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दलीप ट्रॉफी फाइनल: ईस्ट जोन की साउथ जोन पर मजबूत पकड़, 584 रन की बढ़त

दलीप ट्रॉफी फाइनल के चौथे दिन ईस्ट जोन ने साउथ जोन पर पकड़ मजबूत कर ली है। ईस्ट जोन की कुल बढ़त 584 रन हो गई है। ईशान किशन ने 80 रन बनाए।

खेल डेस्क / सत्ता संदेश

दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। मुकाबले के चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में 5 विकेट के नुकसान पर 212 रन बना लिए हैं। पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त को मिलाकर ईस्ट जोन की कुल बढ़त अब 584 रन हो गई है।

स्टंप्स के समय कुमार कुशाग्र 34 रन और मोहम्मद कौनेन कुरैशी 26 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए अब तक 52 रनों की साझेदारी हो चुकी है।

इससे पहले ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर सिमट गई। इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी के आधार पर 372 रन की बड़ी बढ़त मिली।

ईस्ट जोन ने नहीं लिया फॉलोऑन

साउथ जोन को बड़ी बढ़त देने के बावजूद ईस्ट जोन ने फॉलोऑन नहीं दिया और खुद दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि, दूसरी पारी की शुरुआत उसके लिए अच्छी नहीं रही।

ईस्ट जोन ने महज 13 रन के स्कोर पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। अभिमन्यु ईश्वरन 3 रन बनाकर मोहम्मद सिराज का शिकार बने, जबकि वैभव सूर्यवंशी 8 रन बनाकर त्रिपुराणा विजय की गेंद पर आउट हुए।

ईशान किशन ने फिर जड़ा अर्धशतक

दूसरी पारी में ईस्ट जोन के लिए ईशान किशन एक बार फिर शानदार फॉर्म में नजर आए। उन्होंने फाइनल की लगातार दूसरी पारी में 50 से ज्यादा रन बनाए।

ईशान किशन ने 98 गेंदों पर 9 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 80 रन की शानदार पारी खेली। उन्हें शिखर मोहन का अच्छा साथ मिला। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 126 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई।

ईशान के आउट होने के बाद शिखर मोहन ने भी अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 52 रन बनाए, लेकिन इसके बाद अपना विकेट गंवा बैठे। वहीं सुदीप कुमार घरामी सिर्फ 2 रन बनाकर रन आउट हुए।

इसके बाद कुमार कुशाग्र और मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने पारी को संभाला और दिन का खेल खत्म होने तक टीम को कोई और नुकसान नहीं होने दिया।

साउथ जोन की ओर से मोहम्मद सिराज, त्रिपुराणा विजय, एमडी नीधीश और शेख रशीद को अब तक एक-एक विकेट मिला है।

336 रन पर सिमटी साउथ जोन की पारी

चौथे दिन साउथ जोन ने अपनी पहली पारी में 6 विकेट पर 242 रन से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन टीम बाकी के चार विकेट सिर्फ 94 रन जोड़कर गंवा बैठी।

साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा 99 रन बनाकर आउट हुए और महज एक रन से शतक से चूक गए। उन्होंने 211 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौके लगाए। तिलक वर्मा को मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने आउट किया।

इसके अलावा चामा मिलिंद ने 43 रन की पारी खेली। वह 68 गेंदों पर 7 चौकों की मदद से 43 रन बनाकर आउट हुए। त्रिपुराणा विजय और मोहम्मद सिराज एक-एक रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि एमडी नीधीश नाबाद रहे।

ईस्ट जोन की गेंदबाजी में मुकेश कुमार सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 3 विकेट लिए। मोहम्मद शमी, मोहम्मद कौनेन कुरैशी और शिखर मोहन को दो-दो विकेट मिले।

तीसरे दिन साउथ जोन की ओर से रिकी भुई 1 रन, एन जगदीशन 32 रन, देवदत्त पडिक्कल 62 रन, शेख रशीद 27 रन, स्मरण रविचंद्रन 23 रन और श्रेयस गोपाल 26 रन बनाकर आउट हुए थे।

अब फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के पास 584 रन की विशाल बढ़त है। ऐसे में साउथ जोन के सामने मैच बचाने की बड़ी चुनौती होगी, जबकि ईस्ट जोन की नजर अब मुकाबले को निर्णायक जीत में बदलने पर होगी।

बाबा साहेब की प्रतिमा के बेअदबी मामले पर राजीव कुमार लवली ने जताया रोष, प्रशासन से कार्रवाई की मांग की

