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अमृतसर : अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़, 2 AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / तरजिंदर सिंह

कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने गैर-कानूनी हथियार सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 AK-47 राइफल, 3 मैगजीन और 50 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

बरामद हथियारों के संबंध में जानकारी देते हुए अमृतसर के IPS पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस की ओर से अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से AK-47 राइफल समेत हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस ने इस मामले में थाना छेहरटा, अमृतसर में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद हथियार कहां से लाए गए थे और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। मामले में आगे की जांच जारी है।

अमृतसर : PCR सिस्टम का बड़ा बदलाव, अब 68 बीट और 34 रेड अलर्ट पॉइंट पर रहेगी नजर

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट :विक्रमजीत सिंह/तरजिंदर सिंह

अमृतसर में अपराध पर लगाम लगाने, 112 इमरजेंसी कॉल पर पुलिस की त्वरित मदद सुनिश्चित करने और पुलिस की ग्राउंड लेवल मौजूदगी मजबूत करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने PCR सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। नए सिस्टम के तहत शहर को 68 PCR बीट में बांटा गया है, जबकि 34 रेड अलर्ट पॉइंट चिन्हित किए गए हैं।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल, IPS ने 13 नई PCR मोटरसाइकिलों और 5 नई गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान DCP लोकल आकर्षि जैन, DCP ऑपरेशंस जुगराज सिंह, DCP इन्वेस्टिगेशन प्रभजोत सिंह विर्क और DCP लॉ एंड ऑर्डर रविंदर पाल सिंह संधू समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस के मुताबिक, PCR सिस्टम का नया री-अलाइनमेंट शहर की मौजूदा ग्राउंड रियलिटी, जनसंख्या घनत्व और पुलिस स्टेशनों की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पहले शहर में करीब 50 बीट थीं और कई बीट दो अलग-अलग पुलिस स्टेशनों के इलाकों में ओवरलैप करती थीं। इससे इमरजेंसी के समय पुलिस टीमों को मौके तक पहुंचने में परेशानी होती थी। अब प्रत्येक PCR बीट को संबंधित पुलिस स्टेशन की सीमा के अनुसार स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है।

68 PCR बीट में बंटा शहर

नए सिस्टम में अमृतसर शहर को कुल 68 PCR बीट में बांटा गया है। पुराने और अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोटरसाइकिल PCR को प्राथमिकता दी गई है, जबकि खुले और नए विकसित इलाकों में PCR वाहनों की तैनाती की जाएगी। इसके तहत 13 नई PCR मोटरसाइकिलें सिस्टम में शामिल की गई हैं, जिनका ट्रायल रन पिछले कुछ दिनों से चल रहा था।

पुलिस का लक्ष्य है कि 112 पर इमरजेंसी कॉल प्राप्त होने के बाद संबंधित PCR टीम को तत्काल अलर्ट किया जाए और पुलिस की प्रतिक्रिया का समय लगभग 5 से 10 मिनट के भीतर रखने का प्रयास किया जाए।

34 रेड अलर्ट पॉइंट पर तुरंत नाकाबंदी

नए PCR सिस्टम में 34 रेड अलर्ट पॉइंट भी तैयार किए गए हैं। किसी आपराधिक घटना या अन्य गंभीर स्थिति में तत्काल नाकाबंदी की जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम संबंधित PCR टीमों को इन चिन्हित स्थानों पर भेज सकेगा। इससे संदिग्ध वाहनों और लोगों की चेकिंग तथा घटना के बाद घेराबंदी को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

PCR बीट को लगातार सक्रिय रखने के लिए पुलिस लाइन में अतिरिक्त मोटरसाइकिलें रिजर्व में भी रखी गई हैं। किसी बीट की मोटरसाइकिल में तकनीकी खराबी आने पर उसकी जगह तुरंत दूसरी मोटरसाइकिल भेजने की व्यवस्था की गई है।

