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अमृतसर में विधायक जीवनजोत कौर के PA पर केस, दुकानदार से मारपीट का आरोप

अमृतसर ईस्ट की विधायक जीवनजोत कौर के PA मनिंदर सिंह पर दुकानदार से मारपीट का आरोप है। ₹4.50 लाख के लेनदेन के विवाद में पुलिस ने FIR दर्ज की।

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाब के अमृतसर में अमृतसर ईस्ट की विधायक जीवनजोत कौर के निजी सहायक (PA) मनिंदर सिंह के खिलाफ एक दुकानदार से मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता अश्वनी कुमार का आरोप है कि 17 अक्टूबर को रामबाग चर्च के सामने स्थित बाजार में उन्हें घेरकर पीटा गया और किरच से उनके पेट पर दो वार किए गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गांव पाखरपुरा निवासी 43 वर्षीय अश्वनी कुमार इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाते हैं। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर को बाजार में उनकी मुलाकात सुच्चा सिंह, उसके बेटे राणा, हरप्रीत सिंह, दामाद मनिंदर सिंह और एक अन्य व्यक्ति से हुई। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और फिर हमला कर दिया गया।

पेट पर किरच से वार करने का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार, राणा और सुच्चा सिंह ने उन्हें पकड़ लिया, जबकि मनिंदर सिंह और एक अन्य व्यक्ति ने उनके साथ मारपीट की। अश्वनी कुमार ने आरोप लगाया कि हरप्रीत सिंह ने किरच से उनके पेट के दाईं ओर दो वार किए, जिससे वह घायल हो गए और खून बहने लगा।

घटना के बाद उन्हें पहले सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें गुरु नानक अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें 108 एंबुलेंस के जरिए अमनदीप अस्पताल में भर्ती कराया गया।

₹4.50 लाख के लेनदेन को लेकर विवाद

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी बहन के जेठ सुच्चा सिंह को 4.50 लाख रुपये उधार दिए थे। उनके मुताबिक, रकम वापस मांगने को लेकर विवाद चल रहा था। अश्वनी कुमार ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश के चलते उन पर हमला किया गया।

पुलिस ने इन धाराओं के तहत दर्ज की FIR

थाना ए डिवीजन के एएसआई भरतराज सिंह के अनुसार, घायल के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 190, 191(3) और 61(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच की जा रही है।

फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

मैड संधू हत्याकांड में बड़ी कामयाबी, मुख्य शूटर अहमदाबाद से गिरफ्तार; अब तक 6 आरोपी काबू

अमृतसर के मैड संधू हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य शूटर परमिंदर उर्फ काका को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, अब तक 6 आरोपी पकड़े गए हैं और 125 किलोमीटर की CCTV ट्रेल खंगाली गई है।

125 किलोमीटर की CCTV ट्रेल खंगालकर पुलिस मुख्य शूटर तक पहुंची, गोल्डी ढिल्लों से जुड़े तारों की जांच जारी

अमृतसर / सत्ता संदेश

दिनांक : 9 अक्टूबर 2026

चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू हत्याकांड में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य शूटर बताए जा रहे परमिंदर सिंह उर्फ काका को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दूसरे शूटर की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वारदात के बाद परमिंदर उर्फ काका अहमदाबाद फरार हो गया था। वहां उसके पैसे खत्म होने के बाद उसने अपने भाई अमनदीप सिंह के माध्यम से पैसे मंगवाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, तकनीकी जांच और QR कोड स्कैनर से जुड़े लेन-देन की पड़ताल के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से ऐसे जूते भी बरामद करने का दावा किया है, जिन्हें कथित तौर पर वारदात के समय पहना गया था।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में परमिंदर उर्फ काका का भाई अमनदीप सिंह भी शामिल है। जांच में सामने आए वित्तीय लेन-देन को लेकर पुलिस ने दावा किया कि विदेश में बैठे गैंगस्टरों की ओर से अमनदीप के खाते में 16 हजार रुपये भेजे गए थे। इनमें से 11 हजार रुपये परमिंदर और 5 हजार रुपये परमवीर को दिए गए थे। पुलिस अब इन पैसों के स्रोत और हत्याकांड में उनकी कथित भूमिका की जांच कर रही है।