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक में संविधान निर्माता डॉ. बी. आर. अंबेडकर की प्रतिमा के साथ कथित बेअदबी की घटना को लेकर समाज में रोष बढ़ता जा रहा है। श्री गुरु रविदास सभा समाध माई चंदो के अध्यक्ष राजीव कुमार लवली ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पुलिस और प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

राजीव कुमार लवली ने कहा कि शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल जालंधर बाईपास चौक में बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा के साथ इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह घटना पुलिस-प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

लवली ने बताया कि इससे पहले भी बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा चुका है। उस समय प्रशासन की ओर से चौक में सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का भरोसा दिया गया था। इसके बावजूद दोबारा ऐसी घटना सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर को अपना मार्गदर्शक मानने वाले लोगों में घटना को लेकर भारी रोष है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रतिमा के आसपास हाई-सिक्योरिटी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

राजीव कुमार लवली ने पुलिस से आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने चौक के आसपास स्थित दुकानों के संचालकों से भी पूछताछ कर घटना से जुड़े लोगों की पहचान करने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जालंधर बाईपास चौक बेहद व्यस्त स्थान है और यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर स्थापित बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को विशेष ध्यान देना चाहिए।

लवली ने कहा कि श्री गुरु रविदास सभा समाध माई चंदो की ओर से इस घटना के विरोध में किए गए लुधियाना बंद के आह्वान का पूर्ण समर्थन किया गया है। उन्होंने कहा कि संस्था के प्रतिनिधि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर घटना के प्रति अपना रोष व्यक्त कर रहे हैं और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Railway Modernization: 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर होंगे फोर-ट्रैक, ₹10,783 करोड़ की 3 परियोजनाओं को मंजूरी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्र सरकार ने भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद रेलवे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी दी। सरकार के अनुसार, रेलवे के व्यापक आधुनिकीकरण की प्रक्रिया पिछले करीब 12 वर्षों से लगातार आगे बढ़ रही है।

इस योजना के तहत देश के सात हाई-डेंसिटी रेलवे कॉरिडोर को फोर-ट्रैक यानी क्वाड्रुपल करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य इन व्यस्त रेल मार्गों की क्षमता बढ़ाना और भविष्य में बढ़ने वाले यात्री एवं माल यातायात के दबाव को संभालना है।

सात हाई-डेंसिटी कॉरिडोर की बढ़ेगी क्षमता

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे के व्यापक ओवरहाल और आधुनिकीकरण पर लगातार काम किया जा रहा है। इसके तहत सात हाई-डेंसिटी कॉरिडोर की ट्रैक क्षमता बढ़ाई जा रही है।

इनमें दिल्ली-मुंबई, मुंबई-चेन्नई, चेन्नई-कोलकाता और कोलकाता-दिल्ली के चार मार्ग गोल्डन क्वाड्रिलेटरल का हिस्सा हैं। इसके अलावा दिल्ली-चेन्नई और मुंबई-कोलकाता इसके दो प्रमुख डायगोनल हैं। दिल्ली-गुवाहाटी कॉरिडोर को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

सरकार इन सातों कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से चार-ट्रैक करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। फिलहाल करीब 4,000 किलोमीटर रेल लाइन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है।

10,783 करोड़ रुपये की तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी

कैबिनेट समिति ने रेलवे मंत्रालय की तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 10,783 करोड़ रुपये है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भारतीय रेलवे के नेटवर्क में करीब 656 किलोमीटर की अतिरिक्त रेल लाइन जुड़ेगी। इससे प्रमुख रेल मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता बढ़ने और परिचालन में सुधार की उम्मीद है।

इन रेलवे रूटों पर होगा काम

मंजूर की गई परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड सेक्शन में चौथी लाइन का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड सेक्शन में तीसरी लाइन बनाई जाएगी।

अतिरिक्त रेल लाइन बनने से इन मार्गों पर ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही भीड़भाड़ कम होगी और रेलवे की परिचालन दक्षता तथा सेवा की विश्वसनीयता में सुधार होने की उम्मीद है।

पांच राज्यों के 14 जिलों को मिलेगा फायदा

सरकार के मुताबिक, ये तीनों परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों से होकर गुजरेंगी।

परियोजनाओं के माध्यम से रेलवे नेटवर्क में करीब 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इससे लगभग 4,790 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इन गांवों में करीब 56 लाख लोगों की आबादी रहती है।

पीएम गति शक्ति के तहत होगा विकास

इन परियोजनाओं की योजना पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है। इसका उद्देश्य मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत करना है।

सरकार का कहना है कि एकीकृत योजना और विभिन्न संबंधित पक्षों के साथ समन्वय के जरिए इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे लोगों, सामान और सेवाओं की आवाजाही के लिए बेहतर परिवहन नेटवर्क तैयार करने में मदद मिलेगी।

