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7 महीने बाद अमृतसर लौटे बिक्रम सिंह मजीठिया, समर्थकों ने किया भव्य स्वागत; पार्टी एकता पर दिया बड़ा बयान

पंजाब डेस्क : शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया सोमवार को करीब 7 महीने के अंतराल के बाद अमृतसर पहुंचे। मजीठिया का स्वागत करने के लिए शहर के गोल्डन गेट और विभिन्न अन्य हिस्सों में हजारों की संख्या में समर्थक जमा हुए, जिन्होंने उन्हें फूलों की मालाओं के साथ सम्मानित किया और उनके पक्ष में नारेबाजी की।

पार्टी को एकजुट करने का संकल्प: आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल से बाहर आने के बाद मजीठिया ने शिरोमणि अकाली दल की एकजुटता पर विशेष जोर दिया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यदि पार्टी को एक साथ लाने के लिए उन्हें दूसरे गुट के नेताओं के पास नंगे पैर भी जाना पड़ा, तो वे पंजाब के हितों के लिए ऐसा जरूर करेंगे। उन्होंने यह भी साझा किया कि सुखबीर सिंह बादल ने भी जेल में मुलाकात के दौरान उन्हें एकता की इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कहा था।

कानूनी पृष्ठभूमि और जमानत: बिक्रम मजीठिया पर 2021 में नशा तस्करी और 2025 में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था। संपत्ति के इस मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है, जिसके बाद उनकी अमृतसर वापसी हुई है। उनके करीबी हरप्रीत गुलाटी को भी मोहाली अदालत से जमानत मिल चुकी है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और सुरक्षा इंतजाम: मजीठिया के एकता वाले बयान पर आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने तंज कसते हुए कहा कि “पहले जीजा-साला (सुखबीर बादल और मजीठिया) खुद तो इकट्ठे हो जाएं”। दूसरी ओर, मजीठिया की सुरक्षा को लेकर एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट रहीं, और पंजाब पुलिस ने इसी दौरान पूरे राज्य में 72 घंटों के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ चलाने का भी निर्णय लिया है।

PUNJAB: लॉ कॉलेज कांड: एकतरफा प्यार के जुनून ने ली दो जान, जज बनने का सपना हुआ चकनाचूर

पंजाब डेस्क : पंजाब के तर्नतारन जिले के गांव उसमां स्थित माई भागो लॉ कॉलेज में सोमवार सुबह करीब 9:15 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। कॉलेज के एक छात्र, प्रिंस राज सिंह ने क्लासरूम के अंदर अपनी सहपाठी संदीप कौर की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके तुरंत बाद खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

वारदात का मुख्य कारण: जानकारी के मुताबिक, प्रिंस राज सिंह अपनी सहपाठी संदीप कौर से एकतरफा प्यार करता था और उसकी मंगनी (सगाई) होने की खबर से बेहद नाराज था। वह काफी समय से संदीप को परेशान कर रहा था। घटना से एक दिन पहले, रविवार को भी उसने फोन पर संदीप को प्रपोज किया था, लेकिन संदीप के इनकार करने पर वह गुस्से में था।

क्लासरूम में मची दहशत: सोमवार सुबह जब कॉलेज खुला, तो प्रिंस अपने बैग में पिस्तौल छिपाकर क्लासरूम पहुंचा। उस वक्त संदीप अपनी एक सहेली के साथ बेंच पर बैठी थी। प्रिंस ने सबके सामने उसे फिर से प्रपोज किया, लेकिन संदीप द्वारा दोबारा मना करने पर उसने आपा खो दिया और पिस्तौल निकालकर संदीप के सिर में गोली मार दी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, प्रिंस ने अपनी कनपटी पर भी गोली चला दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

संदीप का टूटा सपना: मृतक संदीप कौर सात बहनों में से एक थी और उसके पिता का पहले ही देहांत हो चुका था। उसकी मां ने बताया कि परिवार ने बहुत मुश्किलों से उसका दाखिला कॉलेज में कराया था क्योंकि वह जज बनना चाहती थी।

सुरक्षा पर सवाल और पुलिस जांच: इस खूनी खेल ने कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि एक छात्र हथियार लेकर क्लासरूम तक कैसे पहुंच गया। सूचना मिलते ही डीएसपी जगबीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और क्लासरूम के CCTV फुटेज को जब्त कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

