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पंजाब विधानसभा के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, भगवंत मान का पुतला जलाया

पंजाब विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस का प्रदर्शन, नशा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन सदन के बाहर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विधायकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला जलाकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने मानसा में नशा-विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या, राज्य में नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और सरकारी आवासों पर आम आदमी पार्टी के दिल्ली के नेताओं के कथित कब्जे जैसे मुद्दे उठाते हुए सरकार को घेरा।

कांग्रेस विधायकों ने इन मामलों में सरकार की जवाबदेही तय करने और मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाब मांगने की बात कही। पार्टी नेताओं के मुताबिक, इन मुद्दों को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।

झोटा हत्याकांड पर मुख्यमंत्री से जवाब मांगेंगे प्रताप सिंह बाजवा

पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कांग्रेस परविंदर सिंह झोटा की हत्या समेत राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर मुख्यमंत्री से सीधा जवाब मांगेगी। उन्होंने कहा कि गंभीर मामलों में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए और मुख्यमंत्री को सदन में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

कांग्रेस का कहना है कि नशे और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर विधानसभा में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। पार्टी इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है।

नशा और कानून-व्यवस्था पर चर्चा की मांग

कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने कहा कि विपक्ष राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की मांग करेगा। उन्होंने मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता झोटा की हत्या का जिक्र करते हुए राज्य में गैंगस्टर गतिविधियों और रंगदारी के लिए मिल रही कथित धमकियों पर चिंता जताई।

कोटली ने नशीले पदार्थों से जुड़ी आत्महत्याओं का मुद्दा भी उठाने की बात कही। उन्होंने संगरूर के गुलजार सिंह के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों पर भी सदन में चर्चा होनी चाहिए।

परगट सिंह ने भी सरकार से जवाब मांगने की बात कही

जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि वे इन सभी मुद्दों को विधानसभा में उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद विधानसभा पहुंचे परगट सिंह ने नशे, कानून-व्यवस्था और राज्य के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरने की बात कही।

विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस के प्रदर्शन से पंजाब की राजनीति में नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। अब सदन की कार्यवाही के दौरान यह देखना होगा कि सरकार इन सवालों पर क्या जवाब देती है और किन मुद्दों पर चर्चा आगे बढ़ती है।

समराला यूथ फेस्टिवल 2026: परगट सिंह ने रोजगार, शिक्षा और मीडिया की आजादी पर रखे विचार

मालवा कॉलेज बोंदली, समराला में यूथ फेस्टिवल 2026 में परगट सिंह और सांसद डॉ. अमर सिंह शामिल हुए। परगट सिंह ने युवाओं के रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, निष्पक्ष जांच और मीडिया की स्वतंत्रता पर जोर दिया।

समराला / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: मनीष सचदेवा

मालवा कॉलेज, बोंदली में आयोजित यूथ फेस्टिवल 2026 में परगट सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर सांसद डॉ. अमर सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान परगट सिंह ने पंजाब की राजनीति, शिक्षा व्यवस्था, प्रशासन, केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका और मीडिया की स्वतंत्रता जैसे अहम मुद्दों पर अपने विचार रखे।

परगट सिंह ने कहा कि आज की राजनीति केवल चुनावी वादों और मुफ्त सुविधाओं की घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास के लिए अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन और युवाओं की नई सोच के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए, ताकि राज्य को विकास की नई दिशा मिल सके।

केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। कानून सभी के लिए समान होना चाहिए तथा सरकारी संस्थानों को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होकर काम करना चाहिए। उन्होंने पुलिस और सिविल प्रशासन की कार्यप्रणाली में संवैधानिक जिम्मेदारी और जवाबदेही को भी महत्वपूर्ण बताया।

शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए परगट सिंह ने कहा कि शिक्षा का बढ़ता व्यावसायीकरण आम परिवारों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाने और प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मीडिया की स्वतंत्रता को लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए और उसे किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर काम करना चाहिए।

कार्यक्रम में शिक्षा, युवाओं के भविष्य और पंजाब के विकास से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा ने यूथ फेस्टिवल को केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का मंच भी बनाया।

Samrala : मालवा कॉलेज बोंडली के यूथ फेस्टिवल में पहुंचे परगट सिंह, शिक्षा और राजनीति पर उठाए सवाल