हर बीट की जानकारी होगी बीट बुक में

पुलिस ने प्रत्येक PCR बीट के लिए विशेष बीट बुक भी तैयार की है। इसमें संबंधित इलाके के अस्पताल, धार्मिक स्थल, बैंक, ATM, रेलवे लाइन, मुख्य सड़कें, संवेदनशील स्थान और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की जानकारी दर्ज होगी। बीट बुक में बीट का लैमिनेटेड मैप भी रखा जाएगा, ताकि किसी नए पुलिसकर्मी को भी इलाके और उसकी जिम्मेदारियों की जानकारी आसानी से मिल सके।

पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि PCR सिस्टम के नए री-अलाइनमेंट का मुख्य उद्देश्य क्राइम प्रिवेंशन, तेज रिस्पॉन्स, बेहतर पेट्रोलिंग और पुलिस की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी केवल घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि अपराध को रोकने के लिए शहर के महत्वपूर्ण इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जाए।

पुलिस के अनुसार नए सिस्टम की लगातार समीक्षा की जाएगी और PCR स्टाफ को नियमित रूप से आवश्यक जानकारी एवं दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

अमृतसर में सुरक्षा कड़ी: 1000 पुलिसकर्मी तैनात, रात 12 बजे के बाद रेस्टोरेंट पर सख्ती

अमृतसर में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। 68 पुलिस बीट पर करीब 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती, रात में स्पेशल चेकिंग और नाइट डोमिनेशन प्लान लागू किया गया।

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / तरजिंदर सिंह

अमृतसर / सत्ता संदेश

शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अमृतसर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पुलिस कमिश्नर अमृतसर हरमनबीर सिंह गिल, IPS के निर्देशों पर शहर में विशेष चेकिंग अभियान के साथ-साथ दिन-रात डोमिनेशन प्लान लागू किया गया है।

रंजीत एवेन्यू स्थित स्टारबक्स के पास डी-ब्लॉक में बनाए गए चेकपॉइंट पर चेकिंग के दौरान DCP ऑपरेशंस जुगराज सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस की टीमों और संबंधित थानों के SHO द्वारा संयुक्त रूप से वाहनों की जांच की जा रही है।

पुलिस की ओर से वाहनों पर लगी काली फिल्म, आपत्तिजनक या नियमों का उल्लंघन करने वाले स्टिकर तथा अन्य ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि चेकिंग का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और शहर में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

रात 12 बजे के बाद रेस्टोरेंट और फूड पॉइंट पर सख्ती

पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के अनुसार अमृतसर शहर में सभी खाने-पीने की दुकानें, फूड पॉइंट और रेस्टोरेंट रात 12 बजे के बाद खुले नहीं रहेंगे। निर्धारित समय के बाद कारोबार जारी रखने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही वाहनों में जानलेवा हथियार या संदिग्ध सामान लेकर चलने वालों पर भी पुलिस की विशेष नजर रहेगी। चेकिंग के दौरान यदि किसी व्यक्ति के पास हथियार या कोई संदिग्ध वस्तु बरामद होती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तेज म्यूजिक बजाने वालों पर भी पुलिस की नजर

शहर में सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए तेज आवाज में म्यूजिक बजाने वालों पर भी पुलिस नजर रख रही है। पुलिस के मुताबिक वाहनों या सार्वजनिक स्थानों पर तेज म्यूजिक बजाकर लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

68 पुलिस बीट पर दिन-रात डोमिनेशन

DCP ऑपरेशंस के अनुसार अमृतसर शहर में कुल 68 पुलिस बीट पर दिन-रात डोमिनेशन प्लान के तहत पुलिस बल तैनात किया गया है। EVR, PCR, QRT वाहनों, नाकाबंदी और पेट्रोलिंग प्वाइंट्स समेत अलग-अलग सुरक्षा व्यवस्थाओं में करीब 1000 पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

