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सुल्तानपुर लोधी रोड पर स्विफ्ट कार और रेहड़ी की टक्कर, दो गंभीर घायल

कपूरथला: सुल्तानपुर लोधी रोड स्थित आरसीएफ जगदंबे पेट्रोल पंप के नजदीक सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्विफ्ट कार और रेहड़ी की टक्कर में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।

छल्लियां बेचकर घर लौट रहे थे दोनों

सिविल अस्पताल में उपचाराधीन शंभू पुत्र राम सेवक निवासी पंजाबी बाग, मंसूरवाल दोना ने बताया कि वह अपने भतीजे नितेश पुत्र नवल माथो के साथ आरसीएफ क्षेत्र में छल्लियां बेचकर रेहड़ी पर घर लौट रहे थे। देर रात जब वे जगदंबे पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने उनकी रेहड़ी को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण कि दोनों हुए गंभीर घायल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि रेहड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार शंभू व नितेश सड़क पर जा गिरे। हादसे में दोनों को गंभीर चोटें आईं।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची SSF टीम

घटना की जानकारी मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स के एएसआई हरप्रीत सिंह, कांस्टेबल लवप्रीत सिंह और दीपक बाबू तुरंत मौके पर पहुंचे। एएसआई हरप्रीत सिंह ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त स्विफ्ट कार घटनास्थल पर पलटी हुई अवस्था में मिली, लेकिन कार में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।

सिविल अस्पताल में चल रहा उपचार

SSF टीम ने प्राथमिक सहायता प्रदान करने के बाद दोनों घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. युगता की देखरेख में उनका इलाज जारी है।

पुलिस ने शुरू की जांच

हादसे की सूचना संबंधित थाना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कार चालक की तलाश में जुटी हुई है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भारत की अगुवाई में BRICS का बड़ा फैसला, कृषि सहयोग को मिली नई दिशा

इंदौर / सत्ता संदेश

इंदौर में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) देशों की कृषि मंत्रिस्तरीय और अधिकारी स्तरीय बैठकों का समापन आज एक सर्वसम्मत ‘इंदौर डिक्लेरेशन’ के साथ हुआ जिसमें खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण, जलवायु-सहनीय खेती, कृषि व्यापार और डिजिटल एग्रीकल्चर को नई दिशा देने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वैश्विक संकट और अनिश्चितताओं के बीच ब्रिक्स देशों की यह बैठक पूरी दुनिया के लिए आशा, विश्वास और सामूहिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश लेकर आई है।

बैठक का स्वरूपताकत और संदर्भ

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने सहयोगी मंत्रियों श्री रामनाथ ठाकुर और श्री भागीरथ चौधरी तथा वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मीडिया से चर्चा में कहा कि कृषि समूह की मंत्री स्तरीय तथा उससे पहले अधिकारी स्तरीय, दोनों बैठकें सानंद, सार्थक और सफलतापूर्वक संपन्न हुई हैं। उन्होंने बताया कि सदस्य और सहयोगी देशों के लगभग 60 विदेशी प्रतिनिधियों सहित कुल लगभग 100 प्रतिनिधियों ने इस बैठक में भाग लिया जिससे यह स्पष्ट होता है कि कृषि और खाद्य सुरक्षा के प्रश्न पर ब्रिक्स देशों के बीच कितना गहरा जुड़ाव और गंभीरता है।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, इनके पास वैश्विक कृषि भूमि का करीब 42 प्रतिशत हिस्सा है और विश्व के खाद्यान्न उत्पादन में भी लगभग 42 प्रतिशत योगदान इन्हीं देशों का है, इसलिए इनकी सामूहिक आवाज वैश्विक मंच पर एक प्रभावी शक्ति के रूप में उभरी है।

उन्होंने इस बात पर भी गर्व व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है और ब्रिक्स के कृषि समूह की दोनों बैठकें- अधिकारी स्तर और मंत्री स्तर, इसी परिप्रेक्ष्य में इंदौर में संपन्न हुई हैं।

चार मुख्य प्राथमिकताएंकिसानखाद्य सुरक्षा और जलवायु

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में चार प्रमुख प्राथमिकताओं पर गहन विमर्श हुआ- दुनिया और ब्रिक्स देशों की खाद्य सुरक्षा (फूड सिक्योरिटी) और पौष्टिक आहार,

