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1 जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा “खेत बचाओ अभियान”

दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने “खेत बचाओ अभियान” को केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि खेत, किसान और गांव को जोड़ने वाला व्यापक राष्ट्रीय अभियान बनाने का संदेश दिया है।

एक जून से शुरू हो रहे महीनेभर चलने वाले “खेत बचाओ अभियान” को प्रभावी और परिणामकारी बनाने के लिए केंद्रीय कृषि ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का फोकस खेत को बचाने, लागत को संतुलित करने और किसान को सही समय पर सही मार्गदर्शन देने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान ऊपर से नीचे तक नहीं, बल्कि पंचायत से लेकर राज्य और केंद्र तक साझी भागीदारी के मॉडल पर चलेगा।

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने रसायनिक उर्वरकों, विशेषकर असंतुलित उपयोग को कम करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य होगा। किसानों को मृदा परीक्षण आधारित, संतुलित और सही मात्रा में खाद तथा अन्य कृषि इनपुट के उपयोग के बारे में जागरूक करने, हरी खाद, जैविक और जैव-उत्पादों के उपयोग को बढ़ाने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) के प्रदर्शन आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

कृषि मंत्री ने कहा कि आने वाले समय को लेकर जो मौसम संबंधी चिंता जताई जा रही है, उसके मद्देनजर किसानों को व्यावहारिक सलाह दी जाएगी कि वे क्या करें, क्या न करें, कौन-सी फसल लें, कहाँ फसल विविधीकरण अपनाएं और कम पानी या जोखिम की स्थिति में कौन-से विकल्प बेहतर रहेंगे। अभियान का उद्देश्य केवल संदेश देना नहीं, बल्कि खेत-स्तर पर किसान को स्थिति-विशेष के अनुरूप सलाह देना होगा।

बैठक में बताया गया कि अभियान के लिए KVKs को सभी सहभागी संस्थानों के लिए प्रमुख समन्वयक की भूमिका दी गई है, साढ़े 1600 से अधिक टीमें बनाई गई हैं। अधिक उर्वरक उपयोग वाले 100 जिलों के लिए 500 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें KVK, ICAR संस्थान, AICRP केंद्रों के वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल होंगे, जबकि ICAR संस्थानों और KVKs की 1150 से अधिक बहुविषयक टीमें भी समानांतर रूप से काम करेंगी।

पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी से आम आदमी की कमर टूटी, केंद्र सरकार महंगाई रोकने में फेल: कुलवंत सिंह सिद्धू

लुधियाना / सत्ता संदेश

डीजल महंगा होने से धान के सीजन में किसानों पर बढ़ेगा बोझ और घरेलू बजट भी हिला, लोग परेशान: विधायक सिद्धू

केंद्र सरकार तुरंत दखल देकर लोगों को राहत दे: कुलवंत सिंह सिद्धू

तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के खिलाफ हलका आत्म नगर के विधायक सिद्धू ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

विधानसभा हलका आत्म नगर से विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने सोमवार को पिछले कुछ दिनों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की सख्त आलोचना करते हुए कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी को बुरी तरह प्रभावित किया है और घरेलू बजट को हिलाकर रख दिया है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि महंगाई ने जनता की “कमर तोड़” दी है और लोग अपने रोजमर्रा के खर्चों का प्रबंधन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में राहत देने की बजाय केंद्र सरकार ने आम नागरिकों को अकेला छोड़ दिया है। विधायक सिद्धू ने कहा कि आर्थिक तंगी के समय में लोगों के साथ खड़े होना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन मोदी की अगुवाई वाली सरकार महंगाई को काबू करने और जनता को राहत देने में पूरी तरह असफल रही है।

विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने आने वाले झोने के सीजन पर चिंता जताते हुए कहा कि किसानों को अब ट्रैक्टरों, ट्यूबवेलों और अन्य कृषि मशीनरी के लिए डीजल पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ढुलाई की लागत में भी इजाफा होगा, जिससे सब्जियों, फलों, अनाज और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम और बढ़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग के परिवार और रोजाना दिहाड़ीदार लोग तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे और उन्होंने केंद्र सरकार से लोगों को राहत प्रदान करने के लिए तुरंत दखल देने की मांग की है।

अमृतसर में थाना सुल्तानविंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1 किलो 409 ग्राम हेरोइन, पिस्टल और ड्रग मनी बरामदचार आरोपी गिरफ्तार, एसीपी साउथ प्रीत इंदर सिंह ने दी जानकारी