धार्मिक और पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी भी होगी बेहतर

रेल नेटवर्क के विस्तार से कई महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। इनमें तारातारिणी मंदिर, श्री क्षेत्र जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, विराटेश्वर मंदिर, अमरकंटक मंदिर, ज्वालेश्वर धाम, अचानकमार टाइगर रिजर्व, खुटाघाट बांध, मल्हार पुरातात्विक स्थल और रतनपुर महामाया मंदिर समेत कई प्रमुख स्थान शामिल हैं।

इससे धार्मिक पर्यटन और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

कोयला, सीमेंट और स्टील की ढुलाई को मिलेगा फायदा

सरकार के अनुसार, ये रेल मार्ग कोयला, सीमेंट, लौह अयस्क और इस्पात जैसी महत्वपूर्ण वस्तुओं की ढुलाई के लिहाज से बेहद अहम हैं।

रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ने के बाद इन मार्गों पर करीब 27 MTPA यानी 2.7 करोड़ टन सालाना अतिरिक्त माल यातायात की संभावना है। इससे माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने के साथ लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

पर्यावरण को भी होगा लाभ

रेलवे को ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन माध्यम बताते हुए सरकार ने इन परियोजनाओं के पर्यावरणीय लाभों पर भी जोर दिया है।

सरकार के अनुमान के मुताबिक, इन परियोजनाओं से करीब 12 करोड़ लीटर तेल के आयात में कमी आ सकती है। साथ ही लगभग 62 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है। सरकार ने इस पर्यावरणीय लाभ को करीब 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर बताया है।

कुल मिलाकर, इन परियोजनाओं से रेलवे की क्षमता बढ़ाने, ट्रेनों की आवाजाही को सुचारु बनाने, माल ढुलाई को गति देने और देश की लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

लुधियाना : दलित समाज का बंद, अंबेडकर प्रतिमा के अपमान पर हाईवे जाम

लुधियाना / सत्ता संदेश

डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के कथित अपमान की घटना के विरोध में बुधवार को लुधियाना में दलित समाज की ओर से बंद शुरू कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर बाईपास चौक पर दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे की लेन को जाम कर दिया, जिसके चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

जालंधर और अमृतसर की तरफ से लुधियाना होते हुए पटियाला, अंबाला, करनाल, पानीपत और दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों पर बंद का सीधा असर देखने को मिला। हाईवे की लेन बंद होने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने यातायात को सुचारु रखने के लिए कई जगहों पर रूट डायवर्ट किए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने शुरुआत में सर्विस लेन पर धरना दिया था, लेकिन बाद में वे मुख्य हाईवे पर भी पहुंच गए। जालंधर-लुधियाना के बीच दोनों दिशाओं में यातायात प्रभावित होने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने लगीं।

दूध से किया डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का अभिषेक

बुधवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का दूध से अभिषेक किया। प्रदर्शनकारियों और समाज के नेताओं ने घटना पर रोष जताते हुए कहा कि बाबा साहेब की प्रतिमा के अपमान की घटना को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक मामले में कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

बंद का नेतृत्व कर रहे दलित नेता और भाजपा के पूर्व पार्षद चौधरी यशपाल ने बताया कि लुधियाना में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बंद का आह्वान किया गया है। उन्होंने दुकानदारों और उद्योगपतियों से बंद को समर्थन देने की अपील की। साथ ही युवाओं से अपील की गई कि प्रदर्शन के दौरान जरूरी सेवाओं और आम लोगों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा न पैदा की जाए।

प्रतिमा की सुरक्षा बढ़ाने और CCTV लगाने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। इसके अलावा वहां नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग उठाई गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

डीसीपी आलम विजय सिंह के अनुसार घटना को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस की अलग-अलग टीमें मामले की जांच कर रही हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

डीसीपी ने बताया कि बंद को देखते हुए शहर में यातायात के कुछ रूट डायवर्ट किए गए हैं, ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।

जालंधर में डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

लुधियाना में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के साथ हुई कथित बेअदबी के विरोध में जालंधर में भी प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय मूल निवासी मुक्ति मोर्चा पंजाब के सदस्य मुख्यमंत्री के नाम शिकायत देने के लिए डीसी जालंधर के कार्यालय पहुंचे।

डीसी से मुलाकात का समय नहीं मिलने पर प्रदर्शनकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो वे सड़क जाम करने का कदम उठा सकते हैं।

जालंधर में कांग्रेस ने निकाला रोष मार्च

घटना के विरोध में जालंधर कांग्रेस की ओर से भी रोष मार्च निकाला गया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भगवान वाल्मीकि चौक से डॉ. बीआर अंबेडकर चौक तक मार्च निकाला और घटना की निंदा करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

