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मानेसर में EV कलपुर्जा विक्रेता विकास कार्यक्रम, BIS ने मानकों और प्रमाणन पर दी जानकारी

गुरुग्राम / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), हरियाणा शाखा कार्यालय ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DFO), करनाल की ओर से मानेसर में आयोजित दो दिवसीय विद्युत वाहन (EV) कलपुर्जा विक्रेता विकास कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का आयोजन 1 और 2 सितंबर 2026 को आईसीएटी कन्वेंशन सेंटर-2, मानेसर, गुरुग्राम में किया गया।

इस कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), ऑटोमोबाइल उद्योग, इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों, नवोदित उद्यमों और विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में व्यावसायिक अवसरों, तकनीकी आवश्यकताओं, परीक्षण, प्रमाणन, गुणवत्ता मानकों और नियामक प्रावधानों को लेकर उद्योग जगत को जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

BIS ने लगाया जागरूकता स्टॉल

कार्यक्रम में BIS हरियाणा शाखा कार्यालय ने BIS फरीदाबाद शाखा कार्यालय के सहयोग से विशेष स्टॉल स्थापित किया। स्टॉल पर इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित भारतीय मानकों, शोध प्रकाशनों और अध्ययन सामग्री को प्रदर्शित किया गया। इनमें भारत का राष्ट्रीय विद्युत संहिता भी शामिल रही।

इसके अलावा BIS के प्रकाशन ‘विद्युत वाहन चार्जिंग अवसंरचना एवं मानक : एक अवलोकन’ को भी प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मानकों, सुरक्षा आवश्यकताओं और गुणवत्ता के महत्व को लेकर उद्योग प्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों को जानकारी दी गई।

BIS स्टॉल पर विभिन्न उद्योगों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर अधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने उत्पादों पर लागू भारतीय मानकों, BIS प्रमाणन और अनुरूपता मूल्यांकन से जुड़ी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी हासिल की।

MSME की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता पर चर्चा

MSME-DFO, करनाल के अपर विकास आयुक्त संजीव चावला ने भी अपने सहयोगियों के साथ BIS स्टॉल का दौरा किया। इस दौरान खास तौर पर तेजी से उभर रहे इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में काम कर रहे MSMEs की गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार में स्वीकार्यता को मजबूत करने में भारतीय मानकों तथा अनुरूपता मूल्यांकन की भूमिका पर चर्चा हुई।

EV मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों पर तकनीकी सत्र

कार्यक्रम के पहले दिन 1 सितंबर को BIS हरियाणा शाखा कार्यालय की ओर से ‘विद्युत वाहनों के लिए मानक एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में नवीनतम विकास’ विषय पर तकनीकी सत्र में भाग लिया गया।

इस सत्र में BIS के वैज्ञानिक-डी सौरभ चंद्र ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने MSMEs और अन्य हितधारकों को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े उत्पादों पर लागू भारतीय मानकों, अनिवार्य प्रमाणन आवश्यकताओं और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में हुए नवीनतम विकास की जानकारी दी।

प्रतिभागियों को इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जों और संबंधित उत्पादों के लिए लागू मानकों तथा प्रमाणन प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछने और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर भी मिला।

‘मानक बाधा नहीं, गुणवत्ता और सुरक्षा का माध्यम’

कार्यक्रम में ‘हरियाणा में विद्युत वाहन पारिस्थितिकी तंत्र की सुविधा’ विषय पर भी सत्र आयोजित किया गया। इसमें हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण/नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, हरियाणा सरकार के परियोजना अधिकारी सुख चैन सिंह ने भारतीय मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मानकों को किसी बाधा या समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मानक गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने तथा बेहतर भविष्य के निर्माण का माध्यम हैं। उन्होंने मानकों को व्यापक रूप से अपनाने को भारत को गुणवत्ता-सचेत राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। इनमें विक्रेता विकास, निवेश एवं संयुक्त उपक्रम के अवसर, ऊर्जा दक्षता, इलेक्ट्रिक वाहनों के परीक्षण की आवश्यकताएं और MSMEs के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाएं प्रमुख रहीं।

दूसरे दिन उद्योग और हितधारकों के साथ व्यापक संवाद

कार्यक्रम के दूसरे दिन 2 सितंबर को BIS अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक संवाद किया। इनमें शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों, स्टार्टअप्स, विनिर्माताओं और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

हितधारकों ने BIS प्रमाणन, लागू भारतीय मानकों, प्रमाणन प्राप्त करने की प्रक्रिया और विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादों के लिए अनुरूपता मूल्यांकन से संबंधित जानकारी हासिल की। BIS अधिकारियों ने प्रतिभागियों के सवालों और आवश्यकताओं के आधार पर मानकों तथा प्रमाणन प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस दौरान उपभोक्ता शिकायतों और उनकी रिपोर्टिंग प्रक्रिया को लेकर भी व्यावहारिक सवाल उठाए गए। विशेष रूप से ऐसे मामलों पर चर्चा हुई, जब BIS प्रमाणित उत्पाद में बाद में गुणवत्ता या प्रदर्शन से जुड़ी समस्या सामने आती है। अधिकारियों ने शिकायतों की रिपोर्टिंग और समाधान के लिए उपलब्ध माध्यमों की जानकारी दी।

66 प्रदर्शनी स्टॉल, 1,000 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा

दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रदर्शनी हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटोमोटिव इकोसिस्टम से जुड़े उत्पादों, तकनीकों, सेवाओं और पहलों को प्रदर्शित करने वाले करीब 66 स्टॉल लगाए गए।

प्रदर्शनी में 1,000 से अधिक आगंतुकों ने हिस्सा लिया। इनमें उद्योग प्रतिनिधि, MSMEs, स्टार्टअप्स, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और अन्य हितधारक शामिल रहे।

EV सेक्टर में गुणवत्ता और मानक जागरूकता को बढ़ावा

मानेसर में आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, MSMEs, स्टार्टअप्स, तकनीकी संस्थानों और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना। BIS की सहभागिता के माध्यम से भारतीय मानकों, अनुरूपता मूल्यांकन, प्रमाणन आवश्यकताओं, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और उपभोक्ता शिकायतों से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

विक्रेता विकास कार्यक्रम के माध्यम से BIS हरियाणा शाखा कार्यालय ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में गुणवत्ता, मानक जागरूकता और नियामक अनुपालन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही BIS और MSME-DFO, करनाल के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा उद्योगों को प्रासंगिक भारतीय मानकों और वैधानिक आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए मार्गदर्शन देने का अवसर भी मिला।