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Gurdaspur Politics: गैंगस्टरों के मुद्दे पर आमने-सामने सुखजिंदर रंधावा और MLA गुरदीप रंधावा

गुरदासपुर में गैंगस्टरों के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। MLA गुरदीप सिंह रंधावा ने पुलिस अधिकारियों के साथ नेताओं की भूमिका की भी जांच की मांग की।

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जतिंदर सोढ़ी

पंजाब में गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर सियासत तेज होती नजर आ रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा की ओर से पुलिस अधिकारियों पर सवाल उठाए जाने के बाद डेरा बाबा नानक से विधायक गुरदीप सिंह रंधावा ने भी मामले की जांच की मांग की है।

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आरोप लगाया था कि उनके इलाके में गैंगस्टर खुलेआम घूम रहे हैं और DGP, SSP तथा DSP स्तर के अधिकारियों को कई बार शिकायतें देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों की जांच की मांग की थी।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए MLA गुरदीप सिंह रंधावा ने कहा कि जांच केवल पुलिस अधिकारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि राजनीतिक नेताओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि किन नेताओं के गैंगस्टरों के साथ कथित संबंध हैं।

गुरदीप सिंह रंधावा ने कहा कि वह भी पूरे मामले की जांच की मांग करते हैं। उन्होंने सुखजिंदर सिंह रंधावा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “सुखजिंदर रंधावा खुद एक गैंगस्टर हैं।” हालांकि, यह विधायक का राजनीतिक आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

विधायक ने कहा कि वह अपने इलाके में गैंगस्टर गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे और गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही।

फिलहाल दोनों नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े दावों को लेकर पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। मामले में आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति और आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

सचिन पायलट के पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनने पर औजला का बड़ा बयान, 2027 में सरकार बनाने का दावा

अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनाए जाने पर बधाई दी। औजला ने कहा कि पायलट के अनुभव से संगठन मजबूत होगा और कांग्रेस 2027 में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव लड़ेगी।

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल को पद से हटाए जाने और राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी बनाए जाने के बाद पार्टी नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सचिन पायलट को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके अनुभव से पंजाब में कांग्रेस संगठन को नई मजबूती मिलेगी।

मीडिया से बातचीत के दौरान औजला ने कहा कि पंजाब देश का एक महत्वपूर्ण राज्य है और सचिन पायलट का राजनीतिक एवं संगठनात्मक अनुभव कांग्रेस के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि पायलट को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ बड़े राज्य में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर काम करने का भी अनुभव है।

युवाओं को पार्टी से जोड़ने पर जोर

गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक दौर में कांग्रेस को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर सकें और उनकी सोच को समझ सकें। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट युवा होने के साथ-साथ अनुभवी नेता भी हैं।

औजला ने उम्मीद जताई कि सचिन पायलट अपनी नई सोच और अनुभव के जरिए पंजाब कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा

2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर औजला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पंजाब में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य फोकस पंजाब से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ जनता के सामने रखना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना होगा। कार्यकर्ताओं को भी लोगों के बीच जाकर उनके मुद्दे उठाने के लिए तैयार किया जाएगा।

कांग्रेस में मतभेद के सवाल पर क्या बोले औजला?

कांग्रेस के अंदर कथित मतभेदों को लेकर पूछे गए सवाल पर गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि सचिन पायलट की नियुक्ति का पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी नए प्रभारी का स्वागत किया है।

औजला ने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस की लीडरशिप सचिन पायलट के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने के लिए काम करने को तैयार है।

राहुल गांधी के पंजाब दौरे की तैयारी

गुरजीत सिंह औजला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जल्द पंजाब आने वाले हैं और इस दौरान कांग्रेस की पूरी लीडरशिप उनके कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेगी।

