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CWG 2026: नीरज ने पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए किया क्वालिफाई

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने क्वालिफिकेशन राउंड में पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। क्वालिफिकेशन राउंड में 18 खिलाड़ियों को तीन-तीन अटैम्प्ट मिलने थे और नीरज ने सिर्फ दो प्रयास किए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 79.61 मीटर का रहा और वह पांचवें स्थान पर रहे। हालांकि, सर्वश्रेष्ठ 12 थ्रो वाले खिलाड़ियों ने फाइनल में जगह बनाई। नीरज का प्रदर्शन लेकिन पाकिस्तान के अरशद नदीम से बेहतर रहा, जो इस वक्त फॉर्म ढूंढ रहे हैं।

यह ध्यान देने वाली बात है कि 12 में से कोई भी खिलाड़ी क्वालिफिकेशन मार्क पार नहीं कर सका। क्वालिफिकेशन मार्क 84 मीटर का था। नीरज के अलावा क्वालिफिकेशन मुकाबले में भारत के रोहित यादव और यशवीर भी उतरे थे। इन दोनों ने भी फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। तीन प्रयासों में से बेस्ट अटैम्प्ट को गिना गया। फाइनल मुकाबला 31 जुलाई (भारत में एक अगस्त) को देर रात 12:45 बजे के आसपास शुरू होगा।

शुरुआती चार स्थान पर कौन आया?

  • श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने अपने पहले प्रयास में 82.24 मीटर का थ्रो किया और इसके बाद उन्होंने अन्य दो प्रयास नहीं किए। उन्होंने पहले स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई।
  • वहीं, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने तीनों अटैम्प्ट लिए। पहला प्रयास 76.09 मीटर का, दूसरा प्रयास 81.29 मीटर का और तीसरा प्रयास 76.70 मीटर का रहा। 81.29 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ वह दूसरे स्थान पर रहे।
  • वहीं, दक्षिण अफ्रीका के डू स्मिट ने अपने पहले प्रयास में 80.64 मीटर का थ्रो किया और अन्य दो प्रयास उनके फाउल रहे। हालांकि, वह तीसरे स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचने में कामयाब रहे।
  • इंग्लैंड के बेन ईस्ट ने चौथे स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई। उनका पहला प्रयास 73.50 मीटर का और दूसरा प्रयास 80.38 मीटर का रहा। 80.38 मीटर का प्रयास फाइनल में पहुंचने के लिए काफी था।

Neeraj Chopra Javelin Throw CWG 2026 Highlights: Commonwealth Games Javelin Indian Throwers Result Updates

नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन
 

  • नीरज का पहला प्रयास 76.28 मीटर का रहा, जो कि उतना अच्छा नहीं था।
  • हालांक, दूसरे प्रयास में नीरज ने 79.61 मीटर का थ्रो लिया और सीधे पांचवें स्थान पर पहुंच गए।
  • इस सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ वह फाइनल में जगह बनाने में कामयाब रहे। इसके बाद उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं लिया।

रोहित यादव और यशवीर सिंह का प्रदर्शन

  • भारत के रोहित यादव का पहला प्रयास 77.04 मीटर का और दूसरा प्रयास 78.37 मीटर का रहा। उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं लिया। रोहित नौवें स्थान पर रहे।
  • वहीं, यशवीर का पहला प्रयास 73.89 मीटर का, दूसरा प्रयास 74.45 मीटर का रहा। ऐसा लग रहा था कि वह क्वालिफाई नहीं कर पाएंगे। लेकिन तीसरे प्रयास में यशवीर ने 78.36 मीटर का थ्रो किया और 10वें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे।