अमृतसर में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सुल्तानविंड पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 किलो 409 ग्राम हेरोइन, एक पिस्टल और ड्रग मनी बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रीत इंदर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों को काबू कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन, अवैध हथियार और नकदी बरामद की गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके।

पुलिस का कहना है कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

सुल्तानपुर लोधी में संदिग्ध हालात में युवक की मौत, वेई नदी से मिला शव

सुल्तानपुर लोधी / सत्ता संदेश

परिवार ने खेत मालिकों पर लगाए प्रताड़ना के आरोप, पुलिस जांच में जुटी

सुल्तानपुर लोधी के नजदीकी गांव आहली कलां से संबंधित एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान लवप्रीत सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह के रूप में हुई है, जो खेत मजदूर के तौर पर काम करता था। युवक का शव वेई नदी से मिलने के कारण मामला और भी गंभीर हो गया है।

परिवार के सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लवप्रीत सिंह जिस स्थान पर काम करता था, वहां उसके साथ अक्सर मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जाता था। परिवार का कहना है कि इन परेशानियों के कारण वह लंबे समय से दबाव में था और मानसिक तनाव का सामना कर रहा था।

परिवार ने आरोप लगाया कि लवप्रीत कई बार अपने साथ हो रहे व्यवहार के बारे में घर में बता चुका था, लेकिन गरीबी और मजबूरी के कारण वह काम छोड़ नहीं सका। अब उसका शव वेई नदी से मिलने के बाद परिवार ने मामले की गहराई से जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में भी शोक की लहर फैल गई है। लोगों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की जा रही है।

कॉकरोच जनता पार्टी मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, तत्काल सुनवाई से किया इनकार

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

Supreme Court of India ने सोमवार को फर्जी वकीलों और कथित तौर पर व्यंग्यात्मक डिजिटल मंच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़ी गतिविधियों की जांच की मांग करने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी सीजेपी को लेकर दायर इस याचिका पर अदालत ने फिलहाल कोई तात्कालिक राहत देने से मना कर दिया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी ने किया। उन्होंने अदालत से इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि फर्जी वकीलों और डिजिटल मंच की गतिविधियों से न्याय व्यवस्था और समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

हालांकि, पीठ ने तत्काल सुनवाई की मांग को स्वीकार नहीं किया। सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वह इस मुद्दे को “इतने भावुक तरीके” से न लें। अदालत की इस टिप्पणी को मामले में फिलहाल संयम बरतने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी नामक यह डिजिटल मंच व्यंग्यात्मक और राजनीतिक कटाक्ष से जुड़े कंटेंट के कारण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इसके कई पोस्ट और वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा बताया, जबकि कुछ ने इसकी सामग्री पर आपत्ति जताई है।

याचिका में कथित तौर पर मंच से जुड़े लोगों की गतिविधियों और फर्जी वकीलों के नेटवर्क की जांच कराने की मांग की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए यह स्पष्ट संकेत दिया कि हर वायरल या चर्चित विषय पर आपात सुनवाई जरूरी नहीं होती।

अब माना जा रहा है कि याचिकाकर्ता नियमित प्रक्रिया के तहत मामले को सूचीबद्ध कराने की कोशिश करेगा, जिसके बाद भविष्य में इस पर सुनवाई हो सकती है।

PM मोदी की ‘मेलोडी’ कूटनीति का शेयर बाजार पर असर: इस कंपनी के शेयरों में लगा ‘अपर सर्किट’

बिजनेस डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच सोशल मीडिया पर वायरल “मेलोडी” (Melody) मूमेंट का असर अब भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी द्वारा इटली यात्रा के दौरान पीएम मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट करने के बाद एक विशेष कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है।

नाम के भ्रम में निवेशकों की चांदी : दिलचस्प बात यह है कि असली ‘मेलोडी’ टॉफी बनाने वाली कंपनी ‘पारले प्रोडक्ट्स’ (Parle Products) शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है। लेकिन निवेशकों के बीच नाम को लेकर पैदा हुए भ्रम के कारण ‘पारले इंडस्ट्रीज’ (Parle Industries) के शेयरों में पिछले तीन दिनों से लगातार अपर सर्किट लग रहा है। निवेशक पारले प्रोडक्ट्स समझकर पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद रहे हैं।