जालंधर कांग्रेस के शहरी प्रधान राजिंदर बेरी ने कहा कि बाबा साहेब की प्रतिमा से जुड़ी घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं और यह सातवीं घटना है। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

राजिंदर बेरी ने कहा कि यदि दो दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो कांग्रेस अपने आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्टी हाईकमान से बातचीत के बाद जालंधर समेत पंजाब बंद का आह्वान करने पर फैसला लिया जा सकता है।

कांग्रेस पार्षद शैरी चड्ढा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिमा के साथ कथित छेड़छाड़ से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान के प्रयास जारी हैं। वहीं, प्रदर्शन और बंद के चलते लुधियाना तथा जालंधर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात प्रबंधन पर भी पुलिस की नजर बनी हुई है।

नेपाल में बाढ़ के बाद फिर कांपी धरती, 5.6 तीव्रता के भूकंप से दहशत

वर्ल्ड डेस्क / सत्ता संदेश

नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी के बीच अब एक बार फिर धरती कांपने से लोगों में दहशत फैल गई है। मंगलवार रात नेपाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, नेपाल में रात 9:38 बजे के करीब भूकंप दर्ज किया गया। NCS के रिकॉर्ड में इसकी तीव्रता 5.6 बताई गई है, जबकि शुरुआती रिपोर्टों में इसकी तीव्रता 5.0 बताई गई थी। भूकंप का केंद्र नेपाल में काठमांडू से करीब 200 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था और इसकी गहराई लगभग 167.6 किलोमीटर दर्ज की गई।

नेपाल में यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब देश अभी कुछ दिन पहले आई विनाशकारी बाढ़ और मलबे के सैलाब से उबरने की कोशिश कर रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में हुई इस प्राकृतिक आपदा में भारी तबाही हुई थी। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग अब भी लापता हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

भूकंप के झटकों का असर काठमांडू और आसपास के इलाकों में महसूस किए जाने की खबर है। हालांकि, मंगलवार रात आए भूकंप से किसी नई बड़ी तबाही या बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। नेपाल के लिए यह नया झटका इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाला है क्योंकि देश के कई हिस्से अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं और बड़ी संख्या में लोग राहत एवं पुनर्वास पर निर्भर हैं।

बाढ़ के पीछे भूकंप नहीं, ग्लेशियर का मलबा और मलबे का बहाव

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर शुरुआत में यह आशंका जताई गई थी कि इसके पीछे भूकंप की भूमिका हो सकती है। लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की जांच में स्पष्ट किया गया कि उस समय दर्ज की गई भूकंपीय ऊर्जा वास्तव में ग्लेशियर के ढहने और उसके साथ हुए मलबे के बहाव से उत्पन्न हुई थी। यानी उस आपदा का मुख्य कारण पारंपरिक अर्थों में आया भूकंप नहीं था।

USGS के मुताबिक ग्लेशियर से जुड़े ढलान के अचानक टूटने के बाद बर्फ, चट्टान और मलबा तेजी से नीचे की ओर आया। इस मलबे ने पानी और नदी के बहाव को अपने साथ मिलाकर एक बेहद शक्तिशाली फ्लैश फ्लड का रूप ले लिया। यह मलबा और बाढ़ करीब 100 किलोमीटर तक नीचे की ओर फैली और रास्ते में मौजूद बस्तियों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।

इस आपदा का सबसे ज्यादा असर नेपाल के रसुवा और आसपास के इलाकों के साथ-साथ चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी हुआ। चीन-नेपाल सीमा पर स्थित ग्यिरोंग बॉर्डर पोर्ट भी भारी मलबे और पानी की चपेट में आ गया। सड़कें, पुल, इमारतें और पनबिजली परियोजनाओं से जुड़ा बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ।

हजारों लोग अब भी लापता, बचाव अभियान जारी

नेपाल में राहत और बचाव एजेंसियां अब भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। बाढ़ के बाद कई इलाकों में सड़क और पुल टूटने से राहत टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पनबिजली परियोजनाओं से जुड़े कई कर्मचारी भी लापता हुए हैं।

हाल ही में एक सुरंग में नौ दिन तक फंसे दो नेपाली हाइड्रोपावर कर्मचारियों को जिंदा बचाया गया, जिससे बचाव अभियान में उम्मीद भी जगी है। हालांकि, हजारों लोगों के अब भी लापता होने के कारण परिजनों की चिंता बनी हुई है।

नेपाल इस समय एक साथ कई प्राकृतिक और मानवीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक तरफ बाढ़ और मलबे से तबाह हुए इलाकों में राहत एवं पुनर्निर्माण का काम चल रहा है, तो दूसरी तरफ भूकंप के ताजा झटकों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए आने वाले दिनों में भी प्रशासन और राहत एजेंसियों की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।

BRICS में मोदी-पुतिन की मुलाकात, Su-57 पर रूस का बड़ा ऑफर; भारत में बनेगा फिफ्थ जेनरेशन फाइटर?

