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विद्युत क्षेत्र में 5G तकनीक का इस्तेमाल, NPTI फरीदाबाद में कार्यशाला

फरीदाबाद / सत्ता संदेश

विद्युत क्षेत्र में संचार व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, तेज, विश्वसनीय और दक्ष बनाने की दिशा में 5G प्रौद्योगिकी की संभावनाओं पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (NPTI), फरीदाबाद में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। दूरसंचार विभाग (DoT) और NPTI के संयुक्त सहयोग से आयोजित कार्यशाला का विषय “विद्युत क्षेत्र में विश्वसनीयता एवं दक्षता बढ़ाने में 5G प्रौद्योगिकी का उपयोग” रहा।

कार्यशाला का संयुक्त रूप से उद्घाटन दूरसंचार विभाग के महानिदेशक अनिल कुमार गुप्ता तथा राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान के महानिदेशक श्री हेमंत जैन ने किया। कार्यक्रम में केंद्रीय एवं राज्य विद्युत उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दूरसंचार क्षेत्र, उद्योग, शिक्षाविदों, स्टार्ट-अप्स और अन्य संबंधित हितधारकों ने भाग लिया।

अपने संबोधन में महानिदेशक दूरसंचार श्री अनिल कुमार गुप्ता ने आधुनिक विद्युत प्रणालियों के लिए सुरक्षित, विश्वसनीय और रियल-टाइम संचार व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्युत उपक्रमों, दूरसंचार क्षेत्र, उद्योग, स्टार्ट-अप्स और शिक्षाविदों से NPTI स्थित 5G यूज़ केस लैब का उपयोग करते हुए विद्युत क्षेत्र के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करने और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।

NPTI के महानिदेशक श्री हेमंत जैन ने विद्युत क्षेत्र में क्षमता निर्माण, अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, अपर महानिदेशक दूरसंचार, हरियाणा LSA श्री आर. शाक्य ने दूरसंचार और विद्युत क्षेत्रों के बीच निरंतर समन्वय को जरूरी बताते हुए उच्च प्रभाव वाले 5G उपयोग मामलों की पहचान और उनके प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया।

कार्यशाला के दौरान तकनीकी विषयों पर अलग-अलग केंद्रित सत्र आयोजित किए गए। पहले सत्र में विद्युत उत्पादन और नेटवर्किंग में 5G के उपयोग पर चर्चा हुई। इसमें विद्युत उपक्रमों के लिए प्राइवेट 5G नेटवर्क, उत्पादन-पारेषण-वितरण प्रणालियों के साथ 5G का एकीकरण, SCADA/PLC प्रणालियां, LAN/WAN और नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर की आवश्यकताओं के साथ स्मार्ट-ग्रिड संचार वास्तुकला जैसे विषय शामिल रहे।

दूसरे सत्र में विद्युत क्षेत्र के लिए नियामकीय ढांचे और स्पेक्ट्रम उपयोग के उदारीकरण पर चर्चा की गई। इसमें प्राइवेट 5G स्पेक्ट्रम आवंटन, कैप्टिव एवं नॉन-कैप्टिव नेटवर्क, कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क (CNPN), लाइसेंसिंग एवं अनुपालन आवश्यकताओं तथा विद्युत उपक्रमों के लिए स्पेक्ट्रम नियोजन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

तीसरे सत्र में विद्युत क्षेत्र में उभरती तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। विशेषज्ञों ने AI/ML आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, अधिक नवीकरणीय ऊर्जा की स्थिति में रियल-टाइम ग्रिड बैलेंसिंग, AI आधारित लोड फोरकास्टिंग और परिसंपत्ति प्रबंधन, IoT एवं एज-कंप्यूटिंग, एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (AMI), एकीकृत संचार तकनीकों तथा विद्युत क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल पर चर्चा की।

कार्यशाला के चौथे सत्र में विद्युत क्षेत्र से जुड़ी साइबर सुरक्षा चुनौतियों पर विचार किया गया। इसमें IoT उपकरणों और नेटवर्क की सुरक्षा, SCADA एवं IoT नेटवर्क की सुरक्षा, साइबर खतरों का परिदृश्य, साइबर घटना के प्रति प्रतिक्रिया और सुरक्षा के बेहतर उपायों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने NPTI स्थित 5G यूज़ केस लैब का दौरा किया। यह प्रयोगशाला दूरसंचार विभाग की “100 5G Use Case Labs” पहल के अंतर्गत स्थापित की गई है। इसे विद्युत क्षेत्र के लिए 5G आधारित समाधानों के विकास, परीक्षण एवं सत्यापन, क्षमता निर्माण तथा क्षेत्र-विशिष्ट अनुप्रयोगों के विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में रेखांकित किया गया।

कार्यशाला के दौरान साझेदारियों को बढ़ावा देने, प्राथमिकता वाले पायलट प्रोजेक्ट्स की पहचान करने और 5G सहित उभरती तकनीकों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित, दक्ष और भविष्य के लिए तैयार विद्युत क्षेत्र के निर्माण की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

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