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केंद्र सरकार पंजाब को विकसित राज्य बनाने के लिए करेगी बड़ी पहल : जंगी लाल महाजन

टांडा / होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसप्रीत सिंह सैनी

भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर टांडा में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष योगेश सपरा और मुकेरियां विधानसभा क्षेत्र के विधायक जंगी लाल महाजन विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ आगामी रणनीति तथा संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए विधायक जंगी लाल महाजन ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देशभर के साथ-साथ पंजाब के विकास के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार तालमेल बनाकर संगठन को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब को विकसित राज्य बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रही है। जालंधर में विकसित आधुनिक रेलवे स्टेशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह दोआबा क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और केंद्र सरकार की विकासवादी सोच का उदाहरण है।

जंगी लाल महाजन ने दावा किया कि पंजाब में हो रहे अधिकांश बड़े विकास कार्य केंद्र सरकार के सहयोग से संभव हो रहे हैं। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और इस संबंध में पार्टी का पक्ष रखा। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में NEET परीक्षा से जुड़े छात्रों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।

बैठक के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए पूरी सक्रियता के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।

नाबार्ड ने मनाया गया 45वां स्थापना दिवस, हरियाणा में ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

नाबार्ड हरियाणा क्षेत्रीय कार्यालय ने 21 जुलाई को हरियाणा सरकार, भारतीय रिज़र्व बैंक, सहकारी संस्थाओं, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) तथा विकास भागीदार संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता के साथ नाबार्ड का 45वां स्थापना दिवस मनाया।

इस कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अपनी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई। उन्होंने नाबार्ड को राष्ट्र की 44 वर्षों की समर्पित सेवा पूर्ण करने पर बधाई दी और कृषि विकास, वित्तीय समावेशन, संस्था निर्माण तथा सतत आजीविका संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण भारत के कायाकल्प में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने नाबार्ड को हरियाणा के एक विश्वसनीय विकास भागीदार बताया और ग्रामीण अवसंरचना, कृषक संस्थाओं, सहकारी समितियों तथा समुदाय-आधारित विकास पहलों को सुदृढ़ करने की दिशा में इसके निरंतर सहयोग की सराहना की।

मुख्य सचिव ने इस बात पर बल दिया कि ग्रामीण हरियाणा के कायाकल्प के लिए सरकारी एजेंसियों, वित्तीय संस्थाओं तथा जमीनी स्तर के संगठनों को शामिल करते हुए एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने विकसित भारत @ 2047 की परिकल्पना के अनुरूप सतत कृषि को बढ़ावा देने, आजीविका के अवसर बढ़ाने, ग्रामीण युवाओं तथा महिलाओं को सशक्त बनाने और लचीले ग्रामीण समुदायों के निर्माण के महत्व को रेखांकित किया।

वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए, उन्होंने संस्थागत वित्त, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, बाजारों तथा नेतृत्व के अवसरों तक अधिक पहुंच सुनिश्चित कर कृषि में महिलाओं के योगदान को पहचानने और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नाबार्ड राज्य में महिला-नेतृत्व विकास को आगे बढ़ाने तथा समावेशी एवं सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखेगा।

इस अवसर पर बोलते हुए, श्रीमती निवेदिता तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड हरियाणा क्षेत्रीय कार्यालय ने हरियाणा में ग्रामीण विकास क्षेत्र के साथ नाबार्ड की गहन सहभागिता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के अंतर्गत, नाबार्ड ने हरियाणा के लिए लगभग ₹15,056 करोड़ स्वीकृत किए हैं और 6,175 अवसंरचना परियोजनाओं को सहयोग प्रदान किया है, जिससे ग्रामीण संपर्क, सिंचाई, पेयजल सुविधाओं तथा समग्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

उन्होंने आगे बताया कि नाबार्ड ने 710 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण और डिजिटलीकरण तथा राज्यभर में 131 कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण संस्थाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन एफपीओ ने 63,369 से अधिक किसानों को संगठित किया है, जिनमें 14,017 महिला सदस्य शामिल हैं, जिससे किसानों को बाजारों, प्रौद्योगिकी तथा मूल्य श्रृंखलाओं तक पहुंच बेहतर बनाने में सहायता मिली है।