पाकिस्तान के अरशद नदीम का प्रदर्शन

  • पाकिस्तान के अरशद नदीम के लिए यह सीजन कुछ खास नहीं रहा है। उन्होंने यहां भी तीनों प्रयास लिए, लेकिन कुछ खास नहीं कर पाए।
  • उनका पहला अटैम्प्ट 78.63 मीटर का रहा, जो कि सीजन बेस्ट प्रदर्शन है उनका। दूसरे में उन्होंने फाउल किया। 
  • अरशद नदीम का तीसरा प्रयास 75.65 मीटर का रहा। वहां सातवें स्थान पर रहकर फाइनल में तो पहुंचे, लेकिन नीरज से पीछे रहे।

Neeraj Chopra Javelin Throw CWG 2026 Highlights: Commonwealth Games Javelin Indian Throwers Result Updates

यहीं से शुरू हुआ था सुनहरा सफर

  • नीरज चोपड़ा के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स हमेशा खास रहे हैं। 2018 के गोल्ड कोस्ट खेलों में उन्होंने 86.47 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष भाला फेंक का स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने थे।
  • उस जीत के बाद नीरज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। चार महीने बाद एशियाई खेलों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड (88.06 मीटर) के साथ स्वर्ण जीता। फिर टोक्यो ओलंपिक का स्वर्ण, विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण और पेरिस ओलंपिक का रजत पदक जीतकर वह भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े सितारे बन गए।
  • बता दें कि 2018 के बाद यह नीरज का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है। वह चोट के कारण 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे। अब जब वह आठ साल बाद इसमें वापसी कर रहे हैं तो स्वर्ण के अपनी यादों को ताजा करने का वक्त होगा।

चोट ने बदला नजरिया, अब डर नहीं आत्मविश्वास है

  • पिछला एक साल नीरज के लिए आसान नहीं रहा। पीठ की लगातार परेशानी के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ और 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप उनके करियर की सबसे निराशाजनक प्रतियोगिताओं में से एक रही।
  • इसके बाद उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए अपने खेल की बुनियाद पर दोबारा काम किया। रन-अप, थ्रो का एंगल और तकनीक को निखारने पर पूरा फोकस किया। सबसे बड़ा बदलाव मानसिक रूप से आया। अब वह चोट के डर के साथ नहीं, बल्कि पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरते हैं।
  • बीबीसी के पॉडकास्ट ‘मोर दैन द स्कोर’ में नीरज ने बताया कि दोहा डायमंड लीग में खेलने का फैसला उन्होंने महज सात दिन पहले लिया था। उनका लक्ष्य सिर्फ ग्लास्गो के लिए क्वालिफाई करना था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अब वह हर अभ्यास सत्र में खुद को पूरी तरह नहीं झोंकते, बल्कि जरूरत के मुताबिक ही शरीर पर दबाव डालते हैं।
Neeraj Chopra Javelin Throw CWG 2026 Highlights: Commonwealth Games Javelin Indian Throwers Result Updates
India-Afganistan Match : भारत ने अफगानिस्तान को 152 रनों पर समेटा, स्पिनर मानव सुथार की रही अहम भूमिका

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

भारत ने चंडीगढ़ में खेले जा रहे टेस्ट मैच में अफगानिस्तान की पहली पारी को 152 रन पर समेट दिया है। अफगानिस्तान की पहली पारी में डेब्यू करने वाले स्पिनर मानव सुथार की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने 22 ओवर में 33 रन देकर 6 विकेट लिए. अफगानिस्तान की पहली पारी को 152 रन पर समेटने के बाद भारत ने उसे फॉलोऑन भी दे दिया है। अफगानिस्तान की पहली पारी खत्म होने के बाद भारत के पास 412 रन की बढ़त है।

पहली पारी में अफगानिस्तान 152 रन पर ऑलआउट

न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम पर खेले जा रहे टेस्ट मैच के तीसरे दिन अफगानिस्तान ने अपनी पहली पारी में 5 विकेट पर 113 रन से आगे खेलना शुरू किया था। मगर तीसरे दिन के पहले सेशन के अंदर ही उनके बाकी के बचे 5 विकेट भी गिर गए। तीसरे दिन अफगानिस्तान के बाकी बचे 5 विकेटों ने स्कोर बोर्ड में बस 39 रन और जोड़े। इस तरह अफगानिस्तान अपनी पहली पारी में 152 रन ही और बना सका। पहली पारी में अफगानिस्तान की ओर से इकलौता अर्धशतक और सबसे ज्यादा 60 रन सिर्फ रहमत शाह ने बनाए।