14 मार्च को नेशनल लोक अदालत लगेगी

डिस्ट्रिक्ट पब्लिक रिलेशन्स ऑफिस, लुधियाना

  • डिस्ट्रिक्ट और सब-डिवीजन लेवल पर सभी कोर्ट में बेंच लगाई गईं – सेक्रेटरी डॉ. अमनदीप
  • नेशनल लोक अदालत में झगड़े सुलझाने और जल्दी और सस्ते में इंसाफ पाने की अपील की गई

लुधियाना, 09 फरवरी (सत्ता संदेश) – डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, लुधियाना और सिविल कोर्ट-जगरांव, खन्ना, समराला और पायल की अलग-अलग ज्यूडिशियल कोर्ट में 14 मार्च, 2026, शनिवार को नेशनल लोक अदालत लगेगी और जल्दी और सस्ते में इंसाफ मिलेगा।

ये बातें सेक्रेटरी, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी लुधियाना डॉ. अमनदीप ने एक प्रेस नोट के ज़रिए जानकारी देते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि आम लोगों के झगड़े जल्दी और सस्ते में सुलझाने के मकसद से 14 मार्च (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत लगाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी लुधियाना 14 मार्च, 2026 को ‘नेशनल लोक अदालत’ लगाएगी, ताकि डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, लुधियाना और सिविल कोर्ट-जगरांव, खन्ना, समराला और पायल में पेंडिंग केसों को पार्टियों की आपसी सहमति से सुलझाया जा सके।

सेक्रेटरी डॉ. अमनदीप ने बताया कि इस नेशनल लोक अदालत में सिविल केस जैसे किराया, बैंक रिकवरी, रेवेन्यू मामले, बिजली और पानी के बिल (चोरी के मामलों को छोड़कर), सैलरी और अलाउंस और रिटायरमेंट बेनिफिट से जुड़े मामले, फॉरेस्ट एक्ट के मामले, डिज़ास्टर कंपनसेशन, क्रिमिनल क्वांटम केस, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के सेक्शन 138 के तहत शिकायतें, कवर्ड केस सिविल जज या जज सुनेंगे।

पाकिस्तान को कुछ वर्षों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर किया जाए

 पाकिस्तान को मिलने वाली आई.सी.सी. ग्रांट पर रोक लगाई जाए-अनुराग ठाकुर
नेशनल डेस्क (सत्ता संदेश)-भारत के खिलाफ मैच न खेलने के पाकिस्तान के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी है। इस मुद्दे पर भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आई.सी.सी.) से सख्त कार्रवाई की मांग की है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत ने अब तक जितने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामैंट आयोजित किए हैं, उनमें सुरक्षा, व्यवस्था और सुविधाओं के लिहाज से कोई कमी नहीं छोड़ी गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय आयोजन हमेशा खिलाडिय़ों और टीमों के लिए सुरक्षित और विश्व स्तरीय रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत वैश्विक क्रिकेट की रीढ़ है, जो न सिर्फ खेल के स्तर पर बल्कि आर्थिक रूप से भी सबसे बड़ा योगदान देता है। ऐसे में अगर कोई देश राजनीतिक कारणों का हवाला देकर भारत में खेलने से इनकार करता है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए, लेकिन जब राजनीति को जानबूझकर मैदान में लाया जाए, तो आई.सी.सी. को कड़ा कदम उठाना चाहिए। गौरतलब है कि आगामी टी-20 वल्र्ड कप भारत और श्रीलंका के तीन अलग-अलग शहरों में खेला जाना है। लेकिन टूर्नामैंट से पहले ही खेल से ज्यादा राजनीति हावी होती दिख रही है। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर भारत में खेलने से इनकार कर दिया है, वहीं पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इन फैसलों से आई.सी.सी. और ब्रॉडकास्टर्स को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है और पाकिस्तान पर संभावित कड़े प्रतिबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
* पाकिस्तान पर कार्रवाई की मांग
अनुराग ठाकुर ने पाकिस्तान के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाने की बात कही। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान को मिलने वाली आई.सी.सी. ग्रांट पर रोक लगाई जाए और कुछ वर्षों के लिए उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर किया जाए, ताकि वह अन्य देशों के साथ भी मुकाबले न खेल सके। उनका कहना था कि ऐसा करने से भविष्य में किसी भी देश को राजनीतिक दबाव बनाकर खेल आयोजनों को प्रभावित करने से रोका जा सकेगा।