मुख्य महाप्रबंधक ने कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नाबार्ड के प्रयासों को रेखांकित किया, जिनसे 2022-23 से अब तक 5,010 से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचा है। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों ने डेयरी पालन, खाद्य प्रसंस्करण, मशरूम की खेती, हस्तशिल्प, सिलाई तथा अन्य ग्रामीण उद्यमों में सतत आजीविका के अवसर सृजित किए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि 28 एफपीओ को कुल ₹11.12 करोड़ की ऋण सहायता के साथ ऋण से जोड़ा गया है, जबकि नौ एफपीओ को ₹60.38 लाख की इक्विटी अनुदान सहायता प्रदान की गई है। नाबार्ड ने वाटरशेड विकास, भूजल प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई, धान की सीधी बुवाई (डीएसआर), सब्जी क्लस्टर संवर्धन तथा किसानों की आय एवं सततता बढ़ाने के उद्देश्य से अन्य नवीन हस्तक्षेपों के माध्यम से जलवायु-अनुकूल कृषि को भी बढ़ावा दिया है।

मुख्य महाप्रबंधक ने हरियाणा में नवाचार को बढ़ावा देने, ग्रामीण संस्थाओं को सुदृढ़ करने, महिला-नेतृत्व विकास को प्रोत्साहित करने तथा सतत एवं समावेशी विकास का समर्थन करने के प्रति नाबार्ड की प्रतिबद्धता को दोहराया।

समारोह के दौरान, राज्य में नाबार्ड द्वारा समर्थित विभिन्न हस्तक्षेपों की प्रमुख विकासात्मक पहलों, उपलब्धियों तथा प्रभाव को दर्शाने वाली एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। कृषि तथा संबद्ध गतिविधियों के ऋण नियोजन, परियोजना मूल्यांकन तथा वित्तपोषण में बैंकों एवं अन्य हितधारकों हेतु संदर्भ के रूप में कार्य करने के लिए एक यूनिट कॉस्ट बुक भी जारी की गई।

ग्रामीण विकास तथा संस्था निर्माण में उनके उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में, कार्यक्रम के दौरान चयनित प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी), कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), शिल्पकारों तथा महिला किसानों उद्यमियों को सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम में शिल्पकारों, एफपीओ तथा ओएफपीओ द्वारा एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें कृषि उपज, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, हस्तशिल्प तथा अन्य मूल्य वर्धित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जो ग्रामीण उत्पादक समूहों की बढ़ती उद्यमशीलता क्षमताओं को दर्शाता है। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के महत्व को भी रेखांकित किया गया, जिसमें कृषि तथा संबद्ध क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व, उद्यमिता तथा भागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

Coronavirus disease 2019

COVID-19 is a contagious disease caused by the coronavirus SARS-CoV-2. In January 2020, the disease spread worldwide, resulting in the COVID-19 pandemic.

The symptoms of COVID‑19 can vary but often include fever,[7] fatigue, cough, breathing difficulties, loss of smell, and loss of taste.[8][9][10] Symptoms may begin one to fourteen days after exposure to the virus. At least a third of people who are infected do not develop noticeable symptoms.[11][12] Of those who develop symptoms noticeable enough to be classified as patients, most (81%) develop mild to moderate symptoms (up to mild pneumonia), while 14% develop severe symptoms (dyspnea, hypoxia, or more than 50% lung involvement on imaging), and 5% develop critical symptoms (respiratory failure, shock, or multiorgan dysfunction).[13] Older people have a higher risk of developing severe symptoms. Some complications result in death. Some people continue to experience a range of effects (long COVID) for months or years after infection, and damage to organs has been observed.[14] Multi-year studies on the long-term effects are ongoing.[15]

COVID‑19 transmission occurs when infectious particles are breathed in or come into contact with the eyes, nose, or mouth. The risk is highest when people are in close proximity, but small airborne particles containing the virus can remain suspended in the air and travel over longer distances, particularly indoors. Transmission can also occur when people touch their eyes, nose, or mouth after touching surfaces or objects that have been contaminated by the virus. People remain contagious for up to 20 days and can spread the virus even if they do not develop symptoms.[16]