मानव सुथार ने डेब्यू टेस्ट में किया कमाल

अफगानिस्तान की पहली पारी को 152 रन पर समेटने में डेब्यू करने वाले बाएं हाथ के भारतीय स्पिनर मानव सुथार की बड़ी भूमिका रही।उन्होंने दूसरे दिन गिरे अफगानिस्तान के 5 विकेटों में से 3 विकेट तो अकेले चटकाए ही थे। तीसरे दिन भी उन्होंने बाकी बचे 5 विकेटों में 3 विकेट अपने नाम किए। इस तरह उन्होंने पहली पारी में कुल 6 विकेट लिए। मानव सुथार के लिए अपना डेब्यू टेस्ट खेलते हुए ये बड़ी उपलब्धि है।

भारत ने दिया फॉलोऑन, अफगानिस्तान पर पारी से हार का खतरा

अफगानिस्तान को 152 रन पर ऑल आउट करने के बाद भारत के पास 412 रन की बढ़त थी, जो कि अफगानिस्तान को फॉलोऑन देने के लिए काफी था और भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने वही किया। टीम इंडिया के फॉलोऑन खिलाने के फैसले के बाद अफगानिस्तान पर पारी से हार का बड़ा खतरा मंडराने लगा है।

पारंपरिक स्विंग से आधुनिक विविधताओं तक, भुवनेश्वर कुमार की कला फिर बल्लेबाजों पर भारी

अहमदाबाद / सत्ता संदेश

Bhuvneshwar Kumar ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अनुभव, नियंत्रण और गेंदबाजी की समझ आज भी टी20 क्रिकेट में उतनी ही प्रभावी है जितनी पहले हुआ करती थी। Shubman Gill का विकेट इसका ताजा उदाहरण बना, जब भारतीय तेज गेंदबाज ने अपनी पारंपरिक स्विंग कला और आधुनिक विविधताओं के बेहतरीन मिश्रण से बल्लेबाज को पूरी तरह छका दिया।

मुकाबले के दौरान शुभमन गिल आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भुवनेश्वर कुमार की अच्छी लेंथ पर पड़ी और हल्की अंदर आती गेंद ने उनका संतुलन बिगाड़ दिया। गेंद सीधे स्टंप्स से जा टकराई और गुजरात टाइटंस के कप्तान का विकेट बिखर गया। यह सिर्फ एक विकेट नहीं था, बल्कि तेज गेंदबाजी की सूक्ष्म कला का शानदार प्रदर्शन माना गया।

भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से अपनी स्विंग गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते रहे हैं। हालांकि टी20 क्रिकेट में जहां बल्लेबाजों का दबदबा लगातार बढ़ा है, वहां उन्होंने अपनी गेंदबाजी में विविधताएं जोड़कर खुद को प्रासंगिक बनाए रखा है। धीमी गेंद, कटर, लेंथ में बदलाव और सटीक लाइन-लेंथ ने उन्हें अभी भी सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल रखा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भुवनेश्वर की सबसे बड़ी ताकत उनकी नियंत्रण क्षमता और बल्लेबाज की मानसिकता को पढ़ने की कला है। वे केवल गति पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि परिस्थितियों और बल्लेबाज की चाल के अनुसार अपनी रणनीति बदलते हैं।

