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भारत दुनिया निवेशकों के लिए अवसर की भूमि: पीयूष गोयल

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 में कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है, बल्कि आने वाले वर्षों में भी यह विकास की गति बनाए रखेगा।

वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और भू-राजनीतिक बदलावों के बावजूद भारत ने हर संकट को अवसर में बदला है। व्यापार, विनिर्माण, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में देश लगातार मजबूत हो रहा है।

भारत पर बढ़ रहा वैश्विक भरोसा

गोयल ने बताया कि हाल ही में कनाडा और अमेरिका के निवेशकों व उद्योगपतियों के साथ हुई बैठकों में भारत की आर्थिक संभावनाओं को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि भारत को आज एक भरोसेमंद साझेदार, मजबूत लोकतंत्र और विशाल उपभोक्ता बाजार के रूप में देखा जा रहा है।

उनके अनुसार, वैश्विक निवेशकों के लिए अब सवाल यह नहीं है कि भारत में निवेश करना है या नहीं, बल्कि यह है कि वे भारत की विकास यात्रा में कितनी जल्दी शामिल होते हैं।

भारत में निवेश से कंपनियों को मिला बड़ा फायदा

मंत्री ने हुंडई और जेसीबी जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में लंबे समय तक निवेश करने वाली कंपनियों को बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि आज जेसीबी भारत में बने उत्पादों का निर्यात 130 से अधिक देशों में कर रही है।

मुक्त व्यापार समझौतों से बढ़ेगा कारोबार

पीयूष गोयल ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने 38 विकसित देशों के साथ 9 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। इससे भारतीय उद्योगों को नए बाजार मिलेंगे और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौता 1 जून 2026 से लागू हो चुका है और अगले छह महीनों में दो से तीन अन्य महत्वपूर्ण व्यापार समझौते भी लागू होने की संभावना है।

100 नए औद्योगिक पार्क होंगे विकसित

सरकार देशभर में लगभग 3.5 अरब डॉलर की लागत से 100 आधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित करेगी। इन पार्कों में तैयार फैक्ट्रियां, श्रमिक आवास, जल एवं बिजली सुविधाएं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरणीय मंजूरियों जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

बुनियादी ढांचे पर बड़ा निवेश

गोयल ने बताया कि भारत बंदरगाहों, सड़कों, राजमार्गों, हवाई अड्डों और ग्रामीण संपर्क परियोजनाओं पर लगभग 130 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। पिछले एक दशक में देश की बंदरगाह और हवाई अड्डा क्षमता दोगुनी हो चुकी है।

सेमीकंडक्टर और AI पर फोकस

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उभरती तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि टाटा और एएसएमएल मिलकर भारत में पहला सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माण संयंत्र स्थापित कर रहे हैं।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने निवेशकों से भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने का आह्वान करते हुए कहा कि देश में निवेश, नवाचार और विनिर्माण के लिए अपार अवसर मौजूद हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि भारत 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक विकास गाथा बनकर उभरेगा और वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक बाजार बना रहेगा।

योगी आदित्यनाथ जापान पहुंचे, निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे कई बैठकें

लखनऊ, 25 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जापान की राजधानी तोक्यो पहुंचने पर बुधवार को गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य निवेश लाना और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है।

आदित्यनाथ का स्वागत यामानाशी प्रीफेक्चर के वाइस गवर्नर जुनिची इशिडेरा और अनिवासी भारतीय सदस्यों ने किया।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ लिखा कि जापान में भारत की एम्बेसडर नगमा एम. मलिक ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

यह आदित्यनाथ की जापान की पहली यात्रा है। इससे पहले सिंगापुर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंड करीब 6000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुकी है।

अधिकारियों ने कहा कि इन यात्राओं का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को गहरा करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को एक पसंदीदा वैश्विक निवेश गंतव्य के तौर पर स्थापित करना है।

राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक तोक्यो पहुंचने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने कोनोइक ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी के साथ बैठक कीं। इसमें वरिष्ठ प्रबंध कार्यकारी अधिकारी शिगेकी तनाबे भी शामिल हुए।

बयान के अनुसार इस बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, गोदाम और ‘मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर’ में कंपनी की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की।

अधिकारियों ने बताया कि आदित्यनाथ ने कंपनी को ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क’ और उत्तर प्रदेश में ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ का फायदा उठाकर चिकित्सकीय उपकरण विनिर्माण क्षेत्र में मौके तलाशने का आमंत्रण दिया।

बयान के मुताबिक निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री मित्सुई एंड कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बिजनेस यूनिट के मुख्य परिचालन अधिकारी काजुकी शिमिजु और दूसरे वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ मूलभूत अवसंरचना निर्माण में सहयोग पर चर्चा करने के लिए बेठकें करेंगे।

इसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री का मोटर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में सहयोग की संभावना तलाशने के लिए डेंसो कॉर्पोरेशन के शीर्ष प्रतिनिधियों से भी मिलने का कार्यक्रम भी है।

अधिकारियों ने बताया कि व्यापार एवं निवेश साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए जापान ‘एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन’ के चेयरमैन इशिगुरो नोरिहिको के साथ भी एक बैठक प्रस्तावित है।

अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री मुख्य भाषण देंगे जिसमें वह राज्य की औद्योगिक नीति एवं मूलभूत ढांचे पर जोर और उत्तर प्रदेश को 1000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करेंगे।