तीन दिनों में करोड़ों की कमाई : इस कन्फ्यूजन का फायदा पारले इंडस्ट्रीज को मिला है। शुक्रवार को कंपनी के शेयर 4.90% की बढ़त के साथ 5.78 रुपये पर पहुंच गए। तीन दिन पहले तक कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 25 करोड़ रुपये से कम था, जो अब बढ़कर लगभग 28.23 करोड़ रुपये हो गया है। यानी महज तीन दिनों में निवेशकों ने इस शेयर के जरिए 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी बाजार : विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी पूरी तरह से रिटेल ट्रेडर्स की गतिविधि और भ्रम पर आधारित है। रिकॉर्ड बताते हैं कि हालिया तेजी के बावजूद, यह शेयर लंबी अवधि में काफी कमजोर रहा है। पिछले एक साल में इसमें 68% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इसलिए, किसी भी निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद लेना जरूरी है।

हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर हो : भगवंत सिंह मान

हलवारा /सत्ता संदेश

– उड़ानें शुरू होने के बाद पहली बार ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ हलवारा हवाई अड्डे पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

– हलवारा हवाई अड्डे के विकास पर पंजाब सरकार ने 54 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए: भगवंत सिंह मान

– नियमित उड़ानें शुरू होने से जनता को सुविधा के साथ-साथ पंजाब में निवेश भी बढ़ेगा: भगवंत सिंह मान

– सरकार साहनेवाल हवाई अड्डे को प्रशिक्षण अकादमी के रूप में उपयोग करने की योजना बना रही है: भगवंत सिंह मानहलवारा एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत पंजाब के लिए आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी और तरक्की के नए युग की शुरुआत है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया कि पंजाब सरकार के दृढ़ प्रयासों और वित्तीय प्रतिबद्धता के कारण पूरा हुआ यह लंबे समय से लटकता प्रोजेक्ट पूरे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देगा। उड़ानें शुरू होने के बाद पहली बार ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ एयरपोर्ट टर्मिनल का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से बातचीत की और कहा कि इस हवाई अड्डे की शुरुआत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रांत में विश्व स्तरीय सुविधाएं लाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पंजाब सरकार द्वारा हवाई अड्डे के विकास पर लगभग 54.67 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हलवारा से नियमित उड़ानें शुरू होने से न केवल पंजाब के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रांत में औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। स्वतंत्रता सेनानियों और महान संतों की विरासत का सम्मान करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अथक प्रयासों के कारण मोहाली एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर रखे जाने के बाद अब हलवारा एयरपोर्ट का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि वे इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे।

हवाई अड्डे के दौरे के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार के प्रयासों के कारण यह हवाई अड्डा अब शुरू हो गया है। इस कदम के पीछे एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रांत के लोगों को सुरक्षित, किफायती और आरामदायक हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके।”

उन्होंने आगे कहा, “यह हवाई अड्डा इस क्षेत्र के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों के उद्यमियों, व्यापारियों और उद्योगपतियों को पंजाब आने-जाने में मदद करेगा, जिससे व्यापार, कारोबार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।”

पहले आने वाली मुश्किलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “दिल्ली-एनसीआर के लिए सीधी उड़ानें न होने के कारण लोगों, खासकर उद्योगपतियों को सड़क मार्ग से देश की राजधानी जाने के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इससे न केवल बेकार की परेशानी होती थी, बल्कि समय, पैसे और ऊर्जा का भी बड़ा नुकसान होता था।”

उन्होंने आगे कहा, “इस हवाई अड्डे के चालू होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी और दुनिया भर के प्रमुख उद्यमी पंजाब में बड़ा निवेश करने के लिए आकर्षित होंगे।”

हवाई अड्डे के आर्थिक प्रभाव पर विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह हवाई अड्डा पंजाब में औद्योगीकरण को तेज करने में सहायक के रूप में काम करेगा और प्रांत को सबसे पसंदीदा निवेश स्थान के रूप में और मजबूती से स्थापित करेगा।”

कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा, “यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही हलवारा हवाई अड्डे से और उड़ानें शुरू की जाएंगी। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी पंजाब में आर्थिक गतिविधियों को और मजबूत करेगी और प्रांत की तरक्की तथा यहां के लोगों की खुशहाली में अहम भूमिका निभाएगी।”