आईपीएल जैसे तेज और आक्रामक प्रारूप में जहां बल्लेबाज शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं, वहां भुवनेश्वर जैसे गेंदबाज अपनी बुद्धिमत्ता और अनुभव से अंतर पैदा करते हैं। शुभमन गिल जैसे तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज का विकेट इस बात का प्रमाण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक क्रिकेट में केवल तेज गति ही सफलता की गारंटी नहीं है। सही समय पर सही गेंद डालना, बल्लेबाज को जाल में फंसाना और दबाव बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भुवनेश्वर कुमार इसी कला के माहिर माने जाते हैं।

भारतीय क्रिकेट में भुवनेश्वर कुमार को लंबे समय से नई गेंद के सबसे कुशल स्विंग गेंदबाजों में गिना जाता रहा है। चोटों और उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने अपने अनुभव और तकनीकी कौशल के दम पर वापसी की है।

अब आईपीएल 2026 के आगे के मुकाबलों में भी उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर उन परिस्थितियों में जहां अनुभव और रणनीतिक गेंदबाजी मैच का रुख बदल सकती है।

भारतीय टीम में पहली बार चुने गए हर्ष दुबे का बड़ा बयान, बोले- किसी की जगह नहीं, अपनी पहचान बनाने आया हूं

नागपुर / सत्ता संदेश

भारतीय क्रिकेट में उभरते सितारे के रूप में तेजी से पहचान बना रहे युवा स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर Harsh Dubey ने पहली बार भारतीय टीम में चयन के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वह किसी वरिष्ठ खिलाड़ी के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान बनाने के इरादे से टीम इंडिया में आए हैं। 23 वर्षीय विदर्भ खिलाड़ी ने कहा कि भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है, और वह अपने प्रदर्शन से देश का भरोसा जीतना चाहते हैं।

बाएं हाथ के स्पिनर और उपयोगी बल्लेबाज के रूप में पहचान रखने वाले हर्ष दुबे को अगले महीने India national cricket team में पहली बार जगह मिली है। उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच और तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। चयन के बाद क्रिकेट जगत में उनकी चर्चा तेज हो गई है और उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है।

नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दुबे ने कहा कि टीम इंडिया में जगह बनाना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही देश के लिए खेलने का सपना देखा था और अब जब वह मौका मिला है, तो वह पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं।

दुबे ने कहा, “मैं किसी की जगह लेने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। भारतीय टीम में कई महान खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्षों तक देश के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। मेरा लक्ष्य सिर्फ इतना है कि मैं अपनी मेहनत और प्रदर्शन से खुद की पहचान बनाऊं।”

युवा ऑलराउंडर ने कहा कि वह अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में मिले अनुभव को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। पिछले कुछ वर्षों में घरेलू टूर्नामेंटों और रणजी क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया था।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हर्ष दुबे आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों के मुताबिक एक संतुलित ऑलराउंडर साबित हो सकते हैं। उनकी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता टीम के लिए उपयोगी मानी जा रही है। खासतौर पर सीमित ओवरों के क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की भूमिका बेहद अहम होती जा रही है।

विदर्भ क्रिकेट से जुड़े कोच और पूर्व खिलाड़ियों ने भी दुबे की मेहनत और अनुशासन की सराहना की है। उनका कहना है कि हर्ष ने घरेलू स्तर पर लगातार संघर्ष किया और हर मौके का सही उपयोग किया। यही वजह है कि इतनी कम उम्र में उन्हें राष्ट्रीय टीम का टिकट मिला।

भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी कार्यक्रम को देखते हुए चयनकर्ताओं की नजर युवा खिलाड़ियों पर लगातार बनी हुई है। अफगानिस्तान के खिलाफ श्रृंखला को कई नए खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। ऐसे में हर्ष दुबे पर भी सभी की निगाहें रहेंगी।

क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी दुबे को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि वह आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए अहम खिलाड़ी साबित होंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी है और टीम में जगह बनाए रखना आसान नहीं होता। ऐसे में हर्ष दुबे का यह बयान कि वह किसी का विकल्प नहीं बल्कि अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं, उनके आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को दर्शाता है।

