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लुधियाना की निटवियर फैक्ट्री में भीषण धमाका: मलबे में दबने से हेल्पर की मौत, गैस रिसाव बना हादसे की वजह

पंजाब डेस्क: पंजाब के लुधियाना में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक बड़ा हादसा हो गया। मोती नगर इलाके की आर.के. रोड पर स्थित सूर्या निटवियर फैक्ट्री में गैस रिसाव (Gas Leak) के कारण एक जोरदार धमाका हुआ, जिसमें फैक्ट्री में सो रहे एक 50 वर्षीय हेल्पर की दर्दनाक मौत हो गई।

नींद में ही मलबे और आग की चपेट में आया मृतक: जानकारी के अनुसार, यह हादसा रात करीब 2:30 बजे हुआ। फैक्ट्री के एक कमरे में गैस रिसाव हो रहा था और जैसे ही गैस का दबाव बढ़ा, अचानक एक जबरदस्त धमाका हुआ जिससे कमरे की दीवार पूरी तरह ढह गई। हादसे के वक्त वहां सो रहे राम नरेश को बचने का कोई मौका नहीं मिला। वह मलबे और आग की लपटों के बीच बुरी तरह घिर गया और मौके पर ही उसकी झुलसने से मौत हो गई।

इलाहाबाद का रहने वाला था मृतक: मृतक राम नरेश मूल रूप से इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) का निवासी था और लंबे समय से इसी फैक्ट्री में बतौर हेल्पर काम कर रहा था। वह कुंवारा था और उसका शहर में अपना कोई घर नहीं था, इसलिए वह फैक्ट्री परिसर में बने कमरे में ही रहता था। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाकों में लोग अपनी नींद से जाग गए।

परिजनों के आने के बाद होगी कानूनी कार्रवाई: मोती नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और उसे सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक के परिजनों को इलाहाबाद में सूचना दे दी गई है। उनके लुधियाना पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा और परिवार के बयानों के आधार पर अगली कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

अमेरिका में पटियाला के युवक की गोली मारकर हत्या: कर्ज लेकर भेजा था विदेश, अब शव लाने के लिए सरकार से लगाई गुहार

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के न्यूयॉर्क से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ पंजाब के पटियाला जिले के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान गांव फतेहपुर निवासी गुरदास सिंह के रूप में हुई है।

पार्किंग में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग: जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब गुरदास सिंह एक शॉपिंग मॉल की पार्किंग में अपनी कार में बैठा हुआ था। इसी दौरान एक अज्ञात हमलावर ने बिना किसी उकसावे के उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। न्यूयॉर्क पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक इस हमले के पीछे के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है।

परिवार का सहारा था गुरदास: गुरदास सिंह 12वीं पास करने के बाद बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका गया था। उनके पिता दविंदर सिंह ने बेटे को विदेश भेजने के लिए भारी कर्ज लिया था। गुरदास वहां मेहनत-मजदूरी कर न केवल अपना जीवन संवार रहा था, बल्कि वह कनाडा में पढ़ रही अपनी बहन की पढ़ाई में भी आर्थिक मदद कर रहा था। हाल ही में उसने अपनी कमाई से बड़ी राशि घर भी भेजी थी ताकि माता-पिता को तंगी का सामना न करना पड़े।

सरकार से मदद की अपील: इस दुखद घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने पंजाब सरकार और भारत सरकार से गुहार लगाई है कि गुरदास के पार्थिव शरीर को अमेरिका से भारत लाने में मदद की जाए।

डीएम सुसाइड केस: चंडीगढ़ में सियासी संग्राम; सीएम आवास का घेराव कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने छोड़ीं पानी की बौछारें

पंजाब डेस्क: अमृतसर में पंजाब वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला मैनेजर (डीएम) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। रविवार, 22 मार्च 2026 को इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने पहुंचे विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर चंडीगढ़ पुलिस ने वाटर कैनन (पानी की बौछारों) का इस्तेमाल किया।

विपक्ष का एकजुट प्रदर्शन: आम आदमी पार्टी सरकार के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा (BJP) सहित तमाम विपक्षी दल एकजुट हो गए हैं। रविवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ स्थित सीएम ऑफिस और आवास का घेराव करने पहुंचे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया और वाटर कैनन से उन्हें खदेड़ा।

परिवार का दर्द और मांगें: मृतक रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने आरोप लगाया है कि पूर्व मंत्री ने उनके पति को इतना प्रताड़ित और बेबस कर दिया था कि उन्होंने जान दे दी। उन्होंने दावा किया कि 13 मार्च को उनके पति को दफ्तर में प्रताड़ित किया गया और परिवार को गैंगस्टरों से खत्म करवाने की धमकी दी गई थी। पत्नी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगी।

CBI जांच की मांग: अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि केवल इस्तीफा काफी नहीं है, भुल्लर को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए क्योंकि वे कानून से ऊपर नहीं हैं। वहीं, विपक्ष ने इस संवेदनशील मामले की जांच पंजाब पुलिस के बजाय केंद्रीय एजेंसी सीबीआई (CBI) से कराने की मांग की है, ताकि परिवार को निष्पक्ष न्याय मिल सके।