मामले में परमवीर सिंह निवासी लोहियां खास को हथियार और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बलराज सिंह उर्फ बंटी पर वारदात से पहले रेकी करने और हथियार पहुंचाने का आरोप है, जबकि विकास सिंह पर बलराज के साथ मिलकर रेकी और अन्य सहायता देने का आरोप लगाया गया है। छठे आरोपी बलजिंदर सिंह निवासी तरनतारन को आरोपियों को मोटरसाइकिल से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और फरार होने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, परमिंदर के खिलाफ पहले पांच और बलजिंदर के खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गोल्डी ढिल्लों से जुड़े तारों की जांच

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, शुरुआती जांच में हत्याकांड के तार गोल्डी ढिल्लों से जुड़े होने की आशंका सामने आई है। पुलिस को संदेह है कि इलाके में दहशत पैदा करके गैंग की पहचान मजबूत करने और बाद में कारोबारियों से फिरौती मांगने की साजिश के तहत हत्या को अंजाम दिया गया हो सकता है। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है। पुलिस ने बताया कि वारदात से पहले मैड संधू की ओर से फिरौती को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई थी।

125 किलोमीटर की CCTV फुटेज खंगाली

आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने करीब 125 किलोमीटर के दायरे में CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के मुताबिक, जांच से बचने के लिए आरोपियों ने कच्चे रास्तों, वैकल्पिक मार्गों और हाईवे पर गलत दिशा में जाने जैसे तरीके अपनाए। इसके बावजूद पुलिस ने विभिन्न कैमरों की फुटेज को जोड़कर उनकी गतिविधियों का पता लगाया।

पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर और स्प्लेंडर मोटरसाइकिलों के साथ हथियारों की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार, वारदात में .30 बोर के हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। दूसरे शूटर की पहचान भी कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।

मुख्य शूटर परमिंदर उर्फ काका को अहमदाबाद से अमृतसर लाया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान हत्या की कथित साजिश, हथियारों की सप्लाई और विदेश में बैठे गैंगस्टरों के साथ संभावित संपर्कों को लेकर और जानकारी मिल सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और पूछताछ के आधार पर की जाएगी।

Amritsar : दिनेश बस्सी की गिरफ्तारी के बाद गरमाया माहौल, कांग्रेस पार्षदों ने पुलिस के खिलाफ किया प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

कांग्रेस नेता और इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दिनेश बस्सी की गिरफ्तारी के बाद अमृतसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। दिनेश बस्सी के समर्थन में कांग्रेस पार्षदों और नेताओं ने पुलिस प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर बदसलूकी के आरोप लगाए। वहीं, पुलिस द्वारा पार्षदों को थाने से बाहर निकालने का एक वीडियो भी सामने आया है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि दिनेश बस्सी को पुलिस ने पूछताछ में सहयोग करने के लिए थाने बुलाया था, लेकिन बाद में उन्हें थाने के अंदर बैठा लिया गया। इसके बाद कांग्रेस के कुछ पार्षद उनके साथ सिविल लाइंस थाने पहुंचे।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की और उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

पार्षद संजीव टांगरी ने पंजाब पुलिस और सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को थाने से धक्का देकर बाहर निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि दिनेश बस्सी को राजनीतिक दबाव के चलते मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। संजीव टांगरी के मुताबिक, दिनेश बस्सी की गलती सिर्फ इतनी है कि वह कांग्रेस की ओर से ईस्ट हलके से चुनाव लड़ना चाहते हैं।

वहीं, पार्षद रमन रम्मी ने आरोप लगाया कि दिनेश बस्सी को पुलिस जांच में सहयोग करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्हें थाने के अंदर बैठा लिया गया। रमन रम्मी के मुताबिक, जब पांच पार्षद उनके साथ थाने पहुंचे तो बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे और कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।

रमन रम्मी ने यह भी आरोप लगाया कि थाने के अंदर खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की ओर से कोई गलत कार्रवाई की गई तो कांग्रेस पार्षद थाने में ही गिरफ्तारी देने से पीछे नहीं हटेंगे।

पार्षद सतीश बल्लू ने कहा कि पुलिस के संदेश के बाद दिनेश बस्सी खुद थाने पहुंचे थे और वह पांच पार्षदों के साथ SHO के कमरे में बैठे थे। उनके मुताबिक, SHO को एक फोन आने के बाद स्थिति बदल गई और पुलिस ने उन्हें थाने से जाने के लिए कहा। सतीश बल्लू ने आरोप लगाया कि इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और चुने हुए प्रतिनिधियों को धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया।

