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हलवारा-दिल्ली Air India फ्लाइट रद्द, 60 यात्री परेशान; 10 सितंबर से बदलेगा फ्लाइट टाइम

हलवारा से दिल्ली जाने वाली Air India की AI-482 फ्लाइट सोमवार को परिचालन कारणों से रद्द हो गई। करीब 60 यात्री परेशान हुए। 10 सितंबर से शाम की फ्लाइट का समय भी बदलेगा।

लुधियाना/ सत्ता संदेश

दिल्ली और हलवारा के बीच एयर इंडिया की हवाई सेवा एक बार फिर यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गई। सोमवार सुबह दिल्ली-हलवारा रूट पर संचालित होने वाली एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI-481/AI-482 को परिचालन कारणों के चलते रद्द कर दिया गया। उड़ान पकड़ने के लिए हलवारा एयरपोर्ट पहुंचे करीब 60 यात्रियों को बिना यात्रा किए वापस लौटना पड़ा।

उड़ान रद्द होने की सूचना एयर इंडिया की ओर से सुबह करीब 3:30 बजे जारी की गई थी। इसके बावजूद कई यात्री निर्धारित समय से पहले हलवारा एयरपोर्ट पहुंच गए थे। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी मिलने पर यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कुछ यात्रियों ने बदली यात्रा की योजना

फ्लाइट रद्द होने के बाद कुछ यात्रियों ने दोपहर की अगली उड़ान में अपनी सीट बुक कराई, जबकि कई यात्रियों ने अपनी यात्रा की तारीख ही आगे बढ़ा दी। यात्रियों का कहना है कि अचानक उड़ान रद्द होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था और आगे की यात्रा को लेकर स्पष्ट जानकारी समय पर मिलनी चाहिए।

एक ही विमान पर निर्भर है पूरा रोटेशन

हलवारा-दिल्ली उड़ान के रद्द होने की एक बड़ी समस्या यह भी है कि यह सेवा एक ही विमान के रोटेशन पर निर्भर रहती है। दिल्ली से विमान के हलवारा नहीं पहुंचने की स्थिति में हलवारा से दिल्ली जाने वाली उड़ान भी प्रभावित हो जाती है।

इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ता है और एक उड़ान में आई समस्या का प्रभाव दूसरी उड़ान के यात्रियों को भी झेलना पड़ता है।

पहले भी तकनीकी खराबी से परेशान हुए यात्री

हलवारा एयरपोर्ट से संचालित एयर इंडिया की उड़ानों को लेकर यात्रियों की परेशानी नई नहीं है। इससे पहले भी तकनीकी कारणों से उड़ानों में देरी हो चुकी है और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा है।

लगातार उड़ानों में देरी या कैंसिलेशन के कारण नियमित यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। यात्रियों का सवाल है कि यदि किसी विमान में तकनीकी या परिचालन संबंधी समस्या सामने आती है तो यात्रियों को समय रहते इसकी जानकारी और वैकल्पिक यात्रा की सुविधा क्यों नहीं मिलती।

फिलहाल सोमवार की उड़ान रद्द होने को लेकर एयर इंडिया और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

दिल्ली की बारिश से भी प्रभावित हुआ हवाई परिचालन

दिल्ली में हाल के दिनों में हुई भारी बारिश का असर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के हवाई परिचालन पर भी पड़ा है। 4 सितंबर को हुई मूसलाधार बारिश के बाद एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 के आसपास जलभराव की स्थिति सामने आई थी।

खराब मौसम, कम दृश्यता और तेज हवाओं के कारण कई उड़ानों के परिचालन पर असर पड़ा था। कई उड़ानों को डायवर्ट किया गया और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा।

हालांकि, सोमवार को हलवारा-दिल्ली उड़ान रद्द होने की वजह एयर इंडिया ने परिचालन कारण बताई है।

अगस्त में हलवारा एयरपोर्ट पर घटे यात्री

उड़ानों में आ रही दिक्कतों के बीच हलवारा एयरपोर्ट के यात्री आंकड़ों में भी कमी दर्ज की गई है। अगस्त महीने में दिल्ली से हलवारा आने वाली उड़ानों में 4,976 यात्रियों ने सफर किया, जबकि हलवारा से दिल्ली जाने वाली उड़ानों में 5,780 यात्रियों ने यात्रा की।

हलवारा एयरपोर्ट के निदेशक जागीर सिंह के मुताबिक जून और जुलाई के दौरान छुट्टियों के कारण यात्रियों की संख्या अधिक थी, लेकिन अगस्त में करीब एक हजार यात्रियों की कमी देखने को मिली।

महंगा टैक्सी किराया भी यात्रियों के लिए चुनौती

हलवारा एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के सामने सिर्फ फ्लाइट से जुड़ी समस्या ही नहीं है। एयरपोर्ट तक पहुंचने और वहां से वापस आने के लिए टैक्सी का खर्च भी एक चुनौती बन रहा है।

यात्रियों के अनुसार एयरपोर्ट के आसपास सीमित टैक्सी विकल्प होने के कारण कई बार अधिक किराया चुकाना पड़ता है। लुधियाना के नियमित यात्री और चार्टर्ड अकाउंटेंट अंकुर महाजन का कहना है कि यदि हवाई टिकट के साथ आने-जाने का खर्च भी अधिक हो जाए तो यात्री सड़क या रेल यात्रा को प्राथमिकता दे सकते हैं।

10 सितंबर से बदलेगा शाम की फ्लाइट का समय

हलवारा एयरपोर्ट से शाम की उड़ान के समय में भी बदलाव होने जा रहा है। 10 सितंबर से शाम की फ्लाइट दोपहर 2:40 बजे के बजाय शाम 4:05 बजे हलवारा से रवाना होगी। हालांकि, सुबह की उड़ान के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

हलवारा एयरपोर्ट से नियमित हवाई सेवा शुरू होना लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा के तौर पर देखा गया था। 15 मई से शुरू हुई इस सेवा से दिल्ली कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद थी। लेकिन लगातार उड़ानों के प्रभावित होने और एयरपोर्ट तक पहुंचने की अतिरिक्त लागत के चलते अब यात्री सुविधाओं और सेवा की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।