समराला के मालवा कॉलेज बोंडली में यूथ फेस्टिवल 2026 में पहुंचे परगट सिंह ने रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और मीडिया की स्वतंत्रता पर विचार रखे। सांसद डॉ. अमर सिंह भी रहे मौजूद।

समराला / सत्ता संदेश

दिनांक : 9 अक्टूबर 2026

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परगट सिंह मालवा कॉलेज बोंडली में आयोजित यूथ फेस्टिवल 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर सांसद डॉ. अमर सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान परगट सिंह ने पंजाब की राजनीति, शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही, केंद्रीय जांच एजेंसियों और मीडिया की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे।

परगट सिंह ने कहा कि आज की राजनीति केवल वादों और मुफ्त सुविधाओं की घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास के लिए अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन और युवाओं की नई सोच के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए।

केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका पर बात करते हुए परगट सिंह ने कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और जांच एजेंसियों को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होकर काम करना चाहिए।

पुलिस और सिविल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उन्होंने संवैधानिक जिम्मेदारी और जवाबदेही को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, प्रशासनिक संस्थाओं का कामकाज पारदर्शी होना चाहिए, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।

शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए परगट सिंह ने कहा कि शिक्षा का बढ़ता व्यावसायीकरण आम परिवारों के लिए चुनौती बन रहा है। उन्होंने सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाने और प्रत्येक बच्चे को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मीडिया की स्वतंत्रता को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए और पत्रकारों को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम करने का अवसर मिलना चाहिए।

मालवा कॉलेज बोंडली में आयोजित इस यूथ फेस्टिवल के दौरान परगट सिंह ने युवाओं के भविष्य, शिक्षा की गुणवत्ता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी।

टांडा-पुल पुख्ता बरसाती नाले पर अवैध कब्जों का आरोप, कांग्रेस ने SDM को सौंपा ज्ञापन

टांडा-पुल पुख्ता बरसाती नाले पर कथित अवैध कब्जों को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने SDM टांडा को ज्ञापन सौंपा। SDM ने ड्रेनेज विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए।

टांडा उड़मुड़ / सत्ता संदेश

टांडा से पुल पुख्ता जाने वाले बरसाती नाले पर कथित गैर-कानूनी कब्जों को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व कैबिनेट मंत्री पंजाब संगत सिंह गिलजियां के नेतृत्व में एसडीएम टांडा लवप्रीत सिंह औलख को ज्ञापन सौंपा।

पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां ने कहा कि आजादी के बाद बनाए गए इस ड्रेनेज नाले के माध्यम से टांडा, उड़मुड़, अहियापुर और दारापुर क्षेत्रों से बरसाती पानी की निकासी होती है। उन्होंने कहा कि पहले यह नाला काफी चौड़ा था और इसके साथ लगती जमीनों के मालिक ड्रेनेज विभाग की अनुमति लेकर ऐसी पुलियां बना सकते थे, जिनसे पानी की निकासी प्रभावित न हो।

गिलजियां ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से राजनीतिक दबाव के चलते कुछ लोगों ने निजी फायदे के लिए चौहान पैलेस के पास और अन्य स्थानों पर जेसीबी मशीनों और टिप्परों के माध्यम से मिट्टी डालकर नाले को संकरा करने और उस पर कब्जा करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि यदि इस पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भारी बारिश के दौरान शहर में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की कि नाले पर किए गए कथित अवैध कब्जों को तुरंत हटाया जाए, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और पूरे नाले की सफाई करवाई जाए। साथ ही उन्होंने शहर की समाजसेवी संस्थाओं और बुद्धिजीवियों से भी इस गंभीर समस्या के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।

इस मामले में एसडीएम टांडा लवप्रीत सिंह औलख ने कहा कि उन्होंने स्वयं भी जांच की है और कुछ स्थानों पर नाले पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जे किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि ड्रेनेज विभाग को कानून के अनुसार कार्रवाई करने और संबंधित लोगों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कब्जे नहीं हटाए जाते हैं तो विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए कब्जे हटाए जाएंगे और नाले की सफाई करवाई जाएगी।

ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिला कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट दलजीत सिंह गिलजियां, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष गुरसेवक मार्शल, एमसी बलदेव राज, जसविंदर काका, राजेश लाडी, मनजीत सिंह, विनोद खोसला, राकेश बिट्टू, अनिल पिंका सचदेवा सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

Amritsar : दिनेश बस्सी की गिरफ्तारी के बाद गरमाया माहौल, कांग्रेस पार्षदों ने पुलिस के खिलाफ किया प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

