ब्रेकिंग न्यूज़
Gyaspura : गैस कटर से ताला तोड़कर 7 से 8 लाख का सामान ले गए चोर

लुधियाना के गियासपुरा में श्रई जय प्रकाश एंड संस किराना स्टोर में बड़ी चोरी हुई है। जानकारी के मुताबिक चोरों ने गैस कटर से ताला तोड़कर करीब 7-8 लाख रुपए का सामान ले गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में जुटी है।

लुधियाना / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : चंदन मिश्रा

लुधियाना के गियासपुरा में बड़ी चोरी, गैस कटर से ताला तोड़कर लाखों का किराना सामान ले गए चोर

महानगर लुधियाना के गियासपुरा इलाके में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। ज्ञान विद्यालय के पास स्थित श्री जयप्रकाश एंड संस किराना स्टोर को शनिवार देर रात नकाबपोश चोरों ने निशाना बनाया। चोर गैस कटर की मदद से दुकान का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए और लाखों रुपये का किराना व अन्य सामान लेकर फरार हो गए।

गैस कटर से तोड़ा ताला, दीवार में भी लगाई सेंध

दुकानदार के मुताबिक, वारदात शनिवार देर रात करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई। सीसीटीवी फुटेज में कुछ नकाबपोश लोग दुकान के आसपास और अंदर दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि चोरों ने पहले गैस कटर की मदद से दुकान का ताला काटा। इसके बाद दीवार में सेंध लगाकर दुकान के अंदर प्रवेश किया और वहां रखा महंगा किराना तथा अन्य सामान बोरियों में भरकर अपने साथ ले गए।

7 से 8 लाख रुपये के सामान की चोरी का दावा

दुकानदार के अनुसार, चोर दुकान से करीब 7 से 8 लाख रुपये मूल्य का किराना और अन्य सामान ले गए हैं। बड़ी मात्रा में सामान चोरी होने के कारण आशंका जताई जा रही है कि वारदात को अंजाम देने वाले चोर किसी बड़ी गाड़ी में आए थे।

दुकानदार का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में गाड़ी पूरी तरह स्पष्ट नजर नहीं आ रही है, जिसके चलते पुलिस के लिए वाहन की पहचान करना चुनौती हो सकती है।

पुलिस को दी गई सूचना, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना की सूचना गियासपुरा पुलिस चौकी को दे दी गई है। दुकानदार का कहना है कि फिलहाल मामले में ठोस कार्रवाई का इंतजार है।

वहीं, पुलिस चौकी इंचार्ज के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। जांच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर चोरों की पहचान करने में जुटे हुए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों का पता लगाकर जल्द उन्हें काबू करने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल पुलिस आसपास लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि वारदात में शामिल आरोपियों और उनके वाहन तक पहुंचा जा सके।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने BRIC-NABI में पहली तरह के ग्रीन फोर्ज कॉम्पलेक्स का किया उद्घाटन

BRIC-NABI, Green Forge Complex उद्घाटन, Cabinet Minister Jitendra Singh, National Agry Food & Biomanufacturing Institute,

  • केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चंडीगढ़ स्थित ‘नेशनल एग्री-फूड एंड बायोमैन्युफैक्चरिंग इंस्टीट्यूट’ में पहली तरह के “ग्रीन फोर्ज” कॉम्प्लेक्स का किया उद्घाटन; इसे आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों की क्रांति में मील का पत्थर बताया
  • “ग्रीन फोर्ज” सुविधा नियंत्रित परिस्थितियों में आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों की खेती एवं प्रयोगों का सिमुलेशन संभव बनाएगी: डॉ. जितेंद्र सिंह
  • उन्नत सिमुलेशन और एआई कृषि-जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान को नया आयाम दे सकते हैं: डॉ. जितेंद्र सिंह
  • स्टार्ट-अप्स, एसएमई और शोधकर्ताओं के सहयोग के लिए 22 मैन्युफैक्चरिंग हब और आठ विशिष्ट बायोफाउंड्री सुविधाएं विकसित की जा रही हैं

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को मोहाली स्थित ‘नेशनल एग्री-फूड एंड बायोमैन्युफैक्चरिंग इंस्टीट्यूट’ (BRIC-NABI) में पहली तरह के “ग्रीन फोर्ज” कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। केंद्रीय मंत्री ने इस सुविधा को आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) फसलों की क्रांति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

