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महिला विधायक के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी पर आईयूएमएल नेता निलंबित

अलप्पुझा (केरल), 26 मार्च (भाषा) अलप्पुझा जिले के कायमकुलम में चुनाव प्रचार के दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की मौजूदा विधायक यू प्रतिभा के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता ए इरशाद को पार्टी ने निलंबित कर दिया है। आईयूएमएल के नेताओं ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

आईयूएमएल के स्थानीय नेता और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की कायमकुलम इकाई के संयोजक इरशाद ने एक चुनावी कार्यक्रम में प्रतिभा के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि प्रतिभा तीसरी बार इस सीट से जीत हासिल करने के लिए अपनी वाकपटुता और सुंदरता का ‘इस्तेमाल’ कर रही हैं।

उन्होंने प्रतिभा पर जनता के लिए कोई काम न करने का आरोप भी लगाया।

जिले के मुस्लिम लीग नेताओं ने कहा कि इरशाद की पार्टी सदस्यता निलंबित कर दी गई है और उन्हें आईयूएमएल के कायमकुलम निर्वाचन क्षेत्र के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है।

उन्होंने बताया कि आईयूएमएल जिला सचिव एच बशीर को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए इन्हें “महिला विरोधी और अपमानजनक” बताया।

विजयन ने कहा कि किसी महिला पर सिर्फ इसलिए “अपमानजनक” शब्दों से हमला करना क्योंकि वह एक लोक सेवक है यह “राजनीतिक संस्कृति का पतन” दर्शाता है।

कायमकुलम से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता एम लिजू ने इन टिप्पणियों पर खेद जताया था और मौजूदा विधायक से माफी मांगी थी।

प्रतिभा और माकपा ने कहा है कि जल्द ही निर्वाचन आयोग और पुलिस में इरशाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

केरल में एलडीएफ-राजग की ‘मिलीभगत’, सरकार को फायदा पहुंचा रही भाजपा: सचिन पायलट

तिरुवनंतपुरम, 24 मार्च (भाषा) केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्य में पिनराई विजयन नीत सरकार बरकरार रखने में ‘‘मदद’’ कर रहा है और ‘‘तथ्य’’ बताते हैं कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की राजग के साथ ‘‘मिलीभगत’’ है।

केरल चुनावों के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक पायलट ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री विजयन पर निजी लाभ के लिए, विशेषकर भ्रष्टाचार मामलों की जांच से बचने के उद्देश्य से भाजपा के साथ परोक्ष रूप से काम करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रयास सफल नहीं होंगे क्योंकि ‘‘जनता उनके छल और झूठ को समझ चुकी है।’’

विजयन ने हाल में ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा था कि कांग्रेस राज्य में भाजपा की ‘‘बी-टीम’’ की तरह काम कर रही है।

इसपर पलटवार करते हुए पायलट ने कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री ऐसे आरोप कैसे लगा रहे हैं, जबकि तथ्य बताते हैं कि माकपा और एलडीएफ ही भाजपा और राजग के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। आज भी केरल चुनाव में राजग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलडीएफ की सत्ता बरकरार रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का इसमें ज्यादा कुछ दांव पर नहीं है। कुछ क्षेत्रों में उसे वोट मिलने की उम्मीद हैं, जिन्हें वह वामपंथी उम्मीदवारों की ओर मोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि वे तीसरी बार सत्ता में आ सकें, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है।’’

अपने साक्षात्कार में विजयन ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें ‘‘भाजपा की बी-टीम’’ बताया था। इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियों ने केरल के मुख्यमंत्री को छोड़कर देश के अन्य विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया है या पूछताछ के लिए तलब किया है।

वाम सरकार पर हमला तेज करते हुए पायलट ने कहा कि राज्य की वामपंथी सरकार और केंद्र की भाजपा नीत सरकार पिछले 10 वर्षों से साथ मिलकर काम कर रही हैं।

पायलट ने कहा कि उन्होंने माकपा नीत गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री या भाजपा के खिलाफ कोई बड़ा प्रदर्शन, आंदोलन या विरोध नहीं देखा।