डीएम आत्महत्या मामला: पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर पर गिरी गाज; अमृतसर में FIR दर्ज, पिता और PA भी नामजद

पंजाब डेस्क: अमृतसर में पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मंत्री पद से इस्तीफे के बाद अब अमृतसर पुलिस ने भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला? डीएम गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार रात जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिसके बाद शनिवार सुबह अस्पताल में उनकी मौत हो गई। खुदकुशी से पहले उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसमें उन्होंने पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।

गंभीर आरोप: परिजनों की शिकायत और मृतक के वीडियो के अनुसार, मंत्री द्वारा रंधावा पर अपने पिता के नाम टेंडर दिलवाने का भारी मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। आरोपों के अनुसार, जब रंधावा टेंडर दिलवाने में असफल रहे, तो उन्हें घर बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई और उसका वीडियो बनाया गया। इसके अलावा, उन पर 10 लाख रुपये रिश्वत लेने का एक फर्जी वीडियो तैयार करने और उनके परिवार को गैंगस्टरों से मरवाने की धमकियां देने के भी आरोप हैं।

मुख्यमंत्री की कार्रवाई: वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लालजीत भुल्लर से इस्तीफा ले लिया था और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। फिलहाल पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और साजिश रचने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।

PSL 2026 को बड़ा झटका: एक-एक कर 8 विदेशी खिलाड़ियों ने छोड़ा साथ, IPL के लिए पाकिस्तान को दिखाया ठेंगा

स्पोर्टस डेस्क: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 11वें सीजन के आगाज से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। 26 मार्च से शुरू होने जा रही इस लीग से अब तक 8 प्रमुख विदेशी खिलाड़ियों ने अपना नाम वापस लेकर पाकिस्तान की उम्मीदों को करारा झटका दिया है।

इन दिग्गजों ने फेरा मुंह: लीग छोड़ने वाले खिलाड़ियों की सूची लंबी है और इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं:ऑस्ट्रेलिया: जैक फ्रेजर मैक्गर्क (रावलपिंडी) और स्पेन्सर जॉनसन (क्वेटा ग्लैडिएटर्स)।वेस्टइंडीज: जॉनसन चार्ल्स (कराची किंग्स) और गुटाकेश मोती (लाहौर कलंदर्स)।

इंग्लैंड व अन्य: इंग्लैंड के टिमल मिल्स, साउथ अफ्रीका के ओटनील बार्टमैन, जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी और अफगानिस्तान के रहमानुल्लाह गुरबाज ने भी अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं।

IPL और निजी कारण बनी वजह: सूत्रों के अनुसार, इन खिलाड़ियों के हटने के पीछे की सबसे बड़ी वजह IPL 2026 है। कई खिलाड़ियों को आईपीएल फ्रेंचाइजियों से बुलावा आ चुका है या उनकी बातचीत अंतिम दौर में है। वहीं, अफगानिस्तान के खिलाड़ियों को उनके बोर्ड ने पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद के चलते एनओसी (NOC) देने से मना कर दिया है।

PCB की धमकियां नाकाम: दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इन खिलाड़ियों को कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी, लेकिन खिलाड़ियों ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। पीसीबी जहां एक ओर अपनी लीग को लेकर बड़े दावे करता है, वहीं विदेशी खिलाड़ियों के इस तरह जाने से लीग की साख और आयोजन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया की मालदीव में बोट पलटी: मुंबई एयरलिफ्ट किए गए; दिग्गज रेसर हरि सिंह समेत 2 लापता

नेशनल डेस्क: रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया मालदीव में एक बड़े हादसे का शिकार हो गए हैं। गुरुवार रात करीब 11 बजे मालदीव के फेलिधू एटोल के पास उनकी स्पीडबोट पलट गई। इस हादसे में सिंघानिया घायल हुए हैं और उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया है, जहाँ वे फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में हैं।

उनके प्रवक्ता के अनुसार, सिंघानिया को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत स्थिर है।दो भारतीय दोस्त अभी भी लापता हादसे के समय बोट पर कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें 5 भारतीय, एक ब्रिटिश और एक रूसी नागरिक शामिल थे।

दुखद बात यह है कि सिंघानिया के साथ मौजूद भारत के मशहूर रैली ड्राइवर हरि सिंह और उनके एक अन्य दोस्त अब भी लापता हैं। यह हादसा तट से करीब 2 नॉटिकल मील दूर हुआ था। स्थानीय प्रशासन को अंदेशा है कि लंबा समय बीत जाने के कारण उनकी जान जा सकती है, हालांकि कोस्ट गार्ड की रेस्क्यू टीम लगातार उन्हें खोजने की कोशिश कर रही है।

कौन हैं लापता हरि सिंह? हरि सिंह भारत के सबसे सफल रैली ड्राइवरों में गिने जाते हैं और उन्हें ‘द फ्लाइंग सिख’ के नाम से भी जाना जाता है। वे 1990 के दशक में 5 बार इंडियन नेशनल रैली चैंपियनशिप जीत चुके हैं। वे न केवल गौतम सिंघानिया के करीबी दोस्त हैं, बल्कि उनके मोटरस्पोर्ट्स प्रोजेक्ट्स में सलाहकार भी रहे हैं। वर्तमान में वे जेके टायर मोटरस्पोर्ट के हेड ऑफ ऑपरेशंस के रूप में कार्यरत थे।