BRIC-नेशनल एग्री-फूड एंड बायोमैन्युफैक्चरिंग इंस्टीट्यूट (BRIC-NABI) में आयोजित राष्ट्रीय BioE3 कॉन्क्लेव (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नव-उद्घाटित ग्रीन फोर्ज सुविधा में उपलब्ध नियंत्रित सिमुलेशन चैंबर विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों में आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों की खेती और प्रयोगों को संभव बनाएंगे। इससे शोधकर्ताओं को विभिन्न स्थानों और जलवायु परिस्थितियों में फसलों की उपयुक्तता का आकलन करने में मदद मिलेगी।

सुविधा के महत्व को स्पष्ट करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ग्रीन फोर्ज के सिमुलेशन चैंबर में प्रकाश की मात्रा और गुणवत्ता, आर्द्रता तथा तापमान को आवश्यकतानुसार बदला जा सकता है, जिससे फसलों के विकास और प्रयोगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस क्षमता के माध्यम से शोधकर्ता यह समझ सकेंगे कि कोई विशेष फसल विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों में किस प्रकार प्रदर्शन करती है और उसके आधार पर यह आकलन किया जा सकेगा कि वह किन स्थानों पर खेती के लिए अधिक उपयुक्त हो सकती है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब किसी नई आनुवंशिक रूप से संशोधित फसल की किस्म विकसित की जाती है, तो एक महत्वपूर्ण चुनौती यह निर्धारित करना होता है कि उसकी खेती किस स्थान पर सबसे प्रभावी ढंग से की जा सकती है। ग्रीन फोर्ज विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों को नियंत्रित वातावरण में पुनः निर्मित करके इस चुनौती से निपटने में मदद कर सकता है। इससे शोधकर्ता उपयुक्त परिस्थितियों में फसलों की प्रतिक्रिया का अध्ययन कर सकेंगे और उसके बाद उन्हें उपयुक्त खेती वाले क्षेत्रों में ले जाया जा सकेगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ग्रीन फोर्ज में ऐसे विशिष्ट पर्यावरणीय मानकों को पुनः निर्मित करने की क्षमता है, जिन्हें प्राकृतिक परिस्थितियों में दोहराना कई बार कठिन होता है। उन्होंने कहा कि प्रकाश की गुणवत्ता और मात्रा, आर्द्रता तथा तापमान का सिमुलेशन, तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उन्नत तकनीकों के एकीकरण की संभावना शोधकर्ताओं को प्रयोगों के संचालन में अधिक लचीलापन प्रदान करेगी। उन्होंने ग्रीन फोर्ज को कृषि और चिकित्सा विज्ञान के गंभीर एवं उन्नत अनुसंधान के लिए विशेष महत्व वाली एक अभिनव सुविधा बताया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसी सुविधाएं जैव प्रौद्योगिकी, उन्नत सिमुलेशन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते समन्वय को दर्शाती हैं, जो अनुसंधान और प्रयोगों के लिए नई संभावनाएं खोल रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीन फोर्ज की क्षमताओं के साथ एआई का एकीकरण अनुसंधान प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बना सकता है और उन्नत प्रयोगों के लिए नए रास्ते खोल सकता है।

भारत के जैव-अर्थव्यवस्था पारिस्थितिकी तंत्र में आए व्यापक बदलाव को रेखांकित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की जैव-अर्थव्यवस्था 10 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है, जो एक बड़ी छलांग है। उन्होंने इस तीव्र प्रगति का श्रेय अनुकूल नीतिगत दृष्टिकोण और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि BioE3 पहल का ध्यान अब उद्योग के लिए तैयार विनिर्माण पर अधिक केंद्रित हो रहा है, ताकि अनुसंधान को उत्पादों, प्रौद्योगिकियों और उपयोगी समाधानों में परिवर्तित किया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान का अंतिम उद्देश्य उद्योग और अन्य हितधारकों के लिए उपयोगी परिणाम उपलब्ध कराना होना चाहिए, ताकि अनुसंधान में लगाए गए प्रयास सार्थक परिणामों में परिवर्तित हो सकें।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि स्टार्ट-अप्स, लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) तथा शोधकर्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 22 मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने नेशनल बायो-फाउंड्री नेटवर्क के अंतर्गत विकसित की जा रही आठ विशिष्ट सुविधाओं का भी उल्लेख किया और इसे स्टार्ट-अप्स तथा उद्यमियों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को एक साथ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि 50 से अधिक प्रक्रिया नवाचारों को स्केल-अप किया जा रहा है, जो अनुसंधान को व्यावहारिक उपयोग तक पहुंचाने पर बढ़ते जोर को दर्शाता है।

