंह सीचेवाल, सरपंच गुरु रामदास नगर, बलविंदर सिंह विर्क, जसवीर सिंह ग्रेवाल, पूर्व सरपंच बलकार सिंह, चेयरमैन तरसेम सिंह चक चेला, गुरमेल सिंह, हरदेव सिंह दौधर, कुलविंदर कौर मिन्हास, मदनपुरी के कविशरी जत्था और जेई मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में यहां दरिया में 5 से 6 फीट तक गाद जमा थी, जिसे हटाने के लिए लगातार 40 दिनों तक एक्स्कावेटर, जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से सफाई अभियान चलाया गया था।

बॉक्स आइटम:
गांव के शुद्ध किए गए पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए भूमि रक्षा विभाग द्वारा सोलर मोटर स्थापित की गई है, जिससे “सीचेवाल मॉडल” के तहत जल प्रबंधन को मजबूती मिली है।