Testing methods for COVID-19 to detect the virus’s nucleic acid include real-time reverse transcription polymerase chain reaction (RT‑PCR),[17][18] transcription-mediated amplification,[17][18][19] and reverse transcription loop-mediated isothermal amplification (RT‑LAMP)[17][18] from a nasopharyngeal swab.[20]

Several COVID-19 vaccines have been approved and distributed in various countries, many of which have initiated mass vaccination campaigns. Other preventive measures include physical or social distancing, quarantining, ventilation of indoor spaces, use of face masks or coverings in public, covering coughs and sneezes, hand washing, and keeping unwashed hands away from the face. While drugs have been developed to inhibit the virus, the primary treatment is still symptomatic, managing the disease through supportive care, isolation, and experimental measures.

NEET पेपर लीक पर दोषियों को होगी सजा, नहीं होगा छात्रों का भविष्य बर्बाद : पीएम मोदी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

  • PM मोदी ने कहा कि छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे.
  • छात्रों को लेकर सरकार संवेदनशील है, दलगत राजनीति न हो.
  • PM मोदी ने कहा- पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी.

संसद के मानसूस सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर बड़ी बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे। पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी।

रिजिजू ने कहा कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। नीट पेपर लीक पर पीएम मोदी ने सख्ती, सजा और फुलप्रुफ सिस्टम की बात की. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार छात्रों को लेकर काफी संवेदनशील है. नीट पेपर लीक के मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. री-एग्जाम कराया गया और रिजल्ट में भी कोई विलंब नहीं हुआ. आगे पेपर लीक ना हो, इसके लिए सख्ती से कदम उठाया जाए.

NEET मामले में दलगत राजनीति नहीं हो

आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए. ये सिर्फ एक राज्य नहीं पूरे देश का मामला है. इस मामले में दलगत राजनीति नहीं होना चाहिए. इसके अलावा फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट की चर्चा हुई. पीएम मोदी ने कहा कि किसानों के हित को ध्यान में रखा जाएगा. कोई नुकसान नहीं होने देंगे. रिजिजू ने कहा कि पीएम मोदी ने मार्गदर्शन दिया, देश ने पिछले महीनों में जो सफलता हासिल की उसका जिक्र किया.

नीट पेपर लीक के मुद्दों पर छात्रों का प्रदर्शन

नीट पेपर लीक के मुद्दों पर पिछले करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हो रहा है. इसका नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके कर रहे हैं. छात्रों की एक बड़ी तादाद कुछ विपक्षी दल इसका पुरजोर समर्थन कर रहे हैं. सोमवार को CJP के समर्थक जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकाल रहे थे. पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इसमें कई लोग घायल हुए, जिसमें छात्र और पुलिस के जवान भी शामिल हैं.

हिंसक प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के डेलिगेशन ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. इस दौरान सीजेपी ने सरकार ने मुख्य तीन मांगें रखीं. इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक की अस्पताल से रिहाई और नीट के जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उसे 1 करोड़ का मुआवजा. हालांकि, इन मांगों को लेकर सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. मगर सीजेपी का कहना है कि नड्डा ने उनसे कहा कि वो अपने शीर्ष नेतृत्व से इस मसले पर बात करेंगे.

बाबा बंदा सिंह बहादुर भवन रकबा (लुधियाना) में सावन महीने के संदर्भ में “बलिहारी कुदरत वस्या” विषय पर राज्य स्तरीय चर्चा समूह
  • बाबा बंदा सिंह बहादुर भवन रकबा (लुधियाना) में सावन महीने के संदर्भ में “बलिहारी कुदरत वस्या” विषय पर राज्य स्तरीय चर्चा समूह
  • बाबा बंदा सिंह बहादुर लाइब्रेरी और सिलाई-कढ़ाई केंद्र बहुत जल्द शुरू किया जाएगा – बावा

लुधियाना / सत्ता संदेश

सावन महीने की खुशियों का आनंद लेने के लिए “बलिहारी कुदरत वस्या” विषय पर एक चर्चा समूह शुरू किया गया, जिसमें गुरबानी “सावनु आया हे सखी जलहरु बरसनहार” के शब्द शामिल थे।