ब्रिक्स देशों के बीच कृषि व्यापार और सहयोग को बढ़ावा, जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बीच रीजेनेरेटिव फार्मिंग, जलवायु अनुकूल और सतत कृषि पद्धतियाँ, खाद्य प्रणालियों और कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीक और साझेदारी को मजबूत करना। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि भरपूर अनाज उपलब्ध हो, साथ ही पोषणयुक्त भोजन भी सभी तक पहुंचे और जो अन्नदाता किसान दुनिया को भोजन देता है, उसकी आजीविका सुरक्षित और बेहतर हो, इन्हीं सवालों को बैठक की सोच के केंद्र में रखा गया।

श्री चौहान ने कहा कि छोटे और सीमांत किसान, जिन्हें कई देशों में फैमिली फार्मर्स भी कहा जाता है, उन पर विशेष फोकस रखते हुए एक अलग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उनकी कठिनाइयों, इनपुट्स की उपलब्धता, ऋण प्रवाह, उचित कीमत और बाजार से जुड़ाव पर विस्तार से चर्चा हुई।

इंदौर डिक्लेरेशन’: किसानकेंद्रित वैश्विक घोषणापत्र

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह ने बताया कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद जो संयुक्त घोषणा पत्र तैयार हुआ, उसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया और इंदौर में अपनाए जाने के कारण इसे ‘इंदौर डिक्लेरेशन’ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घोषणा पत्र का केंद्र किसान है- किसान को केंद्र में रखकर खाद्य सुरक्षा, पोषण, आजीविका, कृषि व्यापार, नवाचार, निवेश, क्लाइमेट रेज़िलिएंट खेती और सतत कृषि विकास को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता इस डिक्लेरेशन में दर्ज की गई है।

श्री चौहान ने जोर देकर कहा कि यह दस्तावेज केवल सहमति का कागज़ नहीं है, बल्कि ब्रिक्स देशों की सामूहिक इच्छाशक्ति, साझा उत्तरदायित्व और कृषि को माध्यम बनाकर अधिक सुरक्षित, समृद्ध और टिकाऊ भविष्य गढ़ने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सदस्य देशों ने तय किया है कि इंदौर डिक्लेरेशन में दर्ज सभी पहलों को ज़मीन पर उतारने के लिए मिलकर, सामूहिक और सतत प्रयास किए जाएंगे, ताकि इसके लाभ वास्तविक रूप से किसानों, ग्रामीण समुदायों और खाद्य प्रणालियों तक पहुंच सकें।

चार नई संस्थागत पहलेंनेटवर्क और फोरम

1. सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस ऑन एग्रोइकोलॉजी एंड रीजेनेरेटिव एग्रीकल्चर

श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पहली बड़ी पहल BRICS Network of Centres of Excellence on Agro-Ecology and Regenerative Agriculture की स्थापना है। उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क प्राकृतिक, जैविक और पुनर्योजी कृषि पद्धतियों पर संयुक्त रिसर्च, अनुभव-साझेदारी और क्षमता निर्माण का प्लेटफॉर्म बनेगा, जिसके माध्यम से सदस्य देश एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं से सीख सकेंगे और जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि प्रणालियों को बढ़ावा दे सकेंगे।

उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लंबे समय से प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर देता आया है, अत्यधिक रसायन प्रयोग से होने वाले खतरों के प्रति चेतावनी देता रहा है और अब ब्रिक्स देशों ने भी इसकी महत्ता को स्वीकार करते हुए इस नेटवर्क की स्थापना पर सहमति व्यक्त की है।

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह ने जानकारी दी कि भारत में इस नेटवर्क के अंतर्गत प्राकृतिक खेती से जुड़े सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम (Indian Institute of Farming Systems Research) को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है, जो संयुक्त रिसर्च, नॉलेज शेयरिंग और ट्रेनिंग में अहम योगदान देगा।

2. BRICS Network on Digital Agriculture

दूसरी प्रमुख पहल BRICS Network on Digital Agriculture की स्थापना है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भू-स्थानिक तकनीक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा आधारित कृषि समाधानों के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देगा। श्री चौहान ने कहा कि यह नेटवर्क आधुनिक प्रौद्योगिकी और कृषि नवाचार के बीच एक सशक्त सेतु का काम करेगा, जिससे विकसित हो रही तकनीकों को अधिक मजबूत बनाकर सीधे किसानों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि इस नेटवर्क का समन्वय भारत में IIT, दिल्ली द्वारा किया जाएगा, जबकि सभी सदस्य देश इसमें शामिल होकर अपने अनुभव, इनोवेशन और नीतिगत पहल साझा करेंगे, ताकि डिजिटल एग्रीकल्चर के क्षेत्र में सामूहिक प्रगति सुनिश्चित हो सके।