BRICS सम्मेलन में PM मोदी और पुतिन की मुलाकात के दौरान Su-57 फिफ्थ जेनरेशन फाइटर पर चर्चा की संभावना है। जानिए रूस का भारत में Su-57 उत्पादन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर प्रस्ताव कितना अहम है।

वर्ल्ड डेस्क / सत्ता संदेश

BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली मुलाकात पर भारत-रूस रक्षा सहयोग को लेकर खास नजर रहेगी। दोनों नेताओं की बातचीत में रूस के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट Su-57 को लेकर चर्चा अहम मुद्दा बन सकती है। सूत्रों के मुताबिक, रूस भारत के साथ Su-57 की तकनीक, स्थानीय उत्पादन और मेंटेनेंस क्षमता विकसित करने के विकल्प पर आगे बढ़ना चाहता है।

रूस की ओर से पहले भी भारत में Su-57 के निर्माण का प्रस्ताव दिए जाने की बात सामने आती रही है। संभावित प्रस्ताव में भारत में स्थानीय उत्पादन के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और विमान के रखरखाव से जुड़ा स्वदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर हो सकता है। अगर यह बातचीत किसी ठोस समझौते की दिशा में बढ़ती है, तो इसे भारत-रूस रक्षा साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

Su-57 क्यों है खास?

Su-57 रूस का प्रमुख पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ मल्टीरोल फाइटर है। इसे कम रडार दृश्यता, सुपरमैन्युवरेबिलिटी, एडवांस सेंसर और आंतरिक हथियार ले जाने जैसी क्षमताओं के लिए जाना जाता है।

रूस इसके एक्सपोर्ट वेरिएंट Su-57E को भी आगे बढ़ा रहा है। इसके लिए अलग-अलग एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड हथियारों के विकल्प पेश किए जा रहे हैं। इनमें RVV-MD2, RVV-SDM और RVV-BD जैसे एयर-टू-एयर मिसाइल सिस्टम के अलावा Kh-69 स्टील्थ क्रूज मिसाइल और Kh-38MLE जैसे हथियार शामिल बताए जाते हैं।

यानी भारत के लिए Su-57 केवल एक फाइटर जेट की खरीद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके साथ ट्रेनिंग, हथियार, मेंटेनेंस और उत्पादन क्षमता वाला एक व्यापक फिफ्थ जेनरेशन कॉम्बैट इकोसिस्टम विकसित करने का विकल्प भी हो सकता है।

भारत में बन सकता है Su-57

रूस के प्रस्ताव का सबसे अहम हिस्सा भारत में Su-57 का उत्पादन हो सकता है। इसके लिए भारत में मौजूद Su-30MKI से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल की संभावना पर भी चर्चा होती रही है।

हालांकि, किसी भी संभावित डील में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा Technology Transfer होगा। भारत लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। ऐसे में अगर रूस महत्वपूर्ण तकनीकों के साथ भारत में उत्पादन की पर्याप्त क्षमता विकसित करने में मदद करता है, तो इससे भारतीय एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है।

Su-75 भी रूस का दूसरा विकल्प

रूस के पास Su-57 के अलावा Su-75 Checkmate का विकल्प भी है। Su-75 को Su-57 की तुलना में छोटा, सिंगल-इंजन और अपेक्षाकृत कम लागत वाला पांचवीं पीढ़ी का फाइटर बनाने की दिशा में विकसित किया जा रहा है।

रूस के मुताबिक, Su-75 को करीब Mach 1.8 की अधिकतम गति और लगभग 7,400 किलोग्राम तक के कॉम्बैट लोड के लिए डिजाइन किया जा रहा है। हालांकि, Su-75 अभी विकास के चरण में है। इसके मुकाबले Su-57 एक operational platform है और इसका export version Su-57E भी रूस की पेशकश का हिस्सा है।

भारत के लिए क्यों अहम है Su-57?