औजला के मुताबिक, राहुल गांधी के दौरे के दौरान पंजाब से जुड़े प्रमुख मुद्दों को उठाने के लिए पार्टी स्तर पर एक सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सूची लगभग तैयार है और अगले एक-दो दिनों में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पंजाब दौरे के दौरान किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी और जनता के साथ किस तरह संवाद किया जाएगा, इसकी जानकारी पार्टी की ओर से जल्द स्पष्ट की जाएगी।

औजला ने कहा कि सचिन पायलट का अनुभव, कांग्रेस की एकजुटता और राहुल गांधी का पंजाब दौरा पार्टी की चुनावी तैयारियों को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस एकजुट होकर जनता के बीच जाएगी और 2027 में पंजाब में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करेगी।

अटारी में सरपंच पर पुलिस कार्रवाई का मामला, MP गुरजीत औजला ने IG से की निष्पक्ष जांच की मांग

अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने अटारी सरपंच हरप्रीत सिंह के मामले को लेकर बॉर्डर रेंज IG से मुलाकात की। औजला ने निष्पक्ष जांच और इंसाफ की मांग की।

अमृतसर / सत्ता संदेश

अटारी इलाके में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और गांव के सरपंच के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और परेशान करने के आरोपों को लेकर अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सोमवार को बॉर्डर रेंज के IG से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पूरे मामले को लेकर एक मेमोरेंडम सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की मांग की।

गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि अटारी के सरपंच हरप्रीत सिंह हैप्पी और उनके परिवार का कांग्रेस पार्टी से लंबे समय से संबंध रहा है। उन्होंने बताया कि हरप्रीत सिंह स्वतंत्र रूप से सरपंच चुने गए हैं और गांव का विकास तथा समाज की सेवा करना उनका मुख्य उद्देश्य है।

ड्रोन और नशे के खिलाफ आवाज उठाने का दावा

सांसद गुरजीत सिंह औजला ने दावा किया कि सरपंच हरप्रीत सिंह गांव में नशे और गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं। उनके मुताबिक, सरपंच ने ड्रोन, ड्रग्स और हथियारों से जुड़े मामलों में पुलिस को कथित तौर पर जानकारी भी दी है।

औजला ने 13 जून की ड्रोन घटना का जिक्र करते हुए कहा कि गांव में ड्रोन आने के बाद सरपंच ने उसे पकड़ लिया था। आरोप है कि इसके बाद सरपंच पर ही हमला कर दिया गया। औजला के मुताबिक, शिकायत किए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

गुरजीत सिंह औजला ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर मामले में पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिला तो कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी।

सरपंच हरप्रीत सिंह ने भी रखी अपनी बात

इस दौरान अटारी के सरपंच हरप्रीत सिंह हैप्पी ने भी सांसद गुरजीत सिंह औजला की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब गांव के लोगों ने उन्हें सरपंच चुना था तो उनसे उम्मीद थी कि वह गांव में नशे को रोकने और लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए काम करेंगे।

सरपंच ने दावा किया कि अटारी इलाके में ड्रोन आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पिस्तौल समेत कई मामलों की जानकारी पुलिस को दी, लेकिन कथित तौर पर इन मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

13 जून की घटना को लेकर हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि ड्रोन पकड़ने के बाद उन पर हमला किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस पर घटना से संबंधित वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया गया।

सरपंच ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

उत्तराखंड कांग्रेस नेता अमित तलवार का सूरज सिंह बागड़ी ने किया जोरदार स्वागत, टीम ने जताया स्नेह

लुधियाना / सत्ता संदेश

उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमित तलवार के पंजाब आगमन पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता सूरज सिंह बागड़ी एवं उनकी टीम ने जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने आपसी भाईचारे, स्नेह और राजनीतिक सौहार्द की भावना के साथ तलवार जी का अभिनंदन किया।

स्वागत समारोह के दौरान डॉ. सधीश सैनी, अवनीश चौहान, विक्की बोहत, राहुल चौहान, अजय तोमर एवं सार्थक राज विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने अमित तलवार का फुलदस्ता एवं गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनके साथ अपने आत्मीय संबंधों को और मजबूत करने की भावना व्यक्त की।

