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घल्लूघारा सप्ताह के मद्देनज़र अमृतसर में हाई अलर्ट, 6000 पुलिसकर्मी और 11 पैरामिलिट्री कंपनियां तैनात

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन: तरजिंदर सिंह

घल्लूघारा सप्ताह के मद्देनज़र अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया गया है। इसी के तहत पंजाब के स्पेशल डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर पी.के. सिन्हा ने कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर पहुंचकर सुरक्षा प्रबंधों का विस्तृत जायजा लिया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।


स्पेशल डीजीपी पी.के. सिन्हा ने कमिश्नर पुलिस अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डीसीपी सिटी जगजीत सिंह वालिया तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शहर में लागू सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अमृतसर में बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रबंध लागू किए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनाए रखी जा सके। शहर के प्रवेश और निकास मार्गों के अलावा संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष नाकाबंदी की गई है। पुलिस टीमें आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की गहन जांच कर रही हैं तथा उनके रिकॉर्ड भी दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


स्पेशल डीजीपी ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर की 2000 स्थानीय पुलिस फोर्स के साथ पंजाब पुलिस की अतिरिक्त 2000 फोर्स तैनात की गई है। इसके अलावा बीएसएफ, आरएएफ और आईटीबीपी की 11 पैरामिलिट्री कंपनियां तथा 30 गजेटेड अधिकारी सुरक्षा ड्यूटी पर लगाए गए हैं। शहर में लगातार फ्लैग मार्च, फुट पेट्रोलिंग और वाहन पेट्रोलिंग की जा रही है।

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थलों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। स्निफर डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ते और विशेष चेकिंग टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पी.के. सिन्हा ने कहा कि पंजाब पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और प्रशासन का सहयोग करें।


उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं से बचने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पंजाब पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि अमृतसर शहर में शांति, भाईचारे और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए पुलिस बल 24 घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात है।

अमृतसर सिटी पुलिस ने शहर में लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने के लिए निकाला फ्लैग मार्च

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन : तरजिंदर सिंह

शहर में लॉ एंड ऑर्डर को मबूत करना है मकसद

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर, शहर में शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और लॉ एंड ऑर्डर को और मज़बूत करने के मकसद से सोमवार 1 जून को शहर के तीनों ज़ोन में एक फ्लैग मार्च निकाला गया। इस फ्लैग मार्च में सिटी DCP जगजीत सिंह वालिया, DCP, लॉ एंड ऑर्डर आलम विजय सिंह, DCP इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह और पुलिस के अलग-अलग विंग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

फ्लैग मार्च के दौरान पब्लिक जगहों का किया दौरा

फ्लैग मार्च के दौरान, पुलिस टीमों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लेने के लिए सेंसिटिव इलाकों, बड़े बाज़ारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों और दूसरी पब्लिक जगहों का दौरा किया। इस मौके पर, पुलिस अधिकारियों ने दुकानदारों, कमर्शियल जगहों के प्रतिनिधियों और आम लोगों से बातचीत की और उनसे शहर में शांति और सद्भाव बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अमृतसर पुलिस शहर के हर नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है।

अधिकारियों ने अफवाहों से दूरी बनाने के दिए निर्देश

उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया या दूसरे मीडिया के ज़रिए गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन लोगों को ऐसी बिना वेरिफ़ाई की खबरों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। कोई भी जानकारी सिर्फ़ ऑफ़िशियल सोर्स से ही कन्फ़र्म की जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अफवाहों से समाज में बेवजह डर और तनाव पैदा होता है, जिससे लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पर असर पड़ सकता है। इसलिए, हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है कि वह ज़िम्मेदाराना व्यवहार अपनाए और किसी भी तरह की भड़काऊ, गुमराह करने वाली या बिना वेरिफ़ाई की जानकारी को फ़ॉरवर्ड न करे।

जनता से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की अपील

फ़्लैग मार्च के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें कोई भी संदिग्ध व्यक्ति, चीज़ या गतिविधि दिखे, तो वे तुरंत नज़दीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। लोगों के सहयोग से ही शहर में सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सांप्रदायिक माहौल को और मज़बूत किया जा सकता है। अमृतसर शहर में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए फ़्लैग मार्च, पेट्रोलिंग, नाकाबंदी और दूसरे सुरक्षा उपाय लगातार जारी रहेंगे। पुलिस हर स्थिति पर कड़ी नज़र रख रही है और किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अमृतसर की शांति, सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव हम सबकी साझा ज़िम्मेदारी है। पुलिस और जनता के आपसी सहयोग से ही इसे और मज़बूत किया जा सकता है।

अमित शाह ने बीकानेर में भारत-पाक सीमा सुरक्षा मजबूत करने को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

राजस्थान/ सत्ता संदेश

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों से जुड़े सुरक्षा संबंधी मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर एवं फलोदी के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सीमा प्रबंधन को सशक्त एवं व्यापक बनाया जाए।

