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लुधियाना: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कुख्यात गुर्गा पंकज राजपूत गिरफ्तार; दिल्ली पुलिस ने लुधियाना में मारा छापा

पंजाब डेस्क : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर पंकज राजपूत को लुधियाना के जमालपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। कैटेगरी-बी का यह गैंगस्टर दिल्ली के एक बड़े कारोबारी से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित था।

स्थानीय पुलिस को नहीं लगी भनक: हैरानी की बात यह है कि पंकज पिछले पांच दिनों से लुधियाना के पुनीत नगर में अपने एक रिश्तेदार के घर छिपा हुआ था, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। जबकि पंजाब पुलिस महानगर में ‘ऑपरेशन प्रहार 2’ चला रही थी, दूसरे राज्य की पुलिस आकर इतने बड़े अपराधी को पकड़ ले गई।

अपराधिक इतिहास और विदेशी कनेक्शन: पंकज राजपूत का नाता अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टरों गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा से सीधा बताया जाता है। उस पर हत्या के प्रयास, रंगदारी, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसे करीब डेढ़ दर्जन संगीन मामले दर्ज हैं।

अमेरिका फरार हुआ था आरोपी: साल 2023 में जमानत पर बाहर आने के बाद पंकज चकमा देकर अमेरिका भाग गया था।नेटवर्क विस्तार: हाल ही में भारत लौटकर उसने पंजाब में अपना नेटवर्क दोबारा सक्रिय करना शुरू किया था और लुधियाना के दरेसी मैदान के आसपास अपना आधार बना रहा था।

ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में संलिप्तता: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पंकज का नाम 1 किलो हेरोइन की बरामदगी और जगरांव मुठभेड़ जैसे मामलों से भी जुड़ा हुआ है। साल 2019 में जेल में रहने के दौरान भी उसके पास से मोबाइल मिला था, जिससे पता चलता है कि वह सलाखों के पीछे से भी अपना गिरोह चला रहा था।

अगली कार्रवाई: दिल्ली पुलिस अब आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि पंकज की गिरफ्तारी से फिरौती और ड्रग सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े नामों और स्थानीय मददगारों का पर्दाफाश हो सकता है। लुधियाना के अलावा संगरूर, फिरोजपुर और बठिंडा पुलिस भी पुराने मामलों में उससे पूछताछ की तैयारी कर रही है।

फिरोजपुर : किसान ने पत्नी और 4 साल के मासूम बेटे को मारी गोली, फिर खुद को भी उड़ाया; तीनों वेंटिलेटर पर

पंजाब डेस्क : पंजाब के फिरोजपुर जिले के वजीदपुर गांव में शुक्रवार दोपहर एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक संपन्न किसान ने घरेलू विवाद के बाद अपनी पत्नी और महज 4 साल के बेटे को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या की कोशिश की।

विवाद के बाद चलीं गोलियां: जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे जगसीर सिंह उर्फ साबा (35) का अपनी पत्नी नवनीत कौर (35) के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। गुस्से में आकर जगसीर ने अपनी पिस्तौल निकाल ली और पहले अपनी पत्नी और फिर अपने 4 साल के बेटे वारिसदीप सिंह को गोली मार दी। इसके तुरंत बाद उसने खुद पर भी फायरिंग कर ली।

वेंटिलेटर पर पूरा परिवार: गोलियों की आवाज सुनकर जब पड़ोसी मौके पर पहुंचे, तो तीनों खून से लथपथ हालत में पड़े थे। उन्हें तुरंत नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों फिलहाल वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

जांच में जुटी पुलिस: जगसीर सिंह एक किसान परिवार से ताल्लुक रखता है और उसके पास अच्छी-खासी जमीन है। गांव के लोग इस घटना से हैरान हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसा क्या विवाद हुआ जिसने इतना हिंसक रूप ले लिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और उन कारणों का पता लगा रही है जिनकी वजह से यह खूनी खेल खेला गया।

AAP ने लुधियाना में कांग्रेस की घटिया दलित विरोधी सोच के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया
  • कांग्रेस पार्टी पर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए भद्दी और पर्सनल बातों का सहारा लेने का आरोप
  • MLA बग्गा, सिद्धू, ग्रेवाल, मानूके भी कैबिनेट मंत्री मुंडियां के साथ मौजूद रहे

लुधियाना, 13 फरवरी: (सत्ता संदेश)