अब सभी की नजर अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली श्रृंखला पर टिकी है, जहां यह युवा ऑलराउंडर पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने हुनर का प्रदर्शन करता नजर आ सकता है।

भारतीय क्रिकेट टीम में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट: सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पर संकट, संजू सैमसन बन सकते हैं नए कप्तान

स्पोर्टस डेस्क: IPL 2026 के समापन के बाद भारतीय टी20 टीम में बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाया जा सकता है और उनकी जगह एक नए खिलाड़ी को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

संजू सैमसन रेस में सबसे आगे: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे संजू सैमसन इस समय कप्तानी की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 सीरीज में टीम की कमान सौंपी जा सकती है।

सूर्यकुमार यादव की फॉर्म पर नजर: हालांकि सूर्यकुमार यादव ने भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जिताया है, लेकिन उनकी वर्तमान फॉर्म चयनकर्ताओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है,। रिपोर्ट के मुताबिक, चयन समिति उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के लिए कप्तान बनाए रख सकती है, लेकिन उन पर पैनी नजर रहेगी। यदि वे विफल रहते हैं, तो संजू सैमसन को कमान मिलना तय है। फिलहाल संजू को इन सीरीज के लिए उपकप्तान बनाया जा सकता है।

श्रेयस अय्यर क्यों पिछड़े?: पहले श्रेयस अय्यर का नाम भी कप्तानी के लिए चर्चा में था, लेकिन उन्होंने दिसंबर 2023 से कोई टी20 मैच नहीं खेला है। चयनकर्ता पहले उन्हें बतौर खिलाड़ी टीम में शामिल कर उनके प्रदर्शन को परखना चाहते हैं।

सैमसन का पलड़ा क्यों भारी?: संजू सैमसन के पास आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी का लंबा अनुभव है, जिसकी अगुआई में टीम 2022 के फाइनल तक पहुँची थी। चयनकर्ताओं को दबाव के क्षणों में उनका शांत स्वभाव काफी पसंद आ रहा है।इस बदलाव के साथ चयन समिति का लक्ष्य टी20 टीम में नए नेतृत्व और स्थिरता को लाना है।

BCCI का बड़ा ऐलान: पहली बार जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज खेलेगी टीम इंडिया, रायपुर और बड़ौदा करेंगे मेजबानी

स्पोर्टस डेस्क : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी घरेलू सीजन के लिए एक ऐतिहासिक कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसमें पहली बार भारतीय सीनियर महिला टीम और जिम्बाब्वे महिला टीम के बीच द्विपक्षीय सीरीज का आयोजन किया जाएगा। यह सीरीज भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नई और रोमांचक शुरुआत मानी जा रही है।

छह व्हाइट-बॉल मैचों का शेड्यूल : शेड्यूल के अनुसार, जिम्बाब्वे की महिला टीम अक्टूबर 2026 में भारत का दौरा करेगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच कुल 6 व्हाइट-बॉल मुकाबले खेले जाएंगे। इसमें तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच रायपुर में खेले जाएंगे, जबकि तीन वनडे (ODI) मैचों की मेजबानी बड़ौदा करेगा। यह सीरीज 16 अक्टूबर से शुरू होकर 28 अक्टूबर 2026 तक चलेगी।

इंडिया-A और U19 टीमों का भी कार्यक्रम: BCCI ने केवल सीनियर टीम ही नहीं, बल्कि इंडिया-A और अंडर-19 टीमों के लिए भी एक पैक शेड्यूल जारी किया है।

इंडिया-A (पुरुष): सितंबर से अक्टूबर 2026 के बीच पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ दो चार दिवसीय और तीन वनडे मैच खेलेगी।

इंडिया-A (महिला): ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की ‘A’ टीमों के खिलाफ मल्टी-फॉर्मेट सीरीज में हिस्सा लेगी, जिसमें टी20, वनडे और मल्टी-डे मैच शामिल हैं।