इस अवसर पर, 30 अगस्त को श्री हजूर साहिब नांदेड़ जाने वाले जत्थे की तैयारियों के बारे में भी चर्चा की गई। सावन महीने की खुशियों को बाबा बंदा सिंह बहादुर भवन रकबा में गुरबानी “सावनु आया हे सखी जलहरु बरसनहार” के शब्दों के साथ साझा किया गया, जिसे तेज प्रताप सिंह संधू ने श्रद्धा और सम्मान के साथ भेजा था। इस समय ज्ञानी जयराम सिंह ने अरदास करके और खीर और माला पूरों का लंगर लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

कार्यक्रम में मुख्य आयोजक प्रो. गुरभजन सिंह गिल, डॉ. स्वराज सिंह, मलकीत सिंह दाखा, कृष्ण कुमार बावा के अलावा समाजसेवी हेमराज गोयल, साधु सिंह सरपंच, करमजीत कौर चंद्रन, अमरजीत शेरपुरी, करनैल सिंह गिल, जसवंत सिंह छापा, जगपाल सिंह जग्गा जमालपुर, जगदीशपाल सिंह ग्रेवाल, पूर्व सरपंच दाद, हरजीत सिंह रकबा USA, सुरजीत सिंह लोटे, वीके बंसल, मनजीत सिंह झम्मट, जसवीर सिंह राणा झंडे और साधु सिंह दिलशाद खास तौर पर शामिल हुए। इस समय श्री हजूर साहिब नांदेड़ की 22वीं यात्रा के संयोजक तरलोचन सिंह बिलासपुर और जसवंत सिंह छापा ने 30 अगस्त को मिलन दिवस मनाने के लिए AC कोच से यात्रा करने की जानकारी दी।

स्वागत भाषण में बाबा बंदा सिंह बहादुर फाउंडेशन के चेयरमैन कृष्ण कुमार बावा ने कहा कि रकबा (लुधियाना) में मौजूद भवन और शब्द प्रकाश म्यूजियम के अलावा इस कॉम्प्लेक्स में बहुत जल्द एक लाइब्रेरी और सिलाई-कढ़ाई ट्रेनिंग सेंटर भी शुरू किया जा रहा है। लाइब्रेरी के लिए सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से 5 लाख रुपये की ग्रांट मिली है। फाउंडेशन के संरक्षक प्रो. गुरभजन सिंह गिल की तरफ से 151 किताबें और उनकी प्रेरणा से अमेरिका के लेखक धर्म सिंह गोराया की सौ किताबों के अलावा पटियाला के महान विद्वान पद्मश्री डॉ. रतन सिंह जग्गी परिवार की तरफ से एक अलमारी और सौ किताबों का सेट भी आ रहा है।

इस समय बोलते हुए प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने सावन महीने के महत्व पर रोशनी डालते हुए कहा कि गुरबाणी में भी सावन को लेकर खुशियां बांटने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि सावन का संबंध बेटियों और टीस के खास रिश्ते से भी है। उन्होंने कहा कि सावन की खुशियों के साथ-साथ हमें उन परिवारों की खुशियों पर भी ध्यान देने की ज़रूरत है, जिनकी खुशियाँ कुछ अमीर लोगों ने छीन ली हैं। उन्होंने इस महीने में कुदरत की कुर्बानी को पूरा करने के लिए पेड़ लगाने की भी प्रेरणा दी। उन्होंने इस समय खीर, मालपुरा के लंगर और श्री हेमराज गोयल द्वारा लड़कियों के लिए सिलाई सेंटर खोलने की घोषणा की तारीफ़ की। इससे इलाके की बेटियों को हुनरमंद बनाने में मदद मिलेगी।