3. Global Forum on Farmers’ Rights in Seed Systems

तीसरी महत्वपूर्ण घोषणा Global Forum on Farmers’ Rights in Seed Systems की स्थापना से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य किसानों के बीज संबंधी अधिकारों, देशी बीजों की विविधता और पारंपरिक ज्ञान की रक्षा करना है। श्री चौहान ने कहा कि भारत जैसे देशों में सैकड़ों–हजारों वर्षों से खेती होती आई है और कई परंपरागत बीज, जो हमारी जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं, आज अस्तित्व संकट का सामना कर रहे हैं; नई किस्में और हाइब्रिड बीज जरूरी हैं, लेकिन उनके साथ–साथ देसी बीजों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यह फोरम इस बात पर काम करेगा कि परंपरागत बीज विलुप्त न हों, उनकी उपलब्धता बनी रहे, जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा के संदर्भ में उनकी भूमिका को पहचाना जाए और किसानों के पारंपरिक ज्ञान को भी सहेज कर रखा जाए।

4. BRICS AgriN – Agro Input, Genetic Resources and Information Network

चौथी बड़ी पहल BRICS AgriN (Agro Inputs, Genetic Resources and Information Network) की स्थापना है, जो सदस्य देशों के बीच कृषि आदानों, बीजों और अनुवांशिक संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करेगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि यह नेटवर्क सूचना आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देगा, ताकि अलग-अलग देशों में उपलब्ध श्रेष्ठ किस्में, जेनेटिक संसाधन और इनपुट्स की जानकारी साझा हो सके और व्यावहारिक समाधान विकसित किए जा सकें।

उन्होंने कहा कि इससे उन देशों और किसानों को खास लाभ मिलेगा, जिन्हें अभी तक ऐसे संसाधनों और सूचनाओं की सीमित पहुंच ही मिल पाती थी।

पहले से चल रही पहलों को मजबूती और व्यापार पर फोकस

श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पहले से स्थापित BRICS Agricultural Research Platform को और सुदृढ़ करते हुए एक सशक्त ‘Knowledge to Action Hub’ के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी है, ताकि अनुसंधान केवल लैब तक सीमित न रहे, बल्कि तेजी से किसानों के खेत तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि नवाचारों का सीमित दायरे से बाहर निकलकर व्यापक प्रसार हो, अधिक से अधिक देशों और किसानों तक नई तकनीक व समाधान पहुंचें, यही इस हब का प्रमुख लक्ष्य होगा और यही असली ‘Lab to Land’ मॉडल है।

उन्होंने कहा कि कृषि व्यापार और सहयोग के क्षेत्र में निष्पक्ष, समतामूलक, समावेशी और पारदर्शी बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के प्रति ब्रिक्स देशों ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और भारत द्वारा आयोजित विशेष संवाद के माध्यम से BRICS Grain Exchange जैसी पहल पर विचार-विमर्श को नई गति दी गई।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने कहा कि सदस्य देशों के बीच वन-टू-वन द्विपक्षीय बैठकों में भी कृषि व्यापार को आसान बनाने, कस्टम और अन्य बाधाओं को कम करने, रिसर्च और तकनीक के आदान-प्रदान तथा व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई, जिससे आने वाले समय में आपसी व्यापार को नई दिशा मिलेगी।

जलवायु परिवर्तनएलनीनोकार्बन क्रेडिट और फूड लॉस

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब दुनिया जलवायु परिवर्तन के खतरों से जूझ रही है, ऐसे समय में रीजेनेरेटिव फार्मिंग, जलवायु अनुकूल और सतत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना साझा जिम्मेदारी है, क्योंकि धरती केवल आज की पीढ़ी के लिए नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए भी है।

अल-नीनो के संभावित प्रभावों पर प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि इसका असर भारत सहित एशिया-प्रशांत के कई देशों पर पड़ सकता है, लेकिन देश अपनी पूरी तैयारियां कर रहे हैं और ब्रिक्स देशों के बीच सूचनाओं के आदान–प्रदान और सहयोग के माध्यम से इन चुनौतियों का सामना करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई है।

