50 से ज्यादा बच्चों के साथ दरिंदगी: बांदा कोर्ट ने हैवान पति-पत्नी को सुनाई फांसी की सजा, डार्क वेब पर बेचते थे अश्लील वीडियो
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले में पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को 50 से अधिक बच्चों के साथ यौन शोषण करने और उनके अश्लील वीडियो बनाकर डार्क वेब पर बेचने के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई है।
“रेयरेस्ट ऑफ रेयर” मामला और मुआवजा: कोर्ट ने 160 पन्नों के अपने विस्तृत फैसले में इस घटना को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” (दुर्लभतम से दुर्लभ) करार दिया। अदालत ने आदेश दिया कि दोनों दोषियों को मरते दम तक फांसी पर लटकाया जाए। इसके साथ ही, कोर्ट ने राज्य सरकार को प्रत्येक पीड़ित बच्चे को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
यूं देते थे वारदात को अंजाम: दोषी रामभवन चित्रकूट में सिंचाई विभाग में तैनात था। यह दंपति गरीब घरों के 5 से 16 साल के बच्चों (कुछ तो 3 साल से भी कम उम्र के थे) को लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। दोनों मिलकर नाबालिगों के साथ कुकर्म करते थे और उनके वीडियो बनाकर अंतरराष्ट्रीय पेडोफाइल नेटवर्क के माध्यम से डार्क वेब पर विदेशों में बेचते थे।
इंटरपोल की सूचना पर CBI ने की थी कार्रवाई: इस जघन्य अपराध का खुलासा तब हुआ जब सीबीआई (CBI) को इंटरपोल से इस नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। सीबीआई ने अक्टूबर 2020 में मुकदमा दर्ज किया और नवंबर 2020 में रामभवन को गिरफ्तार किया, जबकि उसकी पत्नी को गवाहों को धमकाने के आरोप में दिसंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान 74 गवाहों को पेश किया गया।
बर्बरता की हदें पार : सीबीआई की जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा किए गए अपराध इतने बर्बर थे कि कुछ बच्चों के गुप्तांगों पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें सालों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। कई बच्चे अब भी इस दरिंदगी के कारण गहरे मानसिक आघात (ट्रॉमा) से जूझ रहे हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधियों में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है।