पुलिस टीमें लगातार शहर में पेट्रोलिंग कर रही हैं और संवेदनशील तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच की जा रही है। नाकाबंदी के साथ-साथ प्रमुख स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस नाइट डोमिनेशन प्लान का उद्देश्य शहर में आपराधिक गतिविधियों को रोकना, संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करना और आम लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।

कानून तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी छूट

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल, IPS ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस का फोकस अपराध पर नियंत्रण के साथ-साथ शहर में शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने पर है।

अमृतसर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे कानून और ट्रैफिक नियमों का पालन करें, रात के समय निर्धारित समय-सीमा का सम्मान करें और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में पुलिस का सहयोग करें।

अमृतसर में IDH मार्केट में दुकान के मालिकाना हक को लेकर हुआ विवाद
  • अमृतसर बस स्टैंड के पास दुकान को लेकर विवाद, दो पार्टियों ने किया मालिकाना हक का दावा

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर बस स्टैंड के पास स्थित शहीद भगत सिंह मार्केट, जिसे IDH मार्केट के नाम से भी जाना जाता है, में एक दुकान को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद सामने आया है। मामला दुकान के मालिकाना हक, किराएदारी और पार्टनरशिप से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों पक्ष दुकान पर अपना-अपना अधिकार जता रहे हैं। विवाद बढ़ने के बाद मामला पुलिस चौकी तक पहुंच गया है।

पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर दुकान से संबंधित कागजात और अन्य दस्तावेज पेश करने को कहा है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि “कागजात पेश करें, डॉक्यूमेंट्स के आधार पर फैसला होगा।”

2018 में हुई थी पार्टनरशिप

दुकान पर मालिकाना हक का दावा करने वाले पवन कुमार ने बताया कि उनके पिता बलविंदर कुमार उर्फ बब्बा ने यह दुकान किराए पर ली थी। उनके अनुसार, दुकान की किराएदारी वर्ष 2010 में शुरू हुई थी और 2017 में लीज को रिन्यू कराया गया था।

पवन कुमार के मुताबिक, वर्ष 2018 में दोनों पक्षों के बीच बिजनेस पार्टनरशिप हुई थी और इसके लिए पेपरवर्क भी किया गया था। इस पार्टनरशिप के तहत बैग, अटैची, ट्रॉली बैग और स्कूल बैग आदि का कारोबार किया जाता था।

8 साल के अकाउंट्स और किराए को लेकर सवाल

पवन कुमार ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024-25 के दौरान दूसरी पार्टी ने कथित तौर पर नगर निगम के साथ मिलीभगत कर दुकान को अपने नाम पर रजिस्टर कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कारोबार के अकाउंट्स मांगे तो दूसरी पार्टी ने कथित तौर पर किसी तरह के ट्रांजैक्शन को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2018 से उन्हें किराया नहीं दिया गया और करीब आठ साल का किराया बकाया है। इसके अलावा पार्टनरशिप से जुड़े अकाउंट्स भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।

पवन कुमार ने आरोप लगाया कि मौजूदा विवाद के दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। उन्होंने पुलिस से मामले में इंसाफ की मांग की है। उनका कहना है कि इस संबंध में पुलिस कमिश्नर और रामबाग SHO को भी आवेदन दिया गया है।

पवन कुमार के समर्थन में पहुंचे संदीप सिंह जंडियाला

मामले में भगवान वाल्मीकि एकता संघर्ष मोर्चा के चेयरमैन संदीप सिंह जंडियाला भी पवन कुमार के समर्थन में पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पवन कुमार ने उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी है और उन्हें लगता है कि परिवार को परेशान किया जा रहा है।

संदीप सिंह के मुताबिक, पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर दस्तावेज दिखाने को कहा। उनका दावा है कि उन्होंने पुलिस के सामने अपने दस्तावेज पेश किए, जबकि दूसरी पार्टी ने उस समय दस्तावेज पेश नहीं किए। उनके अनुसार, पुलिस ने दूसरे पक्ष को अगले दिन सुबह 10 बजे तक अपने दस्तावेज पेश करने का समय दिया है।

उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच पूरी होने तक दुकानें बंद रखने की बात कही गई है।

दुकानदार ने भी दस्तावेजों के आधार पर फैसले की बात कही

वहीं, मार्केट के दुकानदार राजेश कुमार ने कहा कि उनकी जानकारी के मुताबिक यह बिल्डिंग बलविंदर कुमार उर्फ बब्बा की है और वह खुद किराएदार हैं। उन्होंने बताया कि बलविंदर कुमार की मौत के बाद उनकी पत्नी को किराए पर दुकान दी गई थी।

राजेश कुमार ने कहा कि दुकान के मालिकाना हक का वास्तविक फैसला दस्तावेजों के आधार पर ही किया जा सकता है। जो भी पक्ष मालिकाना हक का दावा कर रहा है, उसे अपने दस्तावेज पेश करने चाहिए।

पुलिस ने दोनों पक्षों से मांगे दस्तावेज

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुकान को लेकर दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद है। पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।

पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों की ओर से पेश किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच की जाएगी और रिकॉर्ड के आधार पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। किराएदारी, लीज, पार्टनरशिप और मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल मामला पुलिस जांच में है। दुकान पर वास्तविक मालिकाना हक किसका है, इसका फैसला दस्तावेजों और संबंधित कानूनी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

अमृतसर पुलिस ने हथियार और हेरोइन तस्करी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन: तरजिंदर सिंह

पंजाब को सुरक्षित और नशा मुक्त बनाने की मुहिम के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सीमा पार से हथियार और नशे की तस्करी करने वाले मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2.225 किलो हेरोइन, 6 आधुनिक पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।


डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर के गांव चीचा निवासी सुखदेव सिंह उर्फ सुख और गांव लोधी गुजर निवासी हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले भी अपहरण तथा अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सीमा पार बैठे तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन के माध्यम से भेजी गई हेरोइन तथा हथियारों की खेप प्राप्त कर पंजाब में अपराधी तत्वों तक पहुंचाते थे। बरामद हथियारों में चीन, ऑस्ट्रिया, अमेरिका और तुर्की निर्मित आधुनिक पिस्तौल शामिल हैं।


पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पहले आरोपी सुखदेव सिंह को 2.225 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दूसरे आरोपी हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदर को चार पिस्तौलों सहित गिरफ्तार किया गया। आरोपी हरजिंदर की निशानदेही पर पुलिस ने दो और पिस्तौल बरामद किए। पुलिस के अनुसार सुखदेव पहले से ही थाना छेहरटा में दर्ज एक मामले में वांछित था, जिसमें उसके चार साथियों को सात पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूसों सहित गिरफ्तार किया गया था।


पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। मामले के आगे और पीछे के सभी लिंक खंगाले जा रहे हैं ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि सीमा पार से हथियार और नशा तस्करी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

अमृतसर पुलिस ने 218 NDPS मामलों का नशीला माल किया नष्ट

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: विक्रमजीत सिंह, कैमरामैन तरजिंदर सिंह, अमृतसर

पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के 218 मामलों में बरामद नशीले पदार्थों को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के निर्देशों पर गठित ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में की गई। खन्ना पेपर मिल में बॉयलर के माध्यम से करोड़ों रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया।

डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह संधू की अध्यक्षता वाली ड्रग डिस्पोजल कमेटी, जिसमें एडीसीपी गुरप्रताप सिंह सहोता और एसीपी जसविंदर सिंह सदस्य के रूप में शामिल थे, ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत एनडीपीएस एक्ट के 218 मामलों में बरामद नशीले पदार्थों को नष्ट किया।