कार्बन क्रेडिट के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसका एक स्थापित सिस्टम है और जो किसान निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्बन क्रेडिट हासिल करते हैं, उन्हें लाभ मिलता है; जलवायु अनुकूल खेती, कार्बन-संवेदनशील नीतियां और रीजेनेरेटिव एग्रीकल्चर इस दिशा में व्यावहारिक रास्ते हैं।

फूड लॉस पर तकनीकी चर्चाओं का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने कहा कि कटाई से लेकर बाजार तक जो खाद्य हानि होती है, उसे कैसे कम किया जाए और जो खाद्यान्न बचकर वेस्ट के रूप में कार्बन गैसों का उत्सर्जन बढ़ाता है, उसे कैसे रोका जाए- इन मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

खाद और इनपुट कीमतेंछोटे किसान और टेक्नोलॉजी

वैश्विक संकट, युद्ध और कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण उर्वरकों की लागत बढ़ने और किसानों पर पड़ने वाले असर के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने स्पष्ट कहा कि भारत सरकार ने यह निर्णय लिया है कि किसानों को सस्ती दर पर ही खाद मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि यूरिया की बोरी 266 रुपये और DAP की बोरी 1350 रुपये की दर से ही उपलब्ध कराई जाती रहेगी, बढ़ी हुई लागत का पूरा अतिरिक्त भार केंद्र सरकार अपने ऊपर ले रही है और संकट की इस स्थिति में किसानों के साथ खड़ा रहना सरकार का धर्म है।

उन्होंने यह भी कहा कि पेस्टिसाइड और केमिकल फर्टिलाइजर के असंतुलित और अत्यधिक उपयोग से गंभीर खतरे पैदा होते हैं, इसलिए भारत प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और रसायनों के संतुलित उपयोग पर मिशन मोड में काम कर रहा है, ‘खेत बचाओ’ जैसे अभियानों के जरिए जागरूकता बढ़ा रहा है और वैकल्पिक समाधानों को बढ़ावा दे रहा है।

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और छोटे किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने पर उन्होंने कहा कि हर किसान महंगी मशीनरी नहीं खरीद सकता, इसलिए देश भर में Custom Hiring Centres और समूह आधारित मॉडल के माध्यम से मशीनरी किराये पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे छोटे किसान भी ड्रोन, आधुनिक औजार और अन्य उपकरणों का लाभ ले सकें।

युवामहिलाएं और नवाचारभविष्य की दिशा

श्री चौहान ने कहा कि युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़े बिना कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक बदलाव संभव नहीं, इसलिए बैठक में इस पर विशेष चर्चा की गई और संयुक्त घोषणा में भी इसे स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि भारत में agri-startups, agri-business, agri-preneurship और टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं के माध्यम से युवा तेजी से कृषि क्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं, कई हजार स्टार्टअप सक्रिय हैं और त्वरित सफलता के उदाहरण भी सामने आ रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने कहा कि नवाचार और तकनीक के उपयोग में युवा सबसे अधिक प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए ब्रिक्स देशों के बीच अनुभव और नीतिगत पहल साझा करके इस प्रवृत्ति को और गति देने की आवश्यकता है, जिससे भविष्य की कृषि अधिक स्मार्ट, टिकाऊ और लाभकारी बन सके।

इंदौरवैश्विक कृषि कूटनीति का नया मंच

इंदौर की मेजबानी की विशेष प्रशंसा करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मालवा की परंपरा के अनुरूप यहां जिस आत्मीय आतिथ्य और सत्कार से प्रतिनिधियों का स्वागत हुआ, उससे सभी ‘गद्गद और प्रसन्न’ है; 56 दुकान, राजवाड़ा और मांडू की सैर उनके मन में लंबे समय तक स्मृति के रूप में अंकित रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ आह्वान को आगे बढ़ाते हुए मेघदूत गार्डन में सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने वृक्षारोपण कर ‘ब्रिक्स वाटिका’ (वृक्षारोपण स्थल) की स्थापना की, इससे पहले यहां ग्लोबल पार्क और यूरो–रशियन पार्क भी स्थापित हो चुके हैं। चौहान ने मध्य प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री और उनकी टीम, साथ ही भारत सरकार के कृषि विदेश, पशुपालन व मत्स्य, वाणिज्य, फूड प्रोसेसिंग, नीति आयोग सहित सभी विभागों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आयोजन ‘Whole of Government Approach’ और ‘Team India’ की सफलता का जीवंत उदाहरण है, जिसने ब्रिक्स देशों की इंदौर बैठक को अभूतपूर्व और ऐतिहासिक बना दिया।

