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पश्चिम बंगाल चुनाव: कांग्रेस अकेले लड़ेगी चुनाव, खरगे के आवास पर हुई बैठक में लिया गया बड़ा फैसला

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कांग्रेस बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी। इस फैसले की पुष्टि कांग्रेस के प्रभारी महासचिव गुलाम अहमद मीर ने की है।

ममता बनर्जी ने भी किया था अकेले लड़ने का ऐलान: कांग्रेस के इस फैसले से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी यह साफ कर दिया था कि उनकी पार्टी बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा था कि बंगाल में सभी पार्टियां TMC के खिलाफ लड़ती हैं और वे इसके लिए तैयार हैं।

लेफ्ट के साथ गठबंधन पर संशय: गौरतलब है कि साल 2016 और 2021 के चुनावों में कांग्रेस का वामदलों (Left Front) के साथ सीट-शेयरिंग समझौता था। हालांकि, इस बार कांग्रेस ने अब तक लेफ्ट के साथ गठबंधन में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी बिना किसी बैसाखी के चुनावी मैदान में उतरना चाहती है।

क्या है कांग्रेस की रणनीति? बंगाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ लड़ने की बात करती हैं, लेकिन राज्य में वे सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस और माकपा (CPI-M) को ही पहुँचाती हैं। सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी नहीं चाहतीं कि राज्य का अल्पसंख्यक वोट बैंक विभाजित हो, जबकि कांग्रेस इस वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।