ब्रेकिंग न्यूज़
कांग्रेस का कैप्टन को ‘घर वापसी’ का ऑफर: ईडी नोटिस के बाद गरमाई पंजाब की सियासत; बेटी बोली- ‘भाजपा में ही रहेंगे पिता’

पंजाब डेस्क : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एक पुराने मामले में कैप्टन को समन (Notice) जारी किए जाने के बाद, कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में वापस लौटने का न्योता दिया है।

भूपेश बघेल ने दिया ऑफर: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कैप्टन के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए उन्हें ‘घर वापसी’ का ऑफर दिया है। बघेल ने कहा कि यदि कैप्टन कांग्रेस में लौटने पर विचार करते हैं, तो पार्टी इस पर विचार कर सकती है, हालांकि अंतिम फैसला हाईकमान ही लेगा। उन्होंने कैप्टन को पंजाब की राजनीति का एक बड़ा और प्रभावशाली चेहरा बताया।

बेटी जय इंदर कौर का दो टूक जवाब: कांग्रेस की इस पेशकश पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी और पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनके पिता भाजपा में ही रहेंगे और कहीं नहीं जा रहे हैं। ईडी नोटिस पर उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें नोटिस मिला है, और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

सियासी बयानबाजी और आरोप: कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आरोप लगाया है कि जैसे ही कैप्टन ने पंजाब के मुद्दों और भाजपा की समझ पर सवाल उठाए, उन्हें ईडी का समन भेज दिया गया। उन्होंने इसे केंद्रीय एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की रणनीति करार दिया। दूसरी ओर, 84 वर्षीय कैप्टन अमरिंदर सिंह लगातार पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के गठबंधन की वकालत कर रहे हैं ताकि 2027 के चुनावों में मजबूती से उतरा जा सके।

कैप्टन का राजनीतिक सफर: कैप्टन अमरिंदर सिंह तीन बार पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं। 2021 में मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और अपनी नई पार्टी ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ बनाई, जिसका सितंबर 2022 में उन्होंने भाजपा में विलय कर दिया था।

T20 वर्ल्ड कप 2026: भारत ने नामीबिया को बुरी तरह रौंदा, ईशान किशन और हार्दिक पंड्या के तूफान में उड़ी विपक्षी टीम

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। अपने दूसरे मैच में भारत ने नामीबिया को एकतरफा अंदाज में हरा दिया है, जिससे सुपर-8 में उसकी जगह लगभग पक्की हो गई है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 209 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में नामीबिया की पूरी टीम महज 116 रनों पर ढेर हो गई।

ईशान किशन और हार्दिक का विस्फोटक प्रदर्शन: भारत की इस धमाकेदार जीत के हीरो ईशान किशन और हार्दिक पंड्या रहे। सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए महज 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और कुल 24 गेंदों में 61 रन बनाए। वहीं, हार्दिक पंड्या ने भी बल्ले से अपना जोर दिखाते हुए 27 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और 52 रनों की पारी खेली। गेंदबाजी में भी हार्दिक ने 2 विकेट अपने नाम किए। संजू सैमसन ने भी विस्फोटक शुरुआत की और 22 रन बनाए, जबकि तिलक वर्मा ने 25 रनों का योगदान दिया।

गेंदबाजों का जलवा, वरुण चक्रवर्ती की जादुई फिरकी: गेंदबाजी के मोर्चे पर वरुण चक्रवर्ती ने नामीबियाई बल्लेबाजों को अपनी उंगलियों पर नचाया। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेने के साथ-साथ महज 12 गेंदों में 7 रन देकर 3 विकेट झटके। अक्षर पटेल और हार्दिक पंड्या ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे और जसप्रीत बुमराह को 1-1 विकेट मिला। नामीबिया की ओर से केवल उनके कप्तान गेरहार्ड एरसमस ने संघर्ष दिखाया और 4 विकेट चटकाए।

पाकिस्तान से होगा अगला महामुकाबला: यूएसए और नामीबिया को हराने के बाद टीम इंडिया अब ग्रुप ए में टॉप पर है। भारत का अगला मुकाबला चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के साथ 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाएगा। इस बड़ी जीत ने आगामी हाई-वोल्टेज मैच से पहले भारतीय टीम के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

तरनतारन लॉ कॉलेज हत्याकांड: हमलावर प्रिंस राज की भी अस्पताल में मौत, छात्रा संदीप कौर की हत्या के बाद खुद को मारी थी गोली