1 जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा “खेत बचाओ अभियान”

दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने “खेत बचाओ अभियान” को केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि खेत, किसान और गांव को जोड़ने वाला व्यापक राष्ट्रीय अभियान बनाने का संदेश दिया है।

एक जून से शुरू हो रहे महीनेभर चलने वाले “खेत बचाओ अभियान” को प्रभावी और परिणामकारी बनाने के लिए केंद्रीय कृषि ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का फोकस खेत को बचाने, लागत को संतुलित करने और किसान को सही समय पर सही मार्गदर्शन देने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान ऊपर से नीचे तक नहीं, बल्कि पंचायत से लेकर राज्य और केंद्र तक साझी भागीदारी के मॉडल पर चलेगा।

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने रसायनिक उर्वरकों, विशेषकर असंतुलित उपयोग को कम करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य होगा। किसानों को मृदा परीक्षण आधारित, संतुलित और सही मात्रा में खाद तथा अन्य कृषि इनपुट के उपयोग के बारे में जागरूक करने, हरी खाद, जैविक और जैव-उत्पादों के उपयोग को बढ़ाने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) के प्रदर्शन आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

कृषि मंत्री ने कहा कि आने वाले समय को लेकर जो मौसम संबंधी चिंता जताई जा रही है, उसके मद्देनजर किसानों को व्यावहारिक सलाह दी जाएगी कि वे क्या करें, क्या न करें, कौन-सी फसल लें, कहाँ फसल विविधीकरण अपनाएं और कम पानी या जोखिम की स्थिति में कौन-से विकल्प बेहतर रहेंगे। अभियान का उद्देश्य केवल संदेश देना नहीं, बल्कि खेत-स्तर पर किसान को स्थिति-विशेष के अनुरूप सलाह देना होगा।

बैठक में बताया गया कि अभियान के लिए KVKs को सभी सहभागी संस्थानों के लिए प्रमुख समन्वयक की भूमिका दी गई है, साढ़े 1600 से अधिक टीमें बनाई गई हैं। अधिक उर्वरक उपयोग वाले 100 जिलों के लिए 500 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें KVK, ICAR संस्थान, AICRP केंद्रों के वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल होंगे, जबकि ICAR संस्थानों और KVKs की 1150 से अधिक बहुविषयक टीमें भी समानांतर रूप से काम करेंगी।

पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी से आम आदमी की कमर टूटी, केंद्र सरकार महंगाई रोकने में फेल: कुलवंत सिंह सिद्धू

लुधियाना / सत्ता संदेश

डीजल महंगा होने से धान के सीजन में किसानों पर बढ़ेगा बोझ और घरेलू बजट भी हिला, लोग परेशान: विधायक सिद्धू

केंद्र सरकार तुरंत दखल देकर लोगों को राहत दे: कुलवंत सिंह सिद्धू

तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के खिलाफ हलका आत्म नगर के विधायक सिद्धू ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

विधानसभा हलका आत्म नगर से विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने सोमवार को पिछले कुछ दिनों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की सख्त आलोचना करते हुए कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी को बुरी तरह प्रभावित किया है और घरेलू बजट को हिलाकर रख दिया है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि महंगाई ने जनता की “कमर तोड़” दी है और लोग अपने रोजमर्रा के खर्चों का प्रबंधन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में राहत देने की बजाय केंद्र सरकार ने आम नागरिकों को अकेला छोड़ दिया है। विधायक सिद्धू ने कहा कि आर्थिक तंगी के समय में लोगों के साथ खड़े होना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन मोदी की अगुवाई वाली सरकार महंगाई को काबू करने और जनता को राहत देने में पूरी तरह असफल रही है।

विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने आने वाले झोने के सीजन पर चिंता जताते हुए कहा कि किसानों को अब ट्रैक्टरों, ट्यूबवेलों और अन्य कृषि मशीनरी के लिए डीजल पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ढुलाई की लागत में भी इजाफा होगा, जिससे सब्जियों, फलों, अनाज और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम और बढ़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग के परिवार और रोजाना दिहाड़ीदार लोग तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे और उन्होंने केंद्र सरकार से लोगों को राहत प्रदान करने के लिए तुरंत दखल देने की मांग की है।

अमृतसर में थाना सुल्तानविंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1 किलो 409 ग्राम हेरोइन, पिस्टल और ड्रग मनी बरामदचार आरोपी गिरफ्तार, एसीपी साउथ प्रीत इंदर सिंह ने दी जानकारी