इस समय पटियाला से आए मशहूर इतिहासकार डॉ. स्वराज सिंह ने बोलते हुए कहा कि जैसे सावन के महीने में धरती पानी की एक-एक बूँद के लिए तरसती है, वैसे ही रूह भी भगवान से मिलने के लिए तरसती है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बाणी दुनिया की मुश्किलों का हल है और पूरी इंसानियत को ज़िंदगी जीने का रास्ता दिखाती है। इस समय दाखा और बावा ने भी अपने विचार रखे और सावन महीने की खासियतों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सावन महीना तीज के त्योहार से जुड़ा है। जब शादीशुदा लड़कियाँ शादी करती हैं तो आकर अपनी सहेलियों से मिलती हैं और एक अलग खुशहाल ज़िंदगी का मज़ा लेती हैं। इस समय अमरजीत शेरपुरी और जगपाल जग्गा ने गीतों के माध्यम से तीज और भाईचारे के महत्व के बारे में बताया।

इस समय प्रसिद्ध लेखक साधु सिंह सरपंच शेखुपुरा ने अपनी पुस्तक मलकीत सिंह दाखा और श्री कृष्ण कुमार बावा को भेंट की और प्रो. गिल ने मेहमानों को “इलाही ज्ञान दा सागर आदि गुरु ग्रंथ साहिब” पुस्तक भेंट की और उन्हें सिरोपा देकर सम्मानित किया। इस समय फाउंडेशन की लुधियाना अध्यक्ष सोनिया अरोड़ा, अमनदीप बावा, जगविंदर सिंह ग्रेवाल लालटन, भूपिंदर सिंह (निष्काम नाम सिमरन सेवा सोसाइटी), गुरप्रीत सिंह, सुखप्रीत सिंह, बादशाहदीप सिंह, गगन बावा, संजय ठाकुर, गुरनाम सिंह कलेर (ओबीसी नेता), अमित कुमार, मा. हरिदेव बावा, वाइस प्रेसिडेंट बैरागी महामंडल, अर्जन बावा, बीबी मनजीत कौर सरोय सोशल वर्कर, गुरिंदरजीत कौर खैरा पटियाला, परम तिवारी, जगजीवन सिंह गरीब (जनरल सेक्रेटरी), अभिनव, जाने-माने पत्रकार विनोद कालिया, गौरवी सरोय, सुखविंदर कौर सोशल वर्कर, हरमिंदर सिद्धू, अमन संधू दाखा, पंकज प्रभाकर, राजिंदर बंसल, मनी खीवा, गगन गौतम, सुखदेव सिंह, बीबी परमजीत कौर मौजूद थे। पूर्व मंत्री श्री मलकीत सिंह दाखा ने आए सभी मेहमानों का धन्यवाद किया।

डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज ने सेंट्रल जेल, महिला जेल और बोरस्टल जेल की चेकिंग की
  • डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज ने सेंट्रल जेल, महिला जेल और बोरस्टल जेल की अचानक चेकिंग की
  • कैदियों की समस्याएं सुनकर उन्हें तुरंत हल करने के निर्देश भी दिए गए

लुधियाना / सत्ता संदेश

डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज-कम-चेयरपर्सन, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, लुधियाना मैडम हरप्रीत कौर रंधावा ने सेंट्रल जेल, महिला जेल और बोरस्टल जेल, लुधियाना की अचानक चेकिंग की।

चेकिंग के दौरान, माननीय डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज ने सेंट्रल जेल, महिला जेल और बोरस्टल जेल के सुपरिटेंडेंट की मौजूदगी में अलग-अलग कैदियों और बंदियों से बात की और उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं। इसके बाद, मौके पर ही जेल अधिकारियों को कैदियों की जायज़ समस्याओं को तुरंत हल करने और ज़रूरी कार्रवाई करने के लिए गाइडलाइन जारी की गईं।

जज ने कैदियों को मुफ़्त कानूनी मदद पाने के उनके अधिकार के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जो कैदी अपने केस की पैरवी के लिए खुद वकील नहीं कर सकते, वे डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, लुधियाना के ज़रिए मुफ़्त कानूनी मदद ले सकते हैं। इसके साथ ही कैदियों को यह भी बताया गया कि फ्री लीगल एड पाने के लिए वे जेल में बने लीगल एड क्लिनिक से संपर्क कर सकते हैं और लीगल एड के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं।