भारत के सामने एक तरफ फाइटर स्क्वाड्रनों की संख्या को लेकर चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ चीन की तेजी से बढ़ती वायु शक्ति भी रणनीतिक चिंता का विषय है। दूसरी ओर भारत का स्वदेशी Advanced Medium Combat Aircraft यानी AMCA अभी विकास और आगे चलकर उत्पादन की लंबी प्रक्रिया से गुजरेगा।

ऐसे में Su-57 भारत को AMCA के पूरी तरह operational होने से पहले पांचवीं पीढ़ी की लड़ाकू क्षमता हासिल करने का एक विकल्प दे सकता है।

हालांकि, भारत के लिए यह फैसला केवल किसी विदेशी फाइटर की खरीद का नहीं होगा। नई तकनीक, लागत, स्वदेशी उत्पादन, मेंटेनेंस, हथियार प्रणाली और भविष्य में अपग्रेड की क्षमता जैसे कई पहलुओं पर विचार करना होगा।

सबसे बड़ा सवाल: क्या होगा डील का मॉडल?

अगर BRICS सम्मेलन के दौरान Su-57 को लेकर बातचीत आगे बढ़ती है, तो सबसे बड़ा सवाल केवल विमान की कीमत नहीं बल्कि Technology Transfer, Make in India, Local Production, Engine Technology, Radar, Electronic Warfare और Maintenance Ecosystem को लेकर होगा।

भारत के लिए किसी भी संभावित समझौते में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रूस कितनी महत्वपूर्ण तकनीक साझा करने के लिए तैयार है और भारत में उत्पादन की वास्तविक क्षमता किस स्तर तक विकसित की जा सकती है।

यही वजह है कि BRICS के दौरान मोदी-पुतिन मुलाकात पर नजर सिर्फ इस बात पर नहीं होगी कि दोनों नेताओं के बीच Su-57 को लेकर चर्चा होती है या नहीं, बल्कि इस पर भी होगी कि क्या रूस भारत को फिफ्थ जेनरेशन फाइटर के उत्पादन और तकनीकी क्षमता में बड़ी भूमिका देने के लिए तैयार है।

अगर भारत में Su-57 का उत्पादन और महत्वपूर्ण तकनीकों का हस्तांतरण किसी ठोस मॉडल के तहत संभव होता है, तो यह भारत-रूस रक्षा साझेदारी में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव साबित हो सकता है।

अमृतसर में सुरक्षा कड़ी: 1000 पुलिसकर्मी तैनात, रात 12 बजे के बाद रेस्टोरेंट पर सख्ती

अमृतसर में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। 68 पुलिस बीट पर करीब 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती, रात में स्पेशल चेकिंग और नाइट डोमिनेशन प्लान लागू किया गया।

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / तरजिंदर सिंह

अमृतसर / सत्ता संदेश

शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अमृतसर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पुलिस कमिश्नर अमृतसर हरमनबीर सिंह गिल, IPS के निर्देशों पर शहर में विशेष चेकिंग अभियान के साथ-साथ दिन-रात डोमिनेशन प्लान लागू किया गया है।

रंजीत एवेन्यू स्थित स्टारबक्स के पास डी-ब्लॉक में बनाए गए चेकपॉइंट पर चेकिंग के दौरान DCP ऑपरेशंस जुगराज सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस की टीमों और संबंधित थानों के SHO द्वारा संयुक्त रूप से वाहनों की जांच की जा रही है।

पुलिस की ओर से वाहनों पर लगी काली फिल्म, आपत्तिजनक या नियमों का उल्लंघन करने वाले स्टिकर तथा अन्य ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि चेकिंग का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और शहर में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

रात 12 बजे के बाद रेस्टोरेंट और फूड पॉइंट पर सख्ती

पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के अनुसार अमृतसर शहर में सभी खाने-पीने की दुकानें, फूड पॉइंट और रेस्टोरेंट रात 12 बजे के बाद खुले नहीं रहेंगे। निर्धारित समय के बाद कारोबार जारी रखने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही वाहनों में जानलेवा हथियार या संदिग्ध सामान लेकर चलने वालों पर भी पुलिस की विशेष नजर रहेगी। चेकिंग के दौरान यदि किसी व्यक्ति के पास हथियार या कोई संदिग्ध वस्तु बरामद होती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तेज म्यूजिक बजाने वालों पर भी पुलिस की नजर

शहर में सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए तेज आवाज में म्यूजिक बजाने वालों पर भी पुलिस नजर रख रही है। पुलिस के मुताबिक वाहनों या सार्वजनिक स्थानों पर तेज म्यूजिक बजाकर लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

68 पुलिस बीट पर दिन-रात डोमिनेशन

DCP ऑपरेशंस के अनुसार अमृतसर शहर में कुल 68 पुलिस बीट पर दिन-रात डोमिनेशन प्लान के तहत पुलिस बल तैनात किया गया है। EVR, PCR, QRT वाहनों, नाकाबंदी और पेट्रोलिंग प्वाइंट्स समेत अलग-अलग सुरक्षा व्यवस्थाओं में करीब 1000 पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