कांग्रेस नेता बॉबी पहलवान ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने दावा किया कि जिस FIR का पुलिस की ओर से जिक्र किया जा रहा है, उसमें दिनेश बस्सी का नाम नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दिनेश बस्सी के खिलाफ जबरदस्ती या गलत कार्रवाई की गई तो कांग्रेस की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस की ओर से धक्का-मुक्की या कथित तौर पर गलत कार्रवाई जारी रही तो शहर के बाजार बंद करवाने और सड़कों पर धरना देने का फैसला लिया जा सकता है। मामले को लेकर अमृतसर में राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं।

अमृतसर : झबाल रोड पर हंगामा, निहंग सिंहों के बीच मारपीट; SHO से भी हाथापाई की खबर

अमृतसर / सत्ता संदेश

गेट हकीमा थाना क्षेत्र के झबाल रोड पर शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब प्रदर्शन कर रहे निहंग सिंहों ने मौके पर पहुंचे एक अन्य निहंग सिंह को रोक लिया और उसकी कथित तौर पर पिटाई कर दी। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब उसे बचाने पहुंचे गेट हकीमा थाने के SHO के साथ भी हाथापाई होने की बात सामने आई।

जानकारी के अनुसार, कुछ निहंग सिंह झबाल रोड पर धरना देकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान एक अन्य निहंग सिंह वहां पहुंचा, जिसे प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उसकी मारपीट की गई। सूचना मिलने पर गेट हकीमा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और घायल/पिट रहे व्यक्ति को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस अधिकारी और प्रदर्शन कर रहे निहंग सिंहों के बीच कथित तौर पर हाथापाई हो गई। बाद में पुलिस उस व्यक्ति को अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई।

धरने पर बैठे एक निहंग सिंह ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि करीब एक घंटे पहले उन पर हमला किया गया था और फायरिंग भी हुई थी। इसके बाद उन्होंने विरोध में धरना शुरू किया। उनका दावा था कि विरोधी पक्ष ने कथित तौर पर स्थिति की जानकारी लेने के लिए एक व्यक्ति को भेजा था, जिसे प्रदर्शनकारियों ने पकड़ लिया था। निहंग सिंह के अनुसार, बाद में पुलिस अधिकारी उस व्यक्ति को उनसे छुड़ाकर ले गए।

प्रदर्शनकारी निहंग सिंह ने मेजर सिंह भिंडव के साथ पहले से विवाद होने का भी दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले पकड़े गए कुछ लोगों को भी पुलिस प्रशासन ने छोड़ दिया था। उन्होंने पुलिस पर विरोधी पक्ष के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

वहीं, गेट हकीमा थाने के SHO ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों से अलग जानकारी देते हुए कहा कि सड़क से कुछ गाड़ियां गुजरी थीं, जिन्हें निहंग सिंह मेजर सिंह की गाड़ियां बता रहे हैं। इसी को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। SHO के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच पहले से मनमुटाव है, लेकिन मौके पर गाड़ियों के गुजरने के अलावा किसी बड़ी घटना की जानकारी नहीं मिली।

SHO ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने गाड़ियों के गुजरने के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज किए जाने की जानकारी दी थी। सड़क पर धरना होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ, जिसके चलते पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और इलाके में तनाव को नियंत्रित रखने के लिए कार्रवाई की जा रही है। मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

Amritsar : ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या, DGP गौरव यादव ने मौके पर पहुंचकर जांच की

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाब के अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शुक्रवार तड़के भकतांवाला अनाज मंडी के पास हुई। शुरुआती जांच के मुताबिक, मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने ASI का पीछा किया और करीब से गोली मारकर फरार हो गए। हरजीत सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पंजाब के DGP गौरव यादव अमृतसर पहुंचे और भकतांवाला अनाज मंडी स्थित घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पहले मृतक ASI के परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और इसके बाद पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच तथा अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली।

.30 बोर की गोली से हमला

DGP गौरव यादव के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने ASI हरजीत सिंह का पीछा किया और बेहद करीब से फायरिंग की। गोली उनके गर्दन के पिछले हिस्से में लगी। पुलिस ने घटनास्थल से .30 बोर का खाली खोल बरामद किया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