चेकिंग के दौरान जेलों में मिली कुछ कमियों के बारे में माननीय डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जजों ने सुपरिंटेंडेंट को ज़रूरी गाइडलाइंस जारी कीं और निर्देश दिया कि इन कमियों को दूर करने के बाद की गई कार्रवाई की रिपोर्ट डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, लुधियाना को दी जाए।

इस मौके पर मैडम पवलीन सिंह, माननीय चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, लुधियाना भी मौजूद थीं।

बिजली मंत्री ने गिद्दड़विंडी में 66KV ग्रिड सब स्टेशन का किया उद्घाटन

लुधियाना / सत्ता संदेश

  • मान सरकार की एक और पहल – गिद्दड़विंडी में 66 KV ग्रिड सब-स्टेशन का उद्घाटन बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने किया
  • 5 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट से 10 गांवों की बिजली सप्लाई और मजबूत होगी: – बिजली मंत्री

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व और राज्य के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दूर की सोच के तहत, राज्य के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने आज लुधियाना जिले की जगराओं तहसील के गिद्दड़विंडी गांव में एक नए 66 KV ग्रिड सब-स्टेशन का उद्घाटन किया।

इस मौके पर जगराओं विधानसभा क्षेत्र की MLA सर्वजीत कौर मानूके और पावरकॉम के CMD डॉ. बसंत गर्ग भी मौजूद थे।

इस मौके पर बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि राज्य सरकार बिजली उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली सप्लाई देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि PSPCL ने अपने कंज्यूमर्स को बिना रुकावट, भरोसेमंद और बेहतर बिजली सप्लाई पक्का करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है और यह प्रोजेक्ट 5 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट इलाके के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करेगा और गिद्दड़विंडी, लोधीवाल, तिहाड़ा, शेरेवाल, सोधीवाल, मलसियां ​​बाजन, कन्निया, रसूलपुर जंडी, तरफ कोटली और अबूपुरा समेत 10 गांवों के हजारों कंज्यूमर्स को बिना रुकावट और भरोसेमंद बिजली सप्लाई का फायदा मिलेगा।

इस सब-स्टेशन के लिए गांववालों की तरफ से कुल 1 एकड़ 2 कनाल ज़मीन दी गई, जिसमें 1 एकड़ 1 कनाल ज़मीन गिद्दड़विंडी गांव ने और 1 कनाल ज़मीन लोधीवाल गांव ने लोगों के हित में दान की। बिजली मंत्री ने पंजाब सरकार की तरफ से गांववालों के इस योगदान की तारीफ की और इसे लोगों के हित की एक बड़ी मिसाल बताया। उन्होंने आगे बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत 6.30 km लंबी 66 KV ट्रांसमिशन लाइन बिछाई गई है, जिसके लिए 29 टावर लगाए गए हैं। इसके अलावा ट्रांसमिशन लाइन और 66 KV लाइन बे पर कुल 2 करोड़ 52 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि सब-स्टेशन, जिसमें 12.5 MVA कैपेसिटी का पावर ट्रांसफॉर्मर और 7 आउटगोइंग 11 KV फीडर शामिल हैं, की लागत 1 करोड़ 78 लाख रुपये आई है। इसके अलावा सब-स्टेशन बिल्डिंग समेत सिविल कामों पर 1 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

जगराओं विधानसभा क्षेत्र की MLA श्रीमती सर्वजीत कौर माणूके ने कैबिनेट मंत्री श्री तरुणप्रीत सिंह सौंद का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज उन्होंने मेरे विधानसभा क्षेत्र के गांव गिद्दड़पिंडी में 66 KV ग्रिड का उद्घाटन किया है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने मेरे विधानसभा क्षेत्र के सभी कामों को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जगराओं विधानसभा क्षेत्र के बुज़कर, काउंके और भम्मीपुर के ग्रिड भी जल्द ही शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जगराओं विधानसभा क्षेत्र में बिजली की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

राज्य सरकार की वजह से ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और मजबूत हुआ – CMD डॉ. बसंत गर्ग