10 ट्रेनों का किराया कम होने से रेलयात्रियों को राहत

नेशनल डेस्क (सत्ता संदेश)-ट्रेन से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए अच्छी खबर आई है। रेलवे ने बड़ा फैसला लेते हुए देश की 10 प्रमुख ट्रेनों से सुपरफास्ट का दर्जा हटाने का फैसला किया है। यह बदलाव अप्रैल के मध्य (13 से 16 अप्रैल के बीच) से लागू होगा। सुपरफास्ट का दर्जा हटते ही इन ट्रेनों का टिकट किराया कम हो जाएगा, जिससे यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। ये ट्रेनें अब सामान्य एक्सप्रैस के रूप में चलेंगी और इनके ट्रेन नंबर भी बदल दिए जाएंगे। इसी तरह सुपरफास्ट टैग हटने वाली प्रमुख ट्रेनों में प्रयागराज रामबाग-हावड़ा विभूति एक्सप्रैस रास्ते में 31 स्टेशनों पर रुकती है, हावड़ा-कालका नेताजी एक्सप्रैस (प्रयागराज जंक्शन होकर) कुल 38 स्टेशनों पर ठहराव है। रेलवे का कहना है कि इन ट्रेनों में ठहराव ज्यादा होने के कारण इनकी गति सामान्य एक्सप्रेस जैसी हो गई थी, इसलिए इन्हें सुपरफास्ट बनाए रखना सही नहीं था। अब यात्रियों को सुपरफास्ट चार्ज नहीं देना होगा। पहले यह अतिरिक्त शुल्क इस तरह लगता था-स्लीपर क्लास- लगभग 30 रुपये ए.सी.-3/एस.सी.-2 लगभग-45 रुपये, अब यह पैसा टिकट में नहीं जुड़ेगा, यानी यात्रा सस्ती होगी। यात्रियों का कहना था कि जब ट्रेन सुपरफास्ट जैसी स्पीड से नहीं चल रही, तो सुपरफास्ट चार्ज क्यों लिया जा रहा है?  इसी शिकायत के बाद रेलवे ने समीक्षा की और यह फैसला लिया। रेलवे के मुताबिक इससे किराया ज्यादा न्यायसंगत होगा, यात्रियों पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा। रोज यात्रा करने वालों और लंबी दूरी के यात्रियों को बड़ा फायदा मिलेगा

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में 300 युवतियों के धर्मांतरण का दावा

आपत्तिजनक वीडियो मामले में पुलिस अधीक्षक का बड़ा खुलासा
उत्तर प्रदेश (सत्ता संदेश)-उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में युवतियों से जुड़े कथित धर्मांतरण और शोषण के एक गंभीर मामले ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। एक महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए कई बड़े दावों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक (एस.पी.) बस्ती अभिनंदन ने बताया कि पीडि़ता द्वारा बड़ी संख्या में महिलाओं के धर्मांतरण से जुड़े दावे किए गए हैं, लेकिन फिलहाल जांच के दौरान ऐसे दावों के समर्थन में ठोस साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि शिकायत में एक स्थानीय व्यक्ति, अजफरुल हक उर्फ प्रिंस, और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, पीडि़ता की लिखित तहरीर पर कोतवाली थाना क्षेत्र में कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जिनमें जबरन संबंध बनाने, धोखे से भरोसा जीतने और दबाव बनाने जैसे आरोप शामिल हैं। मुख्य आरोपी को मुंबई के बांद्रा क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया है। दूसरी तरफ पीडि़ता का कहना है कि उसकी मुलाकात आरोपी से कुछ वर्ष पहले हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर उससे संपर्क किया और शादी व नौकरी का भरोसा दिलाया। महिला का आरोप है कि बाद में उसके साथ जबरदस्ती की गई और विरोध करने पर धमकियां दी गईं। उसने अपने परिवार को भी डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि एक संगठित गिरोह युवतियों से दोस्ती कर उनका भरोसा जीतता था, फिर दबाव बनाता था। कुछ लड़कियों से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन दावों की पुष्टि के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी जांच की जा रही है। एस.पी. ने स्पष्ट किया कि मामला संवेदनशील है, इसलिए हर पहलू की सावधानी से जांच हो रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