नष्ट किए गए माल में 11 किलो 550 ग्राम हेरोइन, 14 हजार 986 नशीले कैप्सूल, 4 हजार 677 नशीली गोलियां, 13 किलो 891 ग्राम नशीला पाउडर, 4 किलो 480 ग्राम चरस, 11 किलो 250 ग्राम भूकी, 5 किलो 523 ग्राम स्मैक, 213 इंजेक्शन तथा अन्य नशीले पदार्थ शामिल थे।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अमृतसर पुलिस को बड़ी सफलता, अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़

अमृतसर / सत्ता संदेश

दो आरोपियों की गिरफ्तारी, 10 किलो ICE और 4 किलो हेरोइन बरामद

दुबई से संचालित हो रहा था नशा तस्करी नेटवर्क,

पंजाब-दिल्ली तक सप्लाई
छेहरटा थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच जारी

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 किलो ICE (मेथामफेटामाइन) और 4 किलो हेरोइन बरामद की है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी दुबई और अबू धाबी में बैठे एक ड्रग तस्कर के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर पंजाब तथा दिल्ली में नशे की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक हाल ही में दुबई से वापस लौटा था, जहां उसे कथित तौर पर नशा तस्करी की ट्रेनिंग दी गई थी। उसे हेरोइन और ICE की खेपों को पंजाब पहुंचाने और आगे सप्लाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी माजहा और दोआबा क्षेत्रों में बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच में जुटी हुई है।
इस संबंध में थाना छेहरटा, अमृतसर में NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी और अतिरिक्त बरामदगी होने की संभावना है।

डीएम आत्महत्या मामला: पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर पर गिरी गाज; अमृतसर में FIR दर्ज, पिता और PA भी नामजद

पंजाब डेस्क: अमृतसर में पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मंत्री पद से इस्तीफे के बाद अब अमृतसर पुलिस ने भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला? डीएम गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार रात जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिसके बाद शनिवार सुबह अस्पताल में उनकी मौत हो गई। खुदकुशी से पहले उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसमें उन्होंने पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।

गंभीर आरोप: परिजनों की शिकायत और मृतक के वीडियो के अनुसार, मंत्री द्वारा रंधावा पर अपने पिता के नाम टेंडर दिलवाने का भारी मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। आरोपों के अनुसार, जब रंधावा टेंडर दिलवाने में असफल रहे, तो उन्हें घर बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई और उसका वीडियो बनाया गया। इसके अलावा, उन पर 10 लाख रुपये रिश्वत लेने का एक फर्जी वीडियो तैयार करने और उनके परिवार को गैंगस्टरों से मरवाने की धमकियां देने के भी आरोप हैं।

मुख्यमंत्री की कार्रवाई: वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लालजीत भुल्लर से इस्तीफा ले लिया था और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। फिलहाल पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और साजिश रचने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।

अमृतसर में बड़ी ड्रग्स और हथियार बरामदगी: AAP नेताओं के साथ फोटो वाले ‘सरपंच’ समेत 3 गिरफ्तार

पंजाब डेस्क: पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक कथित नेता लवप्रीत सिंह और उसके दो साथियों, सिमरप्रीत सिंह और बलवंत सिंह को भारी मात्रा में हेरोइन और हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक VIP नंबर वाली स्कॉर्पियो (PB02-BD-9300) में सवार होकर नशा बेचने जा रहे थे।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई मेहता थाने के एएसआई पलविंदर सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी लवप्रीत और उसके साथी नशा बेचने का धंधा करते हैं और उनके पास नाजायज हथियार भी हैं। पुलिस ने ओएटी (OAT) सेंटर के पास नाकाबंदी कर उनकी स्कॉर्पियो को रोका और तलाशी ली।

तलाशी के दौरान गाड़ी से 4 किलो 300 ग्राम हेरोइन, 30 बोर का पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।सियासी गलियारों में हड़कंप गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी लवप्रीत सिंह की आम आदमी पार्टी (AAP) के कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। दावा किया जा रहा है कि वह पार्टी के एक हलका इंचार्ज का करीबी है और हाल ही में अकाली दल छोड़कर आप में शामिल हुआ था।

हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।सरपंच होने का दावा निकला फर्जी मुख्य आरोपी खुद को गांव का सरपंच बताता था, लेकिन पुलिस की जांच में यह दावा गलत निकला है। डीएसपी रविंदर पाल सिंह संधू ने स्पष्ट किया कि लवप्रीत खुद सरपंच नहीं है, बल्कि उसके परिवार की एक महिला गांव की सरपंच है। पुलिस ने हेरोइन, हथियार और लग्जरी गाड़ी को जब्त कर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और आगे की पूछताछ जारी है।

मान सरकार ने किसानों को दिया बड़ा तोहफ़ा, गन्ने पर 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी को दी मंज़ूरी

पंजाब डेस्क: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट मीटिंग किसानों की भलाई के लिए फ़ैसले लेने पर फ़ोकस रही, इस दौरान कैबिनेट द्वारा तय किए गए स्टेट एग्रीड प्राइस से 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी को मंज़ूरी दी गई, जिससे पंजाब राज्य देश में गन्ना किसानों को गन्ने का सबसे ज़्यादा दाम देने में लगातार आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में यह फ़ैसला लिया गया, जिसमें हेल्थ सेक्टर में कई सुधारों, लोगों की सेहत से जुड़ी पहल और शहरी प्रशासन में कई सुधार कदमों को मंज़ूरी दी गई, जो पंजाब सरकार के निर्णायक और नतीजे देने वाले नज़रिए को दिखाता है।कैबिनेट द्वारा लिए गए फ़ैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ऑफ़िस के प्रवक्ता ने बताया कि 2025-26 पेराई सीज़न के लिए तय किए गए स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी प्राइवेट चीनी मिलों की ओर से सीधे गन्ना किसानों को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले से ही देश में गन्ने के लिए 416 रुपये प्रति क्विंटल का सबसे ज़्यादा स्टेट एग्रीड प्राइस दे रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 15 रुपये ज़्यादा है।

इससे यह पक्का होगा कि पंजाब के गन्ना किसानों को देश भर में सबसे ज़्यादा प्राइस मिले और किसानों की इनकम सिक्योरिटी और मज़बूत होगी।पब्लिक हेल्थ और वेलनेस पर लगातार फोकस करते हुए, कैबिनेट ने ‘CM’s Yogashala’ प्रोजेक्ट के तहत योग ट्रेनर्स के 1,000 और पोस्ट बनाने को भी मंज़ूरी दी है। मीटिंग में यह भी बताया गया कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के दौरान इस इनिशिएटिव के लिए 35 करोड़ रुपये का बजट दिया जाएगा, जिसका मकसद एक हेल्दी और फिट पंजाब बनाना है।हेल्थकेयर सर्विसेज़ को मज़बूत करने के एक और ज़रूरी फैसले में, कैबिनेट ने मुक्तसर ज़िले के बादल गांव, तरनतारन ज़िले के खडूर साहिब, जलालाबाद कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और फाज़िल्का ज़िले के टर्शियरी केयर सेंटर को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज़ (BFUHS), फरीदकोट को पूरी तरह ट्रांसफर करने को भी मंज़ूरी दी। इस ट्रांसफर से, इन इलाकों के लोग यूनिवर्सिटी के एडवांस्ड मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपर्टीज़ का फ़ायदा उठाकर बेहतर इलाज और डायग्नोस्टिक सर्विस पा सकेंगे।कैबिनेट ने पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर म्युनिसिपल एक्ट, 2020 के सेक्शन 4 के तहत निर्देश बनाने और नोटिफ़िकेशन को भी मंज़ूरी दे दी है, जिसका मकसद पंजाब सरकार के डिपार्टमेंट, बोर्ड, कॉर्पोरेशन और दूसरे पब्लिक सेक्टर के अंडरटेकिंग की म्युनिसिपल प्रॉपर्टी को पब्लिक कामों के लिए ट्रांसफर करना है।