उन्होंने कहा, ‘‘वायनाड त्रासदी हुई। उन्होंने करोड़ों रुपये की मांग की, लेकिन हमें केवल कर्ज मिला। क्या वाम दल प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठे? प्रियंका गांधी और यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) के सभी सांसदों ने भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।’’

कुछ सांसदों द्वारा विधानसभा टिकट की इच्छा जताए जाने की खबरों पर पायलट ने कहा कि कुछ नेताओं की इच्छा हो सकती है, लेकिन पार्टी ने सिद्धांत तय किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘परंपरा और सिद्धांत के तौर पर पार्टी ने फैसला किया है कि कोई भी मौजूदा सांसद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा।’’

कन्नूर से टिकट मांगने वाले वरिष्ठ लोकसभा सदस्य के. सुधाकरन की सराहना करते हुए पायलट ने उन्हें अनुशासित नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के निर्णय का सम्मान किया।

यूडीएफ की संभावनाओं पर उन्होंने सटीक आंकड़ा बताने से इनकार किया, लेकिन ‘‘बहुमत’’ मिलने का विश्वास जताया।

राहुल गांधी की पांच गारंटी और घोषणापत्र जारी करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं, इसलिए प्रक्रिया में समय लग रहा है।

उन्होंने कहा कि गारंटी तत्काल प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं, जबकि घोषणापत्र व्यापक दृष्टि प्रस्तुत करेगा।

केरल विधानसभा की 140 सीट के लिए मतदान नौ अप्रैल को चुनाव होंगे

सत्ता विरोधी लहर नहीं है,शबरिमला में सोने की चोरी के मुद्दे का असर यूडीएफ और भाजपा पर पड़ेगा:विश्वम

तिरुवनंतपुरम, 18 मार्च (भाषा) शबरिमला में सोने की चोरी के मामले में कुछ वामपंथी नेताओं की कथित संलिप्तता से विधानसभा चुनाव अभियान पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के दावों को खारिज करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की केरल इकाई के सचिव बिनॉय विश्वम ने कहा कि यह मुद्दा कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और भाजपा पर ही उल्टा पड़ेगा, जिससे सत्तारूढ़ दल राज्य में किसी भी चुनावी नुकसान से बच जाएगा।

विश्वम ने यह भी कहा कि उनका मानना ​​​​है कि वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर नहीं है, जिसमें भाकपा दूसरा सबसे बड़ा घटक है और राज्य में वामपंथी लहर है।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन पर जमात-ए-इस्लामी जैसे इस्लामी संगठनों के साथ कथित चुनावी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उसकी कड़ी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि एलडीएफ प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा जमात-ए-इस्लामी और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) को ‘‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुस्लिम संस्करण’’ के रूप में देखता है।

विश्वम ने कहा, ‘‘हम उन लोगों के खिलाफ हैं जो अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते हैं। सभी धर्मों में चरमपंथी गुट मौजूद हैं और हम ऐसे धार्मिक चरमपंथ या उससे उपजे आतंकवाद से कोई समझौता नहीं करेंगे।’’

जब उनसे पूछा गया कि क्या राज्य में सत्ता विरोधी लहर है, जैसा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने दावा किया है, तो विश्वम ने कहा कि यह कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन का केवल ‘‘आत्म संतुष्टि’’ का दावा है।

शबरिमला में सोने की चोरी के मुद्दे पर विश्वम ने कहा कि एलडीएफ का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि अगर वाम मोर्चे का कोई भी सदस्य इस मामले में शामिल है तो उन्हें ‘‘किसी भी तरह की रियायत’’ नहीं दी जाएगी। इस मुद्दे का जिक्र हाल ही में केरल दौरे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी किया था।

उन्होंने कहा कि लोग एलडीएफ के रुख से अवगत हैं और इसलिए शबरिमला में सोने की चोरी का मुद्दा वाम मोर्चे की चुनावी संभावनाओं पर असर नहीं डालेगा।

वरिष्ठ भाकपा नेता ने कहा कि इससे कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और भाजपा के चुनाव परिणामों पर असर पड़ेगा।