पुलिस टीमें लगातार शहर में पेट्रोलिंग कर रही हैं और संवेदनशील तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच की जा रही है। नाकाबंदी के साथ-साथ प्रमुख स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस नाइट डोमिनेशन प्लान का उद्देश्य शहर में आपराधिक गतिविधियों को रोकना, संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करना और आम लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।

कानून तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी छूट

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल, IPS ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस का फोकस अपराध पर नियंत्रण के साथ-साथ शहर में शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने पर है।

अमृतसर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे कानून और ट्रैफिक नियमों का पालन करें, रात के समय निर्धारित समय-सीमा का सम्मान करें और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में पुलिस का सहयोग करें।

लुधियाना में बाबा साहेब की मूर्ति की बेअदबी का आरोप, जालंधर बाईपास पर जाम; कल बंद का ऐलान

लुधियाना के जालंधर बाईपास पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति की कथित बेअदबी के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ। संगठनों ने जाम लगाकर रोष जताया और लुधियाना बंद का आह्वान किया।

लुधियाना/ सत्ता संदेश

लुधियाना जालंधर बाईपास चौक पर स्थापित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति के साथ कथित तौर पर बेअदबी किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ बदमाशों ने मूर्ति को जूतों का हार पहनाया, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही अलग-अलग संगठनों और समुदायों में भारी रोष देखने को मिला।

घटना के विरोध में वाल्मीकि समुदाय के नेताओं और विभिन्न संगठनों ने जालंधर बाईपास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के कारण जालंधर बाईपास पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। इसके साथ ही विधायक अशोक पराशर पप्पी भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

प्रदर्शन के दौरान विधायक मदन लाल बग्गा के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि संभव है कि मदन लाल बग्गा किसी निजी काम में व्यस्त होने के कारण मौके पर नहीं पहुंच पाए हों, लेकिन उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से बात की और मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया।

संगठनों ने जताया रोष, लुधियाना बंद का ऐलान

घटना को लेकर संगठनों के नेताओं ने कड़ा रोष जताया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बाबा साहेब की प्रतिमा के साथ इस तरह की हरकत समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

संगठनों की ओर से अगले दिन सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक लुधियाना बंद का आह्वान किए जाने की बात कही गई है। नेताओं ने कहा है कि बंद के दौरान इमरजेंसी सेवाओं को इससे बाहर रखा जाएगा

फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा सकती है। दोषियों की पहचान और उनके खिलाफ होने वाली कानूनी कार्रवाई को लेकर पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

घटना के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है। पुलिस ने लोगों से संयम बरतने और किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करने की अपील की है।

अमृतसर में स्पेशल चेकिंग अभियान: ब्लैक फिल्म, हथियार और तेज म्यूजिक पर सख्ती

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने स्पेशल चेकिंग अभियान शुरू किया है। 68 बीट में पेट्रोलिंग, ब्लैक फिल्म-फ्लैशर की जांच, हथियार और तेज म्यूजिक पर सख्ती होगी।

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने स्पेशल चेकिंग अभियान शुरू किया है। पुलिस की ओर से शहरभर में रोजाना और रैंडम तरीके से वाहनों की जांच की जाएगी। अभियान के दौरान ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी पुलिस की विशेष नजर रहेगी।

DCP इन्वेस्टिगेशन जुगराज सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह अभियान पुलिस कमिश्नर हरमनवीर सिंह गिल, IPS के निर्देशों पर चलाया जा रहा है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और पुलिस के साथ सहयोग करें।

ब्लैक फिल्म और ब्लिंकर-फ्लैशर पर सख्ती

स्पेशल चेकिंग के दौरान वाहनों पर लगी गैर-कानूनी ब्लैक फिल्म, ब्लिंकर और फ्लैशर की भी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक नियमों के खिलाफ ब्लैक फिल्म या प्रतिबंधित डिवाइस इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

DCP ने स्पष्ट किया कि यह अभियान सिर्फ एक दिन के लिए नहीं है। शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार और रोजाना रैंडम चेकिंग जारी रहेगी।

रात 12 बजे के बाद रेस्टोरेंट बंद करने के निर्देश

पुलिस ने रात के समय लागू नियमों को लेकर भी सख्ती शुरू कर दी है। जारी निर्देशों के अनुसार रात 12 बजे के बाद रेस्टोरेंट और अन्य संबंधित स्थानों को बंद करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों, वाहनों या अन्य जगहों पर तेज आवाज में म्यूजिक और लाउडस्पीकर बजाने पर भी पुलिस की नजर रहेगी। तेज आवाज से लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

