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लुधियाना: मुल्लांपुर दाखा में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता सेमिनार, रिश्वत की शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी

मुल्लांपुर दाखा में विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार विरोधी सेमिनार आयोजित कर लोगों को जागरूक किया। जानें रिश्वत की शिकायत के लिए WhatsApp और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की लुधियाना रेंज की ओर से 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक विजिलेंस अवेयरनेस वीक-2026 मनाया जा रहा है। इसके तहत नगर काउंसिल मुल्लांपुर दाखा में भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूक करना और समाज में ईमानदारी, पारदर्शिता तथा सुशासन को बढ़ावा देना है।

एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो, लुधियाना रेंज वरिंदर सिंह बराड़ के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में भी जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। मुल्लांपुर दाखा में आयोजित सेमिनार के दौरान इंस्पेक्टर एस. कुलजिंदर सिंह ग्रेवाल, रीडर एसआई अनिल कुमार, नगर काउंसिल के ईओ हैप्पी कुमार जिंदल और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद रहे।

इस अवसर पर विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार को समाप्त करने तथा ईमानदारी, पारदर्शिता और अच्छे प्रशासन के उच्च मानकों को बनाए रखने की शपथ ली। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं और रिश्वतखोरी को खत्म करने के प्रयासों में सहयोग दें।

विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी सरकारी काम करने के बदले रिश्वत मांगता है, अपने पद का दुरुपयोग करता है, सरकारी दस्तावेजों या कामकाज में धोखाधड़ी करता है अथवा भ्रष्टाचार के माध्यम से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करता है, तो उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। इसके अलावा, यदि कोई निजी व्यक्ति किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के नाम पर काम करवाने के बदले रिश्वत मांगता है, तो इसकी सूचना भी संबंधित विभाग को दी जा सकती है।

सेमिनार के दौरान लोगों को भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत दर्ज करवाने के लिए पंजाब सरकार की एंटी-करप्शन एक्शन लाइन के WhatsApp नंबर 9501-200-200 और विजिलेंस ब्यूरो के टोल-फ्री नंबर 1800-1800-1000 की जानकारी दी गई।

विजिलेंस ब्यूरो ने लोगों से अपील की कि वे रिश्वत लेने और देने से बचें तथा भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। जागरूकता अभियान के दौरान संदेश दिया गया कि ईमानदारी और जनसहयोग के माध्यम से ही भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 15,000 रुपये रिश्वत लेते पटवारी को रंगे हाथों काबू किया गया

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही अपनी मुहिम के दौरान माल दफ्तर पायल, जिला लुधियाना में तैनात पटवारी हरकिंदर सिंह को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को तहसील पायल, जिला लुधियाना के एक निवासी द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि आरोपी पटवारी ने शिकायतकर्ता से उसकी जमीन के इंतकाल में संशोधन करने के बदले 25,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी। इस संबंध में आरोपी पहले ही 5,000 रुपये पहली किस्त के रूप में ले चुका था।

शिकायतकर्ता द्वारा गैर-कानूनी रिश्वत देने से इनकार करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की आर्थिक अपराध शाखा, लुधियाना से संपर्क किया गया। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथों काबू कर लिया।

इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना आर्थिक अपराध शाखा, लुधियाना में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 6,000 रुपये रिश्वत लेते प्रिंसिपल को रंगे हाथों काबू किया गया

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अपनी मुहिम के दौरान कैंप खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अजीतसर मोही, जिला लुधियाना (सरकारी सहायता प्राप्त) में तैनात प्रिंसिपल गुरमीत सिंह को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गांव मोहित, जिला लुधियाना के एक निवासी द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने कोविड काल के दौरान 10वीं कक्षा पास की थी, लेकिन उसे अभी तक 10वीं का पासिंग सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं हुआ था। उसने डुप्लीकेट सर्टिफिकेट के लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया था, परंतु वह भी उसे नहीं मिला। इसके बाद वह अपना मैट्रिक सर्टिफिकेट लेने के लिए अपने स्कूल के प्रिंसिपल के पास गया।
इस दौरान आरोपी प्रिंसिपल ने उससे 15,800 रुपये रिश्वत की मांग की और मौके पर ही उससे 10,000 रुपये रिश्वत के रूप में ले भी लिए। उल्लेखनीय है कि डुप्लीकेट सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए सरकारी फीस 900 रुपये तथा तत्काल फीस 2,000 रुपये है।

रिश्वत देने के लिए तैयार न होने पर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी प्रिंसिपल को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो के पुलिस थाना लुधियाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।