हादसे की जगह: फेलिधू द्वीप यह हादसा मालदीव के वावु एटोल के प्रशासनिक केंद्र फेलिधू के पास हुआ, जो राजधानी माले से लगभग 75 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यह द्वीप अपने समृद्ध समुद्री जीवन और स्कूबा डाइविंग के लिए पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

HDFC बैंक का बड़ा एक्शन: दुबई बॉन्ड स्कैम मामले में 3 टॉप अधिकारी बर्खास्त, ग्राहकों से धोखाधड़ी का आरोप

बिजनेस डेस्क: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक, HDFC बैंक ने एक सख्त कदम उठाते हुए अपने तीन शीर्ष अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने दुबई में विदेशी ग्राहकों को धोखे में रखकर उनका पैसा गलत और जोखिम भरी स्कीमों में निवेश करवाया था। बैंक ने यह कार्रवाई एक विस्तृत आंतरिक जांच के बाद की है।

क्या है पूरा मामला? यह विवाद बैंक की दुबई स्थित DIFC (दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर) ब्रांच से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि बैंक अधिकारियों ने स्थापित नियमों का उल्लंघन करते हुए निवेशकों को सही जानकारी नहीं दी।

कई निवेशकों को प्रोत्साहित किया गया कि वे भारत में जमा अपने FCNR (विदेशी मुद्रा) डिपॉजिट्स को बहरीन ट्रांसफर करें और वहां से क्रेडिट सुइस (Credit Suisse) से जुड़े जोखिम भरे AT1 बॉन्ड में निवेश करें। जब निवेशकों को इस ‘मिस-सेलिंग’ (गलत बिक्री) का अहसास हुआ, तो उन्होंने शिकायत दर्ज कराई।

इन 3 बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज: बैंक ने जिन अधिकारियों को बर्खास्त किया है, उनमें शामिल हैं:

-संपत कुमार: ग्रुप हेड, ब्रांच बैंकिंग।

-हर्ष गुप्ता: एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (मध्य पूर्व और अफ्रीका)।

-पायल मंध्यान: एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (मध्य पूर्व और अफ्रीका)।

नियामकों की सख्ती और इस्तीफे: इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पिछले साल दुबई फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी (DFSA) ने बैंक की दुबई ब्रांच पर नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगा दी थी।

इसके अलावा, हाल ही में बैंक के पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने भी प्रबंधन के साथ “नैतिक” मतभेदों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। बैंक ने स्पष्ट किया है कि वे नियमों के पालन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश में गहराया आर्थिक संकट: CM, मंत्रियों और विधायकों की सैलरी में भारी कटौती, सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला

नेशनल डेस्क: हिमाचल प्रदेश वर्तमान में एक गंभीर वित्तीय संकट के दौर से गुजर रहा है। इस आर्थिक चुनौती का सामना करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अगले छह महीनों के लिए राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में अस्थायी कटौती और देरी की घोषणा की है। वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते समय उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व घाटा अनुदान (revenue deficit grant) बंद होने के कारण राज्य के वित्त पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा है।किसे कितनी कटौती का सामना करना होगा?

मुख्यमंत्री: अपने वेतन का 50 प्रतिशत हिस्सा छोड़ेंगे।-उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री: इनके वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती होगी।

विधायक और बोर्ड/निगम के अध्यक्ष: इनके वेतन का 20 प्रतिशत हिस्सा स्थगित रहेगा।-शीर्ष नौकरशाह: मुख्य सचिव, डीजीपी (DGP) और अतिरिक्त मुख्य सचिवों जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती लागू होगी।

अन्य अधिकारी: आईजी, डीआईजी और एसएसपी रैंक के अधिकारियों के वेतन में 20 प्रतिशत, जबकि ग्रुप A और B के अधिकारियों के वेतन में छह महीने के लिए 3 प्रतिशत की देरी होगी।

किन्हें मिली राहत और क्या बढ़ाया गया? राहत की बात यह है कि मुख्यमंत्री ने ग्रुप C और ग्रुप D के कर्मचारियों को इस कटौती से पूरी तरह छूट दी है और उन्हें पूरा वेतन मिलता रहेगा। इसके अलावा, आर्थिक तंगी के बावजूद बजट में कुछ वर्गों के लिए राहत उपाय भी शामिल किए गए हैं:

गैर-पक्की नौकरी वाले मेडिकल अधिकारियों का मासिक वेतन 33,600 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये कर दिया गया है। स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट का वेतन एक समान 25,000 रुपये तय किया गया है। आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। दिहाड़ी मजदूरों की मजदूरी में 25 रुपये और मिड-डे मील वर्करों व जल रक्षकों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि यह कदम केवल अस्थायी है और राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार होते ही रोकी गई राशि वापस लौटा दी जाएगी।