अमृतसर में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सुल्तानविंड पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 किलो 409 ग्राम हेरोइन, एक पिस्टल और ड्रग मनी बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रीत इंदर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों को काबू कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन, अवैध हथियार और नकदी बरामद की गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके।

पुलिस का कहना है कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

सुल्तानपुर लोधी में संदिग्ध हालात में युवक की मौत, वेई नदी से मिला शव

सुल्तानपुर लोधी / सत्ता संदेश

परिवार ने खेत मालिकों पर लगाए प्रताड़ना के आरोप, पुलिस जांच में जुटी

सुल्तानपुर लोधी के नजदीकी गांव आहली कलां से संबंधित एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान लवप्रीत सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह के रूप में हुई है, जो खेत मजदूर के तौर पर काम करता था। युवक का शव वेई नदी से मिलने के कारण मामला और भी गंभीर हो गया है।

परिवार के सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लवप्रीत सिंह जिस स्थान पर काम करता था, वहां उसके साथ अक्सर मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जाता था। परिवार का कहना है कि इन परेशानियों के कारण वह लंबे समय से दबाव में था और मानसिक तनाव का सामना कर रहा था।

परिवार ने आरोप लगाया कि लवप्रीत कई बार अपने साथ हो रहे व्यवहार के बारे में घर में बता चुका था, लेकिन गरीबी और मजबूरी के कारण वह काम छोड़ नहीं सका। अब उसका शव वेई नदी से मिलने के बाद परिवार ने मामले की गहराई से जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में भी शोक की लहर फैल गई है। लोगों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की जा रही है।

कॉकरोच जनता पार्टी मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, तत्काल सुनवाई से किया इनकार

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

Supreme Court of India ने सोमवार को फर्जी वकीलों और कथित तौर पर व्यंग्यात्मक डिजिटल मंच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़ी गतिविधियों की जांच की मांग करने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी सीजेपी को लेकर दायर इस याचिका पर अदालत ने फिलहाल कोई तात्कालिक राहत देने से मना कर दिया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी ने किया। उन्होंने अदालत से इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि फर्जी वकीलों और डिजिटल मंच की गतिविधियों से न्याय व्यवस्था और समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

हालांकि, पीठ ने तत्काल सुनवाई की मांग को स्वीकार नहीं किया। सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वह इस मुद्दे को “इतने भावुक तरीके” से न लें। अदालत की इस टिप्पणी को मामले में फिलहाल संयम बरतने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी नामक यह डिजिटल मंच व्यंग्यात्मक और राजनीतिक कटाक्ष से जुड़े कंटेंट के कारण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इसके कई पोस्ट और वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा बताया, जबकि कुछ ने इसकी सामग्री पर आपत्ति जताई है।

याचिका में कथित तौर पर मंच से जुड़े लोगों की गतिविधियों और फर्जी वकीलों के नेटवर्क की जांच कराने की मांग की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए यह स्पष्ट संकेत दिया कि हर वायरल या चर्चित विषय पर आपात सुनवाई जरूरी नहीं होती।

अब माना जा रहा है कि याचिकाकर्ता नियमित प्रक्रिया के तहत मामले को सूचीबद्ध कराने की कोशिश करेगा, जिसके बाद भविष्य में इस पर सुनवाई हो सकती है।

PM मोदी की ‘मेलोडी’ कूटनीति का शेयर बाजार पर असर: इस कंपनी के शेयरों में लगा ‘अपर सर्किट’

बिजनेस डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच सोशल मीडिया पर वायरल “मेलोडी” (Melody) मूमेंट का असर अब भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी द्वारा इटली यात्रा के दौरान पीएम मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट करने के बाद एक विशेष कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है।

नाम के भ्रम में निवेशकों की चांदी : दिलचस्प बात यह है कि असली ‘मेलोडी’ टॉफी बनाने वाली कंपनी ‘पारले प्रोडक्ट्स’ (Parle Products) शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है। लेकिन निवेशकों के बीच नाम को लेकर पैदा हुए भ्रम के कारण ‘पारले इंडस्ट्रीज’ (Parle Industries) के शेयरों में पिछले तीन दिनों से लगातार अपर सर्किट लग रहा है। निवेशक पारले प्रोडक्ट्स समझकर पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद रहे हैं।