लुधियाना जिले की पूरी आम आदमी पार्टी टीम ने सीनियर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO जी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भद्दी और अभद्र भाषा के खिलाफ कोर्ट कॉम्प्लेक्स में बैंड-बाजे के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।

पार्टी नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी गिरती राजनीतिक जमीन बचाने के लिए भद्दी और पर्सनल बातों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि यह बयानबाजी सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश है, क्योंकि आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लिए जा रहे जनहितैषी फैसलों और पारदर्शी प्रशासन को लोगों का पूरा समर्थन मिल रहा है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, MLA मदन लाल बग्गा, MLA कुलवंत सिंह सिद्धू, MLA दलजीत सिंह भोला, MLA सरबजीत कौर माणूके, नगर निगम की मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, चेयरमैन गुरजीत सिंह गिल, राजिंदर सिंह बसंत, गुरविंदर सिंह, एडवोकेट परमजीत, जिला अध्यक्ष (शहरी) जतिंदर सिंह खंगूरा, जिला अध्यक्ष ग्रामीण-1 तेजपाल सिंह गिल और जिला अध्यक्ष ग्रामीण-2 गुरदर्शन सिंह खुल्ली, AAP के सीनियर नेता एन.एस. कंग और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

तारिक का सामना करने के लिए अश्विन की भारत को सलाह, जब वह रुके तो बस क्रीज से दूर हट जाएं

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक की अनूठी साइड आर्म एक्शन से की गई गेंदों का सामना करने के लिए भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक सरल सुझाव दिया है कि जब ‘वह गेंद फेंकने से पहले रुके तो बस क्रीज से दूर हट जाएं।’

तीस वर्षीय तारिक की रुक-रुक कर गेंदबाजी करने की शैली काफी चर्चा में है। उन्होंने अब तक केवल चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और प्रति ओवर छह रन से भी कम के इकॉनमी रेट से 11 विकेट लिए हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को होने वाले मैच में वह प्रेमदासा स्टेडियम की धीमी पिच पर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर कहा, ‘‘अगर गेंदबाज़ गेंद फेंकने से पहले थोड़ा रुक जाता है, तो बल्लेबाज़ को दूर हटने का अधिकार है। वह कह सकता है कि ‘मुझे लगा कि वह रुक रहा है।’ यह एक दिलचस्प मामला होगा और अंपायर के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर देगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं वहां होता तो मैं भी यही करता। मैच जीतने के लिए नियमों के दायरे में रहकर हर संभव प्रयास करना चाहिए। मैं बस इतना कहता कि मुझे नहीं पता कि वह गेंद कब छोड़ेगा और मैं एक तरफ हट जाता। अगर मैं हट जाता हूं, तो यह अंपायर की जिम्मेदारी होगी।’’

अश्विन ने कहा, ‘‘मैच के बीच में उस्मान तारिक पर पड़ने वाले दबाव की कल्पना कीजिए। यह एक अविश्वसनीय रोमांचक अनुभव होगा। वह उनकी टीम का तुरुप का इक्का है। जरा सोचिए अगर बल्लेबाज इस तरह की प्रतिक्रिया करता है तो वह क्या कर सकता है।’’

तारिक के अनोखे एक्शन को लेकर क्रिकेट जगत की अलग अलग राय है। अश्विन ने पहले उनका समर्थन किया था।

पाकिस्तान तारिक का इस्तेमाल बहुत कम कर रहा है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने उनके गेंद फेंकने से पहले थोड़ी देर के लिए रुकने की शैली को अवैध करार दिया था जिसके बाद से वह क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

तेलंगाना निकाय चुनाव: शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ कांग्रेस को बढ़त

हैदराबाद, 13 फरवरी (भाषा) तेलंगाना नगर निकाय चुनाव के लिए शुक्रवार को जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों के अनुसार राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने विपक्षी दलों भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बढ़त बना ली है।

पूर्वाह्न पौने 11 बजे तक के शुरुआती रुझानों के अनुसार, राज्य में 11 फरवरी को जिन 116 नगरपालिकाओं के 2,582 वार्ड में चुनाव हुए थे, उनमें कांग्रेस 300 वार्ड में आगे है जबकि बीआरएस 170 वार्ड में बढ़त बनाए हुए है और भाजपा उम्मीदवार 48 वार्ड में आगे हैं।

