ब्रेकिंग न्यूज़
“तेलंगाना राजनीति में नया विवाद, बीआरएस विधायक के बयान पर हंगामा”“तेलंगाना राजनीति में नया विवाद, बीआरएस विधायक के बयान पर हंगामा”

तेलंगाना बीआरएस विधायक

हैदराबाद, 31 जनवरी (भाषा) तेलंगाना में विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायक पी. कौशिक रेड्डी, करीमनगर के पुलिस आयुक्त गौश आलम पर धार्मिक टिप्पणियां करने को लेकर विवादों में घिर गए हैं।

‘तेलंगाना आईपीएस ऑफिसर एसोसिएशन’ ने उनकी टिप्पणियों को ‘बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण’ बताते हुए उनसे माफी की मांग की है, जबकि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इसे ‘मुस्लिमों के खिलाफ घृणा फैलाने वाला भाषण’ करार दिया है।

आलोचनाओं के बीच, करीमनगर जिले के हुजूराबाद से विधायक कौशिक रेड्डी ने शुक्रवार को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी और कहा कि इसके पीछे उनका कोई इरादा नहीं था।

रेड्डी को बृहस्पतिवार को पुलिस ने उस समय रोक दिया, जब वह पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जिले के वीनावंका में ‘सम्मक्का जतरा’ (धार्मिक उत्सव) में जा रहे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।

पुलिस ने कहा कि इस दौरान विधायक ने सड़क पर यातायात जाम कर दिया, जिससे आम लोगों को असुविधा हुई। जब उन्हें एहतियात के तौर पर हिरासत में लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने पुलिस आयुक्त और एक अन्य पुलिस अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की।

‘आईपीएस ऑफिसर एसोसिएशन’ ने एक विज्ञप्ति में कहा कि सेवारत अधिकारी के धर्म के संबंध में की गई टिप्पणियों से एसोसिएशन बेहद आहत है।

विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘जब स्थानीय पुलिस अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे, तब विधायक ने बिना किसी आधार और उकसावे के गौश आलम (पुलिस आयुक्त) के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए तथा उनके धर्म का उल्लेख करते हुए कहा कि वह अन्य धर्मों के लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं।’’

अपने बचाव में, कौशिक रेड्डी ने एक बयान में कहा कि ‘सम्मक्का जतरा’ के वक्त उन पर अत्यधिक दबाव बनाया गया था और उसी आवेश में उनके मुंह से ये बातें निकल गईं। उन्होंने इसके लिए खेद जताया।

इस बीच ओवैसी ने कहा कि लोक सेवकों के कर्तव्यों का कानून के दायरे में निर्वहन किए जाने को साम्प्रदायिक रंग देना और उसका राजनीतिकरण करना पूरी तरह से अस्वीकार्य और निंदनीय है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ हुजूराबाद से बीआरएस के विधायक ने करीमनगर के पुलिस आयुक्त के खिलाफ अत्यंत आपत्तिजनक और घोर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। ये टिप्पणियां अधिकारी की मुस्लिम धार्मिक पहचान पर सीधा हमला हैं और खुले तौर पर साम्प्रदायिक अपमान की श्रेणी में आती हैं।’’

“महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: सुनेत्रा के शपथ ग्रहण से अनजान शरद पवार”

बारामती, 31 जनवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने संबंधी खबरों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने इस घटनाक्रम से स्वयं को अलग करते हुए शनिवार को कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।

पवार ने बारामती में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें शपथ ग्रहण के बारे में मीडिया में प्रसारित खबरों से पता चला।

जब उनसे पूछा गया कि क्या पवार परिवार से कोई समारोह में शामिल होगा, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमें शपथ ग्रहण के बारे में पता नहीं है। हमें खबरों से इसकी जानकारी मिली। शपथ ग्रहण के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि यह फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने ही लिया होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों जैसे प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने पहल की। इन लोगों ने शायद कुछ तय किया होगा।’’

वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि उनके भतीजे अजित पवार की इच्छा दोनों धड़ों को एकजुट करने की थी और वे इसे लेकर आशावादी थे।

उन्होंने कहा, ‘‘अब हमें लगता है कि उनकी इच्छा पूरी होनी चाहिए। अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों धड़ों के विलय पर बातचीत शुरू की थी। विलय की तारीख भी तय हो गई थी-यह 12 (फरवरी) को होना था। दुर्भाग्य से, उससे पहले ही अजित हमें छोड़कर चले गए।’’

राकांपा के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया था कि राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा के शनिवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है और वह मंत्रिमंडल में अजित पवार की जगह लेंगी।

अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में विमान हादसे में मौत के बाद राकांपा नेताओं के एक वर्ग ने मांग की थी कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में पवार के पास रहा पद उनकी पत्नी को दिया जाए।