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होली पर शेयर बाजार में ‘खून की होली’: निवेशकों के 9 लाख करोड़ डूबे, मिडिल ईस्ट जंग ने बिगाड़ा त्योहार का मजा

बिजनेस डेस्क : देशभर में जहाँ आज (4 मार्च) होली का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं शेयर बाजार के निवेशकों के लिए यह दिन बेहद निराशाजनक साबित हुआ है. मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण बुधवार को बाजार खुलते ही निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. पिछले तीन कारोबारी दिनों की बात करें तो निवेशकों को कुल 20 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ा है.

सेंसेक्स और निफ्टी में कोहराम: आज सुबह शेयर बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,750 अंकों की भारी गिरावट के साथ 78,443 के स्तर पर पहुँच गया. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 500 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ 24,315 के निचले स्तर पर कारोबार करता देखा गया.

गिरावट के 3 बड़े कारण:

US-ईरान युद्ध का गहराता संकट: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने अनिश्चितता और बढ़ा दी है कि यह युद्ध अभी लंबा चल सकता है.

कच्चे तेल की कीमतों में आग: युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने के डर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गया है. मंगलवार को तेल की कीमतों में 10 फीसदी तक का उछाल देखा गया था.रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: डॉलर की मजबूती और युद्ध के खतरों के बीच भारतीय रुपया 66 पैसे गिरकर 92.15 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है.विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण बाजार अभी और अधिक तबाही देख सकता है.

इजराइल-US का ईरान पर भीषण हमला: तेहरान समेत 30 ठिकानों को बनाया निशाना; सुप्रीम लीडर खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया

इंटरनेशनल डेस्क: शनिवार (28 फरवरी 2026) की सुबह इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के कई शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। यह एक संयुक्त सैन्य कार्रवाई है जिसमें ईरान में एक साथ 30 जगहों को निशाना बनाया गया है, जिनमें से अधिकतर हमले राजधानी तेहरान में हुए हैं। हमलों के बाद तेहरान का आसमान धुएं के गुबार से ढक गया है।

सुप्रीम लीडर और राष्ट्रपति थे मुख्य निशाने पर : इन ताजा हमलों में मुख्य रूप से ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और राष्ट्रपति को निशाना बनाया गया है। यही कारण है कि राष्ट्रपति कार्यालय के पास भी धमाका किया गया। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई उस समय तेहरान में मौजूद नहीं थे और हमले के तुरंत बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।

इजराइल का दावा: हमला न करते तो ईरान कर देता हमला इस हमले के बाद इजराइल का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने इसे बचाव की कार्रवाई बताया है। इजराइल के अनुसार, यदि वे यह हमला (प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक) नहीं करते, तो ईरान उन पर हमला कर देता। अमेरिकी अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि यह हमला अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई का हिस्सा है, जिसके बारे में पहले ही चेतावनी दी गई थी।

एयरस्पेस बंद और सड़कों पर एंबुलेंस का शोर: हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है और सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। ईरान और इजराइल दोनों जगहों पर एयर अटैक सायरन बज रहे हैं और लोग सुरक्षा के लिए बंकरों में चले गए हैं। ईरान की सड़कों पर घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस का तांता लगा हुआ है।