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हलवारा हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग को भारत सरकार के समक्ष जोरदार ढंग से उठाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शहीद करतार सिंह सराभा ने मात्र 19 वर्ष की छोटी उम्र में देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। उनकी अद्वितीय कुर्बानी ने लाखों लोगों को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया।”

उन्होंने कहा, “शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी शहीद करतार सिंह सराभा को अपना रोल मॉडल मानते थे। हलवारा हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखना उस महान शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जो इस क्षेत्र से संबंधित थे और जो पहले विमानन की पढ़ाई करने के लिए बर्कले विश्वविद्यालय गए और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने के लिए वापस लौटे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब महान गुरुओं, संतों, पीरों और शहीदों की पवित्र धरती है और इस मिट्टी के हर कण में उनकी महान विरासत समाई हुई है। पंजाब विधान सभा ने 22 मार्च, 2023 को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें भारत सरकार से इंडियन एयर फोर्स स्टेशन हलवारा, लुधियाना में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने का अनुरोध किया गया था।”

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके बहुमूल्य योगदान को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “शहीद करतार सिंह सराभा ने देश को विदेशी साम्राज्यवाद से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। गदर पार्टी के नेता के रूप में उन्होंने देश-विदेश में भारत की आजादी के लिए अथक प्रयास किए।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पहले, पंजाब सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया था। हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखना हमारे शहीदों के प्रति एक और नम्र श्रद्धांजलि होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “शहीदों की शानदार विरासत को संरक्षित करने के लिए हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों का नाम महान शहीदों और शख्सियतों के नाम पर रखना हमारी सरकार की अहम पहल रही है। आदमपुर हवाई अड्डे का नाम भी श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर रखा गया है।”

विमानन प्रशिक्षण संस्थान के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा युवा पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए साहनेवाल हवाई अड्डे की इमारत का उपयोग करने के संबंध में भी ठोस प्रयास किए जाएंगे। युवाओं को पहले से ही किफायती दरों पर विमानन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पंजाब सरकार द्वारा जनहित में हलवारा हवाई अड्डे से उड़ान के समय को बदलने का मुद्दा भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।”

पंजाब और इसके लोगों की भलाई के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रांत के हितों की रक्षा और इसकी निरंतर तरक्की और खुशहाली को सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।”

लुधियाना के अमन गोयल ने भूमाफिया द्वारा झूठे मुकदमे से राहत की मांग

इंडिपेंडेंट जांच करवा लें पुलिस कमिश्नर लुधियाना , ताकि भूमाफिया की मंशा हो जाये उजागर

लुधियाना- 13 अप्रैल 2026 निवासी अमन गोयल और उनकी पत्नी मेघा गोयल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर और उनके परिवारजनों पर विपक्षी पक्ष ने मिलीभगत से झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है, जबकि मामला पूरी तरह से दीवानी प्रकृति का है।

राहुल गोयल ने बताया कि मामला थाना सदर लुधियाना में दर्ज मुकदमा नंबर 0148 दिनांक 15 जुलाई 2025, धाराएं 406, 420 और 120-बी आईपीसी से जुड़ा है, जिसे कुलदीप कुमार बांसल ने “झूठी कहानी” बनाकर दर्ज करवाया है। उन्होंने दावा किया कि कुलदीप बांसल का उद्देश्य पुराना सौदा रद्द होने के बावजूद उनकी जमीन पर कब्जा करना है।

अमन गोयल के अनुसार, वर्ष 2012 में लगभग 8,972 वर्ग गज जमीन का सौदा हुआ था, जिसमें से विपक्षी पक्ष ने केवल 2,810 वर्ग गज जमीन का ही रजिस्ट्री कराया, बाकी हिस्से का भुगतान न कर पाने के कारण सौदा रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि बाद में इसी जमीन को लेकर दीवानी मामले पहले से अदालत में लंबित हैं, जिनमें अगली सुनवाई जल्द ही तय है।

परिवार का आरोप है कि न केवल विपक्षी पक्ष बल्कि भूमाफिया की भूमिका निभा रहे कुछ डेवलपर्स भी उनकी लगभग 8,400 वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि करीब 6,000 वर्ग गज जमीन पर पहले ही जबरन दीवार खड़ी कर दी गई, जिस पर एक अन्य मुकदमा भी चल रहा है।

मेघा गोयल ने कहा, “यह मामला पूरी तरह से दीवानी है, कोई आपराधिक तत्व इसमें नहीं है। पुलिस को उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यह झूठा मुकदमा रद्द किया जाना चाहिए।”