केंद्रीय मंत्री ने कार्बन कैप्चर एंड यूटिलाइजेशन (CCU) के क्षेत्र में हो रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग लगभग 38 परियोजनाओं को सहयोग प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि एकीकृत बायो-मैन्युफैक्चरिंग और CCU के माध्यम से कार्बन कैप्चर के साथ-साथ सीमेंट और इस्पात जैसे उद्योगों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए भी समाधान विकसित किए जा सकते हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने जैव प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, I3 PhD कार्यक्रम और स्पेस बायोटेक्नोलॉजी का उल्लेख किया। उन्होंने जीवन-विज्ञान संबंधी प्रयोगों में ISRO के साथ सहयोग का भी उल्लेख किया, जिसमें मायोजेनेसिस, संज्ञानात्मक प्रभावों और सायनोबैक्टीरिया की वृद्धि से संबंधित कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने जेनेटिक्स के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कृषि-जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में BRIC-NABI के कार्य, विशेषकर इसे बायोप्रोसेस इंजीनियरिंग के साथ एकीकृत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का अनुसंधान कृषि अपशिष्ट को न्यूट्रास्यूटिकल्स और उच्च-मूल्य वाले बायोमैटेरियल्स में परिवर्तित करने में मदद कर सकता है। इससे कृषि अवशेषों से अतिरिक्त आर्थिक मूल्य सृजित किया जा सकेगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने संस्थागत सहयोग और क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक ही शहर या क्षेत्र में स्थित संस्थानों को आपसी समन्वय और सहयोग की संभावनाओं का पता लगाना चाहिए। ऐसे क्लस्टर न केवल अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा दे सकते हैं, बल्कि शैक्षणिक सहयोग, छात्रों के बीच संवाद तथा विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध प्रतिभाओं की पहचान के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।

विभिन्न स्थानों पर संस्थागत क्लस्टर के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने चंडीगढ़ में भी इसी प्रकार का एक सशक्त संस्थागत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का सुझाव दिया। इसमें जैव प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स और संबंधित क्षेत्रों में कार्य कर रहे संस्थानों को एक साथ जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कनेक्टिविटी से NABI की पहुंच का विस्तार होगा तथा नए विचारों और अंतर्विषयक सहयोग के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की जैव प्रौद्योगिकी यात्रा अब तेजी से अनुसंधान को उत्पादों, प्रौद्योगिकियों और समाधानों में परिवर्तित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही कम-कार्बन और सर्कुलर इकोनॉमी का एक नया मॉडल भी उभर रहा है। उन्होंने इस परिवर्तन को 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य और आत्मनिर्भर भारत के व्यापक उद्देश्यों से जोड़ा।

केंद्रीय मंत्री ने BRIC-NABI की पूरी टीम को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान विशेष रूप से कृषि-जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की जैव प्रौद्योगिकी क्रांति के अग्रणी संस्थानों में से एक के रूप में उभरेगा।

इस अवसर पर जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश गोखले, NABI के निदेशक डॉ. पारेख तथा BIRAC के प्रबंध निदेशक डॉ. धनंजय तिवारी ने भी संबोधित किया।

Khanna : SDM स्वाति खन्ना ने चलाया स्पेशल सफाई अभियान

खन्ना / सत्ता संदेश

  • खन्ना शहर के 33 वार्डों में कचरा सेंसिटिव जगहों की स्पेशल सफाई: SDM स्वाति तिवाना
  • कचरा फेंकने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा, सेंसिटिव जगहों पर CCTV कैमरे और अवेयरनेस बोर्ड लगाए जाएंगे
  • कचरा फेंकने पर फाइन Rs 10,000 से बढ़ाकर Rs 50,000 किया गया: SDM खन्ना
  • खन्ना में सफाई के बाद एंटी-एनक्रोचमेंट ड्राइव शुरू होगी: SDM स्वाति तिवाना

पंजाब सरकार द्वारा शहरों में सफाई पक्का करने और लोगों को साफ-सुथरा और हेल्दी माहौल देने के मकसद से शुरू किए गए ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत 29 अगस्त से खन्ना शहर में 10 दिन का स्पेशल सफाई कैंपेन चलाया जा रहा है। इस बारे में सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) खन्ना स्वाति तिवाना ने अपने ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए कैंपेन के बारे में डिटेल में जानकारी दी।