कांग्रेस नेता और इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दिनेश बस्सी की गिरफ्तारी के बाद अमृतसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। दिनेश बस्सी के समर्थन में कांग्रेस पार्षदों और नेताओं ने पुलिस प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर बदसलूकी के आरोप लगाए। वहीं, पुलिस द्वारा पार्षदों को थाने से बाहर निकालने का एक वीडियो भी सामने आया है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि दिनेश बस्सी को पुलिस ने पूछताछ में सहयोग करने के लिए थाने बुलाया था, लेकिन बाद में उन्हें थाने के अंदर बैठा लिया गया। इसके बाद कांग्रेस के कुछ पार्षद उनके साथ सिविल लाइंस थाने पहुंचे।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की और उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

पार्षद संजीव टांगरी ने पंजाब पुलिस और सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को थाने से धक्का देकर बाहर निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि दिनेश बस्सी को राजनीतिक दबाव के चलते मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। संजीव टांगरी के मुताबिक, दिनेश बस्सी की गलती सिर्फ इतनी है कि वह कांग्रेस की ओर से ईस्ट हलके से चुनाव लड़ना चाहते हैं।

वहीं, पार्षद रमन रम्मी ने आरोप लगाया कि दिनेश बस्सी को पुलिस जांच में सहयोग करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्हें थाने के अंदर बैठा लिया गया। रमन रम्मी के मुताबिक, जब पांच पार्षद उनके साथ थाने पहुंचे तो बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे और कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।

रमन रम्मी ने यह भी आरोप लगाया कि थाने के अंदर खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की ओर से कोई गलत कार्रवाई की गई तो कांग्रेस पार्षद थाने में ही गिरफ्तारी देने से पीछे नहीं हटेंगे।

पार्षद सतीश बल्लू ने कहा कि पुलिस के संदेश के बाद दिनेश बस्सी खुद थाने पहुंचे थे और वह पांच पार्षदों के साथ SHO के कमरे में बैठे थे। उनके मुताबिक, SHO को एक फोन आने के बाद स्थिति बदल गई और पुलिस ने उन्हें थाने से जाने के लिए कहा। सतीश बल्लू ने आरोप लगाया कि इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और चुने हुए प्रतिनिधियों को धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया।

कांग्रेस नेता बॉबी पहलवान ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने दावा किया कि जिस FIR का पुलिस की ओर से जिक्र किया जा रहा है, उसमें दिनेश बस्सी का नाम नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दिनेश बस्सी के खिलाफ जबरदस्ती या गलत कार्रवाई की गई तो कांग्रेस की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस की ओर से धक्का-मुक्की या कथित तौर पर गलत कार्रवाई जारी रही तो शहर के बाजार बंद करवाने और सड़कों पर धरना देने का फैसला लिया जा सकता है। मामले को लेकर अमृतसर में राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं।

Rajpura Congress Meeting: पूर्व MLA हरदयाल सिंह कंबोज की बैठक ने लिया रैली का रूप, कार्यकर्ताओं की उमड़ी भीड़

राजपुरा में पूर्व MLA हरदयाल सिंह कंबोज के निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक बड़ी सभा में बदल गई। कंबोज ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और AAP सरकार पर निशाना साधा।

राजपुरा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : गुरप्रीत धीमान

राजपुरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और पंजाब कांग्रेस मैनिफेस्टो कमेटी के को-चेयरमैन हरदयाल सिंह कंबोज के निवास पर कांग्रेस नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के पहुंचने के बाद कार्यक्रम ने रैली का रूप ले लिया।

पत्रकारों से बातचीत में हरदयाल सिंह कंबोज ने कहा कि बैठक का उद्देश्य राजपुरा शहर के 13 वार्डों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ संगठन और आगामी गतिविधियों को लेकर चर्चा करना था, लेकिन कार्यकर्ताओं और लोगों की बड़ी मौजूदगी ने इसे बड़ी सभा में बदल दिया।

कंबोज ने बताया कि राजपुरा विधानसभा क्षेत्र को 21 जोन में बांटा गया है। इनमें 17 ग्रामीण जोन, 3 राजपुरा शहरी जोन और एक बनूर जोन शामिल है। उन्होंने कहा कि पुराने राजपुरा के 9 वार्डों को लेकर पहले ही एक बड़ी बैठक हो चुकी है, जबकि अगले 9 वार्डों की बैठक अगले सप्ताह आयोजित की जाएगी।