मतों की गिनती में समय लगने की संभावना है क्योंकि मतदान के दौरान मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया था। डाक मतपत्रों की गिनती सबसे पहले शुरू की गई।

तेलंगाना में 116 नगर पालिकाओं और सात नगर निगमों के चुनाव के लिए 11 फरवरी को डाले गए मतों की गिनती 123 केंद्रों पर शुक्रवार सुबह आठ बजे शुरू हुई।

राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के बीच त्रिकोणीय मुकाबले का परिणाम इन सभी दलों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता का पता चलेगा।

मतगणना का सुचारू संचालन करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी ने कहा कि मतगणना के लिए व्यापक और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतगणना केंद्रों पर लगभग 12,000 पुलिस कर्मियों और त्वरित प्रतिक्रिया टीम को तैनात किया गया है।

मतगणना केंद्रों और उनके आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी।

चुनाव में 73 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया।

सत्तारूढ़ कांग्रेस का लक्ष्य राज्य की राजनीति में अपनी स्थिति को मजबूत करना है जबकि कांग्रेस एवं बीआरएस के एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभरने की उम्मीद के साथ भाजपा चुनावी मैदान में है।

बीआरएस ने 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद ग्राम पंचायत चुनावों में संतोषजनक प्रदर्शन किया और वह नगर निकाय चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करके राज्य में अपनी स्थिति को मजबूत करने की इच्छुक है।

लोकसभा की कार्यवाही नौ मार्च तक स्थगित

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) लोकसभा में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद नौ मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो पीठासीन सभापति संध्या राय ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए और फिर 12 बजकर छह मिनट पर सभा की बैठक नौ मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, विपक्षी सदस्यों ने हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा और नारेबाजी की जिसके कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका तथा सदन की बैठक शुरू होने के पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी।

बैठक शुरू होते ही पीठासीन सभापति संध्या राय ने पूर्व सांसद डॉ. भगवान दास राठौड़ के निधन की सूचना सदन को दी और सदस्यों ने कुछ पल मौन रखकर दिवंगत पूर्व सदस्य को श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद जैसे ही पीठासीन सभापति ने प्रश्नकाल शुरू कराया, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य केंद्रीय मंत्री पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाने लगे और आसन के समीप आ गए।

इस बीच कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने अपना पूरक प्रश्न पूछा जिसका जवाब स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शोर-शराबे के बीच ही किया।

पीठासीन सभापति संध्या राय ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपने स्थान पर जाकर बैठने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने बैठक पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों के बाद केंद्रीय मंत्री पुरी ने बुधवार को सफाई देते हुए कहा था उनकी मुलाकात जेफ्री एप्स्टीन से ‘‘कुछ मौकों पर’’ हुई थी, लेकिन उसके साथ हुई बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था जिनमें अमेरिकी यौन अपराधी शामिल था।

विपक्षी सांसदों ने हरदीप पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) विपक्षी सांसदों ने एप्सटीन फाइल से जुड़े मामले में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए शुक्रवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार के निकट एकत्रित होकर प्रदर्शन किया और ‘हरदीप पुरी इस्तीफा दो’ के नारे लगाए।

उन्होंने एक बड़ा बैनर भी ले रखा था जिस पर जेफ्री एप्सटीन और पुरी की तस्वीर थी।

पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने उनके खिलाफ आरोप लगाने के लिए बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा था कि उनकी मुलाकात जेफ्री एप्स्टीन से ‘‘कुछ मौकों पर’’ हुई थी, लेकिन उसके साथ हुई बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था जिनमें अमेरिकी यौन अपराधी शामिल था।

पुरी का स्पष्टीकरण गांधी के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रीय मंत्री का नाम अमेरिका में जारी ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में सामने आया है।

महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद


काठमांडू, 13 फरवरी (भाषा) पशुपतिनाथ मंदिर में रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर करीब आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिनमें लगभग 30 प्रतिशत भारतीय होंगे।
बागमती नदी के तट पर स्थित मंदिर को देश-विदेश, विशेषकर भारत से आने वाले हिंदू श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए रंग-बिरंगी रोशनी, कागज़ी झंडों, फूलों, मालाओं और बैनरों से सजाया गया है।
मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले पशुपति क्षेत्र विकास ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक सुभाष जोशी ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आगामी पांच मार्च को होने वाले चुनाव के मद्देनज़र इस बार मंदिर की सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं और लगभग 8,000 सुरक्षाकर्मियों, जिनमें नेपाली सेना के जवान भी शामिल हैं, की तैनाती की गई है।
उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर पूजा-अर्चना के लिए सैकड़ों नागा बाबाओं सहित लगभग 4,000 साधुओं के मंदिर परिसर में पहुंचने की उम्मीद है।
जोशी ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक नृत्य एवं संगीत कार्यक्रम, भजन-कीर्तन, अलाव और नि:शुल्क भोजन वितरण की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि मंदिर रविवार को तड़के दो बजे खोला जाएगा और श्रद्धालु चारों दिशाओं से शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क पेयजल, आपातकालीन चिकित्सीय सेवा, स्वयंसेवक सेवा तथा चंदन टीका वितरण की व्यवस्था की गई है।
जोशी ने बताया कि वृद्ध, बीमार और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि वे आसानी से मंदिर में प्रवेश कर सकें। उनके अनुसार, मंदिर परिसर में शराब और अन्य मादक पदार्थों के सेवन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
महाशिवरात्रि के अवसर पर कम से कम 2,500 स्वयंसेवकों और 26 संगठनों को तैनात किया गया है।
जोशी ने बताया कि नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के भी दिन में करीब साढ़े चार बजे दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।

मध्यप्रदेश के मुरैना में ट्रक-मोटरसाइकिल टक्कर में एक परिवार के तीन व्यक्तियों की मौत
 मुरैना, 12 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में ट्रक और मोटरसाइकिल की टक्कर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में एक बच्ची भी शामिल है।
 हादसे में परिवार का एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
 पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना से आक्रोशित लोगों ने बृहस्पतिवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जाम लगा दिया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
 नगर पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपाली चंदोरिया ने बताया कि यह हादसा शाम करीब साढ़े पांच बजे सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में दाल मिल के पास हुआ। राजस्थान के धौलपुर की ओर से आ रहे ट्रक ने हिंगोना गांव से मोटरसाइकिल पर जा रहे परिवार को पीछे से टक्कर मार दी।
 हादसे में रामबरन जाटव की पत्नी रामरती (45), उनकी बहू पूनम (25) और दो वर्षीय पोती काव्या की मौके पर ही मौत हो गई। मोटरसाइकिल चला रहे रामबरन जाटव (46) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
 प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि रामबरन दूर जा गिरे, जबकि अन्य तीनों ट्रक की चपेट में आ गए।
 सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा बुझाकर तथा आरोपी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन देकर करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया।
 सिविल लाइंस थाना पुलिस के अनुसार शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। चंदोरिया ने बताया कि ट्रक नंबर के आधार पर वाहन मालिक का पता लगाया जा रहा है तथा फरार चालक की तलाश जारी है।
कोडीन के सेवन से कोई मौत नहीं हुई: नड्डा
नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से कोडीन आधारित कफ सिरप के सेवन से जुड़ी मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है।
नड्डा ने लोकसभा में प्रश्नकाल में कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए यह बात कही।
कांग्रेस सदस्य ने पूछा था, ‘‘उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में (कोडीन आधारित कफ सीरप के सेवन से) बड़े पैमाने पर मौतें हुईं हैं, क्या सरकार सीबीआई जांच कराएगी और मौत के मामलों में परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा?’’
नड्डा ने जवाब में कहा, ‘‘मैंने अपने (लिखित) उत्तर में बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कोडीन आधारित कफ सिरप के सेवन से जुड़ी मौत का कोई मामला किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश से नहीं आया है। जब कोडीन टॉक्सिन से कोई मौत नहीं हुई है तो फिर मुआवजे का प्रश्न ही नहीं उठता।’’
इस मामले में सीबीआई जांच कराने के सवाल पर नड्डा ने कहा कि जब इससे कोई मृत्यु ही नहीं हुई है तो सीबीआई जांच की मांग कैसे की जा सकती है।
तेलुगु देशम पार्टी के कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सरकार से पूछा कि क्या बाजार से खराब और संदूषित दवाओं को वापस बुलाने के लिए सरकार की कोई नीति लाने की योजना है?
जवाब में नड्डा ने कहा कि दवाओं का निरीक्षण किया जाता है और कोई दवा यदि घटिया या मानव सेवन के लिए उपयुक्त नहीं पायी जाती है तो एक प्रक्रिया के तहत उसे वापस लिया जाता है।