तीन दिनों में करोड़ों की कमाई : इस कन्फ्यूजन का फायदा पारले इंडस्ट्रीज को मिला है। शुक्रवार को कंपनी के शेयर 4.90% की बढ़त के साथ 5.78 रुपये पर पहुंच गए। तीन दिन पहले तक कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 25 करोड़ रुपये से कम था, जो अब बढ़कर लगभग 28.23 करोड़ रुपये हो गया है। यानी महज तीन दिनों में निवेशकों ने इस शेयर के जरिए 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी बाजार : विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी पूरी तरह से रिटेल ट्रेडर्स की गतिविधि और भ्रम पर आधारित है। रिकॉर्ड बताते हैं कि हालिया तेजी के बावजूद, यह शेयर लंबी अवधि में काफी कमजोर रहा है। पिछले एक साल में इसमें 68% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इसलिए, किसी भी निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद लेना जरूरी है।

हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर हो : भगवंत सिंह मान

हलवारा /सत्ता संदेश

– उड़ानें शुरू होने के बाद पहली बार ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ हलवारा हवाई अड्डे पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

– हलवारा हवाई अड्डे के विकास पर पंजाब सरकार ने 54 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए: भगवंत सिंह मान

– नियमित उड़ानें शुरू होने से जनता को सुविधा के साथ-साथ पंजाब में निवेश भी बढ़ेगा: भगवंत सिंह मान

– सरकार साहनेवाल हवाई अड्डे को प्रशिक्षण अकादमी के रूप में उपयोग करने की योजना बना रही है: भगवंत सिंह मानहलवारा एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत पंजाब के लिए आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी और तरक्की के नए युग की शुरुआत है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया कि पंजाब सरकार के दृढ़ प्रयासों और वित्तीय प्रतिबद्धता के कारण पूरा हुआ यह लंबे समय से लटकता प्रोजेक्ट पूरे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देगा। उड़ानें शुरू होने के बाद पहली बार ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ एयरपोर्ट टर्मिनल का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से बातचीत की और कहा कि इस हवाई अड्डे की शुरुआत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रांत में विश्व स्तरीय सुविधाएं लाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पंजाब सरकार द्वारा हवाई अड्डे के विकास पर लगभग 54.67 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हलवारा से नियमित उड़ानें शुरू होने से न केवल पंजाब के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रांत में औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। स्वतंत्रता सेनानियों और महान संतों की विरासत का सम्मान करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अथक प्रयासों के कारण मोहाली एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर रखे जाने के बाद अब हलवारा एयरपोर्ट का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि वे इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे।

हवाई अड्डे के दौरे के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार के प्रयासों के कारण यह हवाई अड्डा अब शुरू हो गया है। इस कदम के पीछे एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रांत के लोगों को सुरक्षित, किफायती और आरामदायक हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके।”

उन्होंने आगे कहा, “यह हवाई अड्डा इस क्षेत्र के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों के उद्यमियों, व्यापारियों और उद्योगपतियों को पंजाब आने-जाने में मदद करेगा, जिससे व्यापार, कारोबार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।”

पहले आने वाली मुश्किलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “दिल्ली-एनसीआर के लिए सीधी उड़ानें न होने के कारण लोगों, खासकर उद्योगपतियों को सड़क मार्ग से देश की राजधानी जाने के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इससे न केवल बेकार की परेशानी होती थी, बल्कि समय, पैसे और ऊर्जा का भी बड़ा नुकसान होता था।”

उन्होंने आगे कहा, “इस हवाई अड्डे के चालू होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी और दुनिया भर के प्रमुख उद्यमी पंजाब में बड़ा निवेश करने के लिए आकर्षित होंगे।”

हवाई अड्डे के आर्थिक प्रभाव पर विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह हवाई अड्डा पंजाब में औद्योगीकरण को तेज करने में सहायक के रूप में काम करेगा और प्रांत को सबसे पसंदीदा निवेश स्थान के रूप में और मजबूती से स्थापित करेगा।”

कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा, “यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही हलवारा हवाई अड्डे से और उड़ानें शुरू की जाएंगी। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी पंजाब में आर्थिक गतिविधियों को और मजबूत करेगी और प्रांत की तरक्की तथा यहां के लोगों की खुशहाली में अहम भूमिका निभाएगी।”