पंजाब डेस्क : पंजाब के तरनतारन जिले के गांव उस्मां स्थित माई भागो लॉ कॉलेज में 9 फरवरी की सुबह हुई रूह कंपा देने वाली वारदात के आरोपी प्रिंस राज ने भी गुरुवार को दम तोड़ दिया। प्रिंस ने अपनी सहपाठी संदीप कौर (20) के माथे में गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद के सिर में भी गोली मार ली थी। प्रिंस का इलाज पिछले तीन दिनों से अमृतसर के गुरु नानक अस्पताल में चल रहा था, जहाँ आज सुबह उसकी मौत हो गई।

पिता की सर्विस पिस्टल का किया इस्तेमाल: जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार प्रिंस के पिता का था, जो सीआरपीएफ (CRPF) में जवान हैं। प्रिंस के पिता छुट्टी पर घर आए हुए थे और अपनी सर्विस पिस्टल साथ लाए थे। प्रिंस मौका देखकर वह पिस्टल उठा लाया और क्लास में घुसकर संदीप के साथ कुछ सेकंड बहस करने के बाद उस पर फायर कर दिया। यह पूरी घटना कॉलेज के सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई थी।

हत्या की वजह पर दो अलग दावे: इस हत्याकांड के पीछे दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं:

एकतरफा प्यार: मृतक छात्रा संदीप कौर के परिवार का आरोप है कि प्रिंस उस पर एकतरफा प्यार का दबाव बनाता था और उसे परेशान करता था। संदीप अपनी पढ़ाई और परिवार (7 बहनें और 1 भाई) की जिम्मेदारी पर ध्यान देना चाहती थी। तीन महीने पहले संदीप की मंगनी होने के बाद प्रिंस का पागलपन और बढ़ गया था।

वित्तीय विवाद: कुछ सूत्रों के अनुसार, प्रिंस राज संदीप की पढ़ाई का खर्च उठाता था। जब उसे पता चला कि संदीप की कहीं और मंगनी हो गई है, तो वह गुस्से में आ गया और उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

संदीप कौर का अंतिम संस्कार बीते दिन उसके परिवार द्वारा कर दिया गया था। परिवार ने पहले मांग की थी कि जब तक उन्हें प्रिंस की लाश नहीं दिखाई जाती, वे संस्कार नहीं करेंगे।

वायु यातायात नियंत्रकों के 1,279 पद रिक्त: सरकार

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा को बताया कि वायु यातायात नियंत्रकों के लिए स्वीकृत 5,537 पदों में से कुल 1,279 रिक्त हैं।

वायु यातायात का नियंत्रण सरकारी कंपनी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) करती है।

नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘वायु यातायात का प्रबंधन एएआई कुल 5,537 वायु यातायात नियंत्रकों (एटीसीओ) के जरिए करती है। एटीसीओ के कुल 1,279 पद रिक्त हैं।’’

चालू वित्त वर्ष में अब तक, देश के सात प्रशिक्षण केंद्र में 4,320 एटीसी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) में स्वीकृत कुल 1,630 पदों में से 787 रिक्त हैं।

उन्होंने बताया कि नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो में स्वीकृत कुल 598 पदों में से 230 पद रिक्त हैं।

मोहोल ने बताया कि डीजीसीए के पुनर्गठन के तहत नागरिक उड्डयन के भविष्य में विस्तार होने को ध्यान में रखते हुए, 2022 से 2024 की अवधि के दौरान 1630 पदों में से 441 पद (426 तकनीकी और 15 गैर-तकनीकी पद) सृजित किये गए हैं।

भू-नीतियों में सुधार से घर हो सकते हैं अधिक सस्ते: नीति आयोग सदस्य राजीव गौबा

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने कहा है कि भूमि से जुड़ी बाधाएं आवास परियोजनाओं के विकास में बड़ी चुनौती पेश करती हैं और इसके लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता है ताकि भूमि की लागत कम की जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने मास्टर प्लान में कम से कम 10 प्रतिशत आवासीय भूमि सस्ते आवास के लिए आरक्षित करने पर विचार करना चाहिए। साथ ही, परियोजनाओं के लिए मंजूर मंजिल क्षेत्र अनुपात (एफएआर) को वर्तमान के 2-3 से बढ़ाकर 5-6 करना चाहिए, यातायात आधारित विकास को प्रोत्साहित करना चाहिए और भूमि साझा करने जैसी व्यवस्था अपनानी चाहिए। ये सभी उपाय भूमि की लागत कम करने और आवास की उपलब्धता बढ़ाने में मदद करेंगे।”