U19 टीमें: भारतीय अंडर-19 पुरुष टीम ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करेगी, जबकि अंडर-19 महिला टीम श्रीलंका और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज खेलेगी।

BCCI का यह व्यापक शेड्यूल भारतीय क्रिकेट के भविष्य को मजबूत करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक अवसर प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

“मैं अपने देश के लिए खेलूंगा”: राशिद खान ने ठुकराया भारत और ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता का ऑफर

स्पोर्टस डेस्क : अफगानिस्तान के दिग्गज स्पिनर राशिद खान ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए दावा किया है कि उन्हें भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने और वहां की नागरिकता लेने का प्रस्ताव मिला था। 27 वर्षीय इस स्टार खिलाड़ी ने अपनी आगामी किताब “राशिद खान: सड़क से स्टारडम तक” में इन बातों का विस्तार से जिक्र किया है।

IPL के दौरान मिला था ऑफर: राशिद खान ने किताब में उस किस्से को साझा किया जब वह आईपीएल में गुजरात टाइटंस (GT) की टीम का हिस्सा थे। उन्होंने बताया कि फ्रैंचाइजी के एक अधिकारी ने उन्हें जानकारी दी थी कि BCCI के एक बड़े अधिकारी उनसे मिलना चाहते हैं। मुलाकात के दौरान अधिकारी ने अफगानिस्तान के खराब हालातों का हवाला देते हुए राशिद को भारत में बसने और भारतीय दस्तावेजों के साथ टीम इंडिया के लिए क्रिकेट खेलने की पेशकश की थी।

देशप्रेम को दी प्राथमिकता : राशिद खान ने बताया कि वह इस प्रस्ताव को सुनकर चौंक गए थे, लेकिन उन्होंने मुस्कुराते हुए इसे ठुकरा दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं अपने देश अफगानिस्तान के लिए ही खेलूंगा”। राशिद के अनुसार, उन्हें ऑस्ट्रेलिया से भी इसी तरह का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने अपने वतन के प्रति वफादारी और वहां के लिए खेलने को ही प्राथमिकता दी। उन्होंने किताब में लिखा है कि यदि वह अपने देश के लिए नहीं खेल सकते, तो वह किसी और देश के लिए भी नहीं खेलेंगे।

टी20 वर्ल्ड कप में नहीं मिला मौका, अब शुभमन गिल का अगला लक्ष्य: 2027 वनडे वर्ल्ड कप जीतना

स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल को खराब फॉर्म की वजह से टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम में जगह नहीं मिली थी। इस झटके के बाद, गिल ने अब अपना पूरा ध्यान आगामी आईसीसी (ICC) ट्रॉफियों पर केंद्रित कर दिया है। बीसीसीआई (BCCI) नमन अवॉर्ड के दौरान स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य 2027 का वनडे वर्ल्ड कप जीतना है।

गिल ने पिछले अनुभवों को याद करते हुए कहा कि 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम खिताबी जीत के बहुत करीब पहुंच गई थी, लेकिन फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि अब दक्षिण अफ्रीका में होने वाला अगला वर्ल्ड कप भारत के लिए इसे जीतने का एक शानदार मौका होगा।

अपने सफर को याद करते हुए शुभमन ने बताया कि कैसे 2013 में उन्होंने एक बच्चे के रूप में भारत को चैंपियंस ट्रॉफी जीतते देखा था और अब वह खुद देश के लिए आईसीसी ट्रॉफी जीतने का सपना देखते हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी जीतना उनके और टीम के लिए हमेशा बहुत खास रहेगा।

हार्दिक पांड्या ने रचा इतिहास: एमएस धोनी के बड़े रिकॉर्ड की बराबरी की, अब सिर्फ रोहित शर्मा से हैं पीछे

