उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में 300 युवतियों के धर्मांतरण का दावा
आपत्तिजनक वीडियो मामले में पुलिस अधीक्षक का बड़ा खुलासा
उत्तर प्रदेश (सत्ता संदेश)-उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में युवतियों से जुड़े कथित धर्मांतरण और शोषण के एक गंभीर मामले ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। एक महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए कई बड़े दावों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक (एस.पी.) बस्ती अभिनंदन ने बताया कि पीडि़ता द्वारा बड़ी संख्या में महिलाओं के धर्मांतरण से जुड़े दावे किए गए हैं, लेकिन फिलहाल जांच के दौरान ऐसे दावों के समर्थन में ठोस साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि शिकायत में एक स्थानीय व्यक्ति, अजफरुल हक उर्फ प्रिंस, और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, पीडि़ता की लिखित तहरीर पर कोतवाली थाना क्षेत्र में कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जिनमें जबरन संबंध बनाने, धोखे से भरोसा जीतने और दबाव बनाने जैसे आरोप शामिल हैं। मुख्य आरोपी को मुंबई के बांद्रा क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया है। दूसरी तरफ पीडि़ता का कहना है कि उसकी मुलाकात आरोपी से कुछ वर्ष पहले हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर उससे संपर्क किया और शादी व नौकरी का भरोसा दिलाया। महिला का आरोप है कि बाद में उसके साथ जबरदस्ती की गई और विरोध करने पर धमकियां दी गईं। उसने अपने परिवार को भी डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि एक संगठित गिरोह युवतियों से दोस्ती कर उनका भरोसा जीतता था, फिर दबाव बनाता था। कुछ लड़कियों से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन दावों की पुष्टि के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी जांच की जा रही है। एस.पी. ने स्पष्ट किया कि मामला संवेदनशील है, इसलिए हर पहलू की सावधानी से जांच हो रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