गाड़ी से हथियार मिला तो होगी कार्रवाई

पुलिस चेकिंग के दौरान वाहनों की तलाशी में किसी तरह का जानलेवा हथियार, धारदार या नुकीला हथियार, बेसबॉल बैट या अन्य संदिग्ध हथियार मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

DCP जुगराज सिंह ने सेल्फ डिफेंस के नाम पर हथियार रखने को लेकर भी लोगों से अपील की कि आम नागरिकों को हथियार रखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि रात के समय लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।

68 बीट में पुलिस की पेट्रोलिंग

DCP ने बताया कि अमृतसर शहर में कुल 68 पुलिस बीट बनाए गए हैं। इन इलाकों में पुलिस पिकअप गाड़ियों और कारों के जरिए लगातार पेट्रोलिंग की जाती है। रात के समय जरूरत पड़ने पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए अमृतसर पुलिस की ओर से पिक एंड ड्रॉप सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य शहर में अपराध को रोकने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।

VIP हो या आम नागरिक, कानून सबके लिए बराबर

DCP जुगराज सिंह ने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है। आम नागरिक हो या VIP, नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने शहरवासियों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों में सहयोग करने की अपील की। पुलिस के अनुसार अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस लोगों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे तैनात है।

छेहरटा बाजार में अतिक्रमण पर सख्ती, निगम टीम से बदसलूकी का आरोप; पुलिस ने दी चेतावनी

अमृतसर के छेहरटा मेन बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई। निगम टीम से कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर के छेहरटा मेन बाजार में सड़क और फुटपाथ पर किए जा रहे अतिक्रमण को लेकर मामला गरमा गया है। बाजार में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम के साथ एक दुकानदार द्वारा कथित तौर पर बदसलूकी किए जाने का मामला सामने आया है। नगर निगम की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।

छेहरटा मेन बाजार शहर का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस रास्ते से आसपास के कई गांवों के लिए यातायात गुजरता है। इसके अलावा ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।

सड़क और फुटपाथ पर सामान रखने से बढ़ रही परेशानी

पिछले कुछ समय से बाजार में दुकानों के बाहर सामान रखने और वाहनों की पार्किंग के कारण ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें मिल रही थीं। दुकानदारों द्वारा सड़क और फुटपाथ पर सामान रखने से रास्ता संकरा हो जाता है, जिससे यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा होने की बात सामने आई है।

इसी समस्या को देखते हुए नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की ओर से संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपना सामान दुकान की निर्धारित सीमा के भीतर ही रखें और सड़क या फुटपाथ का व्यावसायिक इस्तेमाल न करें।

निगम अधिकारियों से कथित बदसलूकी, पुलिस में शिकायत

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक दुकानदार द्वारा कथित तौर पर अधिकारियों के साथ बहस और बदसलूकी किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद नगर निगम की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई।

ADCP अमनदीप कौर ने कहा कि सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण से मुक्त करवाना पुलिस और नगर निगम का संयुक्त अभियान है। नगर निगम की टीम जब अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर जाती है तो पुलिस की ओर से उन्हें सुरक्षा और आवश्यक सहयोग दिया जाता है।

उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी काम में रुकावट डालता है या अधिकारियों के साथ बदसलूकी करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब फोटो खींचकर होगी कार्रवाई

ADCP ने दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि बार-बार सामान हटाने की कार्रवाई करने के बजाय अब नियमों का उल्लंघन करने वाली दुकानों की फोटो खींचकर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने दुकानदारों से कहा कि दुकान के बाहर सड़क या फुटपाथ पर रखा सामान तुरंत अंदर किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य बाजार में यातायात को सुचारू बनाना और आम लोगों के लिए सड़क व फुटपाथ को खुला रखना है।

सड़क पहले से संकरी, बसों और वाहनों की आवाजाही

पुलिस अधिकारी के मुताबिक छेहरटा मेन बाजार की सड़क पहले से ही काफी संकरी है। यहां बसों, कारों और अन्य वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में दुकानों के बाहर सामान रखने और वाहनों की पार्किंग से सड़क और संकरी हो जाती है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है।

पुलिस और नगर निगम की ओर से दुकानदारों से अपील की गई है कि वे अपने व्यावसायिक सामान के लिए सड़क और फुटपाथ का इस्तेमाल न करें।

अधिकारियों ने कहा कि किसी भी दुकानदार को कार्रवाई को लेकर आपत्ति या शिकायत है तो वह संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर सकता है, लेकिन सरकारी कार्रवाई में बाधा डालना या अधिकारियों के साथ बदसलूकी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छेहरटा बाजार को अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम से मुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।