स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने क्रिकेट की दुनिया में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारत की न्यूजीलैंड पर 96 रनों की शानदार जीत के साथ ही पांड्या ने पूर्व कप्तान एमएस धोनी के एक खास रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है।

एमएस धोनी और अंबाती रायडू की बराबरी हार्दिक पांड्या अब अपने टी20 करियर में 9वीं बार किसी टी20 खिताब को जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने एमएस धोनी और अंबाती रायडू की बराबरी कर ली है, जिनके नाम भी 9-9 टी20 खिताब हैं।

हार्दिक के इन 9 खिताबों में 2 टी20 वर्ल्ड कप, 2 एशिया कप, मुंबई इंडियंस के साथ 4 आईपीएल और गुजरात टाइटंस के साथ 1 आईपीएल खिताब शामिल है। इस लिस्ट में रोहित शर्मा 11 खिताबों के साथ शीर्ष पर काबिज हैं।

वर्ल्ड कप 2026 में पांड्या का दमदार प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट के दौरान हार्दिक पांड्या ने बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 9 मैचों में 160.74 के स्ट्राइक रेट से 217 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल थे। गेंदबाजी में भी उन्होंने कमाल दिखाते हुए 9 विकेट अपने नाम किए। अब हार्दिक पांड्या आगामी आईपीएल के 19वें सीजन में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे।

T20 World Cup 2026: साउथ अफ्रीका से हार के बाद भी सेमीफाइनल में पहुँच सकता है भारत, समझें पूरा समीकरण

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 स्टेज में दक्षिण अफ्रीका के हाथों मिली 76 रनों की करारी हार ने टीम इंडिया के लिए सेमीफाइनल की राह काफी चुनौतीपूर्ण बना दी है. इस हार के साथ ही भारतीय टीम की करीब सवा 3 साल से टी20 वर्ल्ड कप में चली आ रही बादशाहत और 14 मैचों की जीत का सिलसिला भी थम गया है. हालांकि, खराब नेट रन रेट (NRR) के बावजूद भारतीय टीम अभी भी सेमीफाइनल की रेस में बनी हुई है और इसमें साउथ अफ्रीका ही भारत की मददगार साबित हो सकती है.

ग्रुप 1 का ताजा हाल और समीकरण: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मैच के बाद दक्षिण अफ्रीका 2 अंकों और +3.800 के शानदार NRR के साथ शीर्ष पर है, जबकि भारत 0 अंकों और -3.800 के खराब NRR के साथ मुश्किल स्थिति में है. भारत के पास अब जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैच बचे हैं.

सेमीफाइनल में पहुँचने के रास्ते:

दो जीत और साउथ अफ्रीका का साथ: भारत को अपने अगले दोनों मैच जीतने होंगे ताकि उसके पास 4 अंक हो जाएं. यदि दक्षिण अफ्रीका भी अपने बाकी दोनों मैच (वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ) जीत जाता है, तो वह 6 अंकों के साथ ग्रुप में टॉप करेगा. ऐसी स्थिति में बाकी टीमें अधिकतम 2-2 अंक ही ला पाएंगी और भारत 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर जाएगा.

NRR का जोखिम: यदि दक्षिण अफ्रीका कोई मैच हारता है, तो पॉइंट्स टेबल में बराबरी की स्थिति बन सकती है. ऐसी स्थिति में भारत का -3.800 का NRR बाधा बन सकता है, इसलिए सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम को अगले मुकाबले न केवल जीतने होंगे, बल्कि बड़े अंतर से जीतने होंगे ताकि नेट रन रेट में सुधार हो सके.

मैच की कुछ मुख्य बातें: इस मुकाबले में जहां ईशान किशन शून्य पर आउट हुए, वहीं अभिषेक शर्मा ने वर्ल्ड कप में अपना पहला रन बनाया. अब रोहित-विराट युग के बाद नई टीम को सेमीफाइनल का टिकट हासिल करने के लिए एकजुट होकर प्रदर्शन करना होगा।