SDM ने बताया कि कैंपेन के दौरान शहर के सभी 33 वार्डों में कचरा फेंकने के लिए सेंसिटिव जगहों की पहचान की गई है। इन जगहों की खास तौर पर सफाई की जाएगी और भविष्य में यहां दोबारा कचरा न डाला जाए, इसलिए जागरूकता बोर्ड के साथ CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्राइवेट खाली प्लॉटों की भी एक बार सफाई की जा रही है। इसके बाद प्लॉटों की सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी प्लॉट मालिकों की होगी। जिन प्लॉट मालिकों की बाउंड्री वॉल नहीं है, उनसे अपील की गई है कि वे बाउंड्री वॉल बनवा लें। इन प्लॉटों में बिना इजाज़त कचरा डालने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

एसडीएम ने कहा कि नगर कौंसिल खन्ना ने घरों से कचरा उठाने का इंतज़ाम किया है, जबकि गलियों और बाज़ारों से कचरा सफाई कर्मचारी उठाते हैं। शहर में चार कचरा कलेक्शन पॉइंट होने के बावजूद, अलग-अलग जगहों पर बिना इजाज़त कचरा डालने की समस्या सामने आ रही है। इसे रोकने के लिए नगर कौंसिल को एक प्रस्ताव पास करने के लिए कहा गया है। कचरा डालने पर जुर्माना 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सेंसिटिव जगहों पर रात में चौकीदार और दिन में सफाई कर्मचारी निगरानी रखेंगे। भारी जुर्माने के साथ-साथ, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सफाई और गैर-कानूनी कब्ज़ों की समस्या आपस में जुड़ी हुई है। इसलिए, पुलिस की मदद से एक टीम बनाई जा रही है और 10 दिन के सफाई अभियान के बाद, कब्ज़ा हटाने की मुहिम शुरू की जाएगी। उन्होंने रेहड़ी-पटरी वालों से अपील की कि वे तय वेंडिंग ज़ोन का इस्तेमाल करें और बिना इजाज़त के दुकानों के बाहर या सड़क किनारे स्टॉल न लगाएं। इससे ट्रैफिक, गंदगी और आम लोगों को परेशानी होती है।

एसडीएम ने शहरवासियों से अपील की कि वे सफाई अभियान में प्रशासन और नगर परिषद का सहयोग करें और अपना कचरा तय जगहों पर ही डालें, ताकि खन्ना को एक साफ और सुंदर शहर बनाया जा सके।

Ludhiana: मिशन क्लीन पंजाब के तहत MLA सर्वजीत कौर ने संभाली सफाई अभियान की कमान

जगराओं / सत्ता संदेश

  • MLA सर्वजीत कौर मानूके ने जगराओं में खुद सफाई अभियान की कमान संभाली
  • मिशन क्लीन पंजाब के साथ, हम जगराओं को साफ, सुंदर और साफ-सुथरा बनाएंगे: MLA सर्वजीत कौर मानूके

पंजाब सरकार द्वारा राज्य को साफ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के मकसद से चलाए जा रहे ‘मिशन क्लीन पंजाब’ अभियान के तहत जगराओं शहर के वार्ड नंबर 1 और 11 में एक खास सफाई अभियान चलाया गया। यह अभियान जगराओं विधानसभा क्षेत्र की MLA सर्वजीत कौर मानूके के नेतृत्व में चलाया गया। इस मौके पर MLA ने खुद सफाई के काम में हिस्सा लिया और सफाई के इंतज़ामों का जायज़ा लेने के लिए अलग-अलग इलाकों का दौरा किया।

MLA मानूके ने सफाई कर्मचारियों से बात की और उनकी समस्याएं सुनीं और सफाई के काम को अच्छे से करने के लिए हर मुमकिन मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य मकसद शहर की गलियों, सड़कों, अंदरूनी इलाकों और पब्लिक जगहों को कूड़े के ढेरों से मुक्त करना है।

उन्होंने कहा कि स्पेशल सफाई कैंपेन 7 सितंबर तक चलेगा, इस दौरान टेम्पररी कूड़े के डंप हटाने के साथ-साथ शहर के हर हिस्से में सफाई पक्की की जाएगी। कैंपेन को और ज़्यादा नतीजे वाला बनाने के लिए अलग-अलग वार्डों की ज़िम्मेदारी नेताओं और पार्षदों को सौंपी गई है।

MLA माणूके ने जगराओं के लोगों से अपील की कि शहर को साफ़ रखना सिर्फ़ प्रशासन या नगर परिषद की ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की मिली-जुली ज़िम्मेदारी है। लोग अपने घरों और दुकानों का कूड़ा तय जगहों पर ही फेंकें और पब्लिक जगहों पर गंदगी न फैलाएं।