यूएई को हराकर ग्रुप में अपनी स्थिति मजबूत करने उतरेगा न्यूजीलैंड

चेन्नई, नौ फरवरी (भाषा) न्यूजीलैंड मंगलवार को यहां टी20 विश्व कप में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को हराकर लगातार दूसरी जीत के साथ ग्रुप डी के शीर्ष पर अपनी जगह मजबूत करने के इरादे से उतरेगा।

न्यूजीलैंड ने रविवार को अफगानिस्तान को पांच विकेट से हराकर दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किए और अब वे अपेक्षाकृत आसान प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे।

अफगानिस्तान के खिलाफ जीत ने न्यूजीलैंड के लंबे और अनुभवी बल्लेबाजी क्रम की उपयोगिता को दिखाया। टीम ने धीमी पिच पर 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 14 रन पर दो विकेट गिरने के बावजूद आसानी से पांच विकेट से जीत हासिल की।

मिचेल सेंटनर की अगुवाई वाली टीम अपने बल्लेबाजी क्रम के दो महत्वपूर्ण खिलाड़ियों फिन एलेन और रचिन रविंद्र से आत्मविश्वास बढ़ाने वाले प्रदर्शन की उम्मीद करेगी।

एलेन और रविंद्र पिछले मैच में मुजीब उर रहमान की स्पिन का शिकार हो गए थे लेकिन यूएई के पास उस तरह के स्तरीय गेंदबाज नहीं हैं।

शीर्ष क्रम के ये दोनों बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच से पहले यूएई की टीम के खिलाफ बड़ा स्कोर बनाने की कोशिश करेंगे।

टीम को ग्लेन फिलिप्स से एक बार फिर अच्छी पारी की उम्मीद होगी जिन्होंने न्यूजीलैंड को मुजीब के दोहरे झटकों से उबारने में अहम भूमिका निभाई थी।

आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले फिलिप्स ने यहां परिस्थितियों और गेंदबाजों को समझने के बाद हाथ खोले।

न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने भी पिच से सामंजस्य बैठाया और विविधता दिखाई जिससे अफगानिस्तान का मजबूत बल्लेबाजी क्रम बीच के ओवरों में बड़े शॉट लगाने में विफल रहा।

न्यूजीलैंड की टीम हालांकि जानती है कि यूएई के खिलाफ मैच को सिर्फ एक प्रयोग के तौर पर लेने के खतरे क्या है, विशेषकर तब जब अमेरिका, नेपाल और नीदरलैंड जैसी एसोसिएट टीम ने अपने मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दी है।

यूएई टीम में कप्तान मोहम्मद वसीम जैसे अनुभवी खिलाड़ी के अलावा आक्रामक बल्लेबाज अलीशान शराफू और अनुभवी तेज गेंदबाज जुनैद सिद्दीकी भी शामिल हैं। ये तिकड़ी किसी भी टीम को चौंकाने का दमखम रखती हैं।

वसीम ने सिर्फ 84 पारियों में 3000 टी20 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे किए हैं। वह इस मामले में विराट कोहली और बाबर आजम से थोड़ा पीछे हैं, जिन्होंने यह आंकड़ा 81 पारियों में हासिल किया था।

मैच का पलड़ा न्यूजीलैंड की तरफ झुका हुआ है लेकिन यूएई के खिलाड़ी न्यूजीलैंड जैसी विरासत वाली टीम के खिलाफ खेलने के अनुभव को सीखने के मौके के रूप में देखेंगे।

यह अनुभव ही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगा।

टीमें:

न्यूजीलैंड: मिचेल सेंटनर (कप्तान), फिन एलेन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्युसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रविंद्र, टिम सीफर्ट, ईश सोढ़ी।

यूएई: मोहम्मद वसीम (कप्तान), अलीशान शराफू, आर्यन शर्मा, ध्रुव पाराशर, हैदर अली, हर्षित कौशिक, जुनैद सिद्दीकी, मयंक कुमार, मोहम्मद अरफान, मोहम्मद फारूक, मोहम्मद जवादुल्लाह, मोहम्मद जोहेब, रोहिद खान, सोहेब खान, सिमरनजीत सिंह।