ये फ़ैसले पूरे राज्य में डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को नई रफ़्तार देने के साथ-साथ ज़मीन के बंटवारे में एक जैसापन पक्का करने और सरकारी ज़मीन के गलत इस्तेमाल को रोकने में खास तौर पर मददगार होंगे। संबंधित ज़िले के डिप्टी कमिश्नर की हेड वाली एक कमेटी अलॉटमेंट प्रोसेस की सिफ़ारिश करेगी, जो राज्य सरकार की मंज़ूरी पर निर्भर होगी।ज़मीन के रिसोर्स का सबसे अच्छा इस्तेमाल करके डेवलपमेंट में तेज़ी लाने के मकसद से, कैबिनेट ने म्युनिसिपल लिमिट के अंदर सभी सरकारी लाइसेंस वाले प्रोजेक्ट के तहत खाली या इस्तेमाल की गई सड़कों या पानी के रास्तों (सॉल्ट) को बेचने या बदलने के लिए पॉलिसी को भी मंज़ूरी दी। पॉलिसी का मकसद डेवलपमेंट के मौकों का पता लगाना और अर्बन प्लानिंग के नतीजों को बेहतर बनाना है।

कैबिनेट ने PAPRA (पंजाब अफोर्डेबल प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन एक्ट) लाइसेंस्ड प्रोजेक्ट्स के लिए टाइम पीरियड को 1 जनवरी, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक एक साल बढ़ाने को भी मंज़ूरी दी। यह एक्सटेंशन ज़्यादा से ज़्यादा तीन साल के लिए 25,000 रुपये प्रति एकड़ की एक्सटेंशन फीस पर दिया जाएगा और इसकी इजाज़त संबंधित अथॉरिटीज़ पहले से लागू नियमों और शर्तों के अनुसार देंगी।शहरी विकास से जुड़े एक और फ़ैसले में, कैबिनेट ने जनवरी 2026 के बाद नीलामी के लिए रखी जाने वाली प्रस्तावित प्रॉपर्टीज़ के लिए एडिशनल सरफेस एरिया रेश्यो के चार्ज तय करने के लिए इस्तेमाल होने वाले फ़ॉर्मूले को मंज़ूरी दी।

इसके साथ ही, 20 फरवरी, 2025 को नोटिफ़ाई की गई ई-ऑक्शन पॉलिसी 2025 के पैरा 10.2 में बदलावों को भी मंज़ूरी दी गई, जिससे भविष्य में डेवलपमेंट अथॉरिटीज़ द्वारा नीलाम की जाने वाली सभी कैटेगरी की प्रॉपर्टीज़ पर बदले हुए नियम लागू किए गए।कैबिनेट ने पंजाब सिविल सर्विसेज़ (जनरल कंडीशंस ऑफ़ सर्विस) रूल्स, 1994 में रूल 6A जोड़कर बदलावों को भी मंज़ूरी दी। बदलाव के अनुसार, कम से कम एजुकेशनल और दूसरी क्वालिफिकेशन समेत एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया बताने की आखिरी तारीख ही एप्लीकेशन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख होगी, जब तक कि संबंधित सर्विस नियमों में कोई अलग तारीख खास तौर पर न बताई गई हो।

फसल डायवर्सिफिकेशन को बढ़ावा देने के लिए एक कदम आगे बढ़ाते हुए, कैबिनेट ने पंजाब के हॉर्टिकल्चर सेक्टर को और मजबूत करने के लिए जापानी टेक्नोलॉजी लाने के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के साथ पार्टनरशिप को भी मंजूरी दी। यह पार्टनरशिप हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट, कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, वॉटर मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करेगी, जिसका मकसद राज्य की इकॉनमी में हॉर्टिकल्चर सेक्टर के योगदान को दोगुना करना है।