इस मौके पर पावरकॉम के CMD डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य में बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाने और लोगों को हाई-लेवल सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि गिद्दड़विंडी का यह 66 KV सब-स्टेशन आने वाले समय में इलाके के सामाजिक और आर्थिक विकास को और तेज करेगा और इससे करीब 20 गांवों की बिजली सप्लाई बेहतर होगी। इसके साथ ही इन गांवों को बिजली सप्लाई करने वाले 11 KV फीडर और मौजूदा 66 KV सब-स्टेशनों के कनेक्शन से लोड कम होगा और वोल्टेज बेहतर होगा, जिससे ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और मजबूत और असरदार होगा।

बिजली मंत्री ने PSPCL कर्मचारियों को 10,500 सुरक्षा टूल किटें वितरित कीं
  • बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने पीएसपीसीएल कर्मचारियों को 12.60 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई 10,500 सुरक्षा टूल किटों के वितरण का शुभारंभ किया
  • बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः तरुणप्रीत सिंह सोंध

लुधियाना / सत्ता संदेश

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL ) ने बिजली वितरण प्रणाली पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए 10,500 सुरक्षा टूल किटें खरीदी हैं। इन टूल किटों के वितरण का शुभारंभ पंजाब के बिजली मंत्री स. तरुणप्रीत सिंह साँध ने सराभा नगर, लुधियाना स्थित पीएसपीसीएल कार्यालय में आयोजित एक समारोह के दौरान किया।

इस अवसर पर डॉ. बसंत गर्ग, आईएएस, चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी), पीएसपीसीएल तथा इंजी. इंदरपाल सिंह, निदेशक (डिस्ट्रिब्यूशन) भी उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए बिजली मंत्री स. तरुणप्रीत सिंह सौंध ने कहा कि बिजली कर्मचारी हर मौसम और हर परिस्थिति में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सेवाएं देते हैं।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान वितरण प्रणाली पर कार्य करते समय सहायक लाइनमैन (एएलएम), लाइनमैन तथा अन्य कर्मचारियों के साथ हुए घातक और गैर-घातक हादसों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण अनेक बिजली कर्मचारियों को अपनी बहुमूल्य जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पंजाब सरकार ने बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण पहल की है।

उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे इन सुरक्षा टूल किटों का नियमित उपयोग करें तथा सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करें, ताकि बहुमूल्य जीवन सुरक्षित रह सकें और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा, कल्याण तथा बेहतर कार्य-परिस्थितियां सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा भविष्य में भी ऐसे कर्मचारी हितैषी प्रयास जारी रहेंगे। समारोह की मेजबानी इंजी. जगदेव सिंह हांस, मुख्य इंजीनियर, सेंट्रल ज़ोन, लुधियाना ने की। इस अवसर पर मुख्य इंजीनियर (पी एंड एम), मुख्य इंजीनियर (स्टोर्स एंड वर्कशॉप) तथा पीएसपीसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

12.60 करोड़ रुपये की लागत से 10,500 सुरक्षा टूल किटों की खरीदः सीएमडी डॉ. बसंत गर्ग

पीएसपीसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) डॉ. बसंत गर्ग, आईएएस ने बताया कि पंजाब सरकार की पहल के तहत पीएसपीसीएल ने प्रत्येक सुरक्षा टूल किट पर लगभग 12,000 रुपये खर्च किए हैं तथा 10,500 टूल किटों की खरीद पर कुल 12.60 करोड़ रुपये की लागत आई है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा टूल किट उपलब्ध कराने के साथ-साथ कर्मचारियों को इन सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग संबंधी निरंतर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि कार्य के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके। प्रत्येक सुरक्षा टूल किट में कैनवास बैग, प्लास, स्क्रूड्राइवर सेट, स्पैनर सेट, रैचेट सेट, नियोन टेस्टर, पोल सेफ्टी बेल्ट, सेफ्टी हेलमेट, वोल्टेज सेंसर, रिफ्लेक्टिव जैकेट, सेफ्टी गॉगल्स, रिचार्जेबल एलईडी टॉर्च तथा सेफ्टी दस्ताने शामिल हैं, जो कर्मचारियों को कार्य के दौरान बेहतर सुरक्षा प्रदान करेंगे.