पूर्व विधायक ने दावा किया कि राजपुरा के व्यापारी, कर्मचारी, गरीब वर्ग और महिलाएं कांग्रेस की नीतियों और संगठन पर भरोसा रखते हैं। उन्होंने कहा कि राजपुरा के लोगों का कंबोज परिवार पर अटूट विश्वास है।

पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर कंबोज ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है और समाज का अलग-अलग वर्ग मौजूदा सरकार से असंतुष्ट है।

उन्होंने मुख्यमंत्री के गृह जिले संगरूर का उल्लेख करते हुए पुलिस कार्रवाई और पीड़ित परिवारों के साथ कथित व्यवहार को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कंबोज ने कहा कि सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उनके इन आरोपों पर सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का उल्लेख इस बयान में नहीं है।

इस दौरान हरदयाल सिंह कंबोज ने परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर राजपुरा कांग्रेस की ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान के इस फैसले से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आई है। कंबोज ने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और राहुल गांधी के नेतृत्व में आगामी चुनावों में मजबूती से मैदान में उतरेगी।

पंजाब कांग्रेस की मैनिफेस्टो कमेटी को लेकर उन्होंने कहा कि कमेटी के चेयरमैन डॉ. अमर सिंह के नेतृत्व में पंजाब के लोगों की जमीनी जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए घोषणापत्र तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर घोषणापत्र को लागू किया जाएगा।

कार्यक्रम में राजपुरा हलके के कांग्रेस पार्षदों, ब्लॉक अध्यक्षों, युवा नेताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं लोगों ने हिस्सा लिया।

परगट सिंह के पंजाब कांग्रेस प्रधान बनने पर परिवार और समर्थकों में खुशी, 2027 को लेकर जताया भरोसा

जालंधर / सत्ता संदेश

परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनके परिवार और समर्थकों में खुशी का माहौल है। कांग्रेस ने 2 अक्टूबर को पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपी। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है।

परगट सिंह के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उनकी पत्नी वरिंदर प्रीत कौर ने खुशी जाहिर करते हुए कांग्रेस हाईकमान के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी देना पार्टी का अच्छा फैसला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी अगुवाई में कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूती से चुनाव लड़ेगी। इस दौरान उन्होंने समर्थकों और सभी शुभचिंतकों का धन्यवाद भी किया।

वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. नवजोत दहिया ने परगट सिंह को पार्टी का वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि उन्हें कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने का अनुभव है। उन्होंने कहा कि परगट सिंह के नेतृत्व में पार्टी संगठन को मजबूती देने पर जोर रहेगा।

डॉ. नवजोत दहिया ने आम आदमी पार्टी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के कामकाज में दिल्ली के नेताओं का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि जनता राजनीतिक दलों के कामकाज को देख रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में अपना फैसला सुनाएगी।

परगट सिंह की नियुक्ति पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के ऐसे समय हुई है, जब विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। कांग्रेस की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार परगट सिंह को तत्काल प्रभाव से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

अब नई जिम्मेदारी के साथ परगट सिंह के सामने पार्टी संगठन को सक्रिय करने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारियों को आगे बढ़ाने की चुनौती रहेगी।

कुमारी शैलजा को जन्मदिन पर डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने दी शुभकामनाएं

कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा के जन्मदिन पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंचकर शुभकामनाएं दीं।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा के जन्मदिन के अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और समाजसेवी डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने नई दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कुमारी शैलजा को पुष्पगुच्छ भेंट किया और केक काटकर उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने कहा कि कुमारी शैलजा का सार्वजनिक जीवन जनसेवा, सामाजिक सरोकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक वर्गों के साथ संवाद और जनहित से जुड़े मुद्दों पर कुमारी शैलजा की सक्रियता ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में पहचान दिलाई है।

उन्होंने कहा कि कुमारी शैलजा का राजनीतिक अनुभव और संगठन के प्रति उनकी सक्रिय भूमिका कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। डॉ. पंवार ने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

जन्मदिन के मौके पर हुई इस मुलाकात के दौरान डॉ. पंवार ने कुमारी शैलजा के सुखमय और स्वस्थ जीवन की कामना की तथा कहा कि वह इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ जनसेवा एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में योगदान देती रहें।

Gurdaspur Politics: गैंगस्टरों के मुद्दे पर आमने-सामने सुखजिंदर रंधावा और MLA गुरदीप रंधावा