बैठक में प्रत्येक सीमावर्ती जिले के लिए 360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क तैयार करने का निर्णय लिया गया। इस एकीकृत प्रयास में स्थानीय नागरिकों, राज्य सरकार की मशीनरी और सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सीमा प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0-15 किलोमीटर के दायरे में हो रहे अवैध निर्माणों को जमींदोज करने का निर्देश दिया।

अमित शाह ने BSF, CBDT, NCB और राज्य सरकार की मशीनरी के साथ समन्वित सीमा प्रबंधन रणनीति अपनाए जाने पर बल दिया, ताकि घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, अतिक्रमण, आतंकवादी फंडिंग और अन्य सीमा-पार अपराधों पर शिकंजा कसा जा सके।

गृह मंत्री ने जिला मजिस्ट्रेटों को जिम्मेदारियाँ सौंपते हुए निर्देश दिया कि वे सभी बैंकों में पूर्ण कानूनी एवं वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित करें, प्रमुख व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन करें, उनके फंडिंग स्रोतों की जांच करें, म्यूल खातों एवं शेल कंपनियों को ट्रैक करें, फर्जी आधार कार्डों की पहचान करें तथा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करें।

साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि साइबर अपराधों के त्वरित निवारण के लिए ‘1930’ कॉल सेंटर का प्रभावी उपयोग किया जाए तथा क्षेत्र में कानून प्रवर्तन व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के लिए तीन नए आपराधिक कानूनों का पूर्ण रूप से कार्यान्वयन किया जाए।

बैठक के दौरान वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के सफल एवं प्रभावी कार्यान्वयन पर विशेष बल दिया गया, जिसके माध्यम से अंतिम छोर तक शासन को सुदृढ़ करना, आर्थिक अपराधों को रोकना, बुनियादी सुविधाओं की कमी पूरी करना तथा सीमावर्ती जनसंख्या को समर्थन देना सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, सीमावर्ती गांवों में सभी सरकारी योजनाओं का 100% सैचुरेशन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में रेखांकित किया गया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। साथ ही, केन्द्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देकर सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

पीआईबी चंडीगढ़ के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने सीमा सुरक्षा बल की सीमा संबंधी गतिविधियों का किया अवलोकन


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुँच रहा है विकास सीमा पर्यटन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत श्री तनोट माता मंदिर कॉम्प्लेक्स परियोजना का किया अवलोकन
पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने तनोट माता के किए दर्शन

पीआईबी चंडीगढ़ द्वारा राजस्थान दौरे पर गए पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने आज सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा लोंगेवाला, तनोट तथा सीमा क्षेत्र में संचालित विभिन्न परियोजनाओं और गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा, प्रशिक्षण तथा सामरिक तैयारियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। बीएसएफ अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में कार्य करने की विशेष परिस्थितियों और उसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
पीआईबी के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने बीएसएफ की विभिन्न पहल, नवाचार, स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस दौरान पत्रकार दल ने लोंगेवाला युद्ध स्थल एवं संग्रहालय का दौरा किया।
प्रतिनिधिमंडल ने तनोट में सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों से मुलाकात की और तनोट माता मंदिर के इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की। जैसलमेर स्थित ऐतिहासिक श्री मातेश्वरी तनोट राय मंदिर का अद्भुत इतिहास है। ऐसी मान्यता है कि तनोट माता जवानों को दुश्मनों से लड़ने की शक्ति देती हैं और युद्ध के दौरान देश की रक्षा करती हैं।
1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान श्री तनोट राय माता मंदिर परिसर में पाकिस्तान द्वारा कई बम गिराए गए थे, लेकिन मान्यता के अनुसार तनोट माता के चमत्कार से कोई भी बम नहीं फटा। इसी कड़ी में प्रतिनिधिमंडल ने जैसलमेर में सीमा पर्यटन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत श्री तनोट मंदिर कॉम्प्लेक्स परियोजना का भी अवलोकन किया। इस परियोजना के तहत यहाँ आने वाले युवा श्री तनोट माता मंदिर के दर्शन करने के साथ-साथ देश के बहादुर सैनिकों के शौर्य और बलिदान के इतिहास को भी करीब से जान पाएंगे।
इस परियोजना के अंतर्गत प्रतीक्षालय, रंगभूमि, इंटरप्रिटेशन केंद्र, बच्चों के लिए कक्ष तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास पहुँच रहा है। बॉर्डर टूरिज्म की दूरदर्शी पहल के परिणामस्वरूप न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का जीवनस्तर बेहतर हो रहा है, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा को भी मजबूती मिल रही है।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सीमा क्षेत्र के दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा बल द्वारा सीमा की सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी भी प्राप्त की। बीएसएफ द्वारा नवीन तकनीकों और आधुनिक संसाधनों के उपयोग पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।
अवलोकन के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने रेगिस्तानी क्षेत्र में सीमा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों, तकनीकी संसाधनों के उपयोग, कठिन पर्यावरणीय परिस्थितियों में किए जाने वाले प्रशिक्षण तथा सीमा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।