इस अवसर पर सूरज सिंह बागड़ी ने कहा कि कांग्रेस परिवार की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच आपसी प्रेम, सम्मान, विश्वास एवं सहयोग की भावना है। पंजाब और उत्तराखंड के कांग्रेस नेताओं के बीच इस प्रकार के आत्मीय मिलन से न केवल आपसी संबंध मजबूत होते हैं, बल्कि भविष्य में संगठनात्मक स्तर पर भी सकारात्मक सहयोग और बेहतर समन्वय की नई संभावनाएं बनती हैं।

अमित तलवार जी ने पंजाब में मिले स्नेह एवं सम्मान के लिए सूरज सिंह बागड़ी तथा उपस्थित सभी साथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में विचारों के साथ-साथ आपसी संबंध, विश्वास और सद्भाव भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे आत्मीय मिलन कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करते हैं और संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर उपस्थित सभी नेताओं ने पंजाब और उत्तराखंड के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं नेताओं के आपसी संपर्क को और मजबूत करने, एक-दूसरे के साथ सहयोग बढ़ाने तथा भविष्य में भी ऐसे आत्मीय संवाद एवं मिलन जारी रखने पर जोर दिया।

पूरे कार्यक्रम का वातावरण स्नेह, सम्मान, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। इस आत्मीय मुलाकात ने यह संदेश दिया कि मजबूत राजनीतिक संबंध केवल संगठनात्मक सहयोग तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनमें विश्वास, अपनापन और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। आने वाले समय में यह आपसी जुड़ाव कांग्रेस संगठन के लिए नए संबंधों, बेहतर समन्वय और सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

Kapurthala Politics: AAP को झटका, निकाय चुनाव लड़ चुके कई नेता कांग्रेस में शामिल

कपूरथला में AAP को राजनीतिक झटका लगा है। निकाय चुनाव लड़ चुके कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थामा। पुराने वॉलंटियरों की अनदेखी का लगाया आरोप।

कपूरथला / सत्ता संदेश

निकाय चुनावों के बाद कपूरथला में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच आम आदमी पार्टी को झटका लगा है। नगर निगम चुनाव लड़ चुके AAP के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस नेताओं ने नए साथियों का स्वागत करते हुए इसे पार्टी के लिए मजबूती का संकेत बताया।

पुराने वॉलंटियरों की अनदेखी का आरोप

कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वे लंबे समय से आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहे थे, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में पुराने और मेहनती वॉलंटियरों की अनदेखी हो रही है। इनमें कुछ ऐसे कार्यकर्ता भी शामिल हैं, जो वर्ष 2014 से पार्टी के साथ जुड़े होने का दावा कर रहे हैं।

उनका कहना है कि लगातार पार्टी के लिए काम करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सम्मान और राजनीतिक महत्व नहीं मिल रहा था, जिसके चलते उन्होंने पार्टी बदलने का फैसला किया।

कांग्रेस से AAP में आए काउंसलरों को लेकर नाराजगी

नए कांग्रेसियों ने पार्टी के भीतर हुए राजनीतिक बदलावों पर भी नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप है कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस के कई निर्वाचित काउंसलर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए, जिसके बाद पार्टी में इन नेताओं का प्रभाव बढ़ गया।

उन्होंने कहा कि इससे लंबे समय से AAP के लिए काम कर रहे पुराने वॉलंटियरों में असंतोष पैदा हुआ और उन्हें लगा कि उनकी मेहनत की अनदेखी की जा रही है।

कांग्रेस ने किया नए साथियों का स्वागत

इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने AAP छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जमीनी स्तर पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को हमेशा सम्मान देती है।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि नए नेताओं और कार्यकर्ताओं के पार्टी में शामिल होने से कपूरथला में कांग्रेस संगठन को और मजबूती मिलेगी।