गुरदासपुर में गैंगस्टरों के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। MLA गुरदीप सिंह रंधावा ने पुलिस अधिकारियों के साथ नेताओं की भूमिका की भी जांच की मांग की।

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जतिंदर सोढ़ी

पंजाब में गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर सियासत तेज होती नजर आ रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा की ओर से पुलिस अधिकारियों पर सवाल उठाए जाने के बाद डेरा बाबा नानक से विधायक गुरदीप सिंह रंधावा ने भी मामले की जांच की मांग की है।

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आरोप लगाया था कि उनके इलाके में गैंगस्टर खुलेआम घूम रहे हैं और DGP, SSP तथा DSP स्तर के अधिकारियों को कई बार शिकायतें देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों की जांच की मांग की थी।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए MLA गुरदीप सिंह रंधावा ने कहा कि जांच केवल पुलिस अधिकारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि राजनीतिक नेताओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि किन नेताओं के गैंगस्टरों के साथ कथित संबंध हैं।

गुरदीप सिंह रंधावा ने कहा कि वह भी पूरे मामले की जांच की मांग करते हैं। उन्होंने सुखजिंदर सिंह रंधावा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “सुखजिंदर रंधावा खुद एक गैंगस्टर हैं।” हालांकि, यह विधायक का राजनीतिक आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

विधायक ने कहा कि वह अपने इलाके में गैंगस्टर गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे और गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही।

फिलहाल दोनों नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े दावों को लेकर पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। मामले में आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति और आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

सचिन पायलट के पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनने पर औजला का बड़ा बयान, 2027 में सरकार बनाने का दावा

अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनाए जाने पर बधाई दी। औजला ने कहा कि पायलट के अनुभव से संगठन मजबूत होगा और कांग्रेस 2027 में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव लड़ेगी।

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल को पद से हटाए जाने और राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी बनाए जाने के बाद पार्टी नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सचिन पायलट को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके अनुभव से पंजाब में कांग्रेस संगठन को नई मजबूती मिलेगी।

मीडिया से बातचीत के दौरान औजला ने कहा कि पंजाब देश का एक महत्वपूर्ण राज्य है और सचिन पायलट का राजनीतिक एवं संगठनात्मक अनुभव कांग्रेस के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि पायलट को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ बड़े राज्य में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर काम करने का भी अनुभव है।

युवाओं को पार्टी से जोड़ने पर जोर

गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक दौर में कांग्रेस को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर सकें और उनकी सोच को समझ सकें। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट युवा होने के साथ-साथ अनुभवी नेता भी हैं।

औजला ने उम्मीद जताई कि सचिन पायलट अपनी नई सोच और अनुभव के जरिए पंजाब कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा

2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर औजला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पंजाब में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य फोकस पंजाब से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ जनता के सामने रखना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना होगा। कार्यकर्ताओं को भी लोगों के बीच जाकर उनके मुद्दे उठाने के लिए तैयार किया जाएगा।

कांग्रेस में मतभेद के सवाल पर क्या बोले औजला?

कांग्रेस के अंदर कथित मतभेदों को लेकर पूछे गए सवाल पर गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि सचिन पायलट की नियुक्ति का पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी नए प्रभारी का स्वागत किया है।

औजला ने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस की लीडरशिप सचिन पायलट के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने के लिए काम करने को तैयार है।

राहुल गांधी के पंजाब दौरे की तैयारी

गुरजीत सिंह औजला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जल्द पंजाब आने वाले हैं और इस दौरान कांग्रेस की पूरी लीडरशिप उनके कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेगी।

औजला के मुताबिक, राहुल गांधी के दौरे के दौरान पंजाब से जुड़े प्रमुख मुद्दों को उठाने के लिए पार्टी स्तर पर एक सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सूची लगभग तैयार है और अगले एक-दो दिनों में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पंजाब दौरे के दौरान किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी और जनता के साथ किस तरह संवाद किया जाएगा, इसकी जानकारी पार्टी की ओर से जल्द स्पष्ट की जाएगी।

औजला ने कहा कि सचिन पायलट का अनुभव, कांग्रेस की एकजुटता और राहुल गांधी का पंजाब दौरा पार्टी की चुनावी तैयारियों को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस एकजुट होकर जनता के बीच जाएगी और 2027 में पंजाब में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करेगी।