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डॉलर की मार से सोना-चांदी हुए धराशाई: दिल्ली में चांदी ₹9,000 और सोना ₹2,950 टूटा

बिजनेस डेस्क: वैश्विक बाजारों में कमज़ोरी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमत ₹9,000 (3.4%) गिरकर ₹2.56 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गई है। वहीं, सोने की कीमत में ₹2,950 (1.81%) की कमी आई है, जिससे अब यह ₹1,60,250 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुँच गया है।

गिरावट के मुख्य कारण:

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारक हैं:

मजबूत अमेरिकी डॉलर: डॉलर इंडेक्स में बढ़त की वजह से निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं से हटकर अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड की ओर बढ़ गया है।

भू-राजनीतिक तनाव: मध्य-पूर्व (खासकर अमेरिका-ईरान) में चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका है।

ब्याज दरें: महंगाई की चिंताओं के बीच यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक (फेड रिजर्व) ब्याज दरों में कटौती के फैसले को टाल सकता है।मार्च के महीने में अब तक सोना ₹4,400 से ज्यादा और चांदी ₹11,000 से अधिक सस्ती हो चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात या नीतियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, तब तक कीमतों में नरमी बनी रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोना (Spot Gold) 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गया है।

चांदी की कीमतों में 1 लाख रुपये की आ सकती है बड़ी गिरावट ! क्या 1980 की तरह फिर से बाजार में गिरावट आएगी?

बिजनेस डेस्क: देश के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें भले ही नए रिकॉर्ड बना रही हों, लेकिन एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को बड़ी गिरावट की चेतावनी दी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले समय में चांदी की कीमतों में 1 लाख रुपये तक का बड़ा करेक्शन देखने को मिल सकता है। अभी चांदी काफी ‘ओवरवैल्यूड’ (महंगी) हो गई है और अगर यह 3.25 लाख से 3.30 लाख रुपये के टारगेट लेवल तक पहुंच जाती है, तो वहां से इसकी कीमतों में 30 परसेंट तक की गिरावट आ सकती है, जिससे कीमत वापस 2.30 लाख रुपये के लेवल पर आ सकती है।

गिरावट के मुख्य कारण: एक्सपर्ट्स ने इस संभावित गिरावट के कई अहम कारण बताए हैं:

टैरिफ में राहत: अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन अगर टैरिफ वापस ले लिए जाते हैं, तो कीमतों में कमी आएगी।

मेटल रिप्लेसमेंट थ्योरी: चांदी इतनी महंगी हो गई है कि अब सोलर पैनल, EV और इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनियां चांदी के सस्ते विकल्प के तौर पर कॉपर और एल्युमीनियम इस्तेमाल करने के बारे में सोच रही हैं।

डॉलर इंडेक्स में सुधार: डॉलर इंडेक्स में रिकवरी भी चांदी की कीमतों को नीचे लाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

गोल्ड-सिल्वर रेश्यो: अभी यह रेश्यो 14 साल के निचले स्तर पर है, जिसके अब बढ़ने की संभावना है।

इतिहास दोहराने का डर: केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, चांदी में अब रिटर्न की गुंजाइश बहुत कम रह गई है। उन्होंने 1980 के इतिहास का हवाला दिया, जब चांदी अपने पीक पर पहुंचने के बाद अगले दो महीनों में 70 परसेंट तक गिर गई थी। इसी तरह, 2011 में कीमतों में 32 परसेंट की गिरावट देखी गई थी।गौरतलब है कि पिछले एक महीने में ही चांदी की कीमतों में 50 परसेंट (लगभग 1 लाख रुपये) से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है।

सोमवार को MCX पर चांदी अपने ऑल-टाइम हाई 3,19,949 रुपये पर पहुंच गई थी। अब सवाल यह है कि क्या निवेशक इस महंगी चांदी में अपनी दिलचस्पी बनाए रखेंगे या प्रॉफिट बुकिंग के कारण बाजार में बड़ी गिरावट आएगी।

सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: चांदी में 6,000 रुपये की गिरावट, सोना भी हुआ सस्ता; जानें MCX पर आज के लेटेस्ट भाव

बिजनेस डेस्क: आज भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। खासकर, बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिसमें 6,000 रुपये से ज्यादा की कमी देखी गई। सोने की कीमतों में भी मामूली गिरावट देखी गई है।

चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: MCX पर 5 मार्च डिलीवरी वाली चांदी पिछले सेशन में 2,91,577 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। आज यह 2,87,127 रुपये पर खुली और शुरुआती कारोबार में 2,85,513 रुपये तक नीचे गई। सुबह करीब 9:45 बजे यह करीब 1.18 फीसदी की गिरावट के साथ 2,88,128 रुपये पर कारोबार कर रही थी।

सोने की कीमत का हाल: सोने की कीमतों में भी आज करीब 500 रुपये की गिरावट आई। 5 फरवरी को डिलीवरी वाला सोना आज 1,42,589 रुपये पर खुला। सुबह 10 बजे यह करीब 0.24 परसेंट की गिरावट के साथ 1,42,771 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।क्यों आ रहा है यह बदलाव? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव और US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी की वजह से इन्वेस्टर्स का रुझान सोने और चांदी की तरफ हुआ है। इसके अलावा कई देशों के सेंट्रल बैंकों की तरफ से सोने की खरीदारी का भी मार्केट पर असर पड़ रहा है।

इन्वेस्टमेंट और रिटर्न: पिछले एक साल का डेटा देखें तो सोने की कीमत में करीब 80% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि चांदी ने 192% का जबरदस्त रिटर्न दिया है। इस साल अब तक सोने की कीमत में 5% और चांदी की कीमत में 15% की बढ़ोतरी हुई है।