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मांग में अचानक और तेज़ी से वृद्धि के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) हरियाणा में निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित कर रही

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) – इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल – देश भर में परिचालन और लॉजिस्टिक्स समन्वय जारी रखे हुए हैं ताकि कई क्षेत्रों में ईंधन की मांग में अचानक और तीव्र वृद्धि के बावजूद पेट्रोल (एमएस), डीजल (एचएसडी) और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

हाल के दिनों में, ओएमसी ने कई राज्यों में मौसमी कृषि गतिविधियों और कटाई कार्यों के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की उल्लेखनीय रूप से अधिक खपत देखी है। अन्य आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में कम कीमत के कारण खुदरा ग्राहकों के सार्वजनिक क्षेत्र के खुदरा आउटलेट्स की ओर रुख करने और संस्थागत और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के खुदरा ईंधन आउटलेट्स की ओर स्पष्ट रुझान के कारण भी अतिरिक्त मांग का दबाव उत्पन्न हुआ है।

सार्वजनिक क्षेत्र की ओएमसी अपने टर्मिनलों, डिपो, पाइपलाइनों, एलपीजी बॉटलिंग संयंत्रों और खुदरा आउटलेट्स के व्यापक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से निर्बाध आपूर्ति बनाए हुए हैं। आपूर्ति दल, परिवहन नेटवर्क, टर्मिनल संचालन और चुनिंदा खुदरा आउटलेट्स बाजारों में निर्बाध उत्पाद आवागमन और समय पर पुनःपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 24×7 कार्यरत हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां निर्बाध ईंधन आपूर्ति के लिए राज्य प्रशासन के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए हुए हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां स्टॉक की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही हैं और बढ़ी हुई मांग को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए रसद और वितरण योजना पर घनिष्ठ समन्वय स्थापित कर रही हैं।

अनिल कुमार सिंह, राज्य स्तरीय समन्वयक, हरियाणा, नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सामान्य खरीदारी जारी रखें और अनावश्यक रूप से घबराकर खरीदारी करने से बचें। उपभोक्ताओं से यह भी अनुरोध है कि वे ईंधन की उपलब्धता से संबंधित सटीक जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

होर्मुज संकट के बीच भारत का बड़ा दांव: वेनेजुएला बना तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता

इंटरनेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर मँडराते खतरों के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति अपनाई है। भारत ने तेल की आपूर्ति के लिए उन देशों पर अपनी निर्भरता बढ़ानी शुरू कर दी है जिनका मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से होकर नहीं गुजरता। इस रणनीति के तहत दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला भारत के लिए एक प्रमुख भागीदार बनकर उभरा है।

वेनेजुएला ने सऊदी अरब और अमेरिका को पछाड़ा :ताजा आंकड़ों के अनुसार, करीब पौने तीन करोड़ की आबादी वाला वेनेजुएला अब भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बन गया है। मई महीने (20 तारीख तक) में वेनेजुएला ने भारत को प्रतिदिन लगभग 4.17 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा है, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 2.83 लाख बैरल था। गौर करने वाली बात यह है कि वेनेजुएला ने इस मामले में सऊदी अरब और अमेरिका जैसे बड़े देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।

रूस और यूएई की स्थिति: मई में भारत का कुल तेल आयात 8% बढ़कर 49 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है। इस सूची में रूस अभी भी पहले स्थान पर बना हुआ है, जिससे भारत को प्रतिदिन 19.83 लाख बैरल तेल मिल रहा है। इसके बाद यूएई (UAE) दूसरे स्थान पर है। वहीं, सऊदी अरब से होने वाली सप्लाई घटकर 3.40 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई है।

ऊर्जा सहयोग के लिए कूटनीतिक पहल: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अनुसार, वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले हफ्ते भारत के दौरे पर आ सकती हैं, जहाँ तेल सप्लाई और ऊर्जा सहयोग पर विस्तार से चर्चा होगी। भारत अपनी तेल जरूरतों को संतुलित करने के लिए केवल एक क्षेत्र पर निर्भर न रहकर ब्राजील, अंगोला और नाइजीरिया जैसे देशों से भी तेल खरीद रहा है। इसके अतिरिक्त, हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के दौरान ADNOC और भारतीय संस्थाओं के बीच तेल भंडार बढ़ाने और LPG सप्लाई को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं।

‘होर्मुज में सिर्फ हमारे नाविक मारे गए’: 60 देशों की बैठक में भारत ने दुनिया को चेताया

इंटरनेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए आयोजित 60 से अधिक देशों की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक में भारत ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है।

इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी दी कि होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक अपनी जान गंवा चुके हैं, जो विभिन्न विदेशी जहाजों पर कार्यरत थे। भारत ने जोर देकर कहा कि वह एकमात्र ऐसा देश है जिसने खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हमलों के दौरान अपने नागरिकों की जान गंवाई है।

ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा: विदेश सचिव ने चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन गई है। इस रास्ते से दुनिया का लगभग 20% तेल और एलएनजी (LNG) गुजरता है, और इसके बंद होने से वैश्विक कीमतों में भारी उछाल आया है।

कूटनीति की अपील: भारत ने सभी संबंधित पक्षों से तनाव कम करने और संवाद के जरिए रास्ता निकालने की अपील की है। भारत का मानना है कि इस पूरे संकट का समाधान केवल बातचीत और शांतिपूर्ण कूटनीति से ही संभव है।

सप्लाई पर असर: ईरान की सेना (IRGC) द्वारा स्ट्रेट को अवरुद्ध किए जाने से भारत के साथ-साथ चीन, जापान, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों की पेट्रोल-डीजल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।यह बैठक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर की सरकार द्वारा वैश्विक व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए बुलाई गई थी।