मजीठा नगर काउंसिल चुनावों के दौरान मजीठिया का AAP सरकार पर हमला, कहा– लोकतंत्र को दबाने की कोशिश हो रही है
मजीठा / सत्ता संदेश
हाईकोर्ट के दखल से बचा लोकतंत्र, कई वार्डों में नामांकन रद्द करने और वोटों में छेड़छाड़ के लगाए आरोप
पोलिंग बूथ के पास नारेबाजी और धक्कामुक्की के आरोप, मजीठिया ने पुलिस और चुनाव अधिकारियों को दी चेतावनी
पोलिंग स्टाफ के लिए चाय-पानी और भोजन की व्यवस्था की मांग, कहा– कर्मचारी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ड्यूटी निभा रहे हैं
मजीठा नगर काउंसिल चुनावों के दौरान वोट डालने पहुंचे शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और उनकी पत्नी एवं विधायक गनीव कौर मजीठिया ने मतदान के बाद पत्रकारों से बातचीत की। इस मौके पर मजीठिया ने कहा कि जब भी लोकतंत्र को मजबूत करने की बात आती है, उनका परिवार हमेशा आगे रहता है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अमन-शांति, भाईचारे और लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर नागरिक को बिना किसी डर और दबाव के अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए।
मजीठिया ने दावा किया कि मजीठा नगर काउंसिल चुनावों के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें रिटर्निंग ऑफिसर और एसडीएम की बदली, अलग-अलग वार्डों में उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द करना, वोटर सूचियों में हेराफेरी और वोट काटने के मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के ध्यान में लाया गया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए हस्तक्षेप किया।
अकाली नेता ने चुनाव अधिकारियों और पोलिंग स्टाफ से अपील करते हुए कहा कि वीडियोग्राफी और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुनिश्चित की जाए और कोई भी अधिकारी सरकार को खुश करने के लिए ऐसी गलती न करे, जिसके कारण भविष्य में उसे जवाबदेह होना पड़े। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की निगरानी में पूरी चुनाव प्रक्रिया की समीक्षा होगी।
वोटिंग के दौरान पोलिंग बूथ के पास आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा नारेबाजी किए जाने का जिक्र करते हुए मजीठिया ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थक 100 मीटर की सीमा के भीतर मौजूद रहे और विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सबूत और वीडियो चुनाव आयोग तथा हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर को भेजे जाएंगे।
इसके अलावा मजीठिया ने पोलिंग स्टाफ की सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी निभा रहे अध्यापकों और अन्य कर्मचारियों के लिए चाय-पानी और भोजन का उचित प्रबंध किया जाना चाहिए, क्योंकि वे पूरी रात और दिन लोकतंत्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
मजीठिया ने अंत में कहा कि लोग जिसे चाहे वोट दें, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली जीत तभी होगी जब जनता के फैसले को बिना किसी रुकावट के स्वीकार किया जाएगा।