राणा गुरजीत सिंह की नीतियों से प्रभावित होने का दावा

कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं ने कहा कि वे कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह की नीतियों और कांग्रेस द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों से प्रभावित हैं। इसी वजह से उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का फैसला लिया।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में और भी नेता एवं कार्यकर्ता कांग्रेस के साथ जुड़ सकते हैं। हालांकि, इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Kapurthala Politics: AAP को झटका, निकाय चुनाव लड़ चुके कई नेता कांग्रेस में शामिल

कपूरथला में AAP को राजनीतिक झटका लगा है। निकाय चुनाव लड़ चुके कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थामा। पुराने वॉलंटियरों की अनदेखी का लगाया आरोप।

डेमोक्रेसी खत्म करने वालों को कांग्रेस देगी जवाब: राजा वारिंग

टांडा उमर होशियारपुर

रिपोर्ट: जसप्रीत सिंह सैनी

म्युनिसिपल इलेक्शन के दौरान जीत का जश्न मना रहे कांग्रेस वर्कर्स पर झाड़ू की बेअदबी का केस दर्ज करने और एक व्यक्ति को हिरासत में लेने के मामले ने अब राज्य लेवल पर पॉलिटिकल मोड़ ले लिया है। इस घटना के विरोध में पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां की लीडरशिप में कांग्रेस वर्कर्स ने पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन की कार्रवाई के खिलाफ दो दिन का प्रोटेस्ट किया, जिसके बाद हिरासत में लिए गए व्यक्ति को रिहा कर दिया गया।

आज पंजाब कांग्रेस प्रेसिडेंट भी टांडा पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस वर्कर्स की एक बड़ी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी राज्य में लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना है, लेकिन मौजूदा समय में बेकसूर लोगों को किडनैप किया जा रहा है और अपने हक के लिए शांति से प्रोटेस्ट कर रहे लोगों पर ज़ुल्म किया जा रहा है, जो बहुत निंदनीय है और लोकतंत्र विरोधी।

राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि पंजाब में विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसी हरकतें बंद नहीं हुईं तो कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर विधानसभा तक संघर्ष तेज़ करेगी।

इस मौके पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और मांग की कि राजनीतिक बदले की भावना से दर्ज किए गए केस तुरंत हटाए जाएं और लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक आज़ादी की पूरी सुरक्षा पक्की की जाए।

इस मौके पर राजा वड़िंग ने कहा कि पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बुरी तरह नाकाम रहा है। और शांति से विरोध कर रहे कर्मचारियों पर प्रशासन जो अमानवीय अत्याचार कर रहा है, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग आने वाले चुनावों में AAP सरकार को हरा नहीं पाएंगे। अमानवीय अत्याचार का जवाब दिया जाएगा और उन्होंने कहा कि पंजाब के हितों की रक्षा कांग्रेस पार्टी करती है और आने वाली सरकार कांग्रेस पार्टी की होगी और किसी को भी कुछ भी गलत करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।

इस मौके पर प्रेसिडेंट अमनिंदर के नेतृत्व में उनके ऑफिस से शिमला पहाड़ी तक विरोध मार्च निकाला गया। राजा सिंह बारिंग ने टांडा में जिला अध्यक्ष दलजीत सिंह सेठी गिलजियां के निर्देशानुसार और पंजाब के कैबिनेट मंत्री संगत सिंह गिलजियां द्वारा बच्चों के साथ ज़ुल्म किया गया और उन्हें दो दिन तक जेल में रखा गया, जिसके बाद आज राजा बारिंग कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए टांडा पहुंचे और बच्चों का हाल जाना और शिमला पहाड़ी पर झाड़ू लगाई गई और विरोध करते हुए राजा वारिंग ने कहा कि पंजाब सरकार के अधिकारियों द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ लगातार की जा रही बदमाशी निंदनीय और अमानवीय काम है। अगर इसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में वे बड़े नेताओं के साथ होंगे। होशियारपुर में पैदल मार्च करके एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और जिला प्रशासन होशियारपुर के खिलाफ डटकर खड़ा रहेगा।

