7 महीने बाद अमृतसर लौटे बिक्रम सिंह मजीठिया, समर्थकों ने किया भव्य स्वागत; पार्टी एकता पर दिया बड़ा बयान
पंजाब डेस्क : शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया सोमवार को करीब 7 महीने के अंतराल के बाद अमृतसर पहुंचे। मजीठिया का स्वागत करने के लिए शहर के गोल्डन गेट और विभिन्न अन्य हिस्सों में हजारों की संख्या में समर्थक जमा हुए, जिन्होंने उन्हें फूलों की मालाओं के साथ सम्मानित किया और उनके पक्ष में नारेबाजी की।
पार्टी को एकजुट करने का संकल्प: आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल से बाहर आने के बाद मजीठिया ने शिरोमणि अकाली दल की एकजुटता पर विशेष जोर दिया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यदि पार्टी को एक साथ लाने के लिए उन्हें दूसरे गुट के नेताओं के पास नंगे पैर भी जाना पड़ा, तो वे पंजाब के हितों के लिए ऐसा जरूर करेंगे। उन्होंने यह भी साझा किया कि सुखबीर सिंह बादल ने भी जेल में मुलाकात के दौरान उन्हें एकता की इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कहा था।
कानूनी पृष्ठभूमि और जमानत: बिक्रम मजीठिया पर 2021 में नशा तस्करी और 2025 में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था। संपत्ति के इस मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है, जिसके बाद उनकी अमृतसर वापसी हुई है। उनके करीबी हरप्रीत गुलाटी को भी मोहाली अदालत से जमानत मिल चुकी है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और सुरक्षा इंतजाम: मजीठिया के एकता वाले बयान पर आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने तंज कसते हुए कहा कि “पहले जीजा-साला (सुखबीर बादल और मजीठिया) खुद तो इकट्ठे हो जाएं”। दूसरी ओर, मजीठिया की सुरक्षा को लेकर एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट रहीं, और पंजाब पुलिस ने इसी दौरान पूरे राज्य में 72 घंटों के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ चलाने का भी निर्णय लिया है।

