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डीएम सुसाइड केस: गमगीन माहौल में हुआ रंधावा का अंतिम संस्कार

पंजाब डेस्क: पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में मंगलवार, 24 मार्च 2026 को बड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। अमृतसर की एक अदालत ने पूर्व जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

कोर्ट की कार्यवाही और रिमांड: अमृतसर पुलिस ने मंगलवार शाम करीब 6 बजे लालजीत भुल्लर को अदालत में पेश किया। पुलिस ने मामले की तह तक जाने और मृतक द्वारा छोड़े गए वीडियो में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच के लिए 7 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने 5 दिन की रिमांड मंजूर की। सोमवार को दोबारा पेशी तक पुलिस आरोपी से पूछताछ कर तथ्यों की पुष्टि करेगी। पेशी के दौरान अदालत परिसर के बाहर भुल्लर के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की, जिसे देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

अंतिम विदाई और सुरक्षा: दूसरी ओर, पीड़ित डीएम गगनदीप सिंह रंधावा का शव मंगलवार को मेडिकल बोर्ड की निगरानी में किए गए पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे अमृतसर के शिवपुरी दुर्गियाना मंदिर में भारी सुरक्षा व्यवस्था और गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

मामले की पृष्ठभूमि: गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार रात जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिसकी शनिवार को अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मरने से पहले रंधावा ने एक वीडियो जारी कर पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस ने भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह और पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और साजिश रचने की धाराओं में मामला दर्ज किया था।

CM ने CBI जांच से किया इनकार: इस संवेदनशील मामले को लेकर पंजाब की सियासत में भी हलचल तेज है। कांग्रेस ने जहां कैंडल मार्च निकाला, वहीं भाजपा ने अमृतसर में प्रदर्शन कर पूर्व मंत्री का पुतला फूंका। हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस इस मामले की जांच करने में पूरी तरह सक्षम है।

डीएम आत्महत्या मामला: पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर पर गिरी गाज; अमृतसर में FIR दर्ज, पिता और PA भी नामजद

पंजाब डेस्क: अमृतसर में पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मंत्री पद से इस्तीफे के बाद अब अमृतसर पुलिस ने भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला? डीएम गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार रात जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिसके बाद शनिवार सुबह अस्पताल में उनकी मौत हो गई। खुदकुशी से पहले उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसमें उन्होंने पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।

गंभीर आरोप: परिजनों की शिकायत और मृतक के वीडियो के अनुसार, मंत्री द्वारा रंधावा पर अपने पिता के नाम टेंडर दिलवाने का भारी मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। आरोपों के अनुसार, जब रंधावा टेंडर दिलवाने में असफल रहे, तो उन्हें घर बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई और उसका वीडियो बनाया गया। इसके अलावा, उन पर 10 लाख रुपये रिश्वत लेने का एक फर्जी वीडियो तैयार करने और उनके परिवार को गैंगस्टरों से मरवाने की धमकियां देने के भी आरोप हैं।

मुख्यमंत्री की कार्रवाई: वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लालजीत भुल्लर से इस्तीफा ले लिया था और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। फिलहाल पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और साजिश रचने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।

पंजाब सरकार में हड़कंप: मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफा; अफसर ने वीडियो बना दी जान, जाने किया है पूरा मामला

पंजाब डेस्क: पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह घटना अमृतसर में वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा द्वारा शनिवार सुबह जहर खाकर आत्महत्या करने के बाद सामने आई है।

सुसाइड से पहले 12 सेकंड का वीडियो: मरने से पहले गगनदीप रंधावा ने एक 12 सेकंड का वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से सल्फास खाकर अपनी जान दे रहे हैं। घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भुल्लर से इस्तीफा ले लिया और मामले की जांच चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा को सौंप दी है। हालांकि, भुल्लर ने इन आरोपों को झूठा बताया है और कहा है कि उन्होंने पद इसलिए छोड़ा ताकि जांच प्रभावित न हो।

टेंडर विवाद और मारपीट की ‘इनसाइड स्टोरी‘: वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के एक वेयरहाउस टेंडर को लेकर यह विवाद शुरू हुआ था। मजीठिया का दावा है कि जब मंत्री भुल्लर के पिता को टेंडर नहीं मिला, तो मंत्री ने रंधावा को घर बुलाकर उनके साथ मारपीट की, उन्हें नंगा करके वीडियो बनाई और उनके परिवार को गैंगस्टरों से मरवाने की धमकी दी,।

विपक्ष का भारी विरोध: इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और बिक्रम मजीठिया समेत कई दिग्गज नेता अमृतसर के रंजीत एवेन्यू थाने पहुंचे और भुल्लर के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की। विपक्ष ने ऐलान किया है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। फिलहाल, रंधावा का परिवार अस्पताल से शव उठाने को तैयार नहीं है और न्याय की मांग कर रहा है।