संत सीचेवाल ने बुड्ढा दरिया को अपनाने का दिया आह्वान
बुड्ढा दरिया के पास के गांवों में भूजल स्तर 10 फीट तक बढ़ा
नदियां और दरिया को साफ रखना पंजाबियों की सामूहिक जिम्मेदारी – संत सीचेवाल
भूखड़ी खुर्द के तट पर लगातार दूसरे साल भी मनाई गई बैसाखी
“पानी भी साफ हुआ और हवा भी शुद्ध हुई है”
लुधियाना/ सत्ता संदेश
भूखड़ी खुर्द क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से बुड्ढा दरिया में साफ पानी बहने से उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। इस इलाके में भूमिगत जल स्तर 10–10 फीट तक ऊपर उठ गया है। साफ पानी बहने के कारण प्रवासी पक्षियों की आमद बढ़ी है और इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। गांव भामियां से गुजरने वाले दरिया के पानी के टीडीएस स्तर में भी काफी सुधार आया है।
राज्यसभा सदस्य और पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने लोगों से अपील की कि वे बुड्ढा दरिया को अपना समझकर इसकी देखभाल करें। भूखड़ी खुर्द के गुरुद्वारा साहिब में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बैसाख माह की कथा करते हुए उन्होंने कहा कि नदियां और दरिया हमारी विरासत हैं और इन्हें संभालना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने संगत को बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 1699 में इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना हुई थी और सतलुज नदी के जल से अमृत तैयार किया गया था। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी तक सभी गुरुओं ने जल से गहरा संबंध बनाए रखा।
संत सीचेवाल ने कहा कि हमारा नदियों से सदियों पुराना रिश्ता है। जब हम इन्हें अपना मान लेंगे तो कोई भी इन्हें गंदा करने की हिम्मत नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार दरिया का पानी और अधिक साफ है और इसका टीडीएस लगभग 185 के आसपास दर्ज किया गया।
लुधियाना शहर की मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर गिल ने संत सीचेवाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बुड्ढा नाले को फिर से दरिया का रूप दे दिया, जो एक असंभव कार्य को संभव बनाने जैसा है।
गांव के सरपंच सतपाल सिंह ने कहा कि जो लोग दरिया को प्रदूषित करते हैं, वे अपराध कर रहे हैं। उन्होंने डेयरी संचालकों से अपील की कि वे अब साफ हो चुके दरिया को दोबारा गंदा न करें। उन्होंने यह भी दावा किया कि इलाके में भूजल स्तर 10 फीट तक बढ़ गया है और दरिया की साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।
बुड्ढा दरिया की सफाई के लिए चल रही कार सेवा के तहत भूखड़ी खुर्द के तट पर इस वर्ष भी बैसाखी मनाई गई। दरिया के किनारों को हरा-भरा बनाने के लिए फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने दरिया में स्नान किया और बच्चों ने पानी में खेलते हुए आनंद लिया। संत अवतार सिंह यादगारी स्कूल के विद्यार्थियों ने कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को आनंदित किया।
इस मौके पर संत बाबा बग्गा सिंह जी, विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल, सुरजीत सिंह शंटी, सरपंच करमजीत सिंह खासीकलां, सरपंच मलकीत कौर तलवंडी माधोपुर, सरपंच जोगा सिंह चक चेला, सरपंच बूटा सिंह सीचेवाल, सरपंच गुरु रामदास नगर, बलविंदर सिंह विर्क, जसवीर सिंह ग्रेवाल, पूर्व सरपंच बलकार सिंह, चेयरमैन तरसेम सिंह चक चेला, गुरमेल सिंह, हरदेव सिंह दौधर, कुलविंदर कौर मिन्हास, मदनपुरी के कविशरी जत्था और जेई मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में यहां दरिया में 5 से 6 फीट तक गाद जमा थी, जिसे हटाने के लिए लगातार 40 दिनों तक एक्स्कावेटर, जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से सफाई अभियान चलाया गया था।
बॉक्स आइटम:
गांव के शुद्ध किए गए पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए भूमि रक्षा विभाग द्वारा सोलर मोटर स्थापित की गई है, जिससे “सीचेवाल मॉडल” के तहत जल प्रबंधन को मजबूती मिली है।