यूनियन के आह्वान पर टांडा के सफाई कर्मचारियों ने मान सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

होशियारपुर / सत्ता संदेश

जिला होशियारपुर के शहर टांडा उड़मुड़ में म्यूनिसिपल मुलाजिम एक्शन कमेटी पंजाब के आह्वान पर सफाई सेवक टांडा की प्रधान माया, चेयरमैन जसपाल और वाइस प्रधान जतिंदर हंस की देखरेख में तथा उड़मुड़ टांडा कर्मचारी यूनियन के प्रधान तरसेम लाल की अगुवाई में सफाई सेवकों और कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी न होने के विरोध में पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधान तरसेम लाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले उनकी यूनियन को भरोसा दिया था कि सरकार बनने पर उनकी सभी जायज मांगें मान ली जाएंगी, लेकिन सत्ता में आने के बाद मान सरकार ने यूनियन की एक भी मांग स्वीकार नहीं की।

उन्होंने कहा कि मान सरकार बनने के बाद से ही यूनियन की जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और अपने चहेतों को ठेके देकर कर्मचारियों के साथ धक्केशाही की जा रही है, जिसे यूनियन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि नगर काउंसिल कर्मचारी यूनियन और सफाई सेवकों की लंबे समय से लंबित मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेकेदारी सिस्टम खत्म करना, पुरानी पेंशन बहाल करना, डीए की बकाया किश्तें जारी करना और पे-कमिशन का बकाया जल्द देना शामिल है। इसके अलावा यूनियन की अन्य मांगों को भी जल्द पूरा किया जाए ताकि कर्मचारियों में बढ़ता रोष समाप्त हो सके।

तरसेम लाल ने मान सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यूनियन की मांगें जल्द स्वीकार नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले ही सफाई कार्य बंद कर नगर काउंसिल को ताला लगाया जा चुका है और आने वाले समय में पानी की सप्लाई भी ठप कर सरकार के खिलाफ पुतला फूंक प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।

पंजाब स्टेट कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से की मुलाकात
  • क्लर्कों की मूल वेतन संबंधी मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

लुधियाना/ सत्ता संदेश

पंजाब स्टेट जिला (डी.सी. ऑफिस) कर्मचारी यूनियन की जिला इकाई, लुधियाना के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से मुलाकात कर 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए क्लर्कों को पहले से कार्यरत कर्मचारियों की तर्ज पर मूल वेतन देने की मांग रखी।

डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, लुधियाना में फरवरी और मार्च 2023 के दौरान लगभग 70 क्लर्कों की नियुक्ति हुई थी। पंजाब सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र संख्या 7/42/2020-5FP1/741-746 दिनांक 17.07.2020 के अनुसार केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के आधार पर पंजाब राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत क्लर्कों का मूल वेतन 19,900 रुपये निर्धारित किया गया था। इसके तहत 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को 19,900 रुपये की निश्चित मूल वेतन मिलने लगी।

गौरतलब है कि 17.07.2020 से पहले भर्ती कर्मचारियों को 33,300 रुपये मूल वेतन मिल रहा है। यह मामला पहले ही CWP नंबर 15896 ऑफ 2023 (सौरभ शर्मा व अन्य बनाम पंजाब राज्य) में उठाया गया था, जिसका फैसला 13.09.2024 को आया था। इसके अलावा LPA नंबर 2977 ऑफ 2024, पंजाब सरकार व अन्य बनाम डॉ. सौरभ शर्मा व अन्य, का फैसला 10.12.2024 को सुनाया गया।

इन फैसलों में माना गया कि किसी भी कार्यकारी निर्णय (Executive Decision) के जरिए वैधानिक नियमों (Statutory Rules) के तहत मिलने वाले वेतनमान को कम नहीं किया जा सकता।

कर्मचारी यूनियन ने डिप्टी कमिश्नर के ध्यान में यह भी लाया कि माननीय अदालत के फैसले के बाद विभिन्न विभागों ने नए भर्ती क्लर्कों की बेसिक सैलरी 19,900 रुपये से बढ़ाकर 31,100 रुपये तय कर दी है।

यूनियन ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से मांग की कि 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए क्लर्कों, जिनकी बेसिक पे 19,900 रुपये है, की बेसिक पे बढ़ाकर 31,100 रुपये निर्धारित की जाए।