समय: मैच दोपहर तीन बजे शुरू होगा।

संगीत के साथ अपने 30 साल के सफर को वह उपहार मानते हैं लकी अली

मुंबई, नौ फरवरी (भाषा) संगीत जगत में तीन दशक पूरे कर चुके मशहूर गायक लकी अली का कहना है कि अपने करियर के दौरान उन्हें जो प्यार और सराहना मिली है, वह उनके लिए एक ऐसा उपहार है, जिसके वे खुद को योग्य नहीं मानते।

“गोरी तेरी आंखें कहें”, “तेरी याद जब आती है”, ‘‘ना तुम जानो ना हम”, “एक पल का जीना” तथा “जाने क्या ढूंढता है” जैसे गीतों से पहचान बनाने वाले लकी अली अपने नए गीत “तू जाने है कहां” के साथ एक बार फिर अपने अनूठे अंदाज में लौटे हैं। यह गीत टिप्स म्यूजिक के बैनर तले रिलीज हुआ है।

लकी अली ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक वर्चुअल साक्षात्कार में कहा कि वह इस बात के लिए ईश्वर के आभारी हैं कि उन्हें यह अवसर और दशकों तक लगातार दर्शकों का प्यार मिला। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं इसका हकदार हूं। यह मुझे मिला एक उपहार है, जिसका मैंने हमेशा सम्मान किया है। मैंने कभी अपने करियर का दुरुपयोग नहीं किया। यह लोगों की महानता है जो आपको इतना प्यार देते हैं।”

उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि प्यार और सफलता स्थायी नहीं होती। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि कुछ भी स्थायी नहीं है और किसी न किसी मोड़ पर यह सब थम जाएगा। मैं इसके लिए भी तैयार हूं और इससे चिपके रहने की कोशिश नहीं करता। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हम खुद को और बेहतर समझने की कोशिश करते हैं।”

लकी अली ने 1996 में अपने पहले एल्बम “सुनो” से संगीत यात्रा की शुरुआत की थी, जिसमें उनका मशहूर गीत “ओ सनम” शामिल था। इस एल्बम ने उन्हें भारतीय गायकों में एक प्रमुख चेहरा बना दिया।

उन्होंने कहा, “मैं किसी और के लिए गाने नहीं गाता, मैं अपने लिए गाता हूं। जो भी काम मैंने किया, वह भीतर से आया।”

लकी अली के लिए संगीत दूसरों तक अपनी बात पहुंचाने और दूसरों से जुड़ने का जरिया है।

उन्होंने बताया कि उनका नया गीत उनके निजी संघर्षों और उलझनों को दर्शाता है।

भुवनेश्वर में तेज रफ्तार कार ओवरब्रिज से गिरी, दो लोग घायल

भुवनेश्वर, नौ फरवरी (भाषा) ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में सोमवार को एक तेज रफ्तार कार ओवरब्रिज की सुरक्षा दीवार तोड़ते हुए नीचे स्थित एक झुग्गी बस्ती में जा गिरी। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है।

पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना तड़के शिशु भवन छक स्थित पुल पर हुई।

अधिकारियों ने बताया कि वाहन पहले ओवरब्रिज की दीवार से टकराया और फिर नीचे एक पेड़ से टकराते हुए केदारपल्ली झुग्गी बस्ती में जा गिरा, जिससे कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए।

पुलिस ने बताया कि हादसे के दौरान एक घर में सो रहे एक युवक के ऊपर कथित तौर पर ईंटें गिरने से उसके सिर में चोट आई हैं।

पुलिस के अनुसार, कार में केवल चालक सवार था और उसे भी चोटें आईं हैं लेकिन उसकी जान को खतरा नहीं है। कार गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने चालक को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला और पुलिस के हवाले कर दिया।

हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।

पुलिस ने बताया कि घटना के कारण ओवरब्रिज की दीवार का लगभग 10 फुट का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है तथा कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि चालक शराब के नशे में था। पुरी निवासी कार के मालिक को कैपिटल थाना ले जाया गया है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का ढांचा निर्यातकों को शुल्क मोर्चे पर निश्चितता प्रदान करेगा:विशेषज्ञ

नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दिए जाने से घरेलू निर्यातकों को शुल्क के मोर्चे पर तत्काल निश्चितता और बेहतर समझ मिलेगी। विशेषज्ञों ने यह बात कही।

अमेरिका इस पेश रूपरेखा के अनुसार भारत पर लगाए जाने वाले जवाबी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। इससे पहले वह रूसी कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क को हटा चुका है।

भारत पर लगाया गया शुल्क चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में सबसे कम है।

शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के साझेदार रुद्र कुमार पांडे ने कहा कि यह रूपरेखा हालिया शुल्क युक्तिकरण पर अत्यंत आवश्यक परिचालन स्पष्टता प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि रूपरेखा स्पष्ट रूप से पुष्टि करती है कि वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा एवं जूते, प्लास्टिक व रबर, कार्बनिक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद तथा चयनित मशीनरी क्षेत्रों सहित कई प्रमुख भारतीय निर्यात क्षेत्रों पर 18 प्रतिशत की जवाबी शुल्क दर लागू होगी।

पांडे ने कहा, ‘‘ निर्यातकों के लिए यह रूपरेखा तत्काल निश्चितता और बेहतर समझ प्रदान करती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि 18 प्रतिशत शुल्क भारत को बांग्लादेश, थाईलैंड, इंडोनेशिया और चीन जैसे प्रतिस्पर्धी निर्यातकों की तुलना में सापेक्ष लाभ की स्थिति में रखता है। इन देशों पर अमेरिकी शुल्क अपेक्षाकृत अधिक हैं।”

उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप इन क्षेत्रों में भारतीय निर्यातकों के लिए बाजार हिस्सेदारी में क्रमिक वृद्धि की उचित संभावना है।

पांडे ने कहा कि ऊर्जा, विमान एवं विमान कलपुर्जों, पूंजीगत वस्तुओं तथा प्रौद्योगिकी उत्पादों सहित पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान की खरीद की भारत की घोषित मंशा को बुनियादी ढांचा विस्तार, विमानन वृद्धि और डिजिटल अर्थव्यवस्था की महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप रणनीतिक आयात प्रतिबद्धता के रूप में देखा जाना चाहिए।

डेलॉयट इंडिया के साझेदार गुलजार डिडवानिया ने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से गैर-शुल्क बाधाओं को हटाने पर ध्यान देने से दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार को और बढ़ावा मिलेगा।

डिडवानिया ने कहा, ‘‘ वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति में यह समग्र रूप से एक अत्यंत सकारात्मक विकास है और इससे भारतीय निर्यातकों को तात्कालिक तथा दीर्घकालिक दोनों ही अवधि में लाभ होगा।’’

समझौते का स्वागत करते हुए फ्लोरेंस शू कंपनी के चेयरमैन एवं ग्रैंड अटलांटिया पनपक्कम एसईजेड प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अकील पनारुना ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के जूता एवं चमड़ा क्षेत्र के लिए बड़ा प्रोत्साहन है।

उन्होंने कहा कि पहले भारतीय जूता निर्यात पर अमेरिका में 50 प्रतिशत तक शुल्क लगता था जिससे प्रतिस्पर्धात्मकता एवं दीर्घकालिक ‘सोर्सिंग’ प्रभावित होती थी।

अकील ने कहा, ‘‘ नए समझौते से शुल्क युक्तिकरण, बाजार पहुंच की बहाली और भारतीय निर्माताओं को आत्मविश्वास के साथ निर्यात बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।’’

इस पृष्ठभूमि में उन्होंने कहा, ‘‘ हम तमिलनाडु के पनपक्कम में अपने 2,500 करोड़ रुपये के संयुक्त उद्यम का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। इसमें हमारे ताइवानी साझेदार शामिल हैं जो दुनिया के दूसरे सबसे बड़े ‘एथलेटिक फुटवियर’ उत्पादकों में से हैं।”

उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन यह इकाई अप्रैल तक पूरी होने की उम्मीद है। साथ ही भविष्य में भी निवेश की योजना है और परिवार संचालित चमड़ा कारोबार का विस्तार जारी रहेगा।