हरजीत सिंह थाना गेट हकीमा के तहत पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) ड्यूटी पर तैनात थे। पुलिस के अनुसार वह ड्यूटी के दौरान भकतांवाला अनाज मंडी क्षेत्र में थे। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें काम कर रही हैं।

CCTV और तकनीकी जांच पर जोर

DGP ने अधिकारियों को मामले की तकनीकी जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। इसके अलावा घटनास्थल से मिले सबूतों की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है।

DGP गौरव यादव ने कहा कि पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी ASI हरजीत सिंह की मौत पर शोक व्यक्त किया है। सरकार की ओर से उनके परिवार के लिए एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है।

अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। DGP गौरव यादव ने घटनास्थल और परिवार से मुलाकात की। पुलिस CCTV और तकनीकी सबूतों की जांच में जुटी है।

Amritsar ASI Murder: गश्त कर रहे ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या, तरुण चुघ ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

अमृतसर के गेट हकीमा इलाके में ड्यूटी पर तैनात ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या। भाजपा नेता तरुण चुघ ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में थाना गेट हकीमा के इलाके में देर रात गश्त कर रहे पंजाब पुलिस के ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्टों के मुताबिक, वह मोटरसाइकिल पर गश्त कर रहे थे, इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल हरजीत सिंह ने बाद में दम तोड़ दिया।

पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर ASI हरजीत सिंह की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई। पुलिस ने शोक जताते हुए उनके परिवार के साथ खड़े होने की बात कही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से परिवार के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है।

घटना के बाद एक संगठन की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पंजाब पुलिस ने इस हमले को आतंकी घटना बताए जाने वाले दावे का खंडन किया है। ऐसे में मामले की जांच और हमले के वास्तविक कारण को लेकर पुलिस की आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी।

इस घटना को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए हैं। चुघ ने घटना को दुखद बताते हुए आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल प्रभावित करने वाली घटनाएं सामने आती रही हैं।

तरुण चुघ ने अपने बयान में पंजाब में पुलिस थानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी में तैनात जवानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने ड्रग माफिया, जबरन वसूली और गैंगस्टर गतिविधियों को भी पंजाब की सुरक्षा के लिए चुनौती बताया।

भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि जब पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान तथा वारदात के पीछे के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। घटना ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।

अमृतसर में ड्रग तस्करी से जुड़े परिवार के अवैध निर्माण पर कार्रवाई, हथौड़ों से गिराया गया ढांचा

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर के गुज्जरपुरा इलाके में ड्रग तस्करी से जुड़े एक परिवार के कथित अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम और अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट ने संयुक्त कार्रवाई की। गली संकरी होने के कारण मौके पर JCB नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद नगर निगम की टीम ने हथौड़ों की मदद से अवैध निर्माण को गिराया।

कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस और नगर निगम की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच निर्माण को हटाने की कार्रवाई की।

मीडिया से बातचीत करते हुए अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि गुज्जरपुरा इलाके की रहने वाली रानी के खिलाफ पहले से छह मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, उसके दो बेटों राजू और कीपा उर्फ चरणजीत सिंह के खिलाफ भी ड्रग तस्करी से जुड़े मामले दर्ज हैं।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि ड्रग्स के कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई कथित गैर-कानूनी संपत्तियों और निर्माण की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

हरमनबीर सिंह गिल के मुताबिक रानी के खिलाफ दर्ज छह मामलों में से दो मामलों में उसे सजा हो चुकी है, जबकि दो मामलों में वह जमानत पर है और दो मामले अदालत में विचाराधीन हैं।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आने वाले दिनों में अन्य संदिग्ध ड्रग तस्करों की संपत्तियों की भी जांच की जाएगी। जहां भी गैर-कानूनी निर्माण पाया जाएगा, वहां कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा ड्रग तस्करी में शामिल लोगों की चल-अचल संपत्तियों से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि पुलिस का फोकस केवल ड्रग तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को भी मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए बातचीत, काउंसलिंग और नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से युवाओं को उपचार और सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

पुलिस कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रग तस्करों के साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस विभाग का कोई कर्मचारी या अधिकारी गैंगस्टरों या ड्रग तस्करों के साथ मिलीभगत करता पाया गया तो उसके खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती युवाओं का समुचित इलाज सुनिश्चित करने के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट के साथ मिलकर भी काम किया जाएगा।