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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्र सरकार को घेरा

अमृतसर / सत्ता संदेश

पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने अमृतसर में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व मंत्री और पूर्व MLA डॉ. राज कुमार वेरका ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए और आम लोगों को हो रही आर्थिक मुश्किलों का मुद्दा उठाया।


मीडिया से बात करते हुए डॉ. राज कुमार वेरका ने कहा कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें चरम पर पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई ने आम लोगों की ज़िंदगी पर बुरा असर डाला है। उन्होंने दावा किया कि घर का बजट बिगड़ गया है और बढ़ते खर्चों से लोग परेशान हैं।


डॉ. वेरका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA सरकार के दौरान रसोई गैस और पेट्रोल की कीमतें कम थीं, तो BJP सरकार की तीखी आलोचना करती थी। उन्होंने कहा कि आज जब ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, तो केंद्र सरकार लोगों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण किसान, युवा और आम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।


पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोगों के मुद्दों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि देश के लोग बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबाव से तंग आ चुके हैं। डॉ. वेरका ने अपने भाषण के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय देश की अर्थव्यवस्था मजबूत थी और वैश्विक आर्थिक संकट के बावजूद भारत ने स्थिरता बनाए रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए और महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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पंजाब की राजनीति में बड़ा भूचाल: नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस को कहा अलविदा !

पंजाब डेस्क: पंजाब की राजनीति में आज उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने औपचारिक रूप से कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। शनिवार, 31 जनवरी, 2026 को अपने फैसले का इजहार करते हुए उन्होंने मौजूदा लीडरशिप के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है।

राजा वारिंग पर तीखे हमले: डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को अब तक का सबसे ‘भयानक और भ्रष्ट’ अध्यक्ष बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजा वारिंग ने खुद को जेल जाने से बचाने के लिए मुख्यमंत्री से हाथ मिलाकर कांग्रेस को खत्म करने की कोशिश की है। उन्होंने आगे कहा कि वारिंग ने अपने निजी फायदे के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ मिलकर पार्टी को बेच दिया है।

अंदरूनी साजिशों का खुलासा: डॉ. सिद्धू ने दावा किया कि राजा वारिंग ने उनके खिलाफ पहले ही सस्पेंशन लेटर तैयार कर लिया था। उन्होंने सवाल किया कि नवजोत सिंह सिद्धू को नुकसान पहुंचाने के लिए विपक्षी नेताओं के साथ मिलीभगत करने वाले 12 सीनियर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में अब टैलेंटेड नेताओं की नहीं सुनी जाती और सिर्फ निजी हितों के आधार पर फैसले लिए जाते हैं।

रील’ बनाने पर व्यंग्य: वारिंग के तरीके पर कटाक्ष करते हुए डॉ. सिद्धू ने कहा कि अध्यक्ष सिर्फ एक मजाक बन गए हैं और सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि वारिंग को पार्टी को जिताने के बजाय उसे बर्बाद करने के लिए खुद पर शर्म आनी चाहिए।

डॉ. नवजोत कौर ने यह भी कहा कि उनके पास वारिंग को ‘बर्बाद’ करने के लिए काफी सबूत हैं, लेकिन अब उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि वह खुद पार्टी छोड़ चुके हैं।

पंजाब कांग्रेस को राहुल गांधी की सख्त चेतावनी: अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, राजा वारिंग बने रहेंगे प्रेसिडेंट