उन्होंने राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज कुल परियोजना लागत में जमीन का हिस्सा 50-70 प्रतिशत है, जो तुलनीय बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक है।

उन्होंने कहा, ‘‘औपचारिक ऋण तक सीमित पहुंच के कारण ये दबाव बढ़ गए हैं, जिससे बिल्डर को उच्च लागत वाले वित्त पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे परियोजना की व्यवहार्यता कम हो रही है।’’

उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न-आय समूह खंड में मुनाफा विशेष रूप से कम है और इसलिए वे निजी निवेश को आकर्षित नहीं करते हैं।

गौबा ने कहा कि देश में करीब एक करोड़ घर खाली पड़े हैं, इसलिए किराये के आवासीय बाजार को मजबूत करने सहित कई अन्य मुद्दों को भी हल करने की आवश्यकता है।

उन्होंने किराया कानून में सुधार, नगर निगम शुल्क को तर्कसंगत करना, विभिन्न प्रकार के किराये के आवास मॉडल को बढ़ावा देने और निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए कोष एवं वित्तीय व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया।

कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसा मामले में तंबाकू कारोबारी के बेटे को अदालत से जमानत मिली

कानपुर (उप्र), 12 फरवरी (भाषा) कानपुर की एक अदालत ने ‘हाई-प्रोफाइल’ लैंबॉर्गिनी दुर्घटना मामले में आरोपी शिवम मिश्रा को बृहस्पतिवार को जमानत दे दी। इस मामले से जुड़े एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने इस सप्ताह के आरंभ में यहां वीआईपी रोड पर हुई ‘हाई-प्रोफाइल’ लैंबॉर्गिनी दुर्घटना के मामले में स्थानीय तंबाकू कारोबारी के. के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को बृहस्पतिवार को ही गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए थे।

आरोपी के अधिवक्‍ता अनंत शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामले में उसकी 14 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने इसकी इजाजत नहीं दी और इसके बजाय उसे 20,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।

शर्मा ने कहा कि पुलिस ने मिश्रा को हिरासत में लेने के लिए अदालत में अर्जी दी थी, लेकिन उसमें कई गड़बड़ियां थीं।

उन्होंने दावा किया कि कागजातों में ‘नोटिस सर्विस’ के बारे में विवरण नहीं था, जिसके बाद अदालत ने पुलिस की अर्जी खारिज कर दी और आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

शर्मा ने कहा कि कानपुर पुलिस ने सुबह मिश्रा को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार किया था और सुबह करीब 10 बजे स्थानीय अदालत में पेश किया। उन्होंने कहा कि दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया और दोपहर तीन बजे के बाद सुनाया।

आदेश को “सही और उचित” बताते हुए, शर्मा ने कहा कि इस स्तर पर सजा या जुर्माना लगाने का कोई प्रावधान नहीं है और मिश्रा को जमानत बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया।

मिश्रा की तरफ से पेश हुए बचाव पक्ष के वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता नरेश चंद्र त्रिपाठी ने पत्रकारों को बताया कि यह गिरफ्तारी उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देश और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधान का उल्लंघन है।

त्रिपाठी ने कहा कि अदालत ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए और उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देश और बीएनएसएस प्रावधान को ध्यान में रखते हुए, उनके मुवक्किल को पुलिस हिरासत में भेजने से मना कर दिया तथा उसे 20,000 रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने सरकारी दबाव में काम किया ।

रिहाई के बाद, शिवम मिश्रा अपने वकीलों द्वारा दी गई कड़ी सुरक्षा के बीच भीड़भाड़ वाले अदालत परिसर से बाहर निकला।

कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से दिन में कहा था, ‘‘आरोपी शिवम मिश्रा (35) को गिरफ्तार कर लिया गया है।’’

पेरू अपनी संप्रभुता चीन से खो सकता है : अमेरिका की चेतावनी

लीमा, 12 फरवरी (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने चिंता जताई है कि चीन लातिन अमेरिकी देश पेरू के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर अपना नियंत्रण मजबूत करके उसकी संप्रभुता को नुकसान पहुंचा रहा है।