अमृतसर पुलिस और नगर निगम की इस संयुक्त कार्रवाई को ड्रग तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ड्रग तस्करी से जुड़े लोगों की संपत्तियों और अवैध निर्माण की जांच आगे भी जारी रहेगी।

अमृतसर : अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़, 2 AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / तरजिंदर सिंह

कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने गैर-कानूनी हथियार सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 AK-47 राइफल, 3 मैगजीन और 50 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

बरामद हथियारों के संबंध में जानकारी देते हुए अमृतसर के IPS पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस की ओर से अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से AK-47 राइफल समेत हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस ने इस मामले में थाना छेहरटा, अमृतसर में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद हथियार कहां से लाए गए थे और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। मामले में आगे की जांच जारी है।

अमृतसर : PCR सिस्टम का बड़ा बदलाव, अब 68 बीट और 34 रेड अलर्ट पॉइंट पर रहेगी नजर

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट :विक्रमजीत सिंह/तरजिंदर सिंह

अमृतसर में अपराध पर लगाम लगाने, 112 इमरजेंसी कॉल पर पुलिस की त्वरित मदद सुनिश्चित करने और पुलिस की ग्राउंड लेवल मौजूदगी मजबूत करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने PCR सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। नए सिस्टम के तहत शहर को 68 PCR बीट में बांटा गया है, जबकि 34 रेड अलर्ट पॉइंट चिन्हित किए गए हैं।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल, IPS ने 13 नई PCR मोटरसाइकिलों और 5 नई गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान DCP लोकल आकर्षि जैन, DCP ऑपरेशंस जुगराज सिंह, DCP इन्वेस्टिगेशन प्रभजोत सिंह विर्क और DCP लॉ एंड ऑर्डर रविंदर पाल सिंह संधू समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस के मुताबिक, PCR सिस्टम का नया री-अलाइनमेंट शहर की मौजूदा ग्राउंड रियलिटी, जनसंख्या घनत्व और पुलिस स्टेशनों की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पहले शहर में करीब 50 बीट थीं और कई बीट दो अलग-अलग पुलिस स्टेशनों के इलाकों में ओवरलैप करती थीं। इससे इमरजेंसी के समय पुलिस टीमों को मौके तक पहुंचने में परेशानी होती थी। अब प्रत्येक PCR बीट को संबंधित पुलिस स्टेशन की सीमा के अनुसार स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है।

68 PCR बीट में बंटा शहर

नए सिस्टम में अमृतसर शहर को कुल 68 PCR बीट में बांटा गया है। पुराने और अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोटरसाइकिल PCR को प्राथमिकता दी गई है, जबकि खुले और नए विकसित इलाकों में PCR वाहनों की तैनाती की जाएगी। इसके तहत 13 नई PCR मोटरसाइकिलें सिस्टम में शामिल की गई हैं, जिनका ट्रायल रन पिछले कुछ दिनों से चल रहा था।

पुलिस का लक्ष्य है कि 112 पर इमरजेंसी कॉल प्राप्त होने के बाद संबंधित PCR टीम को तत्काल अलर्ट किया जाए और पुलिस की प्रतिक्रिया का समय लगभग 5 से 10 मिनट के भीतर रखने का प्रयास किया जाए।

34 रेड अलर्ट पॉइंट पर तुरंत नाकाबंदी

नए PCR सिस्टम में 34 रेड अलर्ट पॉइंट भी तैयार किए गए हैं। किसी आपराधिक घटना या अन्य गंभीर स्थिति में तत्काल नाकाबंदी की जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम संबंधित PCR टीमों को इन चिन्हित स्थानों पर भेज सकेगा। इससे संदिग्ध वाहनों और लोगों की चेकिंग तथा घटना के बाद घेराबंदी को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

PCR बीट को लगातार सक्रिय रखने के लिए पुलिस लाइन में अतिरिक्त मोटरसाइकिलें रिजर्व में भी रखी गई हैं। किसी बीट की मोटरसाइकिल में तकनीकी खराबी आने पर उसकी जगह तुरंत दूसरी मोटरसाइकिल भेजने की व्यवस्था की गई है।

