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अलविदा सुरों की मलिका: 92 साल की उम्र में आशा भोसले का निधन; कल राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क में होगा अंतिम संस्कार

मनोरंजन डेस्क: भारतीय संगीत जगत की अनमोल रत्न और पद्म विभूषण से सम्मानित दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। रविवार दोपहर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें शनिवार शाम को सीने में इन्फेक्शन (चेस्ट इन्फेक्शन) के कारण भर्ती कराया गया था, जहाँ मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की वजह से उनका देहांत हो गया।

अंतिम विदाई और राजकीय सम्मान: महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार (13 अप्रैल) शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

अंतिम दर्शन: प्रशंसकों और आम जनता के लिए उनका पार्थिव शरीर सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उनके लोअर परेल स्थित निवास पर रखा जाएगा।

असाधारण करियर: ‘सुरों की मलिका’ के नाम से मशहूर आशा जी ने 7 दशकों से अधिक लंबे करियर में 12,000 से ज्यादा गाने गाए और ‘दम मारो दम’ तथा ‘पिया तू अब तो आजा’ जैसे सदाबहार गीतों को अपनी आवाज दी।

अजीब संयोग: आशा भोसले और उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर के निधन में कई समानताएं रहीं। दोनों का निधन 92 साल की उम्र में, रविवार के दिन, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ही हुआ।

देश भर में शोक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आमिर खान, शाहरुख खान और सचिन तेंदुलकर सहित खेल और फिल्म जगत की तमाम हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

स्टेडियम में मौन: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और आरसीबी के मैच से पहले खिलाड़ियों ने दो मिनट का मौन रखा और बांह पर काली पट्टी बांधकर उन्हें सम्मान दिया।

आशा भोसले को दादा साहेब फाल्के और पद्म विभूषण जैसे सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया था। उनका जाना भारतीय संगीत के एक स्वर्ण युग का अंत माना जा रहा है।