अमेरिकी की यह चेतावनी पेरू की एक अदालत के उस फैसले के बाद आई है जिसमें एक स्थानीय नियामक ने चीन द्वारा बनाए गए विशाल बंदरगाह की निगरानी को सीमित कर दिया है।

पेरू की राजधानी लीमा के उत्तर में चांकाय में स्थित 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से स्थापित गहरे पानी का बंदरगाह लातिन अमेरिका में चीन की पकड़ का प्रतीक बन गया है। यह बंदरगाह अमेरिका के साथ तनाव का केंद्र बिंदु भी है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के पश्चिमी गोलार्ध मामलों के ब्यूरो ने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि वह ‘‘उन नवीनतम खबरों से चिंतित है कि पेरू अपने सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक, चांकाय पर नजर रखने में असहाय हो सकता है, जो लालची चीनी मालिकों के अधिकार क्षेत्र में है।’’

अमेरिका ने कहा, ‘‘हम पेरू के उसके क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की देखरेख करने के संप्रभु अधिकार का समर्थन करते हैं। इसे इस क्षेत्र और दुनिया के लिए एक सबक के रूप में लें, सस्ते चीनी ऋण की कीमत संप्रभुता से चुकानी पड़ती है।’’

यह चिंता ऐसे समय में सामने आई है जब ट्रंप प्रशासन पश्चिमी गोलार्ध पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, चीन लंबे समय से बड़े पैमाने पर ऋण और व्यापार के माध्यम से अपना प्रभाव स्थापित कर रहा है।

चीन की सरकार ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बृहस्पतिवार को अपनी दैनिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘चीन चांकाय बंदरगाह के बारे में अमेरिका द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों और दुष्प्रचार का कड़ा विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है।’’

पाकिस्तान: इमरान की एक आंख की रोशनी खो जाने की खबर सामने आने के बाद उनकी आंखों की जांच का आदेश

इस्लामाबाद, 12 फरवरी (भाषा) पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की एक आंख की रोशनी खो जाने संबंधी खबर सामने आने के बाद उनकी आंखों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का बृहस्पतिवार को आदेश दिया।

शीर्ष अदालत ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक खान को अपने बच्चों से बात करने की अनुमति देने का भी आदेश दिया।

भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद खान को पांच अगस्त 2023 को लाहौर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद से वह जेल में हैं। फिलहाल वह रावलपिंडी की अदियाला जेल में कैद हैं।

प्रधान न्यायाधीश याह्या आफरीदी और न्यायमूर्ति शाहिद बिलाल हसन की पीठ 73-वर्षीय खान की रहन-सहन की परिस्थितियों से संबंधित मामले पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने 16 फरवरी से पहले उनकी विस्तृत जांच कराने का आदेश दिया।

पिछले महीने खान को इस्लामाबाद में एक अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी एक आंख की बीमारी का इलाज किया गया। हालांकि उनकी पार्टी उनके स्वास्थ्य के बारे में चिताएं जता रही है।

न्यायमूर्ति आफरीदी ने सुनवाई के दौरान कहा, “इमरान खान के स्वास्थ्य का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है और इस मामले में हस्तक्षेप आवश्यक है।”

शीर्ष अदालत ने खान को फोन के जरिये बच्चों से बात करने की अनुमति देने का भी आदेश दिया।

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को पीटीआई के वकील सलमान सफदर को अदियाला जेल में खान से मिलने और उनकी रहन-सहन की परिस्थितियों के बारे में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा था।

खान से मिलने के बाद वकील ने रिपोर्ट पेश की।

इसी बीच, डॉन अख़बार ने वकील की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि उस रिपोर्ट में सफदर की खान से मुलाकात, जेल की कोठरी की स्थिति, पूर्व प्रधानमंत्री को दी जा रही सुविधाएं और व्यवस्थाएं, उनके रहने के परिसर का विवरण तथा वकील के जेल तक पहुंचने की प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन किया गया है।

अपनी रिपोर्ट में सफदर ने खान के हवाले से कहा, “खान के इलाज के बावजूद, उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि केवल 15 प्रतिशत रह गई है।”

अखबार के अनुसार खान ने सफदर को बताया कि “करीब तीन-चार महीने पहले, यानी अक्टूबर 2025 तक, उनकी दोनों आंखों की दृष्टि सामान्य थी।”

छत्तीसगढ़ में श्रम संगठनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मिला-जुला असर

