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अमृतसर : अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के दौरे के दौरान अकाली दल अमृतसर का प्रदर्शन, खालिस्तान के झंडे दिखाए

अमृतसर / सत्ता संदेश

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के श्री दरबार साहिब पहुंचने के दौरान शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और खालिस्तान के झंडे दिखाए। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ और ‘गॉड ब्लेस अमेरिका’ जैसे नारे भी लगाए।

सर्जियो गोर 28 सितंबर को 28 सदस्यीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ अमृतसर पहुंचे थे। उन्होंने श्री दरबार साहिब में माथा टेका। इस दौरान एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। गोर ने बाद में जलियांवाला बाग और पार्टिशन म्यूजियम का भी दौरा किया।

दरबार साहिब के बाहर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के वर्किंग प्रेसिडेंट इमान सिंह मान ने किया। पार्टी की ओर से अमेरिकी राजदूत को एक ज्ञापन देने की कोशिश की गई, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से ज्ञापन सौंपने की अनुमति नहीं मिली। पार्टी नेता के मुताबिक, बाद में ज्ञापन अमेरिकी दूतावास को भेज दिया गया।

इमान सिंह मान ने कहा कि ज्ञापन में सिख समुदाय से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए हैं। इनमें सिखों की धार्मिक आजादी, एसजीपीसी चुनाव, बंदी सिखों की रिहाई और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने जैसे मुद्दे शामिल बताए गए।

पार्टी ने डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए समर्थन देने की बात भी कही। इसके अलावा भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि से जुड़े मुद्दे पर फिर से सहयोग बहाल करने और TAPI गैस पाइपलाइन को दोबारा शुरू करने की अपील की गई। अकाली दल अमृतसर ने इन कदमों को पंजाब की अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय शांति से जोड़ते हुए अपनी मांगें रखीं।

इमान सिंह मान ने संयुक्त राष्ट्र के self-determination सिद्धांत का हवाला देते हुए सिखों के लिए अलग देश की मांग भी दोहराई। वहीं, अमेरिकी राजदूत के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और प्रदर्शनकारियों को प्रतिनिधिमंडल से सीधे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। (

चंडीगढ़ प्रोटेस्ट से बंदी सिखों की रिहाई को लेकर सिमरनजीत सिंह ने की पीसी, 21 अगस्त को पंजाब बंद का किया समर्थन

अमृतसर / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रमुख और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चंडीगढ़ में हुए विरोध प्रदर्शन, आंसू गैस ड्रोन के इस्तेमाल, बंदी सिखों की रिहाई, फतेहगढ़ साहिब की घटना, पंथिक एकता, सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले और आगामी चुनावों समेत कई मुद्दों पर सरकारों को घेरा।

चंडीगढ़ प्रदर्शन और ड्रोन से आंसू गैस छोड़ने पर सवाल

15 अगस्त को चंडीगढ़ में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सिमरनजीत सिंह मान ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR और ड्रोन के जरिए आंसू गैस छोड़े जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी।

मान ने कहा कि वह इस मामले को लेकर कानूनी स्तर पर भी अपनी आवाज उठाएंगे। उन्होंने ड्रोन के इस्तेमाल की जांच की मांग करते हुए सवाल किया कि प्रदर्शन के दौरान ड्रोन से आंसू गैस छोड़ने का फैसला किसके आदेश या सलाह पर लिया गया।

फतेहगढ़ साहिब की घटना पर भी उठाए सवाल

सिमरनजीत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब की घटना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि संगत को दर्शन करवाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन आखिरी समय में सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया।

मान ने आरोप लगाया कि मौके पर संगत पर लाठीचार्ज किया गया और पाइपों के जरिए गंदा पानी छोड़ा गया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की।

बंदी सिखों की रिहाई की मांग

जेलों में लंबे समय से बंद सिखों की रिहाई के मुद्दे पर मान ने कहा कि कई बंदी सिख लंबे समय से जेलों में हैं और उनके मामलों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने भाई हवारा समेत अन्य बंदी सिखों का जिक्र करते हुए कहा कि परिवारों को अपने बुजुर्गों और माता-पिता से मिलने का अधिकार मिलना चाहिए। मान ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, RAW और खुफिया एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने सवाल किया कि जब अन्य कैदियों को पैरोल और कानूनी राहत मिल सकती है तो बंदी सिखों के मामलों में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने SGPC की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि बंदी सिखों की रिहाई के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए।

21 अगस्त के पंजाब बंद का समर्थन

बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर 21 अगस्त को किए गए पंजाब बंद के आह्वान का सिमरनजीत सिंह मान ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई गंभीर मुद्दा है और इस मांग को लेकर की जा रही शांतिपूर्ण कोशिशों का समर्थन किया जाना चाहिए।

पंथिक एकता और सुखबीर बादल पर हमले का मुद्दा

पंथिक एकता को लेकर मान ने कहा कि वह एकता के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसी एकता नहीं चाहते। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और BJP के साथ उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए।

वहीं, सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की निंदा करते हुए मान ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों का समाधान लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से होना चाहिए।

SGPC चुनाव जल्द कराने की मांग

SGPC चुनावों को लेकर सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि चुनाव जल्द होने चाहिए और धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने फतेहगढ़ साहिब में भाई दीत सिंह जी की पुण्यतिथि मनाने का भी ऐलान किया।

आगामी चुनावों के लिए तैयार SAD अमृतसर

आगामी चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल अमृतसर चुनावों के लिए तैयार है और पार्टी की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी सिख मुद्दों, पंजाब के अधिकारों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना राजनीतिक अभियान आगे बढ़ाएगी। आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने और पार्टी के मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने की बात भी उन्होंने कही।