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हलवारा हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग को भारत सरकार के समक्ष जोरदार ढंग से उठाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शहीद करतार सिंह सराभा ने मात्र 19 वर्ष की छोटी उम्र में देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। उनकी अद्वितीय कुर्बानी ने लाखों लोगों को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया।”

उन्होंने कहा, “शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी शहीद करतार सिंह सराभा को अपना रोल मॉडल मानते थे। हलवारा हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखना उस महान शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जो इस क्षेत्र से संबंधित थे और जो पहले विमानन की पढ़ाई करने के लिए बर्कले विश्वविद्यालय गए और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने के लिए वापस लौटे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब महान गुरुओं, संतों, पीरों और शहीदों की पवित्र धरती है और इस मिट्टी के हर कण में उनकी महान विरासत समाई हुई है। पंजाब विधान सभा ने 22 मार्च, 2023 को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें भारत सरकार से इंडियन एयर फोर्स स्टेशन हलवारा, लुधियाना में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने का अनुरोध किया गया था।”

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके बहुमूल्य योगदान को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “शहीद करतार सिंह सराभा ने देश को विदेशी साम्राज्यवाद से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। गदर पार्टी के नेता के रूप में उन्होंने देश-विदेश में भारत की आजादी के लिए अथक प्रयास किए।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पहले, पंजाब सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया था। हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखना हमारे शहीदों के प्रति एक और नम्र श्रद्धांजलि होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “शहीदों की शानदार विरासत को संरक्षित करने के लिए हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों का नाम महान शहीदों और शख्सियतों के नाम पर रखना हमारी सरकार की अहम पहल रही है। आदमपुर हवाई अड्डे का नाम भी श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर रखा गया है।”

विमानन प्रशिक्षण संस्थान के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा युवा पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए साहनेवाल हवाई अड्डे की इमारत का उपयोग करने के संबंध में भी ठोस प्रयास किए जाएंगे। युवाओं को पहले से ही किफायती दरों पर विमानन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पंजाब सरकार द्वारा जनहित में हलवारा हवाई अड्डे से उड़ान के समय को बदलने का मुद्दा भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।”

पंजाब और इसके लोगों की भलाई के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रांत के हितों की रक्षा और इसकी निरंतर तरक्की और खुशहाली को सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।”

लुधियाना के अमन गोयल ने भूमाफिया द्वारा झूठे मुकदमे से राहत की मांग

इंडिपेंडेंट जांच करवा लें पुलिस कमिश्नर लुधियाना , ताकि भूमाफिया की मंशा हो जाये उजागर

लुधियाना- 13 अप्रैल 2026 निवासी अमन गोयल और उनकी पत्नी मेघा गोयल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर और उनके परिवारजनों पर विपक्षी पक्ष ने मिलीभगत से झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है, जबकि मामला पूरी तरह से दीवानी प्रकृति का है।

राहुल गोयल ने बताया कि मामला थाना सदर लुधियाना में दर्ज मुकदमा नंबर 0148 दिनांक 15 जुलाई 2025, धाराएं 406, 420 और 120-बी आईपीसी से जुड़ा है, जिसे कुलदीप कुमार बांसल ने “झूठी कहानी” बनाकर दर्ज करवाया है। उन्होंने दावा किया कि कुलदीप बांसल का उद्देश्य पुराना सौदा रद्द होने के बावजूद उनकी जमीन पर कब्जा करना है।

अमन गोयल के अनुसार, वर्ष 2012 में लगभग 8,972 वर्ग गज जमीन का सौदा हुआ था, जिसमें से विपक्षी पक्ष ने केवल 2,810 वर्ग गज जमीन का ही रजिस्ट्री कराया, बाकी हिस्से का भुगतान न कर पाने के कारण सौदा रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि बाद में इसी जमीन को लेकर दीवानी मामले पहले से अदालत में लंबित हैं, जिनमें अगली सुनवाई जल्द ही तय है।

परिवार का आरोप है कि न केवल विपक्षी पक्ष बल्कि भूमाफिया की भूमिका निभा रहे कुछ डेवलपर्स भी उनकी लगभग 8,400 वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि करीब 6,000 वर्ग गज जमीन पर पहले ही जबरन दीवार खड़ी कर दी गई, जिस पर एक अन्य मुकदमा भी चल रहा है।

मेघा गोयल ने कहा, “यह मामला पूरी तरह से दीवानी है, कोई आपराधिक तत्व इसमें नहीं है। पुलिस को उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यह झूठा मुकदमा रद्द किया जाना चाहिए।”