विश्वम ने कहा कि सभी ने शबरिमला में सोने की चोरी के मामले में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और इस मामले में शामिल अन्य लोगों की तस्वीरें यूडीएफ संयोजक अडूर प्रकाश और राष्ट्रीय स्तर के कांग्रेस नेताओं के साथ देखी हैं।

विश्वम ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप एलडीएफ को पिछली दो बार की तुलना में कहीं अधिक सीटें मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि एलडीएफ को 2026 के विधानसभा चुनावों में 110 सीटें मिलेंगी।

पार्टी ने 2016 में 91 सीटें जीती थीं और 2021 में उसने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर 99 कर ली थी।

सबूतों से छेड़छाड़ का एंटनी राजू का इरादा साबित करना मुश्किल : केरल उच्च न्यायालय

कोच्चि, छह मार्च (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि यह साबित करना मुश्किल होगा कि 1990 के मादक पदार्थ के एक मामले में जब राज्य के पूर्व परिवहन मंत्री एंटनी राजू एक जूनियर वकील थे, तब उनकी सबूतों से छेड़छाड़ करने की मंशा थी।

न्यायमूर्ति सी. जयचंद्रन ने यह भी पूछा कि क्या राजू के वरिष्ठ वकील को सबूतों से छेड़छाड़ की जानकारी थी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि राजू के ऊपर आपराधिक जिम्मेदारी कैसे तय की जा सकती है। यह जानकारी एक वरिष्ठ सरकारी वकील ने दी।

अदालत ने यह भी पूछा कि राजू के ऊपर सबूतों से छेड़छाड़ करने की मंशा का आरोप कैसे लगाया जा सकता है।

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि जब सबूत राजू की अभिरक्षा में थे, उसी दौरान उनके साथ छेड़छाड़ की गई थी।

उच्च न्यायालय की ये टिप्पणियां और सवाल उस समय आए जब अदालत राजू की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने अपनी सजा पर रोक लगाने का अनुरोध किया है, ताकि वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकें।

दूसरी ओर, राज्य सरकार ने कहा कि पूर्व मंत्री ‘‘यह साबित करने में विफल रहे हैं कि यदि उनकी सजा लागू रहती है तो उन्हें कोई गंभीर अन्याय या अपूरणीय क्षति होगी।’’

सरकार ने यह भी कहा कि उन्हें राहत देना चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को कमजोर करेगा।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने राजू की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। राजू जनाधिपत्य केरल कांग्रेस के नेता हैं, जो केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले एलडीएफ गठबंधन का हिस्सा है।

राजू ने उच्च न्यायालय का रुख तब किया जब तिरुवनंतपुरम जिला एवं सत्र न्यायालय ने उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

नेडुमंगड की प्रथम श्रेणी की न्यायिक मजिस्टेट अदालत ने उन्हें तीन साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। यह मामला 1990 में मादक पदार्थ के मामले में गिरफ्तार किए गए एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के वकील के रूप में पेश होते समय सबूतों से छेड़छाड़ से संबंधित था।

सजा सुनाए जाने के बाद केरल विधानसभा सचिवालय ने एक अधिसूचना जारी कर उनकी अयोग्यता की पुष्टि कर दी।

उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में राजू ने कहा कि सजा पर रोक लगाने का अनुरोध इसलिए किया गया है क्योंकि केरल विधानसभा के वर्तमान सदस्य होने के बावजूद वह केवल इस सजा के कारण पद धारण करने के लिए अयोग्य हो गए हैं।

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा दी गई दोषसिद्धि और सजा कानून, तथ्यों और साक्ष्यों के विपरीत है और अदालत ने साक्ष्यों का मूल्यांकन करते समय गंभीर त्रुटियां की हैं।

याचिका में यह भी कहा गया है, ‘‘निचली अदालत द्वारा दी गई सजा अत्यधिक है और इसमें 35 वर्षों की देरी को ध्यान में नहीं रखा गया। यह सजा केवल याचिकाकर्ता को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अयोग्य ठहराने के उद्देश्य से दी गई है।’’