हर बीट की जानकारी होगी बीट बुक में

पुलिस ने प्रत्येक PCR बीट के लिए विशेष बीट बुक भी तैयार की है। इसमें संबंधित इलाके के अस्पताल, धार्मिक स्थल, बैंक, ATM, रेलवे लाइन, मुख्य सड़कें, संवेदनशील स्थान और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की जानकारी दर्ज होगी। बीट बुक में बीट का लैमिनेटेड मैप भी रखा जाएगा, ताकि किसी नए पुलिसकर्मी को भी इलाके और उसकी जिम्मेदारियों की जानकारी आसानी से मिल सके।

पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि PCR सिस्टम के नए री-अलाइनमेंट का मुख्य उद्देश्य क्राइम प्रिवेंशन, तेज रिस्पॉन्स, बेहतर पेट्रोलिंग और पुलिस की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी केवल घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि अपराध को रोकने के लिए शहर के महत्वपूर्ण इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जाए।

पुलिस के अनुसार नए सिस्टम की लगातार समीक्षा की जाएगी और PCR स्टाफ को नियमित रूप से आवश्यक जानकारी एवं दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

अमृतसर में सुरक्षा कड़ी: 1000 पुलिसकर्मी तैनात, रात 12 बजे के बाद रेस्टोरेंट पर सख्ती

अमृतसर में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। 68 पुलिस बीट पर करीब 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती, रात में स्पेशल चेकिंग और नाइट डोमिनेशन प्लान लागू किया गया।

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / तरजिंदर सिंह

अमृतसर / सत्ता संदेश

शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अमृतसर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पुलिस कमिश्नर अमृतसर हरमनबीर सिंह गिल, IPS के निर्देशों पर शहर में विशेष चेकिंग अभियान के साथ-साथ दिन-रात डोमिनेशन प्लान लागू किया गया है।

रंजीत एवेन्यू स्थित स्टारबक्स के पास डी-ब्लॉक में बनाए गए चेकपॉइंट पर चेकिंग के दौरान DCP ऑपरेशंस जुगराज सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस की टीमों और संबंधित थानों के SHO द्वारा संयुक्त रूप से वाहनों की जांच की जा रही है।

पुलिस की ओर से वाहनों पर लगी काली फिल्म, आपत्तिजनक या नियमों का उल्लंघन करने वाले स्टिकर तथा अन्य ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि चेकिंग का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और शहर में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

रात 12 बजे के बाद रेस्टोरेंट और फूड पॉइंट पर सख्ती

पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के अनुसार अमृतसर शहर में सभी खाने-पीने की दुकानें, फूड पॉइंट और रेस्टोरेंट रात 12 बजे के बाद खुले नहीं रहेंगे। निर्धारित समय के बाद कारोबार जारी रखने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही वाहनों में जानलेवा हथियार या संदिग्ध सामान लेकर चलने वालों पर भी पुलिस की विशेष नजर रहेगी। चेकिंग के दौरान यदि किसी व्यक्ति के पास हथियार या कोई संदिग्ध वस्तु बरामद होती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तेज म्यूजिक बजाने वालों पर भी पुलिस की नजर

शहर में सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए तेज आवाज में म्यूजिक बजाने वालों पर भी पुलिस नजर रख रही है। पुलिस के मुताबिक वाहनों या सार्वजनिक स्थानों पर तेज म्यूजिक बजाकर लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

68 पुलिस बीट पर दिन-रात डोमिनेशन

DCP ऑपरेशंस के अनुसार अमृतसर शहर में कुल 68 पुलिस बीट पर दिन-रात डोमिनेशन प्लान के तहत पुलिस बल तैनात किया गया है। EVR, PCR, QRT वाहनों, नाकाबंदी और पेट्रोलिंग प्वाइंट्स समेत अलग-अलग सुरक्षा व्यवस्थाओं में करीब 1000 पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

पुलिस टीमें लगातार शहर में पेट्रोलिंग कर रही हैं और संवेदनशील तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच की जा रही है। नाकाबंदी के साथ-साथ प्रमुख स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस नाइट डोमिनेशन प्लान का उद्देश्य शहर में आपराधिक गतिविधियों को रोकना, संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करना और आम लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।

कानून तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी छूट

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल, IPS ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस का फोकस अपराध पर नियंत्रण के साथ-साथ शहर में शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने पर है।

अमृतसर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे कानून और ट्रैफिक नियमों का पालन करें, रात के समय निर्धारित समय-सीमा का सम्मान करें और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में पुलिस का सहयोग करें।