उन्होंने कहा कि अगर किसी नागरिक को कूड़े का ढेर या गंदी जगह दिखे, तो वे नगर परिषद के प्रेसिडेंट, E.O. या उनके ऑफिस में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मिशन क्लीन पंजाब’ का मकसद सिर्फ़ कूड़ा इकट्ठा करना नहीं है, बल्कि लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता पैदा करके जगराओं को एक साफ़, सुंदर और साफ-सुथरा शहर बनाना है।

MLA ने भरोसा दिलाया कि एडमिनिस्ट्रेशन, म्युनिसिपल काउंसिल और संबंधित सफाई टीमें 7 सितंबर तक लगातार कैंपेन की मॉनिटरिंग करेंगी और शहर के सफाई सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए पूरी लगन से काम करेंगी।

Ludhiana : राज्य सरकार की तरफ से शहर को सुंदर बनाने के लिए शुरु किया गया ‘मिशन क्लीन पंजाब’

लुधियाना / सत्ता संदेश

  • लुधियाना जिले में अलग-अलग जगहों पर सफाई कैंपेन चलाया गया
  • कैबिनेट मिनिस्टर्स/MLAs ने अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में खास कैंपेन चलाया

पंजाब सरकार की तरफ से राज्य के शहरों और कस्बों को साफ, सुंदर और हेल्दी बनाने के मकसद से शुरू किए गए ‘मिशन क्लीन पंजाब’ कैंपेन के तहत लुधियाना जिले में खास सफाई कैंपेन चल रहा है, जहां कैबिनेट मिनिस्टर्स और MLAs ने अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में कैंपेन चलाया।

कैबिनेट मिनिस्टर हरदीप सिंह मुंडियां ने साहनेवाल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 24, मुंडियां कलां से सफाई कैंपेन चलाया। इस मौके पर काउंसलर गुरमीत सिंह मुंडियां और आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर्स भी मौजूद थे।

सफाई ड्राइव के दौरान कैबिनेट मिनिस्टर हरदीप सिंह मुंडियां और अलग-अलग MLAs ने खुद सफाई ड्राइव में हिस्सा लिया और सफाई के बारे में अवेयरनेस का मैसेज दिया और कहा कि अपने आस-पास को साफ और सुंदर बनाना हम सबकी मिली-जुली जिम्मेदारी है।

इसी तरह, लुधियाना सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र में MLA अशोक पराशर पप्पी ने नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार और अपने सभी साथियों के साथ मिलकर इस खास सफाई अभियान को लीड किया और लुधियाना सेंट्रल में सफाई अभियान को जारी रखा। इस दौरान सफाई कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया और इस खास सफाई अभियान में और सहयोग करने का न्योता दिया गया।

MLA कुलवंत सिंह सिद्धू ने विधानसभा क्षेत्र आत्म नगर के तहत भाई हिम्मत सिंह नगर, शहीद करनैल सिंह नगर, गुरु नानक कॉलोनी, गिल नहर के पास सफाई अभियान को लीड किया, जबकि MLA दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल ने वार्ड नंबर 7, मेन राहों रोड पर सफाई अभियान को लीड किया।

रायकोट विधानसभा क्षेत्र से MLA हाकम सिंह ठेकेदार ने बस स्टैंड रोड पर चल रहे सफाई अभियान का जायजा लिया और स्थानीय निवासियों से अपील की कि “आइए, मिलकर रायकोट को साफ और सुंदर बनाएं”।

उन्होंने मिलकर बताया कि ‘स्वच्छ अभियान पंजाब’ पंजाब सरकार का एक महत्वपूर्ण अभियान है, जिसका मकसद राज्य के शहरों और कस्बों में सफाई व्यवस्था को और मजबूत करना और लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि साफ़ माहौल हर नागरिक का अधिकार और ज़िम्मेदारी दोनों है।

उन्होंने यह भी कहा कि सफ़ाई सिर्फ़ एक दिन या कैंपेन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक ज़रूरी हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में, गलियों, नालियों, सड़कों और पब्लिक जगहों की सफ़ाई को प्रायोरिटी के आधार पर पक्का करना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सही वेस्ट मैनेजमेंट से कई मौसमी और पानी से होने वाली बीमारियों को रोकने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ‘स्वच्छ अभियान पंजाब’ को लोगों का आंदोलन बनाने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा सपोर्ट करें और हर नागरिक को अपने घरों, दुकानों, कमर्शियल जगहों और आस-पास के इलाकों को साफ़ रखने का वादा करना चाहिए।