पंजाब डेस्क: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले, कांग्रेस हाईकमान ने राज्य यूनिट में चल रही खींचतान को खत्म करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली में पंजाब कांग्रेस नेताओं के साथ करीब 3 घंटे की मीटिंग में राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि पार्टी में अनुशासनहीनता और गुटबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चरणजीत चन्नी को झटका: मीटिंग के दौरान, राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के पिछले दिनों दलित पॉलिटिक्स को लेकर दिए गए बयानों पर गहरी नाराजगी जताई। चन्नी ने शिकायत की थी कि पंजाब कांग्रेस के सभी टॉप पोस्ट (प्रेसिडेंट, CLP लीडर वगैरह) पर ऊंची जातियों के लोग हैं, जबकि राज्य में दलित आबादी 35-38% है। राहुल गांधी ने साफ किया कि पंजाब कांग्रेस की मौजूदा लीडरशिप और प्रेसिडेंट (अमरिंदर सिंह राजा वारिंग) में कोई बदलाव नहीं होगा।

मीडिया में बयानों पर रोक: राहुल गांधी और नेशनल जनरल सेक्रेटरी के.सी. वेणुगोपाल ने नेताओं को पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर मीडिया या सोशल मीडिया पर कोई बयान न देने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई शिकायत है तो वह पार्टी प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखे, पब्लिक में दिए गए बयानों पर हाईकमान सख्त एक्शन लेगा।

हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे- प्रताप बाजवा: मीटिंग के बाद पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कई मुद्दों पर चर्चा हुई है और पार्टी आने वाले चुनाव मिलकर लड़ेगी और जीतेगी। पंजाब कांग्रेस इंचार्ज भूपेश बघेल ने कहा कि आने वाले एक साल के लिए एक आउटलाइन तैयार की गई है, जिसमें MNREGA जैसे प्रोग्राम पर फोकस किया जाएगा।

इस मीटिंग में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमर सिंह और विजय इंदर सिंगला समेत कई दूसरे सीनियर नेता भी मौजूद थे।

“मेरे खिलाफ फेक प्रोपेगैंडा किया जा रहा है”: जातिवादी बयानों पर चरणजीत चन्नी का बचाव; कहा – “मैं चमकौर की धरती का बेटा हूं”

पंजाब डेस्क: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने खिलाफ जातिवाद की खबरों को सिरे से नकारते हुए इसे “फेक प्रोपेगैंडा” बताया है। उन्होंने कहा कि वह गुरु साहिबान के सिद्धांत “मानस की जाति सबै एकै पहचानबो” को मानते हैं और उन्होंने किसी भी मीटिंग में किसी खास जाति या समुदाय के खिलाफ कुछ नहीं कहा है।

विवाद का कारण: गौरतलब है कि हाल ही में चंडीगढ़ में हुई पंजाब कांग्रेस के SC सेल की मीटिंग के बाद यह चर्चा थी कि चन्नी ने पार्टी में सिर्फ जाट सिखों के पदों पर होने और दलितों को नजरअंदाज करने का मुद्दा उठाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चन्नी ने सवाल उठाया था कि प्रदेश अध्यक्ष, विपक्ष के नेता और NSUI के अध्यक्ष सभी एक ही समुदाय से हैं, जिसकी वजह से दलितों को लीडरशिप नहीं मिल पा रही है।

चन्नी का तर्क: चरणजीत सिंह चन्नी ने एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा हर वर्ग की आवाज़ उठाई है। उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट में भी उन्होंने सिखों, पंजाब, किसानों और खेत मज़दूरों के हक़ की बात की है। उन्होंने पंजाब को ‘गुलदस्ता’ बताया और कहा कि सबको साथ लेकर चलने से ही पार्टी मज़बूत होगी।

राजा वारिंग का रिएक्शन: इस मामले पर पंजाब कांग्रेस के प्रेसिडेंट अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने चन्नी का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस में कोई भेदभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि चन्नी खुद सबसे ऊँचे पद (CWC मेंबर) पर तैनात हैं और वह ऐसा कुछ नहीं कह सकते। वारिंग ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने ही चन्नी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया था और दलित समुदाय हमेशा से पार्टी के लिए “सिर का ताज” रहा है।