रायपुर, 12 फरवरी (भाषा) केंद्र सरकार की चार नई श्रम संहिताओं और कथित श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में आहूत श्रमिक संगठनों की एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का छत्तीसगढ़ में बृहस्पतिवार को मिला-जुला असर दिखा।

कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण कई राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे। बीमा कंपनियों और डाकघरों के कर्मचारियों के साथ-साथ मजदूरों और किसानों ने भी आंदोलन में भाग लिया, जिससे उनसे संबंधित क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हुआ।

खनिज-समृद्ध राज्य में खनन गतिविधियां आंशिक रूप से प्रभावित हुईं।

हालांकि, परिवहन सेवाओं का संचालन सामान्य रहा और दुकानें, बाजार और अधिकांश व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे। दुर्ग जिले सहित कई क्षेत्रों में सामान्य जन-जीवन काफी हद तक अप्रभावित रहा और भिलाई इस्पात संयंत्र में कामकाज सामान्य रूप से जारी रहा।

श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच के संयोजक धर्मराज महापात्रा ने बताया कि विभिन्न श्रमिक संगठनों, स्वतंत्र संघों और कुछ राज्य सरकार के विभागों से संबद्ध हजारों कर्मचारियों और श्रमिकों ने जिलों में विरोध प्रदर्शन किया और रैलियां निकालीं।

प्रदर्शनकारी रायपुर के पंडरी स्थित एलआईसी मंडल कार्यालय के बाहर एकत्र हुए।

केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच ने केंद्र सरकार की ‘मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के विरोध में इस हड़ताल का आह्वान किया था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने भी हड़ताल को अपना समर्थन दिया है।

महापात्रा ने आरोप लगाया कि नई श्रम संहिताएं ‘व्यापार करने में आसानी’ के नाम पर श्रमिकों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों की कीमत पर कॉरपोरेट जगत को लाभ पहुंचाती हैं।

राजनांदगांव जिले में भी प्रदर्शन हुए, जहां श्रमिक संगठनों और किसान समूहों ने विरोध जताया। कोरबा में स्थानीय श्रमिक संगठन के नेता वीएम मनोहर ने बताया कि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कोयला खदानों के कई कर्मचारियों ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य के किसी भी हिस्से से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।

हड़ताल का आह्वान करने वाले केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच ने दावा किया है कि आंदोलन के लिए लगभग 30 करोड़ श्रमिकों को संगठित किया गया है।

उनकी तत्कालिक मांगों में चार श्रम संहिताओं और नियमों को रद्द करना, बीज विधेयक और विद्युत संशोधन विधेयक के मसौदे को वापस लेना शामिल है। उनकी मांगों में ‘भारत में परिवर्तन के लिए परमाणु ऊर्जा का सतत दोहन और विकास (शांति) अधिनियम’ को वापस लेना भी शामिल है। श्रमिक संगठन ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण’ (वीबी-जी राम जी) को रद्द करके मनरेगा को भी बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

पहाड़गंज के होटल में ‘मुफ्त ठहरने’ को लेकर विदेशी ने हंगामा किया, खुद को चाकू से घायल किया

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) मध्य दिल्ली के पहाड़गंज में एक होटल के बाहर नशे की हालत में तुर्कमेनिस्तान के एक नागरिक ने चाकू से खुद को घायल कर लिया जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

उसने बताया कि यह घटना ‘व्हाइट ग्लो होटल’ के बाहर हुई, जहां जेहुन नाम का व्यक्ति इस साल 20 जनवरी से 10 फरवरी के बीच रुका था।

पुलिस के मुताबिक, जेहुन 11 फरवरी को नशे की हालत में होटल लौटा और उसने पैसे न होने का दावा करते हुए ठहरने के लिए व्यवस्था करने की मांग की।

होटल के कर्मचारियों ने उसे बताया कि कोई कमरा उपलब्ध नहीं है। इसके बाद वह उत्तेजित हो गया और उसने अपने पास मौजूद चाकू से अपने गले पर चोटें पहुंचाईं।

होटल प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया, लेकिन जब तक वे मौके पर पहुंचे तब तक जेहुन का काफी खून बह चुका था।

जेहुन को तुरंत लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे आपात चिकित्सा के लिए भर्ती कराया गया।

पुलिस ने बताया कि चिकित्सकीय जांच से पुष्टि हुई है कि घटना के समय जेहुन अत्यधिक नशे में था।